यह ब्लॉग खोजें

बुधवार, 29 अगस्त 2018

बहुत याद आएंगे समाजसेवी जकीउर रहमान उर्फ जाको भाई

समाज सेवी जकीउर रहमान उर्फ जाको भाई एक ऐसी शख्सियत थे जो कभी किसी को मदद करते थे तो दूसरों को पता नहीं चलने देते थे। 1940 का ईद आज भी मुझे याद है जब चांद रात को जकीउर रहमान उर्फ जाको भाई मेरे लिए नया कपड़ा और जूता खरीदे। उक्त बातें अमेरिका से आए हुए मोहिउद्दीन गणि उर्फ बब्बन भाई जो जकीउर रहमान के बचपन के दोस्त हैं उन्होंने कहीं। मोहिउद्दीन गनी ने कहा कि मैं अमेरिका के मैरीलैंड मैं रहता हूं 5 साल की उम्र से हमारी दोस्ती थी। उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा कि 1940 में आर अली का केक बड़ा मशहूर था और हमारा दोस्त जकीउर रहमान को वहां का केक बहुत पसंद था। उस जमाने में रांची बहुत साफ सुथरा हुआ करता था, रांची में कोई मच्छर नहीं मिलता था। बहुत छोटा सा शहर था। डेली मार्केट बिल्कुल साफ सुथरा और जगमगाता रहता था। रांची मे ठंड इतनी रहती थी कि गर्मी में भी हम लोग चादर ओढ़कर सोते थे। मुझे याद है जाको भाई उर्दू लाइब्रेरी गुदड़ी रोड में किराए के मकान में खुले थे जिस का किराया था 10 रुपया, कल्लन बाबू के साथ मिलकर इस लाइब्रेरी की शुरुआत हुई। पहले उर्दू लाइब्रेरी का नाम मुस्लिम लाइब्रेरी था। जकीउर रहमान उर्फ जाको भाई किताब और अखबार पढ़ने के बहुत शौकीन थे। हमने भी कुछ किताबें मुस्लिम  लाइब्रेरी में डोनेट किए थे। बबन भाई ने पुरानी बातें को याद करते हुए कहा कि उर्दू लाइब्रेरी के बगल में होटल फिरदौस हुआ करता था जिसमें अक्सर हम लोग चिकन तंदूरी खाने जाते थे। जाको भाई की एक खूबी और थी कि वह किसी को भी मदद करते थे तो उनकी कोशिश यही रहती थी कि किसी और को पता ना चले। जब भी किसी को देते तो छुपा कर के देते थे। कई गरीब बच्चों को उन्होंने पढ़ाई में मदद किया है ।1980 में हम अमेरिका चले गए ।वाशिंगटन में जेलर बन गए। मगर रांची हमें याद बहुत आती रही हम जब कभी रांची आते तो जाको भाई से जरूर मिलते।पता नहीं अब अगले साल आ पाऊंगा कि नहीं अगर जिंदा रहा तो अपने दोस्त के परिवार वालों से जरूर मिलूंगा

सीएम रघुवर दास ने लातेहार में बांटीं विकास की सौगातें


लातेहार। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 25 सितंबर से पूरे देश में आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री आरोग्य योजना का आरंभ किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत देश के सभी बड़े हॉस्पिटलों को जोड़ा जाएगा, जहां गरीबों का निःशुल्क इलाज होगा। इस योजना के तहत देश के गरीबों का सरकार 5 लाख रूपये का बीमा करायेगी। हर परिवार के मुखिया के नाम पर एक हेल्थ कार्ड होगा। हेल्थ कार्ड को दिखाकर सरकार द्वारा चिन्हित अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवाए जा सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा इस हेतु 57 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा इस योजना के तहत 17 सितंबर से 25 सितंबर तक हेल्थ कार्ड बनाने का कार्य एक अभियान के रूप में चलाया जायेगा। जिसमें हर गरीब का एक हेल्थ कार्ड बनेगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज जिला मुख्यालय लातेहार के राजहार स्थित गुरूकुल में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन वितरण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार की सोच है सबका साथ सबका विकास, इसी सोच को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार योजनाएं बना रही है ताकि देश एवं राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी का सपना है कि किसी भी गरीब की मृत्यु इलाज एवं दवा के अभाव में ना हो।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि लातेहार जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आज 500 परिवारों को LPG गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। शेष परिवारों को जल्द ही गैस कनेक्शन जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों द्वारा इस योजना में केवल गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं लेकिन हमारी सरकार द्वारा महिलाओं के हित के लिए चूल्हा और पहली बार का गैस सिलेंडर का रिफिल की राशि भी राज्य सरकार द्वारा  दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 35 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कनेक्शन वितरित करने का लक्ष्य है जिसमें 17 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। शेष परिवारों को जल्द ही इस योजना के तहत गैस कनेक्शन दे दिया जाएगा।

