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रविवार, 27 जनवरी 2019

शिव की दुनिया में कोई भेद नहींः अनुमिता


पटना। पटना के कन्हौली के पैनाल में शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया। आओ चलें शिव की ओर   के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए लगभग पंद्रह हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए थे। इस विराट शिव गुरु महोत्सव में पटना से आई अनुनिता ने कहा कि शिव विसंगतियों में संगति हैं। शिव की बनाई हुई दुनिया में कोई भेद नही है। उनका शिष्य होकर ही हम अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। डॉक्टर अमित कुमार ने कहा कि शिव के शिष्य बनने की दिशा में साहब हरींद्रानंद जी द्वारा दिया गया तीन सूत्र ही सहायक है और कुछ नही। उन्होंने कहा कि वे जगत गुरु हैं इसलिए उनका शिष्य होने के लिए कोई नियम नही है और कोई वर्जना भी नही है। ब्रजेश सिंह,अनिल ,उमेश और अजय गुप्ता के साथ साथ किशन कुमार ने भी अपने विचार को रखा। उपस्थित लोगों में महिलाओं की संख्या काफी अधिक थी। पूरा का पूरा इलाका शिवमय हुआ था। शिव गुरु की व्याप्ति और फैलाव के निमित्त इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगो ने भी हिस्सा लिया।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

धालभूमगंज से उड़ेंगे बोइंग विमानः रघुवर दास



एयरपोर्ट के लिए हुआ भूमि पूजन और एमओयू
पहले  पुनर्वास होगा फिर विस्थापन




रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज प्रतिदिन 30 हवाईजहाज देश के अन्य राज्यों के लिये भगवान बिरसा मुंडा की धरती से प्रतिदिन उड़ान भर रहे हैं। पिछले वर्ष 2018 में लगभग 25,50,000 यात्रियों ने हवाई जहाज से यात्रा की। यह 4 साल की उपलब्धि है यानि झारखंड के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए भूमि पूजन एवं एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में बोल रहे थे। धालभूमगढ़, पूर्वी सिंहभूम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डेढ़ साल में धालभूमगढ़ हवाई अड्डे से हवाई यात्रा प्रारंभ होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 दिसंबर 2014 के पहले झारखंड में प्रतिदिन 1500 लोग हवाई यात्रा करते थे और सिर्फ 8 हवाई जहाज प्रतिदिन चलते थे और एक साल में लगभग 1,50,000 यात्री ही हवाई जहाज से यात्रा करते थे। उन्होंने कहा कि 4 सालों में प्रधानमंत्री के शासन काल में आज औसतन 60,000 यात्री प्रतिदिन हवाई यात्रा कर रहे हैं और इसी कारण से उड़ान योजना के तहत दुमका, पलामू, हजारीबाग, डाल्टनगंज, बोकारो इस क्षेत्र में काफी काम हो रहे हैं। बहुत जल्दी इन क्षेत्रों में उड़ान के माध्यम से कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के लिए आज भूमि पूजन हुआ है, डेढ़ साल के अंदर यह कार्य पूर्ण हो जाएगा और यहां से भी उड़ान भरेंगे।

बोइंग बस विमान धालभूमगढ़ से उड़ान भरेंगे
धालभूमगढ़ ओडीशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड 3 राज्यों के मिलन बिंदु पर अवस्थित है। निश्चित रूप से आने वाले समय में यह हवाई अड्डा देश का कमर्शियल हवाई अड्डा बनेगा। इस को ध्यान में रखकर प्रथम चरण में यह कार्य शुरू हो रहा है। द्वितीय चरण के लिए भी जिले के उपायुक्त को निर्देश दिया गया है। आने वाले वर्षों में यहां से बोइंग बस विमान भी उड़ान भरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय चरण के लिए 55 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आसपास की जनता से अनुरोध करूंगा कि 55 एकड़ जमीन जो देंगे उसमें 2013 के भूमि अधिग्रहण के साथ जो भी जमीन देंगे उन्हें बाजार मूल्य का 4 गुना पैसा सरकार देगी। इसके साथ साथ जमीन भी देंगे ताकि अपना घर बना सकेंगे और अपना व्यापार और खेती भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हमने देवघर में किया। प्रधानमंत्री के हाथों पिछले वर्ष धनबाद में देवघर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शुभारंभ किया गया। वहां 600 परिवारों को विस्थापन करने का काम किया लेकिन साथ साथ पुनर्वास भी किया। उन्होंने कहा कि सारे लोगों को जमीन दी गई। गरीब जहां दो तल्ले घर बना रहे हैं तो वहीं बहनें फूलों की खेती कर रही हैं जिन की खपत स्थानीय बैद्यनाथ धाम मंदिर में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन हमारी सरकार में नहीं होगा पहले पुनर्वास होगा फिर विस्थापन का काम होगा इसलिए इस दिशा में जिला प्रशासन, जिला परिषद की अध्यक्ष सांसद और यहां की स्थानीय जनता आम सभा करके निर्णय लें। क्षेत्र का कई गुना विकास होगा। एयरपोर्ट और उड्डयन क्षेत्र में रोजगार के नए आयाम खुलेंगे। आसपास के गांव के युवक युवतियों को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र में रोजगार हेतु स्थानीय लोगों को ही प्राथमिकता मिलेगी ताकि धालभूमगढ़ के युवक-युवतियों को यहां से पलायन ना करना पड़े।

