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शनिवार, 2 मार्च 2019

राहुल गांधी ने सुनी व्‍यवसायियों की समस्‍याएं, कहा हर समस्‍या का करेंगे समाधान



रांची। कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार झारखंड दौरे पर आये राहुल गांधी ने झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों से शनिवार को मुलाकात की। ये मुलाकातें वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय की पहल पर हुईं । राहुल से मिलनेवाले चैंबर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व चैंबर अध्‍यक्ष दीपक मारु ने किया। दीपक मारु ने बताया कि हाल में दिनों में बिजली के रेट में बढ़ोत्‍तरी समेत कई अन्‍य समस्‍याओं से व्‍यवसायी परेशान हैं। उनकी बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने चैंबर को भरोसा दिलाया कि राज्‍य में कांग्रेस की सरकार बनी तो व्‍यापार सुगम बने इसकी हर संभव कोशिश होगी और व्‍यवसायियों को इंस्‍पेक्‍टर राज से छुटकारा दिलाया जायेगा। राहुल से मिलनेवाले व्‍यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल में एसके अग्रवाल, विनय अग्रवाल, भानु प्रताप सिंह, दिनेश प्रसाद साहू और निरंजन शर्मा के नाम शामिल हैं।
अन्‍य समुदायों के लोगों से भी मिले राहुल
राहुल गांधी ने व्‍यवसायियों के अलावा समाज के अन्‍य समुदाय के लोगों से भी शनिवार को मुलाकात की। उनसे मुसलमान, ईसाई और सरना समाज का प्रतिनिधिमंडल भी शनिवार को मिला। राहुल से मिलनेवाले मुस्‍लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व कारी जान मोहम्‍मद रिजवी ने किया। उनके साथ मौलाना तहजीबुल हसन रिजवी, डॉ माजीद आलम, मंजूर अहमद अंसारी, अकील उर रहमान और एस अली शामिल थे। मुसलमानों ने उन्‍हें बताया कि भाजपा के शासनकाल में मुसलमानों पर अत्‍याचार बढ़ा है। झारखंड में मॉब लिचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्‍वस्‍त किया कि मुस्‍लिम समुदाय की हर समस्‍या दूर की जायेगी। वहीं राहुल से ईसाई समाज का प्रतिनिधिमंडल ऑल चर्चेज कमिटी के प्रेसिडेंट फादर थियोडोर टोप्‍पो के नेतृत्‍व में मिला। प्रतिनिधिमंडल में पीसी मुर्मू, रतन तिर्की, दयामनी बारला, प्रभाकर तिर्की और वासवी किड़ो शामिल थीं। इसी तरह केंद्रीय सरना समाज के प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय सरना समिति के अध्‍यक्ष अजय तिर्की, आदिवासी जन परिषद के अध्‍यक्ष प्रेम शाही मुंडा, आदिवासी सरना सभा के महासचिव वीरेंद्र भगत, आदिवासी लोहरा समाज के अभय भुतकुंवर, बेदिया विकास परिषद के जीतनाथ बेदिया और मुखिया संघ के अध्‍यक्ष सोमनाथ मुंडा के नाम शामिल हैं। इस मुलाकात के लिए पहल पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने की।       

झारखंड में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की फिर उठने लगी मांग


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर  गुलाबी गैंग फूंकेगा आंदोलन का बिगुल


रांची।  झारखंड में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन के स्वर उभरने लगे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से शराबबंदी लागू करने की मांग उठने लगी है। महिला हितों के संरक्षण के लिए संघर्षरत शहर की सामाजिक संस्था नारी शक्ति सेना(गुलाबी गैंग) की अध्यक्ष रानी कुमारी ने कहा कि झारखंड में पूर्ण शराबबंदी की मांग विगत कई वर्षों से की जा रही है। राज्य की राज्यपाल व मुख्यमंत्री को इस संबंध में पूर्व में ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन  इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने से वहां सामाजिक परिवर्तन की बयार बह रही है। वहां समाज स्वच्छ व स्वस्थ हो रहा है। सामाजिक समृद्धि आ रही है। इसके विपरीत झारखंड में शराब के कारण सामाजिक विकृतियां बढ़ रही है। यहां का सामाजिक विकास अवरूद्ध हो रहा है। शराब क ी वजह से असमय  महिलाएं अपना परिजन खोने को विवश हैं। इस संबंध में  गुलाबी गैंग की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के दिन सरकार को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा  कि झारखंड सरकार द्वारा राज्य में शराब की बिक्री को बढ़ावा दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य सरकार का यह निर्णय जनहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार शराब दुकानें खोलने के निर्णय को अविलंब वापस ले।  शराब की वजह से राज्य में अपराध व दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। इसे रोकने की दिशा में सरकार को ठोस पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में शामिल कई मंत्रियों ने भी शराबबंदी की मांग को लेकर सरकार से आग्रह किया है।