 श्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक हर गरीब को छत प्राप्त कराना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत का निर्माण हो जाए। हमारा लक्ष्य है कि 2 अक्टूबर 2018 तक हम एक स्वच्छ झारखंड का निर्माण कर ले। स्वच्छता से 80% बिमारियां दूर रहती है हमें शौचालय का प्रयोग करना चाहिए गांव स्वच्छ रहेगा तभी यहां के लोग स्वस्थ रहेंगें। सभी काम सरकार नहीं कर सकती सबों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लातेहार उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र था यहां के डीआईजी, एसपी, जवान और यहां के लोगों के सहयोग से आज यह उग्रवाद मुक्त जिला बन गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब के जीवन में बदलाव लाने के ध्येय से कार्य कर रही है।  प्रधानमंत्री ने किसानों द्वारा उपजाये खाद्यानों के क्रय मूल्य को डेढ़ गुना बढ़ाने का काम किया है। हमारा सपना है कि राज्य के किसानों की आय दोगुनी हो सके। झारखंड सरकार द्वारा 26 किसानों को इजराइल भेजा गया वहां पानी की कमी के बाद भी अच्छी खेती की जा रही है, कम पानी में कैसे खेती करें इसके गुण वहां से सीखे जा सकते हैं। राज्य सरकार अक्टूबर तक राज्य से और किसानों को भी इजराइल भेजेगी जहां से वे खेती के नवीन तकनीक सीख सकें और अपने आसपास के लोगों को भी शिक्षित कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आधी आबादी का सशक्तिकरण होगा वह स्वावलंबी बनेंगी तभी देश सच्चे अर्थ में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही राष्ट्र की शक्ति है। राज्य सरकार महिलाओं को स्वालंबन की दिशा में ले जाने के लिए 50 लाख की जमीन निबंधन  के लिए महज एक रूपये का शुल्क निर्धारित किया है। जिसके तहत अब तक राज्य के 91 हजार महिलाओं के नाम 50 लाख तक की संपति की रजिस्ट्री की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में केन्द्र एवं राज्य सरकार कार्य कर रही है। गांव में सखी मंडलों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी का विकास करके ही देश एवं राज्य को विकास के पथ पर ले जाया जा सकता है।

इस अवसर पर विधायक  हरे कृष्ण सिंह, जिला परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र साहू पलामू आयुक्त  मनोज कुमार झा, लातेहार  उपायुक्त  राजीव कुमार एवं भारी संख्या में आम जनता उपस्थित थ

 लातेहार दौरे से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां
2 अक्टूबर से शुरू होगा "स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम"

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य को सुंदर एवं स्वच्छ बनाने की जिम्मेवारी केन्द्र एवं राज्य सरकार की ही नहीं है इसके लिए सभी नागरिको की भूमिका होनी चाहिए। श्री रघुवर दास ने  कहा कि 2 अक्टूबर से राज्य में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।जिसके तहत शहर एवं गांव को स्वच्छ बनाने का कार्य होगा।

स्थानीय महिलाओं ने रखी अपनी बात
 माको निवासी विद्या देवी,सिंधु गुप्ता एवं अन्य महिलाओं ने सरकार के द्वारा निःशुल्क गैस सिलिंडर एवं चूल्हा दिए जाने पर मुख्यमंत्री श्री दास को साधूवाद दिया। महिलाओं ने बताया कि पहले वे लोग गोइठा,कोयला एवं लकड़ी से खाना बनाते थे जिससे उनकी स्वास्थ्य हमेशा खराब रहता ही था एवं बच्चों को भी ससमय भोजन नहीं दे पाती थी लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से गैस एवं चुल्हा मिलने से उनकी जिदंगी ही बदल गई है।