सीएम ने चाईबासा से किया मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ


सीएम रघुवर दास ने कहा-

●बच्चियां अपने परिश्रम से राज्य का मान बढ़ाएं

●शिक्षा बदलाव व विकास की संजीवनी है

★ योजना से लाभान्वित होंगे राज्य के 27 लाख परिवार

★ कोल्हान प्रमंडल में 6,661 व चाईबासा के 4, 238 लाभुक मुख्यमंत्री सुकन्या योजना से आच्छादित , 7 लाभुकों को सांकेतिक तौर पर सौंपा प्रमाण पत्र

★योजना का लक्ष्य बच्चियों का संपूर्ण सशक्तिकरण, सात किस्तों में 40 हजार का अनुदान

★मुख्यमंत्री ने 10 एमबीबीएस 22 विशेषज्ञ चिकित्सकों को सांकेतिक तौर सौंपा नियुक्ति

★ 300 मॉडल आंगनबाड़ी का शिलान्यास व 25 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया


चाईबासा/रांची। उज्ज्वल कल के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण। यही है मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मूल उदेश्य। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं। आज के दिन मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत कर मुझे खुशी है। ये नारी शक्ति राज्य की शक्ति है, 4 वर्ष के विकास में नारी शक्ति के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। यह राज्य की शक्ति है। राज्य की बच्चियां शिक्षित होंगी तो तो परिवार में संस्कार का संचार होगा। आज लड़कियां किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं। हर जगह उनकी बराबर की भूमिका दिख रही है। खेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मेडल लाने का कार्य लड़कियों ने किया है। बेटी हमारा गौरव है बेटी हमारा अभिमान है। इस सोच के साथ सभी अभिभावकों को कार्य करने की जरूरत है। बेटा और बेटी में विभेद ना करें। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही । श्री दास गुरुवार को चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

जन जन तक इस योजना को पहुंचायें
 रघुवर दास ने कहा कि योजना तो लागू हो चुकी है अब हम सब भी अपनी साझी भागीदारी निभाएं और जन जन तक इस योजना का संप्रेषित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकन्या योजना का लक्ष्य बच्चियों को सशक्त करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना, बाल विवाह रोकना और सबसे खास उन्हें शिक्षित कर स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। योजना तहत जन्म लेने वाली बच्ची की माँ के बैंक खाते में 5 हजार रुपये जमा कर दिए जाएंगे। पहली कक्षा में नामांकन के समय 5 हजार, 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 5-5 हजार सरकार द्वारा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। जब बेटी 18 साल की होगी तो 10 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस तरह जन्म से लेकर 20 वर्ष तक आयु तक 7 किस्तों में 40 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। अगर बिटिया शादी करना चाहे तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 30 हजार रुपये मिलेंगे। झारखण्ड के 27 लाख परिवार इस योजना से आच्छादित होंगे।

अगर कम उम्र में शादी के लिए दबाव बनाए तो 181 में सूचना दें बच्चियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रूण हत्या पाप है। राज्य का लिंग अनुपात ठीक है लेकिन दोनों को समतुल्य बनाना है। आदिवासी समाज के लोग बेटा और बेटी में भेद नहीं करते हैं लेकिन पढ़े लोगों में यह ज्यादा देखने को मिलता है। चिकित्सक भी इस बात का ध्यान रखें वे अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इसकी जानकारी किसी को ना दें अन्यथा आप दोषी ठहरा कर जेल जाने के भागी होंगे। आप यह पाप ना करें। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से अपील किया कि अगर कोई आपकी शादी कम उम्र में करना या कराना चाहे तो 181 में इसकी जानकारी दें।

सरकार शिक्षक के नहीं बल्कि बच्चों के लिए स्कूल संचालित कर रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि बच्चों के लिए खोला गया है। हर विषय के शिक्षक स्कूल में रहें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सुदूरवर्ती ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों का विलय ध्यान में रख कर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होगा। मैं शासन करने नहीं सेवा करने आया हूँ जनता के हित में जो बदलाव करना होगा करूंगा।

प्रति एकड़ किसानों को 5 हजार रुपये, कृषि कार्य मे होगा सहायक
सीएम रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। आज राज्य को इस बात का गर्व है कि 2014 में जो कृषि विकास दर -4.5% थी वह बढ़कर +14% हो गया। किसानों के उत्साह को देखकर राज्य सरकार ने 100 किसानों को इजरायल भेजा और आधुनिक कृषि प्रणांली से अवगत कराया। हर वर्ष 100 किसानों को इजरायल और फिलीपींस भेजा जाएगा। ताकि राज्य के किसान समृद्ध हो सकें। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने आपके सपनों को पूरा करने की कोशिश की है
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ कोलहान की धरती से हो रहा है। थे इस बात का प्रमाण है कि हम जो कहते हैं वो करते हैं। जिसका प्रमाण है आज का यह कार्यक्रम। मुख्यमंत्री सपने दिखाते नहीं बल्कि उसे पूरा भी करते हैं। सरायकेला भ्रमण के दौरान हर घर शौचालय और बिजली देखा हूँ। आप से आग्रह है कि दिन में जलते बल्ब को बंद रखें। सरकार ने 4 साल में 30 लाख घरों तक बिजली पहुँचा दी है जो काम आज़ादी के बाद नहीं हुआ।

4 वर्ष में महिला व बालिका विकास के कई कार्य हुए हैं
सांसद श्री लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि विगत 4 वर्ष में महिला और बालिका कल्याण हेतु कई कार्य और योजनाओं को संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना राज्य की बालिकाओं की समृद्धि का कारक बनेगा। उसी तरह मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत किसानों का लाभान्वित करने का कार्य हो रहा है।

87 हजार आवेदन पूरे राज्य से प्राप्त हुए
मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत पूरे राज्य से 87 हजार आवेदन प्राप्त हुए। 3 जनवरी 2019 को योजना को कैबिनेट में स्वीकृति मिली, 4 जनवरी को संकल्प पत्र जारी हुआ और आज 21 दिन बाद योजना का शुभारंभ कोल्हान की धरती से हुआ। कोल्हान प्रमंडल में कुल 15 हजार 61 आवेदन प्राप्त हुए, 6 हजार 700 स्वीकृत हुए, लगभग 5 हजार लाभुकों का चयन हुआ और 2.50 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सुकन्या योजना के तहत चाईबासा की अंकिता पूर्ति, ऐरा करवा, कांति हेम्ब्रम, सुखमती कुदादा, गीता देवगाम, तृप्ति विश्वकर्मा, मंजू खनदैत पूर्वी सिंहभूम की राधिका सबर, रिंकी गोप, इना भगत, भवानी केवट, सरायकेला की भाग्यवती बेहरा, प्रियंका पडीहरी और संतोषी सरदार को प्रमाण पत्र सौंपा।

स्वागत संबोधन आयुक्त कोल्हान प्रमंडल विजय कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त चाईबासा श्री अरवा राजकमल ने दिया।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सांसद लक्ष्मण गिलुआ, विधायक दीपक बिरुवा, विधायक  साधुचरण महतो, सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विकास अमिताभ कौशल, बाल संरक्षण आयोग की अध्य्क्ष आरती कुजूर, जेबी तुबिद, पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप दिवेदी व अन्य उपस्थित थे।

रविवार, 20 जनवरी 2019

आइआइसीएम को बचाना हमारा दायित्वः सुबोधकांत


रांची। आइआइसीएम  झारखंड ही नहीं देश का धरोहर है और इसको बचाकर रखना हम सब का दायित्व है और उसमें खासकर कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक का दायित्व ज्यादा बनता है , 25 साल पुराना यह संस्थान जहां देश के हर कोने से लोग आते हैं और उन्हें एक अच्छा वातावरण यहां मिलता है जरूरत है सब मिलकर इसके गरिमामय इतिहास को बरकरार रख कर चले तभी हमारा या धरोहर बच पाएगा उक्त बातें आज इंटक के राष्ट्रीय सचिव व आई आई सी एम श्रमिक संघ के अध्यक्ष  अजय राय के द्वारा नव वर्ष के उपलक्ष में रखे गए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शरीक होते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने अपने संबोधन में कही।

      मुख्य अतिथि श्री सहाय ने   इस अवसर पर  श्रमिक संघ के सदस्यों को शुभकामना देते हुए कहा कि आने वाले समय परिवर्तन का है इसमें आप सब की सहभागिता महत्वपूर्ण है ।

इस अवसर पर प्रभास चंद्र मिश्र हेड आईआईसीएम ने संस्थान के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपनी शुभकामना सबों को दी ।

इस अवसर पर रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह ने अपनी सुभकामना देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की कार्य संस्कृति उसकी पहचान होती है और जरूरत है उसकी गरिमा को बरकरार रखने के लिये सबो का सहयोग ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अजय राय ने कहा कि नए साल में जरूरत है हम अपने कर्मचारियों के मान सम्मान और स्वाभिमान को भी ध्यान में रखते हुए इस संस्थान को और नई उचाईयो तक लेकर जाए । श्री राय ने इस अवसर पर अतिथियों को बुक्के और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया ।

इस अवसर पर  ,एके मिश्र महा प्रबंधक, डीआर शर्मा मुख्य प्रबंधक , मेजर एसबी पोहन वरीय प्रबंधक ,अंशुल अग्रवाल सहायक प्रबंधक, यू एस चौहान अधिनस्थ अभियंता , प्रेस क्लब के  कार्यकारिणी सदस्य संजय रंजन ,समाज सेवी श्री दिनेश साहू, अजय शर्मा, संजय सराफ,नीरज भट्ट,रिंकू तिवारी, गौतम उपाध्याय, संतोष सिंह, बिजय शर्मा, मनोज सिंघ, धर्मेंद्र कुमार, मो इस्लाम, रमेश साहू,आलोक झा,पवन लोहिया, अखय बेहरा,नीतेश कुमार, प्रीत यादव,बहादुर सिंह, जीतू जैन,देवानंद राय,मनोज मल्लिक सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया ।

आस्था औषधि तो अंधविश्वास व्याधिः अर्चित आनंद


आस्था बनाम अंधविश्वास विषयक कार्यशाला


देवरिया। शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन, रांची के तत्वावधान में ‘‘आस्था बनाम अंधविश्वास’’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अनुश्री उत्सव स्थली, रूद्रपुर रोड,देवरिया, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अर्चित आनन्दजी ने आलोच्य विषय पर बोलते हुए कहा आस्था सकारात्मक है और इसके विपरीत अंधविश्वास जीवन में कुण्ठा एवं निराशा उत्पन्न करता है। जीवन के हर पहलू पर व्यक्ति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अंधविश्वास और अफवाहें सचमुच में एक व्याधि है जिसके निदान के लिए सबों को सजग रहना होगा और समाज में जागरूकता फैलानी होगी। सही गुरू का सानिध्य व्यक्ति को अंधविश्वासों से मुक्त करता है। श्री आनन्द ने अपने वक्तव्य में बताया कि समाज में फैली कुरीतियों, कुसंस्कारों, अंधविश्वासों, अफवाहों के प्रति स्वच्छ जागरूकता पैदा करना एक-एक व्यक्ति का नैतिक कर्त्तव्य है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(क) में वर्णित मौलिक कर्त्तव्यों में ‘‘प्रत्येक नागरिक का यह कर्त्तव्य होगा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करें।’’
न्यास के उपाध्यक्ष शिव कुमार विश्वकर्मा द्वारा बताया गया कि शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन में किसी भी अंधविश्वास या आडम्बर का कोई भी स्थान बिलकुल नहीं है। न्यास देश की एकता और अखंडता को बनाए रखते हुए संवैधानिक दायरे में तमाम सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वासों का विरोध करता है।
संगोष्ठी में देवरिया एवं आस-पास से लगभग पाँच सौ लोग आए थे। महिलाओं की संख्या अधिक थी।