राहुल गांधी के दौरे से सत्ता पक्ष भयभीतः शशि भूषण राय


 

 रांची।  राजधानी के मोरहाबादी मैदान में हुए परिवर्तन उलगुलान रैली पर प्रतिक्रया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव शशि भूषण राय ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जनता के द्वारा मिले अपार समर्थन से सत्ता पक्ष के लोग भयभीत हो गए हैं। रैली में जिस तरह से कांग्रेस अध्यक्ष ने जनता से जुड़े विषय पर बात की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिन के झूठे वायदे को याद दिलाया, इससे भाजपा के पास कोई जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि परिवर्तन उलगुलान रैली में राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन की रक्षा करने के लिये हम ट्राईबल बिल और पेसा कानून लाये थे। जल, जंगल, जमीन आदिवासियों की है और कांग्रेस इसकी रक्षा हमेशा करेगा।
मोरहाबादी मैदान में राहुल गांधी की रैली में जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस उलगुलान परिवर्तन रैली में उपस्थित भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि झारखण्ड राज्य वास्तव में परिवर्तन की दहलीज पर  खड़ा हो गया है। इसके पूर्व
बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर शशि भूषण राय और प्रोफेसर विनोद सिंह को प्रदेश कांग्रेस के तरफ़ से प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी मिली थी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ता के घर का बना खाना खाया। उन्होने विधायक दल नेता आलमगीर आलम के घर से बना बिरयानी उन्हें काफ़ी पसंद आया और श्री गांधी ने परिवार के लोगों और विशेष कर श्रीमती आलम के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
श्री राय ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के यात्रा ने समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थक को सक्रिय कर दिया है। उनके दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।  जिसका आगामी चुनावों में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का एक ऐतिहासिक दौरा सफल रहा।

बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण का पुरजोर विरोध

 रांची । झारखंड ऊर्जा श्रमिक संघ ने जमशेदपुर व रांची में बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने के झारखंड ऊर्जा विकास निगम प्रबंध समिति के उस निर्णय का पुरजोर विरोध किया है, जिसमें रांची व जमशेदपुर को निजी कंपनी के द्वारा बिजली वितरण कराया जाना है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि निगम बनने के बाद ऊर्जा निगम प्रबंध समिति द्वारा इस तरह के कई निर्णय आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कराए जाने का लिया गया है,  जो पूरी तरह फेल रही ।जितने भी आउटसोर्सिंग कंपनियां अलग अलग कार्यों के लिए रखी गई, वह पूरी तरह फेल है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण मैन पावर का है, जहां कर्मियों को आठ महीने से भुगतान नहीं हो पा रहा और वहीं राज्य के अलग अलग एरिया बोर्ड में एजेंसी नियुक्त किए जाने से निगम को भी लगातार करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है !
उन्होंने कहा कि निगम के इस निर्णय से प्रतीत होता है कि जिन अधिकारियों के ऊपर पूरी जवाबदेही है, बिजली वितरण सुचारू रूप से चलाये जाने का, वह अपनी जवाबदेही निभा पाने में पूरी तरह विफल रहे हैं और अपनी कमियां छुपाने के लिए इस तरह का निर्णय लेकर अपने को बचाने का प्रयास कर रहे हैं ।
अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस विभाग के मंत्री भी हैं, वह खुद निगम की ओर से लिए गए आउट सोर्सिंग निर्णय जिसमें मीटर रीडिंग , मैन पावर और इससे संबंधित जो भी निर्णय लिये गये उसकी समीक्षा करें तो सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
अजय राय ने कहा कि पूर्व में भी एनटीपीसी के साथ जो ज्वाइंट वेंचर पीटीपीएस के लिए हुआ है और जिन शर्तो के साथ इकरारनामा हुआ, उसे क्रियान्वित नही किया जा रहा है , इसकी भी जांच होनी चाहिए।