11 करोड 35 लाख 52 हजार 3 सौ 76 रूपये के योजनाओं का हुआ उदघाटन 
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के द्वारा 11 करोड 35 लाख 52 हजार 3 सौ 76 रूपये के योजनाओं का उदघाटन किया गया। जिसमें अनुमंडल कार्यालय भवन,महुआडांड़ के डी टाइप आवास निर्माण,जिले के मनिका,चंदवा,हेरहंज बालूमाथ,बरवाडीह में कुल 6 तहसील कचहरी सह हल्का कर्मचारी भवन का उदघाटन,चार उप स्व्वास्थ्य केन्द्र भवन जिसमें हेरहंज के चिरू, बालूमाथ के जोगियाडीह, बरवाडीह के कंचनपुर एवं गारू प्रखंड के चिपरू उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का उदघाटन किया गया। 5 सौ गैस कनेक्सन का निःशुल्क वितरण कार्यक्रम में शिरकत करने आए राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के द्वारा कुल 05 सौ लाभुको के बीच गैस चूल्हा एवं सिलिंडर का वितरण किया गया। वहीं विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत सक्षम झारखंड कौशल मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित लोगों के बीच 210 सिलाई मशीन भी वितरित किए गए।

17 लाभुकों को मिला वनपट्टा
सदर प्रखंड के गुरूकुल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के द्वारा जिले के 17 लाभूको के बीच वनपट्टे का वितरण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री दास ने सभी वनपट्टा लेने वाले लाभुको को जिले के विकास के पथ पर ले जाने को लेकर प्रेरित किया।

दस सखी मंडलों के बीच 05 लाख की राशि का वितरण 
निःशुल्क गैस कनेक्सन वितरण कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से 10 सखी मंडल समूहों के बीच पचास-पचास हजार की दर से 05 लाख रूपये का चेक प्रदान किया गया। सभी सखी मंडलों को चेक माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दस के द्वारा वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने की उपायुक्त एवं एसपी के कार्य की सराहना
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि उपायुक्त श्री राजीव कुमार ने मत्स्य विभाग में अपने कार्य के बदौलत राज्य को मछली उत्पादन में स्वावलंबी बनाने का कार्य किया। इनके कार्य को देखते हुए अत्यंत पिछड़ा जिला लातेहार को विकास के पथ पर ले जाने के उदेश्य से इन्हें लातेहार जिले का उपायुक्त बनाया गया ताकि जिले को विकास में नया आयाम दिया जा सके। श्री दास ने नक्सल क्षेत्र में कार्य करने को लेकर एसपी श्री प्रशांत आनंद के कार्य की भी सराहना की।