इसे कहते हैं दीयक तले अंधेराः आदित्य विक्रम जायसवाल

नगर विकास मंत्री के आवास के समझ  दो माह खोदा पहले गड्ढा , नहीं बनाई नाली

न नगर निगम को चिंता न मंत्री जी को,  जनता त्रस्त, व्यवस्था मस्त

रांची। कांग्रेस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत आज झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व सचिव आदित्य विक्रम जायसवाल  के नेतृत्व में आज रांची के डिप्टीपाड़ा (नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के आवास के समक्ष) में जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान वहां के लोगों की ज्वलंत समस्याओं से रूबरू हुए। मोहल्लावासियों ने कहा कि राज्य के भाजपा सरकार व रांची नगर निगम विकास के कार्यों में पूरी तरह विफल है, नाल की साफ-सफाई, पेयजल, 24 घंटे बिजली आपूर्ति एवं कचड़ा का उठाव के मामले में बहुत दयनीय है। सरकार स्वच्छता के नाम पर झूठे आंकेड़े देती है , इस बदहाली से जनता अपना जीवन नारकीय स्थिति से गुजारना पड़ रहा है।

नगर निगम पूरे शहर में नाली निर्माण करवाने में पूरी तरह से अक्षम साबित हो रही है। रांची निगम शहर के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के आवास के समक्ष नाली कोड़ कर छोड़ दी, जिससे आमजनों काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में नगर निगम मंत्री जी के आवास के बाहर नाली निर्माण नहीं करा पा रही है तो पूरा शहर की स्थिति होगा, यह आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं

भाजपा सरकार की 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की घोषणा, स्वच्छ भारत- स्वच्छ शहर की घोषणा सिर्फ सपना बनकर रह गई है।

रांची में विकास का कार्य सिर्फ दिखावा है, लचर व्यवस्था से रांची राजधीन जैसी नहीं लगती है, भाजपा सरकार अभी तक शहर की कोई भी चीजें दुरूस्त नहीं कर सकी है। बिजली आपूर्ति बहाल करने में सरकार पूर्ण रूपेण विफल है, जबकि रघुवर सरकार बिजली दर में बढ़ोत्तरी कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का झांसा देती रही है। वहीं शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चोपट है, हर चैक-चैराहों, गली-मुहल्लों में कचरों का अंबार पड़ा रहता है, इस दिशा में नगर निगम सफाई करने में नाकाम साबित हो चुकी है लेकिन जब स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम जब जांच के लिए रांची आती है तो सरकार दिखावे के लिए एक दो दिन अच्छी से साफ-सफाई करती है। इसके लिए निगम की सरकार आम जनता से भारी टैक्स वसूलती है। सरकार को आम जनता से कोई डर नहीं है। सरकार जनता का सेवक नहीं शासक की तरह बर्ताव करती है।

मौजूदा सरकार के संरक्षण में रांची नगर निगम में डीपीआर का भारी खेल है, हर स्तर पर मंत्री, अधिकारी एवं बिचौलियों का लूट मची है, आमजनता का गाढ़ी टैक्स के पैसों का दुरूपयोग हो रहा है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। वहीं सरकार ने ग्लोबल स्किल सम्मिट आयोजन कर राज्य के नौजवानों को नौकरी के नाम ठग रही है, अगर  गौर से देखा जाए तो नवयुवकों के पास रोजगार नहीं, किसानों की कर्ज माफी नहीं, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है, इस बदहाली पर हाई कोट को मजबूरन संज्ञान लेना पड़ा है। फिर भी सरकार इस दिशा में कार्य नहीं करती दिख रही है। वहीं नगर निगम पार्किंग के नाम पर आम जनता से भारी पैसा वसूलती है। फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडर मार्केट तैयार हो गया है, लेकिन सरकार सडक के किनारे अतिक्रमण नहीं हटा सकी है। मेन रोड की सड़क पूरी तरह से बिजनेश में तब्दिल हो चुकी है, गाड़िया दिन भर घिसक कर चलती दिखती है।

सिब्रेज का निर्माण नहीं हो सका है, नाली बनी है लेकिन सड़क के अनुरूप नहीं होने के कारण सडकों में गंदे पानी का जमाव हमेशा लगा रहता है। आज कई सड़के सिब्रेज ड्रेनेज का कार्य पूरा नहीं होने के कारण नहीं बन पा रहा है। मुख्य सडक से जोड़ने वाली छोटी-छोटी सड़के में भारी अतिक्रमण के कारण आमलोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सरकार एवं नगर निगम ने जयपाल सिंह स्टेडियम एवं मोरहबादी मैदान को पूरी तरह से अतिक्रमण कर बर्बाद कर दी है। शहर के युवक पहले इन जगहों पर खेला-कूदा करते थे, लेकिन आज युवा शहर के अंदर खेलने -कूदने के लिए तरस गई है।

स्थल पर मुख्य रूप से पंचम सिंह अनिल सिंह गोपाल पांडे सीपी सोलंकी सोनू सिंह चिंटू चौरसिया प्रेम कुमार इरफान भाई इरफान भाई ऋषभ गौरव चौधरी आदि मौजूद

अब स्क्रैप कारोबार की चिंताओं को दूर करें


और स्क्रैंबिड पर अपने थोक स्क्रैप को ऑनलाइन बेचें या खरीदें!

