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गुरुवार, 8 अगस्त 2019

सुषमा दीदी के विचार और आदर्श हमारे बीच सदैव रहेंगेः रघुवर दास



उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था

जरूरतमंदों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान कर सकेंगे
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रांची। सुषमा दीदी मेरे लिए बड़ी बहन थी। उन्होंने हमेशा मुझे छोटे भाई जैसा प्यार दिया। वे हर किसी से आत्मियता के साथ मिलती थी। जिस क्षेत्र में भी कार्य किया, अपनी अलग छाप छोड़ते हुए दूसरों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया। आज वो हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमारे बीच सदैव रहेंगे। सेवा भाव ही उनकी आदर्श था। जरूरतमंदों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान कर सकेंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहीं। वे पूर्व विदेश मंत्री स्व सुषमा स्वराज के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे।

उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा  कि सुषमा दीदी महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल थी। उन्होंने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ने की दिशा में कार्य किया। उनके स्वभाव में ही सेवा भाव था। यही कारण था कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में विदेश मंत्री रहते हुए विदेश मंत्रालय की पहुंच पहली बार आम लोगों तक हुई। ट्वीटर पर लोगों की समस्या की जानकारी मिलते ही, वे तत्काल इसके निराकरण का प्रयास करती थी। देश की सीमाओं से परे वे हर किसी की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं। राज्य सरकार के आग्रह पर कई बार कार्रवाई कर झारखंड के लोगों की मदद की है। लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों परिजनों के जीवन में खुशियां फैलायीं। भारत के अलावा अमेरिका, पाकिस्तान, ब्रिटेन जैसे देशों के नागरिकों की भी उन्होंने मदद की। कई परिवारों को वीजा या पासपोर्ट दिलाने में सहायता कर उन्होंने अनोखी मिसाल पेश की। पहले पासपोर्ट बनने में जहां महीनों लगते थे, आज सप्ताह भर में पासपोर्ट बन जाता है।

झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय शुरू करने का अनुरोध किया, दीदी तुरंत तैयार हो गयी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बात सुषमा दीदी से झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय झारखंड में शुरू करने का अनुरोध किया। दीदी तुरंत तैयार हो गयी। राज्य सरकार ने एचइसी में इसके लिए जमीन चिह्नित की। इस कार्यालय के शिलान्यास के लिए सुषमा दीदी से आने का आग्रह किया था। उन्होंने इसके लिए मंजूरी देते हुए कहा था कि 2014 में सरकार बनने के बाद से झारखंड नहीं आयी हूं, जरूर शिलान्यास करने आऊंगी। इसी बीच उनकी तबीयत खराब होने से मामला लंबित हो गया। अब राज्य सरकार जल्द इसका शिलान्यास कराकर उनके सपने को पूरा करेगी। झारखंड में विदेश मंत्रालय का कार्यालय खुलने से यहां से दूसरे देश मे जाकर काम करनेवाले लोगों को काफी मदद मिलेगी।

राजनीति से ऊपर देश हित

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा दीदी ने राजनीति से ऊपर देश हित को रखा। यही कारण है कि उनके कार्यों की प्रशंसा देश-विदेश में होती रही। आज झारखंड का हर कार्यकर्ता और यहां की सवा तीन करोड़ जनता उन्हें श्रद्धांजलि प्रदान कर रही है। उनके दिखाये मार्ग पर चल कर और लोगों की सेवा कर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि प्रदान करें।

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सासंद श्री महेश पोद्दा, विधायक नवीन जायसवाल, डॉ जीतू चरण राम, श्री देवीदास आप्टे, दीपक प्रकाश समेत अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बुधवार, 7 अगस्त 2019

कृषि और खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद निर्यात को लेकर कार्यशाला का आयोजन

उद्योग विभाग के सचिव श्री के रवि कुमार और उद्योग निदेशक मुकेश कुमार ने संबोधित किया
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★ निर्यातकों को माकूल सुविधाएं दे रही सरकार

★ झारखंड के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादो को विदेशों में मिले बाजार

★ जमशेदपुर में कंटेनर डिपो और साहेबगंज में गंगा नदी पर मल्टी म़ॉडल टर्मिनल से झारखंड के उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

★ राज्य में 73 फूड प्रॉसेसिंग यूनिटों से कृषिगत उत्पादों को हो रहा बेहतर इस्तेमाल, किसानों को भी हो रहा फायदा