निर्मला कॉन्वेंट में पर्यावरण संरक्षण पर कार्यशाला


रांची।  निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल एदलहातू रांची में अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से  दिनांक 26 फरवरी को एक कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें विद्यालय के लगभग सभी बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन के उपलक्ष में विद्यालय के विद्यार्थियों ने नाट्य कला के माध्यम से लोगों को कई संदेश दिए, कई प्रकार का नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने बताया कि व्यक्ति की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखें । मौके पर उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय कुमार शर्मा ने कहा कि अगर हमारे द्वारा फैलाए गए गंदगी को कोई निरक्षर व्यक्ति साफ करता है तो यह हमारी नैतिकता के खिलाफ है अतः हमें स्वयं ही व्यर्थ पदार्थों को उचित स्थान अर्थात कूड़ेदान में डालना चाहिए। मौके पर विद्यालय के सचिव श्रीमती सीमा शर्मा शिक्षक, गोपाल चंद्र दास, सुधीर सिंह, अनिमा एक्का, किरण कुमारी, रेखा कुमारी सहित विद्यालय के सभी स्टूडेंट्स उपस्थित थे ।

गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019

मीडिया की भूमिका पर मंथन की जरूरत



रांची। पुलवामा हमले के बाद मीडिया की भूमिका पर मंथन की जरूरत है। इस दौरान प्रिंट मीडिया तो अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता दिखा लेकिन उसकी अपनी सीमाएं हैं। वह पल-पल की खबर नहीं दे सकता। उसके डिजिटल संस्करणों ने जरूर अपनी सीमाओं का विस्तार किया। लेकिन भारत और पाकिस्तान के खबरिया चैनलों का कवरेज देखने के बाद यह महसूस हुआ कि अब टीवी मीडिया में खबरों के खिलाड़ियों की बहुतायत है और खबरों की समझ रखने वाले पत्रकारों का घोर अभाव है। वे पूरी तरह दुर्लभ प्राणी बन चुके हैं। एंकरों में निर्भीकता तो दुःसाहस के स्तर तक नज़र आई लेकिन निष्पक्षता का भारी अकाल दिखा। सनसनी फैलाने, टीआरपी बटोरने और लोगों को चौंकाने के चक्कर में झूठी तसवीरें, फर्जी वीडियो और प्रायोजित खबरें भी धड़ल्ले से प्रसारित की गईं। पाकिस्तानी चैनलों के एंकरों का तो तथ्यों में कुछ लेना-देना ही नहीं रह गया था। वे सेना और आइएसआई का भोंपू नजर आ रहे थे। भारतीय चैनलों के अधिकांश एंकर भी सेना के शौर्य की जगह राजनीतिक नेतृत्व के गुणगान में लगे थे। कुछ तो पार्टी प्रवक्ताओं की भाषा बोल रहे थे। कुछेक पत्रकार ही पत्रकारिता की गरिमा को बरकरार रखे हुए दिखे। पल-पल बदलती स्थितियों की जानकारी लेने को देश का हर नागरिक बेचैन रहा। तत्काल सूचनाओं का प्रसार करने का दायित्व इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल मीडिया का था। लेकिन वे नारेबाजी का मंच बन गए थे। सोशल मीडिया तो खैर गाली गलौच और भड़ास निकालने का एक अनियंत्रित मंच बन ही चुका है। वह प्रतिक्रियाओं और भावुकता का प्लेटफार्म है। उसपर गंभीर लोग गंभीरता से बात रखते अवश्य हैं लेकिन उनकी संख्या कम है लिहाजा सोशल मीडिया के प्रभाव को स्वीकार करने के बावजूद उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा सकता।

मुख्यमंत्री के जनसंवाद में 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान

पंचायत स्वयं सेवकों के बकाया प्रोत्साहन राशि का 10 दिनों के अंदर करें भुगतान- मुख्यमंत्री
सीधी बात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को दिया आदेश
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के लिए 5 से 7 मार्च तक कैंप लगाने का निर्देश