रांची। अब स्क्रैबिड के आने से स्क्रैप व्यापार इतना सुगम और आसान हो गया है, जितना पहले कभी नहीं था। भवन विद्यालय चंडीगढ़ के 12वीं कक्षा के होनहार छात्र प्रफुल्ल चैहान द्वारा स्थापित यह नया स्टार्टअप, स्क्रैबिड, सीएम स्टार्टअप योजना, हिमाचल प्रदेश के तहत पंजीकृत है। स्क्रैबिड एक अद्भुत बिडिंग सिस्टम के माध्यम से स्क्रैप प्रोड्यूसर्स, स्क्रैप डीलर्स और स्क्रैप रिसाइकलर्स द्वारा थोक में स्क्रैप खरीदने या बेचने का अनूठा बी2बी ऑनलाइन मंच है। यह प्लेटफॉर्म वेब और ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। यह प्रोजेक्ट  जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉरमेंशन एंड टेक्नोलॉजी, सोलन  के मार्गदर्शन में तैयार हुआ है।

पुराने और पारंपरिक, काफी समय लेने वाला, बिना किसी दक्षता के असंगठित और अव्यवस्थित तरीके से होने वाला स्क्रैप व्यापार अब एक नए तरीके से किया जा सकता है, जो समय और ऊर्जा को बचाता है, दक्षता बढ़ाता है, और जो अधिक लाभदायक और अत्यधिक किफायती है !

नए स्टार्टअप पर टिप्पणी करते हुए, प्रफुल्ल चैहान, संस्थापक, स्क्रैबिड ने कहा, “स्क्रैबिड में काम करते हुए हम दुनिया के सबसे अधिक असंगठित व्यापार को व्यवस्थित करने की दृष्टि से, अपने प्रमुख  मूल्यों के तौर पर नवाचार, दक्षता और पर्यावरणवाद का विज़न रखते हैं। स्क्रैबिड विशेष रूप से प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी किए गए वैध लाइसेंस वाले सत्यापित और वास्तविक स्क्रैप डीलर प्रदान करने में सहायता करेगा। हमारा प्रयास स्क्रैप सामग्री के व्यापार को आसान, पारदर्शी और लाभदायक बनाना है। स्क्रैबिड लाइव तथा  जीवंत है और यह विशुद्ध रूप से मांग और आपूर्ति की अवधारणा के आधार पर काम करता है। स्क्रैप सामग्री के लिए वास्तविक कीमतों के प्रावधान से विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। यह स्क्रैप की कीमतों को समान और स्थिर रखने में भी मदद करेगा।”

स्क्रैबिड के सेवा शुल्क बहुत किफायती हैं और एक वर्ष के लिए स्क्रैप डीलर्स और रिसाइक्लर इंडस्ट्रीज को मुफ्त सेवा प्रदान की जायेगी। सभी उपयोगकर्ताओं को केवल एक बार पंजीकरण शुल्क देना होगा और सेलर्स श्रेणी से सफल डील पर मामूली प्रोसेसिंग फीस ली जाएगी।

स्क्रैप व्यापार के क्षेत्र में स्क्रैबिड एक नई अवधारणा है और यह सेवा बहुत जल्द शुरू की जा रही है। प्रारंभ में यह उत्तर भारतीय राज्यों में शुरू होगी और बाद में इसे पूरे भारत में उपलब्ध कराया जायेगा। इसका बीटा संस्करण भी तैयार है और उपयोगकर्ता एक महीने के लिए मुफ्त परीक्षण के रूप में अपने स्मार्ट फोन या कंप्यूटर पर इस सॉफ्टवेयर को इसे परख सकते हैं। उपयोगकर्ता इसे ूूूण्ेबतंइपकण्बवउ पर लॉग इन कर सकते हैं या गूगल प्लेस्टोर या ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...