राजद प्रखंड अध्यक्षों को चुनावी तैयारी का निर्देश


रांची। झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में प्रदेश राजद कार्यालय में राज्य के सभी जिला के प्रखंड अध्यक्षों की बैठक संम्पन्न हुई।
    बैठक को संबोधित करते हुए सभी प्रखंड अध्यक्ष  को लोक सभा व विधासभा चुनाव की तैयारी में लगने का दिया निर्देश।इन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रखंड अध्यक्ष अपने अपने प्रखंडों में संगठन को धारदार और मजबूत करें,साथ ही साथ हर बूथ पर 20 यूथ की कमेटी तैयार करे।सभी नेता कार्यकर्ता मिलकर सदस्यता अभियान जोर सोर से चलाने का काम करें ।  पंचायत स्तर पर सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय। प्रखंड वाइज  कार्यकर्ता समेलन करने का निर्णय ,कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद सक्रिय साथियों का बैठक होगी।प्रखंड स्तर पर सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध करे और इनके काले कारनामो को जनता को बताने का काम करें।
श्रीमती अन्नपुर्णा जी ने कहा कि अभी से ही लोकसभा व विधंससभा की तैयारी में लग जाये तथा राज्य सरकार व केंद्र सरकार के जविरोधी नीतियों के खिलाफ औऱ सरकार के गरीब विरोधी कारनामें को गांव गांव में एक एक व्यक्ति को बताने का काम करें साथ ही साथ सामाजिक न्याय के विचारधार,आदरणीय नेता लालू प्रसाद जी के नीति सिद्धान्त को बताने का काम करें।
 इन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता बिगाड़ने का काम करती रहती तथा राज्य हो या प्रदेश हो  अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री ने झूठे वादे,झूठे सपने दिखाकर सिहासन पर बैठने का काम किया है इसे भी आम आवाम को बताने  का काम राजद के नेता कार्यकरता करे,औऱ भाजपा के गलत मंसूबे को हर हाल में असफल करे।भाजपा बदले की भावना से कम कर रही जो इस पार्टी की खिलाफ बोलते है उन्ही पर भाजपा करवाई करती है जो अन्यायपूर्ण है।
  प्रधान महासचिव संजय सिंह  यादव ने कहा की संगठन को हर हाल में मजबूत करना है अधिक से अधिक सदस्य बनाना है जब आप मजबूत होंगे पार्टी मजबूत होगी दल मजबूत होगा।
   बैठक में  पूर्व मंत्री गोवर्धन नायक,  सुरेश पासवान,पूर्व विधायक रामचंद्र सिंह,पूर्व सांसद घुरण राम, आभो देवी,प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार,उपाध्यक्ष राजेश यादव, हाजी जुबेर भाई,महासचिव आबिद अली,मनोज पांडेय,चंद्रशेखर भगत,बलवंत कुमार, पूणेंदु यादव,संजय कुमार, आदि ने बैठक को संबोधित किया।बैठक में  बुधनारायन यादव,अमरेश गणक,जमीरुधिन अंसारी, गुलाम जिलानी ,अवधेश पाल नसीम अंसारी,इप्टखर अंसारी,हरिसंकर यादव,देवकुमार देवता,सुरेंद्र यादव,सुनीता चौधरी,शंकर यादव, राजकिशोर यादव सहित 200 से अधिक प्रखंड अध्यक्ष उपस्थित थे।

खेल विभूतियों के नाम लगाए वृक्ष

रांची।  खेल दिवस के शुभ अवसर पर सामाजिक संस्था शारदा फॉउन्डेशन एवं स्पोर्ट्स लवर एसोसिएसन के संयुक्त तत्वाधान में कांके रोड स्थित डीएवी गांधीनगर स्कूल में खिलाड़ियों ने वृक्षारोपण किया। खिलाड़ियों ने     11 वृक्ष लगाए ।इस अवसर पर झारखंड  के महान खेल विभूतियों के नाम पर वृक्ष लगाकर के उनको याद कर श्रदांजलि अर्पित की।  हॉकी मेजर ध्यानचंद ,जयपाल सिंह मुंडा,स्विमर समशेर सिंह, हॉकी लाल सिंह बोखारि, हॉकी किशन लाल, क्रिकेट रमन लम्बा, अजित वाडेकर,एथलीट मिल्खा सिंह,फुटबॉल वि पी सत्यन, कृशानु डे, शेलेन मन्नाआदि खिलाड़ियों के नाम पर वृक्ष लगाए।मोके पर प्राचार्य एस के सिन्हा ,आशुतोष द्विवेदी,राजीव रंजन,अवनिकांत शेखर गोविन्द झा ,कृष्णा प्रसाद समेत कई खिलाड़ी गन उपस्थित थे।ये जानकारी गोविन्द झा ने दी।

