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शुक्रवार, 5 जुलाई 2019

सीएम ने की ऊर्जा विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा


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★ टाइमलाइन पर परिणाम दें

★ जो काम न करें उसे रिटायर कर दें

★ राज्य की जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता

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रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विजली वितरण निगम और ट्रांसमिशन निगम से जुड़े सभी कर्मी बधाई के पात्र हैं। आजादी के बाद से 2014 तक राज्य के 68 लाख घरों में से 38 लाख घरों तक बिजली पहुंची थी। 2014 के बाद 29 लाख घरों को विभाग द्वारा बिजली से आच्छादित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुदूरवर्ती स्थानों बचे हुए करीब 1 लाख घरों को सितंबर 2019 तक बिजली से आच्छादित कर दें। उक्त बातें मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने आज झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कहीं.

मुख्यमंत्री ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा कि किंतु, परंतु नहीं... अब मुझे केवल टाइमलाइन पर परिणाम दें अन्यथा सब बदले जाएंगे जो काम न कर सके उसे रिटायर कर दें.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने धनबाद के विद्युत वितरण के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर जो पिछले 3 सप्ताह से बिना सूचना गायब पाए जाने पर उन्हें तुरंत सस्पेंड करने और साथ ही, धनबाद के जीएम को भी तत्काल वहाँ से हटाने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा रांची के लिए 31 जुलाई के बाद कोई मोहलत नहीं दी जाएगी। इसी तरह मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर जिले की समस्या चाहे वह ट्रांसमिशन की हो या अन्य कोई मसला हो उसे दूर करें और अगले 3 महीने में यह समस्या पूर्णत: दूर होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन लाइन एवं सबस्टेशन का काम चल रहा है ताकि आने वाले समय में झारखंड की जनता को निर्बाध बिजली मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के प्रति सब जवाबदेह है इसे महसूस कर अपने कार्य में जुनून पैदा करें.

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री के के खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा विभाग की सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, ऊर्जा वितरण निगम के एमडी श्री राहुल पुरवार, जेयूएसएनएल के एमडी श्री निरंजन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

निर्मला कॉन्वेंट में वृक्षारोपण


रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, एदलहातू, रांची  के प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्रीमती सीमा शर्मा  नें शिरकत किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्रीमति शर्मा ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन दाता होते हैं जो हमारे वातावरण को संतुलित रखने का कार्य करते हैं,आज हम सभी को वृक्षारोपण का जो सुअवसर मिला है यह किसी सौभाग्य से कम नहीं है। वहीं विद्यालय के प्रिंसिपल श्री विजय कुमार शर्मा ने कहा कि वृक्ष हमारे पुत्र के समान होते हैं इसीलिए इनकी देखभाल और रख रखाव भी हमारी जिम्मेदारी बनती है। वृक्ष लगाने से मन में जो आंतरिक खुशी की अनुभूति होती है उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगाए गए । इस कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल श्री विमलेश कुमार अवस्थी के संरक्षण में हुआ । जिन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पेड़ - पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की सपथ दिलाई तथा इसके रख रखाव के लिए उत्प्रेरित किया ।  मौके पर विद्यालय के शिक्षक श्री गोपाल चन्द्र दास, मोणीबाला शर्मा, सुधीर सिंह, विनोद कुमार निषाद ,  अनिमा  एक्का  तथा अन्य शिक्षकों सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।




विजनलेस है केंद्रीय बजट : सुबोधकांत


रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने केंद्रीय बजट को विजनलेस बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2019-220 में कुछ भी नया नहीं है। औद्योगिक उत्पादन की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। देश में बेरोजगारी चरम पर है और बजट में रोजगार सृजन का कोई प्लान नहीं है। हर दिन डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी हो रही है। अब प्रति लीटर एक रुपए का अतिरिक्त टैक्स लगाकर आम जनता पर बोझ डाल दिया गया है। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी लगाकर गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर महंगाई की मार झेलने को मजबूर कर दिया है। श्री सहाय ने कहा कि यह नए बोतल में पुरानी शराब की तरह है। मध्यमवर्गीय तबके को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। देश के बुनियादी मुद्दों पर भी न तो कोई दृष्टि दिखती है और न ही भविष्य की कोई योजना।