रांची। मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज हुई 3,32,211 शिकायत और इनमें 2.91 लाख शिकायत कार्रवाई के योग्य पाई गई। जिनमें में से 2.61 लाख (90.14%) शिकायतों का हुआ समाधान। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य की ग्राम पंचायतों में कार्यरत स्वयंसेवकों की बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान और परिचय पत्र निर्गत करने का काम 10 दिनों के अंदर करने का आदेश दिया है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को खुद इसकी मॉनटरिंग करने और इसके साथ ही पंचायत स्वयंसेवकों के माध्यम से जाति एवं आय प्रमाण पत्र के लिए जमा कराये गये आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित कराने को कहा है। मुख्यमंत्री आज सूचना भवन के जनसंवाद केंद्र में ‘सीधी बात’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के सचिवों, अधिकारियों और जिलों के उपायुक्तों एवं आरक्षी अधीक्षकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर रहे थे।
पंचायत स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्होंने प्रत्येक गांव-पंचायत में जन-जन तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और विकास के काम को धरातल पर उतारने में मदद की है। इसके एवज में उन्हें देय प्रोत्साहन राशि हर हाल में समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने सभी पंचायत सचिवालयों में स्वयंसेवकों के लिए अलग से कमरा आवंटित करने का भी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री श्री दास ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों की पेंशन के लिए शुरू हो रही प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपायुक्तों को आगामी 5 से 7 मार्च तक सभी प्रखंडों में कैंप लगाकर श्रमिकों का पंजीयन करवाने का निर्देश दिया। इस योजना में पंजीयन कराने वाले असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक कामगार को 60 साल की आयु पूर्ण होने के बाद हर महीने 3 हजार रुपए पेंशन का भुगतान किया जाना है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में पिछड़ा जाति के सर्वेक्षण के लिए चलाया जा रहा अभियान एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाये।

सीधी बात के दौरान मुख्यमंत्री ने जनशिकायतें दर्ज कराने वाले कुल 16 लोगों की फरियाद सुनी। ज्यादातर मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। रामगढ़ जिले के कुजू निवासी वीरेंद्र महतो ने शिकायत की कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान कुजू ओपी के प्रभारी ने उनकी खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज होने की गलत रिपोर्ट दे दी। इस वजह से उनका पासपोर्ट जारी नहीं हो पाया। सीधी बात के दौरान रामगढ़ के एसपी ने स्वीकार किया कि कुजू ओपी प्रभारी ने गलत रिपोर्ट दे दी थी। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही का मामला बताते हुए गलत रिपोर्ट देने वाले पुलिस ऑफिसर को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दिया।

खूंटी निवासी मंजू देवी की शिकायत थी कि उनके पुत्र की हत्या 28 मार्च 2018 को खूंटी थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर गोली मारकर कर दी गयी थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इस बाबत पूछे जाने पर खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने कहा दो दिन पहले गिरफ्तार किये गये पीएलएफआई के दो उग्रवादियों ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। इसपर मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि अगर यह उग्रवादी हत्या का मामला साबित होता है तो मारे गये युवक के छोटे भाई को सरकारी नियमानुसार नौकरी एवं प्रभावित परिवार को मुआवजा दें।

रांची के बेड़ो प्रखंड की बंधनी देवी ने बेड़ो थाने में चौकीदार के रूप में कार्यरत रहे अपने पति जलसू उरांव की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन पांच साल से रोक दिये जाने की शिकायत की थी। इस पर रांची के उपायुक्त ने बताया कि मृत कर्मी की सेवा पुस्तिका का सत्यापन न हो पाने की वजह से पेंशन रुक गयी थी। एक हफ्ते के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर उनकी पत्नी को पेंशन शुरू कर दी जायेगी।

दुमका की शांति मुर्मू ने रिंग रोड के निर्माण के लिए वर्ष 2013-14 में अधिग्रहित की गयी उनकी जमीन का मुआवजा अब तक न मिलने की शिकायत की थी। इसपर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के.के. सोन ने आश्वस्त किया कि इस मामले में कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं, उन्हें दूर कर एक महीने के अंदर मुआवजे के रूप में 10 लाख 86 हजार की राशि रैयत को प्रदान कर दी जायेगी।