अनिरुद्ध सिंह को बाल्सब्रिज विवि से मिली पीएचडी की मानद उपाधि

रांची। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के सचिव, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के प्रांतीय महासचिव, रांची सिक्यूरिटी प्राइवेट लिमिटेड एवं बरखा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक तथा सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ़ प्राइवेट सिक्यूरिटी इंडस्ट्री के झारखण्ड चैप्टर के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह को दिनांक 24 अगस्त 18 को दिल्ली में आयोजित एक दीक्षांत समारोह में बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय दोम्निका (यूनाइटेड
स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका) के द्वारा मानद (Honorary) पी. एच. डी.   (Ph.D)
(डॉक्टर ऑफ़ फिलोसोफी) की उपाधि प्रदान की गयी. यह उपाधि श्री सिंह को उनके कौशल विकास पर जनजातीय युवाओं के व्यावहारिक गुणों पर किया गया शोध कार्य के लिए दी गयी. उनका विषय था—कंस्ट्रेंट्स एंड रेस्त्रैंट्स ऑफ़
ट्राइबल यूथ इन स्किल डेवलपमेंट   (CONTRAINTS AND RESTRAINTS OF TRIBAL
YOUTH IN SKILL DEVELOPMENT).  अनिरुद्ध सिंह अपनी संस्था और कंपनी के अंतर्गत विगत 6 वर्षों से कौशल विकास के कार्य से जुड़े हुए हैं और अबतक उनके केंद्र से 5000 से भी अधिक युवक-युवतियां प्रशिक्षित हो चुके हैं.
इनमे लगभग 60% को नौकरी लग चुकी है. इनके माध्यम से प्रशिक्षित युवतियां देश की बड़ी बड़ी संस्थाओं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी कार्यरत हैं.
 रांची एवं गुमला जिले के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में अवस्थित उनके तीन
पांच सितारा आवासीय   मेगा स्किल प्रशिक्षण केन्द्रों में 90% प्रशिक्षु
जनजाति समुदाय से होते हैं. मरदा गाँव स्थित श्रीधर ज्ञान संस्थान केंद्र में विशेष रूप से केवल युवतियों का प्रशिक्षण होता हैं .  सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से उन्हें प्रेरित कर प्रशिक्षण केन्द्रों तक लाने, उन्हें प्रशिक्षण कर नौकरी में नियुक्त करने तक  उनके व्यवहार का उन्होंने गहन अध्ययन किया है जिनसे कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं.
दीक्षांत समारोह में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से डॉ. जी. सी.
डेका, एम्बेसडर ऑफ़ पीस अवार्ड (यु.पी.ऍफ़. साउथ कोरिया), के डॉ. भाकरी, कामनवेल्थ रिसर्च एक्सपर्ट फाउंडेशन कमिटी से डॉ. रमाशंकर अग्रवाल, एवं राज्य सभा टी.वी. के प्रमुख संपादक श्री शेम किशोर उपस्थित थे.
शायद यह पहला मौका है जब कौशल विकास से सम्बंधित विषय पर जनजातीय युवाओं पर किसी शोध पत्र में लिए पी.एच. डी. की उपाधि प्रदान की गयी है. उससे भी बड़ी बात यह रही है कि यह पहला अवसर है जब किसी पूर्व सैनिक को ग्रामीण स्तर पर शोध कार्य करने के लिए ऐसी उपधि प्रदान की गयी है.

देश में लहराएगा कांग्रेस का परचमः सुबोधकांत




रांची। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आने वाले चुनाव में पूरे देश में कांग्रेस का परचम लहरायेगा। जनता भाजपा को नकार देगी। भाजपा ने पिछले चार साल के कार्यकाल में जनता को सिर्फ भरमाने का काम किया है। जनहित में धरातल पर काम नहीं दिख रहा है। भाजपानीत केन्द्र व राज्य सरकार महज कागजी घोडे दौड़ाकर अपनी पीठ थपथपाने में लगी है। भाजपा शासन में जनता त्रस्त और मंत्री अधिकारी मस्त है। झारखण्ड में रघुवर सरकार अपराध, उग्रवाद रोकने के दावे करती रही है, लेकिन हकीकत है कि झारखण्ड में पिछले कई वर्षों की तुलना में अपराध, उग्रवाद का ग्राफ बढ़ा है। दिनदहाड़े हत्याएं, दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। अपराधी बेखौफ है। जनता दहशत के साये में जीने को विवश है। सरकार के मंत्री और अधिकारी अपनी तिजोरी भरने में लगे है। जनहित के काम से इनका कोई सरोकार नहीं रह गया है।
श्री सहाय ने कहा कि जनता सब समझ रही है। ’’ये तो पब्लिक है , सब जानती है’’ आने वाले चुनाव में भाजपा की जनविरोधी नीतियों का जनता जवाब देगी। भाजपा से पूरे देश की जनता का मोह भंग होने लगा है। केन्द्र और झारखण्ड में जनसहयोग से कांग्रेस सत्ता में आयेगी। भाजपा के खिलाफ तमाम विपक्षी पाटियों के गठबंधन का ’’भाजपा हटाओं-देश बचाओ’’ अभियान शुरू हो गया है। इसका सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। जनता जाग चुकी है। भाजपा के भ्रमजाल में अब जनता नहीं फंसने वाली हैं। भाजपा ने पिछले चुनाव के समय जनता से किये गये वादे पूरे नहीं किए, झूठे आश्वासन दिये गये। जनता समझ गयी है कि भाजपा से देश व राज्य का कायाकल्प संभव नही है। उन्होने कहा कि आने वाले समय में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।