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जमशेदपुर। झारखंड में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात की काफी संभावनाएं हैं. इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इस दिशा में 73 फूड प्रोसेसिंग यूनिट सफलतापूर्वक काम कर रहा है और 43 यूनिटों को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए साहेबगंज जिले में गंगा नदी पर मल्टी मॉडल टर्मिनल लगभग बनकर तैयार है और अक्टूबर में इसका उद्घाटन होने की संभावना है. जमशेदपुर जिले में भी कंटनेर डिपो को सितंबर माह में चालू कर दिया जाएगा. उद्योग विभाग के सचिव के रवि कुमार ने बुधवार को होटल होलिडे होम में प्रमोशन आफ एग्रीकल्चरल एंड प्रोसिस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये बातें कही. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण (एपीईएडी) के सहयोग से आय़ोजित इस कार्यशाला में उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय़ को 2022 तक दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि उत्पादों का निर्यात करने वालों को सरकार की ओर से सभी जरुरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है.

राज्य से सालाना 8500 करोड़ रुपए का हो रहा निर्यात

उद्योग सचिव ने बताया कि झारखंड से हर साल लगभग 8500 करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है. अब सरकार का जोर कृषिगत उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर है. इस दिशा में फूड प्रॉसेसिंग पॉलिसी क्रियान्वित की गई है. इसमें सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए यूरोप और गल्फ कंट्री समेत अन्य देशों में निर्यातकों को यहां के उत्पादों के साथ निर्यात करने की सभी जानकारी मुहैय्या कराई जा रही है. इतना ही नहीं, यहां के किसानों को बेहतर तरीके से कृषि करने की जानकारी लेने के लिए इजरायल भी भेजा गया. वहां से प्रशिक्षण लेकर आए किसान अन्य किसानों के प्रशिक्षित कर रहे हैं कि कैसे जमीन और जल प्रबंधन कर ज्यादा सेज ज्यादा फसलों का उत्पादन किया जा सकता है. यहां के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की जानकारी विदेशों तक पहुंचाने और एक्सपोटर्स और किसानों को उत्पादन और बाजार के बारे में बताने के लिए ग्लोबल फूड समिट का आयोजन किया गया. सरकार के इन प्रयासों का नतीजा है कि कृषिगत उत्पादों खासकर वेजिटेबल्स के निर्यात को लेकर एंटरप्रेन्योर्स में रुचि जगी है और वे लगातार आगे आ रहे हैं.

 झारखंड के वेजिटेबल्स के विदेशों में निर्यात की है काफी संभावनाएं

उद्योग विभाग के निदेशक श्री मुकेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में वेजिटेबल्स उत्पादों के विदेशों में निर्यात की काफी संभावनाएं हैं. यहां की मिट्टी और मौसम कटहल, मटर, बीन, ईमली, भिंडी आदि के उत्पादन के लिए काफी अनुकूल है. ऐसे में अंतराराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल इसका उत्पादन, क्वालिटी और पैकेजिंग कर निर्यात किया जा सकता है. उन्होंने कार्य़शाला मे फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टेक होल्डर्स को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाते हुए इस दिशा में आगे आऩे के लिए प्रेरित किया. उन्होंने निर्यात के क्षेत्र में काम कर रहे एंटरप्रेन्योर्स से कहा कि वे जिन किसानों से उत्पाद खरीदते हैं उसका बाजार मूल्य से 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा कीमत उन्हें दे, ताकि वे इन उत्पादों के उत्पादन को और बढ़ाएं. इतना ही नहीं, किसानों को अपने साथ कनेक्ट करते हुए उन्हें निर्यात के लिहाज से उत्पादों की खेती के लिए प्रशिक्षण भी दें.

इस कार्यशाला को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण (एपीईएडी) की असिस्टेंट जेनरल मैनेजर श्रीमती समिधा गुप्ता ने भी संबोधित किया. इसके अलावा निर्यातक व जेसीबी एग्रो फ्रेश के रितम सिन्हा और आल सेशन फार्म फ्रेश के मोहम्मद अब्दुल हमीद ने भी अपने विचारों को साझा किया. इस मौके पर फूड प्रॉसेसिंग के क्षेत्र में काम कर रहे एंटरप्रेन्योर्स और स्टेक होल्डर्स भी मौजूद थे.