आम बजट में रोजगार को फिर दरकिनार किया गया : शशिभूषण राय



रांची। झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व महासचिव शशिभूषण राय ने आम बजट पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार फिर युवा वर्ग ठगा गया।  उन्होंने इसे पूर्ण रूप से जुमला बजट बताया  है। उन्होने कहा कि पिछली बार की तरह ही मोदी सरकार ने इस बार भी सिर्फ घोषणाएं ही कर रही है। धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है।
कहने के लिये तो इस बजट में बड़ी बड़ी और लोक लुभावनी बातें की गई है , पर सरकार की तैयारी इन सब को लेकर पर्याप्त नहीं है। पेट्रोल -ड़ीजल की दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। आम जनता के  जीवन पर इसका असर पडेगा।  मोदी सरकार  जनता  के पैसे को प्रचार में ज्यादा और काम में कम खर्च करती है । सरकार  ने रोजगार को फिर दरकिनार किया, जो सीधे तौर पर कमजोर कार्य-प्रणाली को दर्शाता है । सरकार को ये समझना होगा कि जनता की जरूरतें क्या है। मोदी सरकार की  कार्य-प्रणाली से आज युवा वर्ग बहुत असंतुष्ट है। सरकार ने महज आईवाश किया है। बजट में कुछ भी नया नहीं है।

नगर परिषद के विकास कार्यों की समीक्षा


विनय मिश्र
चक्रधरपुर। नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव अरूण कुमार रतन आज औचक निरीक्षण के साथ साथ नगर परिसद के अधीन चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की श्री रतन आज कड़े तेवर में दिखे उन्होंने विकास कार्यों के प्रति ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सभी योजनाओं को ससमय पूरा करें वार्ड पार्षदों ने श्री रतन से बस पड़ाव में निर्मित दूकानों में अनियमितता की शिकायत सुनी इसके अलावे एक्सिस बैंक के द्वारा चक्रधरपुर नगर परिसद की राशि को हस्तांतरण किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति करते हुए कहा कि इससे प्रधानमंत्री लाभुकों को राशि नहीं मिल पा रही है और एक करोड़ की राशि बाउंस हो गई जो गंभीर मामला है नगर विकास समिति के अध्यक्ष पवन शंकर पांडेय ने मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायत पत्र प्रति सौपते हुए कहा कि प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी से हो रही अव्यवस्था ,साफ सफाई भी प्रभावित है श्री रतन के आगमन व उनके द्वारा विकास कार्यों की जानकारी दी जाने से यह प्रतीत हो रहा है कि अब नगर परिसद में विकास कार्यों में तेजी आएगी ।

ऐतिहासिक रानी तालाब में कचड़े का अंबार, लोग परेशान


चक्रधरपुर। ऐतिहासिक रानी तालाब, जो हमेशा गंदगी  व अव्यवस्था को लेकर सुर्खियों में  रहता है, इसे  सुधारने की दिशा में चक्रधरपुर के पूर्व तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी छवि रंजन व रवि शंकर शुक्ला के द्वारा किया गया पर परिणाम सिफर रहा ।रानी तालाब में बना पुलिया जिसका दोनों तरफ का रास्ता बंद है जो कचड़े और गंदगी से भरा पड़ा है लोगों ने इसकी शिकायत वार्ड पार्षद से की वार्ड पार्षद ने कई बार नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी को इसकी जानकारी दी पर उसने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। रानी तालाब के निकट रहने वाले लोगों ने ऑनलाइन इसकी शिकायत सूचना आयोग रांची को भी दी पर अब तक वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। रानी तालाब जिसको चक्रधरपुर का इतिहास माना जाता है लेकिन हर साल बरसात आने पर तालाब के बगल रहने वाले  परेशान हो जाते है घरों में तालाब का पानी घुस जाता है जिससे लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है, घरों में तालाब के पानी के साथ ज़हरीले  कीड़े ,सांप, बिच्छू घुस आते है जिससे जान जाने का भी  डर लोगों को लगा रहता है, शिकायत करने के बावजूद भी तालाब की सफाई नही होती है और जब घरों में बरसात का पानी घुसने लगता है तब लोग खुद से कचड़े साफ कर के पानी का रास्ता बनाते है।

गुरुवार, 4 जुलाई 2019

शिक्षा किताबी ज्ञान नहीं, मानव निर्माण का साधनः डा. सुनील वर्णवाल

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट बेलूर मठ के 14वें दीक्षान्त समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों को किया सम्बोधित
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★ बेलूर मठ भारतीय आध्यात्मिक विरासत और भारतीय चिंतन को की परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए वर्तमान वैज्ञानिक ज्ञान पद्धति का विश्वस्तरीय केंद्र

★ शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, केवल मानव के ज्ञान कौशल का प्रशिक्षण मात्र नहीं, बल्कि मानव निर्माण का साधन है

★आइए हम राष्ट्र निर्माण के लिए कड़ी मेहनत करें--स्वयं को समर्पित करें

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कोलकाता। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल ने कहा कि 4 जुलाई को स्वामी विवेकानंद के महासमाधि का दिन था और इसी दिन स्वामीजी ने बेलूर मठ में एक विश्वविद्यालय के विचार की कल्पना की थी, यह कहते हुए कि बेलूर मठ भारतीय आध्यात्मिक विरासत और भारतीय चिंतन को की परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए वर्तमान वैज्ञानिक ज्ञान पद्धति का विश्वस्तरीय केंद्र बनेगा। स्वामी विवेकानंद की शैक्षिक दृष्टि एक अनमोल विरासत है। जिसे रामकृष्ण मिशन वास्तविक बनाने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने आज कोलकाता के बेलूर मठ में रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट की गवर्निंग बॉडी की बैठक में चांसलर नॉमिनी के रूप में भाग लिया तथा उसके दीक्षांत समारोह में दीक्षांत भाषण से विद्यार्थियों को संबोधित किया। समारोह में विश्वविद्यालय के छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के ऑफ सेंटर रांची, झारखंड के भी विद्यार्थी सम्मिलित थे।

शिक्षा से ही व्यक्ति की पूर्णता की अभिव्यक्ति होती है
डॉ वर्णवाल ने कहा कि "शिक्षा क्या है? क्या यह पुस्तक-लर्निंग है? नहीं. क्या यह विविध ज्ञान है? वह भी नहीं है। जिस प्रशिक्षण के द्वारा वर्तमान और इच्छा की अभिव्यक्ति को नियंत्रण में लाया जाता है और जगत कल्याण का उपयोगी हो जाता है, वही वास्तविक शिक्षा है। शिक्षा जिसके द्वारा चरित्र का निर्माण होता है, मन और मानस की शक्ति दृढ़ होती है, बुद्धि का विस्तार होता है, और जिसके द्वारा मानव स्वयं और समाज को अपने पैरों पर खड़ा किया जा सकता है। शिक्षा से ही आदमी में पूर्णता की अभिव्यक्ति होती है।

आइए हम राष्ट्र निर्माण के लिए कड़ी मेहनत करें--स्वयं को समर्पित करें
डॉ वर्णवाल ने कहा की हम सबको मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए ...आने वाले भारत को एक समृद्ध ज्ञान संलयित आध्यात्मिक विरासत देने के लिए और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करना होगा। हम कड़ी मेहनत करें.. हमें देश के लिए जगना और जागृत होना होगा।

अपनी साकारात्मक छवि स्थापित करने में मिली सफलता
डॉ वर्णवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने स्वयं बेलूर मठ में एक विश्वविद्यालय की कल्पना की थी। स्वामी विवेकानंद की शैक्षिक दृष्टि को वास्तविक बनाने के लिए रामकृष्ण मिशन द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय कई मामलों में अद्वितीय है। यह पश्चिम बंगाल का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित धर्मार्थ और परोपकारी आध्यात्मिक संगठन, रामकृष्ण मिशन द्वारा स्वामी जी के आदर्श वाक्य के साथ स्थापित किया गया है। रामकृष्ण मिशन विश्वविद्यालय के प्रायोजक समाज है, शिक्षण और अनुसंधान के साथ ही शैक्षिक प्रशासन में मामलों के शीर्ष पर समर्पित योग्य भिक्षुओं के साथ लगभग एक दशक की अल्प अवधि के भीतर स्वामी विवेकानंद के पवित्र नाम वाले इस विश्वविद्यालय ने एक छाप बनाने में सफल रहा।

झारखण्ड संस्था कर रही है कार्य, सरकार भी कर रही है मदद
प्रधान सचिव ने बताया कि रामकृष्ण मिशन रांची में अपने ऑफ-कैम्पस केन्द्र के माध्यम से राज्य की ग्रामीण जनता जल जाती है और पिछड़े हुए लोगों को आगे लाने का कार्य कर रही है। कृषि, ग्रामीण और जनजातीय विकास के क्षेत्र में बहुत ही उत्कृष्ट कार्य किया गया है। संस्था को शिक्षा व अन्य क्षेत्र में कार्य करने हेतु झारखंड सरकार ने वार्षिक आवर्ती अनुरक्षण अनुदान 2.94 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है। रामकृष्ण मिशन को स्वामी विवेकानंद के शैक्षणिक विज़न को समाज में चरितार्थ करने की ओर संघर्ष करते हुए देखना अत्यन्त ही संतोष प्रदान करता है।

इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने स्नातक छात्रों को भविष्य के कैरियर के लिए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में विश्वभर के दो संगठनों के महासचिव स्वामी सुविरानंदजी, रामकृष्ण मिशन के कुलाधिपति, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विश्वविद्यालय के कुलपति स्वामी अतोमानन्दजी, विश्वविद्यालय के कुलपति स्वामी अतींद्रानंदजी, स्वामी सर्वभूतेश्वरानंदजी, उपकुलपति, स्वामी अमतेश्वरानंदजी, विश्वविद्यालय के अन्य सम्मानित भिक्षु, स्टाफ के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...