लूट-खसोट की संस्कृति का संवाहक बने निजी अस्पताल





देवंद्र गौतम

रांची। रांची के महंगे अस्पतालों में एक मेडिका क बार फिर गलत इलाज को लेकर चर्चे में है। एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। काफी हंगामा हुआ है। 28 अगस्त को हिनू के 55 वर्षीय सपन गोप का हार्निया और स्पेक्ट्रम का आपरेशन होना था लेकिन डाक्टरों ने बिना जानकारी दिए डीप वेन थरोमबोसिस (डीवीटी) का आपरेशन कर दिया। परिजनों ने इससे पूर्व कई डाक्टरों से परामर्श लिया थाष उन्होंने डीवीटी आपरेशन कराने के लिए मना किया था। आपरेशन के बाद सपन गोप की मौत हो गई। उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी। 25 अगस्त को उन्हें मेडिका लाया गया तो जांच के बाद डाक्टरों ने किडनी की समस्या बताते हुए इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया। अगले दिन बताया गया कि स्थिति ज्यादा गंभीर है हार्निया का आपरेशन करना पड़ेगा। इस बीच मरीज का रक्तचाप बढ़ गया। इसके बावजूद आपरेशन कर दिया गया जिससे मरीज की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने काफी हंगामा मचाया। बाद में पुलिस आई तो मामला किसी तरह शांत हुआ। परिजनों ने मेडिका के दो चिकित्सकों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है। अस्पताल प्रबंधन किसी भी आपरेशन से इनकार कर रहे हैं। शव पोस्टमार्टम के ले गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का खुलासा होगा। रांची में इस तरह के उच्च चिकित्सा उपकरणों से लैस करीब एक दर्जन अस्पताल हैं जहां साधारण आदमी जाने का साहस नहीं करता। ये भारी-भरकम बिल तो वसूलते हैं लेकिन सेवा धर्म का निर्वहन नहीं करते।
पिछले माह इसी मेडिका में मेरे अग्रज सेवानिवृत मुख्य अभियंता, कोल इंडिया रामेश्वर प्रसाद सिन्हा भर्ती हुए थे। वे किडनी के रोगी हैं। मेडिका में ही पिछले एक साल से सप्ताह में दो बार उनका डायलिसिस चल रहा था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने निमोनिया का असर बताया। करीब 12 दिनों तक अस्पताल में रहे। इस बीच डायलिसिस चलता रहा। तरह-तरह की जांच होती रही। न्यूरो चिकित्सक ने भी देखा और बताया कि न्यूरो की समस्या नहीं है। वे अपने परिजनों में अधिकांश को पहचान नहीं पा रहे थे। 12 दिनों के इलाज के बाद भी हालत में कोई सुधार नज़र नहीं आया तो उन्हें दिल्ली के बीएन कपूर अस्पताल में ले जाया गया। वहां तीन चार दिनों की जांच के बाद पता चला कि मस्तिष्क की एक नस में रक्त जम गया है। जवा के जरिए उसे हटाने का प्रयास किया जाएगा। लाभ हुआ तो से जारी रखा जाएगा अन्यथा आपरेशन करना पड़ेगा। स्थिति चिंताजनक थी।