उपराष्ट्रपति 10 अगस्त को करेंगे मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ


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राज्य के 24 जिलों में एक साथ होगा योजना का शुभारंभ

35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ की आर्थिक सहायता देने की है योजना

प्रथम चरण में 15 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
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रांची। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू 10 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ रांची स्थित हरमू मैदान से करेंगे। इस आयोजन की अद्यतन प्रगति को लेकर आज कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए जरूरी निर्देश दिया।

राज्य के 24 जिलों में एक साथ होगा शुभारंभ

10 अगस्त को उप राष्ट्रपति द्वारा रांची स्थित हरमू मैदान से योजना का शुभारंभ किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्य के मंत्रीगण, सांसद व विधायकगण द्वारा योजना का शुभारंभ कर राज्य का किसानों को लाभान्वित करेंगे।

35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ देने की योजना

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत  राज्य के 35 लाख किसानों को योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य निर्धारित है। 10 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 15 लाख किसान लाभान्वित होंगे। ताकि किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशक समेत अन्य जरूरी संसाधन कृषि कार्य हेतु जुटा सकें।

कौन होंगे लाभान्वित

जिन किसानों के पास कुल कृषि भूमि 0-1 एकड़ तक होगी उन्हें 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता के रूप में समान दर दिए जायेंगे तथा जिनके पास 1-5 एकड़ तक कृषि भूमि होगी, उन्हें जमीन के समानुपातिक क्षेत्र के अनुसार 5 हजार प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 25 हजार दो बराबर किस्तों में दिए जाएंगे।

किसान सारथी रथ देगा योजनाओं की जानकारी

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के शुभारंभ के साथ किसान सारथी रथ को उपराष्ट्रपति रवाना करेंगे। किसान सारथी रथ के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, किसानों को मिलने वाले लाभ एवं तकनीकी जानकारी से अवगत कराया जाएगा। यह रथ राज्य के सभी जिलों में एक माह तक चलेगा।

इस मौके पर सचिव कृषि श्रीमती पूजा सिंघल, निदेशक कृषि श्री छवि रंजन, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क  रामलखन प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने दिए सिलिकोसिस की रोकथाम के निर्देश

कामगारों को स्वच्छ वातावरण दें, बीमारी से बचाए

जो नियम नहीं मानते उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें

★खदानों, कारखानों और क्रशर उद्योगों से होनेवाली धूलजनित बीमारी सिलिकोसिस की रोकथाम के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
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रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने खदानों और कारखानों सहित क्रशर उद्योग में कामगारों को स्वच्छ वातावरण देकर धूलजनित बीमारी सिलिकोसिस से बचाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रदेश में अभी तक इस बीमारी से ग्रसित किसी व्यक्ति की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन बीमारी का इलाज करने से बेहतर है कि बीमारी जन्म ही नहीं ले। इसके लिए उन्होंने इससे संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करें जहां प्रदूषण नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधा का ध्यान नहीं रखा जाता है। उन्होंने सिलिकोसिस बीमारी की पहचान के लिए जरूरी उपकरण खरीदने तथा बीमारी की शुरुआत में पहचान कर इलाज करने को कहा। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में उच्चतम न्यायालय द्वारा झारखंड में सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा करते हुए ये बातें कही।

क्रशर उद्योग में फॉगर का उपयोग अनिवार्य करें

मुख्य सचिव ने कहा कि क्रशर उद्योग में सर्वाधिक धूलकण का प्रकोप रहता है। इस उद्योग में धूल को खत्म करने के लिए स्प्रिंगर से पानी का छिड़काव किया जाता है, जो अलग से कीचड़ आदि उत्पन्न करता है तथा उत्पाद पर भी फर्क डालता है। इससे बचते हुए बिना पानी का नुकसान किए उन्होंने फॉगर मशीन से धूलकण खत्म करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निर्देश दिया कि वह पांच-छह क्रशरों का कलस्टर बनाकर अनिवार्य रूप से फॉगर का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्य सचिव ने पाकुड़, साहेबगंज और दुमका जिले में क्रशर से होने वाले सर्वाधिक प्रदूषण को नियंत्रित करने का निर्देश दिया।