रांची के सौरभ कुमार ने कृषि उत्पादन बाजार समिति में कार्यरत रहे अपने पिता शंभु प्रसाद साहा के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की अनुशंसा के बावजूद नौकरी न दिये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इसपर मुख्यमंत्री ने 10 दिनों के अंदर सौरभ कुमार को कृषि विभाग में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त करने का आदेश दिया।

सरायकेला-खरसावां के सत्यकिंकर वर्मा ने शिकायत दर्ज करायी थी कि आसंगी गांव स्थित उनकी तीन एकड़ जमीन आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार द्वारा अधिग्रहित नहीं है, लेकिन अंचल कार्यालय के पंजी-2 में गलत तरीके से इसे अधिग्रहित जमीन के रूप में अंकित कर दिया गया है। इससे उनकी जमीन का लगान रसीद नहीं निर्गत हो पा रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि एक हफ्ते के अंदर पंजी-2 में सुधार कर जमीन की रसीद निर्गत कर दी जायेगी।

गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत भागीडेरा गांव के साधुशरण साहु ने सुखाड़ की वजह से 100 से ज्यादा किसानों की फसल नष्ट हो जाने के बावजूद मुआवजा न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को आदेश दिया कि सभी प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी के जरिए क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाया जाये।

धनबाद के टुंडी प्रखंड निवासी नीलमोहन मिश्रा ने दुबराजपुर गांव में 2013 में साढ़े चार करोड़ की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अब तक चालू न किये जाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और धनबाद के उपायुक्त को आदेश दिया कि यहां तत्काल चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति कर अस्पताल को चालू करायें।

पाकुड़ जिले के राजू मंडल ने मुख्यमंत्री लाडली योजना के आवेदन को आंगनबाड़ी सेविका द्वारा लटकाकर रखे जाने की शिकायत की। इसपर मुख्यमंत्री ने पाकुड़ के उपायुक्त को आदेश दिया कि राजू मंडल को मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत 24 घंटे के अंदर लाभ प्रदान करें। कोडरमा जिले के चाराडीह गांव निवासी रवि शंकर ने शिकायत की कि वर्ष 1951 में दर्जनों विस्थापित परिवरों को सरकार द्वारा अधिग्रहित जमीन पर बसाया गया था, लेकिन उन्हें अब तक भू-खंड का रैयती पट्टा नहीं दिया गया है। इसपर मुख्यमंत्री ने कोडरमा के उपायुक्त को गांव में कैंप लगाकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

कदमा जमशेदपुर की रेणुका महिधर एवं अऩ्य 6 शिक्षकों के वेतन भुगतान मामले पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव श्री अमरेन्द्र प्रताप ने बताया कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षक की नियुक्ति विद्यालय प्रबन्धन समिति द्वारा होती है। इन विद्यालयों में राज्य सरकार के स्वीकृत एवं चिन्हित पद के वेतन की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाती है, साथ ही इन पदों पर वर्तमान सरकार के नियम के अनुसार प्राईमरी शिक्षक के लिये इंटर पास एवं शिक्षक प्रशिक्षण (डीएलएड) तथा टेट पास होना अनिवार्य है। अल्पसंख्यक, अर्धसरकारी विद्यालयों के विद्यालय प्रबन्धन समिति द्वारा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अहर्ता के अनुरूप ही शिक्षक रखने पर ही वेतन मद का अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।

टुंडी की रुपन पंचायत के ग्रामीणों से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री

आदिवासी बहुल जिलों में सरकारी स्कूलों में होगी संथाली की पढ़ाई
मुख्यमंत्री धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड की रूपन पंचायत के ग्रामीणों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रू-ब-रू हुए। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी बहुल गांवों के विकास के लिए सरकार ने अपना गांव-अपना काम योजना शुरू की है। इसके तहत पांच लाख तक के विकास के कार्य गांव में आदिवासी विकास समिति बनाकर कराये जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आदिवासी बहुल जिलों में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को मातृभाषा की शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों को पढ़ाने के लिए गांव के ही पढ़े-लिखे युवाओं को रखा जायेगा और उन्हें प्रति घंटी के हिसाब से डेढ़ सौ रुपये का भुगतान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...