मामला न्यूरो से संबंधित था और रांची के निजी क्षेत्र के सर्वाधिक महंगे अस्पताल मेडिका के न्यूरो विशेषज्ञ से पकड़ नहीं पाए। जाहिर है कि अस्पताल प्रबंधन इलाज के नाम पर भारी भरकम पैसे तो वसूलता है लेकिन उसके अनुरूप इलाज नहीं कर पाता। चिकित्सक हवा में तीर चलाते हैं। निशाना सही लगा तो ठीक अन्यथा बिल तो बन ही जाता है। इन अस्पतालों में वही लोग जाते हैं जो मोटे बिलों का भुगतान करने में सक्षम होते हैं। पैसे खर्च करते हैं तो बेहतर इलाज की उम्मीद भी करते हैं। लेकिन जहां मर्ज की सही पड़ताल ही नहीं हो पाती वहां इलाज क्या होगा। सिर्फ महंगे उपकरणों और साफ-सफाई के दिखावे से क्या होगा।
अब दिल्ली के मशहूर बीएन कपूर अस्पताल के हालात पर नज़र डालें। डाक्टरों ने तीन-चार दिन बाद सही मर्ज की सही पड़ताल कर ली। इलाज शुरू हुआ। स्थिति में सुधार भी आया। डाक्टरों ने बताया कि इलाज लंबा चलेगा। नार्मल होने में समय लगेगा। इस बीच कोल इंडिया से देय चिकित्सा सुविधा संबंधी पत्र मंगाया गया और अस्पताल प्रबंधन के सुपुर्द किया गया। कोल इंडिया के मेडिकल पैनल में यह अस्पताल सूचीबद्ध है। एग्रीमेंट के मुताबिक अस्पताल को कोल इंडिया के अधिकारियों, कर्मचारियों का इलाज आधे खर्च पर करना है। जब अस्पताल प्रबंधन को पता चला कि उसके बिलों के 50 फीसद का ही भुगतान मिलेगा तो चिकित्सक सलाह देने लगे कि अब उन्हे अस्पताल से घर ले जाना चाहिए और डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही डायलिसिस के लियए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। घर में देखभाल के लिए एक कंपाउंडर की सेवा ली गई। घर आने के कुछ ही घंटे बाद स्थिति गंभीर होने लगी। कंपाउंडर ने बताया कि वह रोज मरीजों के बीच रहता है। साहब की हालत ठीक नहीं है। उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत है। भैया को तत्काल रेफर किए गए स्पताल में ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने पूरी केस हिस्ट्री देखने के बाद पूछा कि आपलोगों ने कोल इंडिया का पत्र दिया था क्या। हां कहने पर उसने बताया कि बिलों का आधा भुगतान होने की स्थिति में वे ऐसा करते हैं। उन्हें अभी डिस्चार्ज नहीं करना था। डाक्टर ने कपूर अस्पताल के चिकित्सक को फोन पर जमकर फटकार लगाई और वापस रेफर कर दिया। बीएन कपूर अस्पताल को और भी कई जगहों से फटकार मिली। फिलहाल भैया को गहन चिकित्सा केंद्र में रखा गया है। स्थिति गंभीर है।
सवाल है कि यह अस्पताल पैरवी लगाकर सार्वजनिक उपक्रमों में सूचीबद्ध होकर अपना रुतबा बढ़ाते हैं लेकिन जब अनुबंध की शर्तों के मुताबिक सेवा देने का मौका आता है तो कमाई में कटौती की चिंता सताने लगती है। फिर नाटक-नौटंकी पर तर आते हैं। उनके लिए इलाज नहीं इसके एवज में मिलने वाला पैसा अहमियत रखता है। चिकित्सकों का सेवा धर्म ताक पर चला जाता है और लाभ-हानि का गणित हावी हो जाता है।
निजी क्षेत्र बुनियादी तौर पर लाभ कमाने के लिए स्थापित और संचालित होते हैं लेकिन मानव सेवा के धर्म का पूरी तरह परित्याग कर देना गलत है। फिर बकरे का मांस बेचने वाले कसाई और मानव सेवा का व्रत लेने वाले चिकित्सक में क्या अंतर रह जाएगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...