कोयला के परिवहन के दौरान उसे ढकें

मुख्य सचिव ने खनिजों के परिवहन के दौरान उसे ढकने का निर्देश दिया। विशेषकर कोल कंपनी बीसीसीए और ईसीएल में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि बिना ढंके परिवहन से खनन क्षेत्र के बाहर के लोग भी प्रभावित होते हैं। वहीं खनन स्थलों पर भी खनिजों और कारखानों में उत्पादन के दौरान छोटे और बड़े कणों के वातावरण में फैलने से रोकने के लिए जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया। उन्होंने ऐसे कणों की मात्रा को 2.5 और 10 पीएम से नीचे लाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को निर्देश दिया। वहीं खदानों और कारखानों में अनिवार्य रूप से नवंबर तक प्रदूषण रोकनेवाली मशीन स्टेशन लगाने का निर्देश दिया और उसे प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। कोल कंपनी सीसीएल ने ऐसे 16 मशीन स्टेशन लगाए हैं।

जो नियम नहीं मानते उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें

मुख्य सचिव ने खदानों और कारखानों में नियम और कानून की कड़ाई से पालन पर बल देते हुए उसकी सतत निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने खनन विभाग को निर्देश दिया कि जो नियम व कानून के पालन में कोताही बरतते हैं, उनके लीज/लाइसेंस रद्द करें।

15 दिन में सभी संबंधित विभाग दें एक्शन प्लान

मुख्य सचिव ने कामगारों के लिए स्वच्छ वातावरण देने तथा उनके स्वास्थ्य आदि की बेहतर व्यवस्था के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों से 15 दिन के भीतर एक्शन प्लान तलब किया है। गौरतलब है कि इस मसले से खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, ईएसआइएस, डायरेक्टर जेनरल ऑफ माइंस एंड सेफ्टी, इंप्लाईज स्टेट इनश्योरेंस कॉरपोरेशन, श्रम विभाग आदि जुड़े हैं।

स्वास्थ्य जांच के लिए लगातार कैंप लगाएं

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि खनन और उद्योग स्थलों पर कामगारों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच की जाए। स्वास्थ्य रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज करें। आईटी विभाग की मदद से एक पोर्टल बनाने का भी निर्देश दिया। मेडिकल स्क्रीनिंग बोर्ड के गठन का भी निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि कुछ उन्नत जांच मशीनें खरीदी गई हैं तथा जांच की जा रही है। मुख्य सचिव ने बीमारियों की पहचान और रोकथाम के लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा रांची में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने का भी निर्देश दिया।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चतम न्यायालय द्वारा नामित सदस्य डॉ. आर श्रीधर और डॉ. पीके गांगुली भी मौजूद थे।

झारखंड के "अतुल"ने जीता कांस्य पदक


रांची। नासिक में चल रही राष्ट्रीय बालक एवं बालिका प्रतियोगिता 10/12 वर्ष में झारखंड के अतुल ने कांस्य पदक जीत कर झारखंड का नाम पहली बार इस प्रतियोगिता के पदक तालिका में शामिल कराया।ज्ञात हो कि झारखंड की तलवारबाजी की टीम पहली बार इस प्रतियोगिता में शामिल हुई है।अतुल श्री विवेकानंद स्कूल, HEC का छात्र है और प्रशिक्षक श्री रामाशीष हैं जो खुद एक उम्दा खिलाड़ी राह चुके हैं।संघ के चेयरमैन श्री राजीव रंजन(बिट्टू)अध्य्क्ष श्री हौदा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री अर्चित आनंद,महासचिव श्री जयकुमार सिन्हा एवम विवेकानंद स्कूल के श्री अभय मिश्रा जी ने बधाई दी।अर्चित आनंद ने विशेष कर श्री अभय मिश्रा जी का आभार व्यक्त किया कि इन्होंने टीम तैयार करने में हरसंभव सहयोग किया।

पोस्टल विभाग के पेशनरों ने दिया राज्यव्यापी धरना


रांची। डोरंडा स्थित मुख्य डाक महाध्यक्ष कार्यालय के सामने पेंशनर्स की मांगों के समर्थन में पोस्टल पेंशनर्स एवं केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन और पी-4कर्मचारी यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय धरना का आयोजन किया गया. धरना की शुरुआत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। धरना में रांची के अलावा गुमला,सिमडेगा,दुमका,धनबाद,गोमो,
जमशेदपुर,हज़ारीबाग,पलामू ,गिरिडीह के पोस्टल एवं आरएमएस पेंशनर्स एवं कर्मचारी शामिल हुए.केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से एजी,कॉमर्शियल ऑडिट,सीजीएचएस,
आईबीएम एवं श्रम विभाग के पेंशनर्स ने भाग लिया.
धरना सभा को संबोधित करते हुए स्टेट सचिव ने कहा कि आज देशभर के पेंशनर्स संगठित होकर पेंशन के निजीकरण  के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं.एनपीएस की वापसी की लड़ाई लड़ी जा रही है. वृद्धावस्था में संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक सुरक्षा की गारंटी को किसी भी स्थिति में समाप्त नहीं करने दिया जायगा.
 झारखंड के डाक विभाग सहित अन्य विभागों के पेंशनर्स  समय पर पेंशन भुगतान न होने ,जीवन प्रमाणपत्र निर्गत न किये जाने सहित  सीजीएचएस के वेलनेस केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाओं आदि की अनुलब्धता से जूझ रहे है.
पेंशन लाभार्थियों के हित मे पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है.
        ( A) डाक विभाग से संबंधित मांगें;
1.23मई 2018 को डाक निदेशालय द्वारा जारी आदेश का अनुपालन नहीं होने के कारण पोस्टमेन/मेलगार्ड को 1जनवरी 1996 से बढ़े हुए वेतन/पेंशन का बकाया भुगतान अब तक नहीं किया गया.
2.जनवरी 1986 से पहले जिन डायरेक्ट कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया है,इस अवधि की गणना कर उन्हें प्रोन्नति विशेषकर TBOP/BCR में  लाभ देना.मई 2016 में निदेशालय द्वारा प्राप्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है जिसके कारण पोस्टल पेंशनर्स इस लाभ से अब तक वंचित हैं .

होपवेल हॉस्पिटल में पेट के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन



रांची। राजधानी के कर्बला चौक के नूर टावर स्थित होपवेल हॉस्पिटल में एक 20 वर्षीय युवती के पेट में हुए ट्यूमर (गांठ) का सफल ऑपरेशन किया गया। इस संबंध में होपवेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. शाहबाज आलम ने बताया कि बिहार निवासी सरवर आलम की 20 वर्षीय पुत्री को पेट में दर्द की शिकायत रहा करती थी। युवती अविवाहित है। उसके पेट में हुए ट्यूमर का आकार दिन-ब-दिन बढ़ता गया और उसके पेट में असहनीय पीड़ा अक्सर हो जाया करती थी। इससे परेशान होकर उसके पिता ने कई चिकित्सकों से सलाह ली। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड कराने के बाद पाया कि युवती के पेट में ट्यूमर (एक गांठ) बन गई है और उसका आकार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। चिकित्सकों ने अविलंब उस युवती के पिता को ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसी क्रम में युवती के पिता कर्बला चौक स्थित होपवेल हॉस्पिटल में पहुंचे और चिकित्सक से परामर्श लिया। परामर्श के बाद स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ सर्जन डॉ. नेहा अली ने युवती के पिता को अविलंब ऑपरेशन करने की सलाह दी। उसके पिता ऑपरेशन के लिए सहमत हो गए। इसके बाद लगभग 4 घंटे की मशक्कत के बाद उक्त युवती के पेट से बिना चीरा लगाए दूरबीन के माध्यम से ट्यूमर को बाहर निकाला गया। डॉ. नेहा अली ने बताया कि लेप्रोस्कोपिक मायोमेटोमी पद्धति से मार्थलेटर मशीन द्वारा उक्त युवती के पेट में बने गांठ (ट्यूमर) को निकाला गया। युवती के पेट में लगभग डेढ़ किलोग्राम का ट्यूमर था। डॉ नेहा अली ने बताया कि आधुनिकतम तकनीक से किफायती दर पर बिहार और झारखंड के मरीजों को जटिल रोगों की शल्य चिकित्सा अब रांची में भी संभव है। डॉ. अली ने बताया कि पेट में बनी गांठ को दूरबीन से देख कर मशीन द्वारा निकालना काफी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे ऑपरेशन में हाई लेवल एक्सपर्टीज की आवश्यकता होती है। वहीं पीड़ित मरीज ने बताया कि ऑपरेशन के बाद वह काफी राहत महसूस कर रही है। उसे सुकून मिल गया है। मरीज ने होपवेल हॉस्पिटल के चिकित्सकों और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शुक्रगुजार हूं ऐसे चिकित्सक का जिन्होंने मुझे नया जीवन दिया। इस ऑपरेशन के बाद मरीज बिल्कुल स्वस्थ हैं, उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...