रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने केंद्रीय बजट को विजनलेस बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2019-220 में कुछ भी नया नहीं है। औद्योगिक उत्पादन की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। देश में बेरोजगारी चरम पर है और बजट में रोजगार सृजन का कोई प्लान नहीं है। हर दिन डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी हो रही है। अब प्रति लीटर एक रुपए का अतिरिक्त टैक्स लगाकर आम जनता पर बोझ डाल दिया गया है। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी लगाकर गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर महंगाई की मार झेलने को मजबूर कर दिया है। श्री सहाय ने कहा कि यह नए बोतल में पुरानी शराब की तरह है। मध्यमवर्गीय तबके को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। देश के बुनियादी मुद्दों पर भी न तो कोई दृष्टि दिखती है और न ही भविष्य की कोई योजना।
यह ब्लॉग खोजें
शुक्रवार, 5 जुलाई 2019
विजनलेस है केंद्रीय बजट : सुबोधकांत
रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने केंद्रीय बजट को विजनलेस बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2019-220 में कुछ भी नया नहीं है। औद्योगिक उत्पादन की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। देश में बेरोजगारी चरम पर है और बजट में रोजगार सृजन का कोई प्लान नहीं है। हर दिन डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बढ़ोतरी हो रही है। अब प्रति लीटर एक रुपए का अतिरिक्त टैक्स लगाकर आम जनता पर बोझ डाल दिया गया है। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी लगाकर गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर महंगाई की मार झेलने को मजबूर कर दिया है। श्री सहाय ने कहा कि यह नए बोतल में पुरानी शराब की तरह है। मध्यमवर्गीय तबके को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। देश के बुनियादी मुद्दों पर भी न तो कोई दृष्टि दिखती है और न ही भविष्य की कोई योजना।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
कई साल पहले की बात है ...शायद बी. एस सी. कर रही थी ..मेरी आँखों में कुछ परेशानी हुई तो डोक्टर के पास गयी..वहां नेत्रदान का पोस्टर लगा द...
-
वे बचपन के दिन थे ....मोहल्ले में दो बच्चों की मौत होने के बाद काना-फूसी शुरू हो गयी और एक बूढी विधवा को 'डायन' करार दिया गया....
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
वह दिन गए जब पत्रों का आदान-प्रदान कबूतरों के जरिये होता था. वो दिन भी गए जब यह कष्ट डाकियों को उठाना पड़ता था. अब यह काम सैटेलाईट के जरिये...
-
रांची। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग झारखंड प्रदेश केन्द्र की भाजपा सरकार के द्वारा लाए गए कैब बिल और एन०आर०सी०का खुले तौर पर विरोध करती है|...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें