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सोमवार, 12 अगस्त 2019

बच्चों की अपने कैनवास पे उकेरा आजादी के 73 वर्षों का सफ़र

कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स में “माँ तुझे सलाम” वाटर कलर कार्यशाला


रांची। कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया केंद्र और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में दिनांक 12 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दो दिवसीय “स्वतंत्रता पर्व 2019” के अंतर्गत आज “माँ तुझे सालम” पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया |

इस अवसर पर संस्था निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार के मार्ग दर्शन में सीनियर छात्रों ने देश भक्ति विषय पर वाटर कलर चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमे संस्था के  सीनियर छात्रों ने भाग लिया | छात्रों ने अपने पेंटिंग्स के माध्यम से भारत देश के आजादी के 73 वर्षों को दरसाया | जहाँ बच्चों ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान गाथा, देश के सैनिकों के त्याग और बलिदान, देश के सर्वधर्म संप्रभुता, माँ भारती और देश की अंतरिक्ष यात्रा की ऊँची उड़ान चंद्रयान को भी अपने पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया | सभी बाल चित्रकारों के पेंटिंग्स में तिरंगा को प्रमुखता से दरसाया गया था | इस अवसर पर छात्रों ने अपने पेंटिंग्स के माध्यम से एकता और शान्ति के साथ रहने का संदेश दिया |





इस अवसर पर कलाकृति के संस्थापक एवं चित्रकार धनंजय कुमार ने कहा की इस तरह के कार्यशालों से बच्चों के प्रतिभा को एक मंच मिलता है | देश और देश के लोगों में देश के प्रति सम्मान की भावना को विकसित करती है | इस कार्यशाला में कलाकृति के छात्रों कोमल, शिखा, हर्षिता, हर्ष, श्रिस्टी, विकास, अनिकेत, ऋचा, सुरुचि, अंजलि, माधुरी एवं अकबर ने भाग लिया | पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में होमिनोस इवेंट्स के श्री मेहुल प्रसाद एवं डॉटफिश क्रिएटिव एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शशिकांत द्वारा सभी छात्रों को पुरस्कृत किया गया |

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका रजनी कुमारी एवं अन्य छात्रों का योगदान रहा |

कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया में विगत 18 वर्षों से विभिन्न वर्गों के छात्र छात्राओं को चित्रकला की शिक्षा प्रदान करती है | कोई भी इछुक छात्र छात्राएं किसी भी समय संस्था में दाखिला ले सकते हैं | यह जानकारी  कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के निदेशक एवं कला शिक्षक श्री धनंजय कुमार ने दी |

दुमका में पुल क्षतिग्रस्त


दुमका। मसलिया रोड पर विजयपुर पुल क्षतिग्रस्त है। इस संबंध में स्थिति पर जानकारी देते हुए पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मदन कुमार ने बताया  कि राज्य स्तर से  एक विशेषज्ञ दल भेजा जा रहा है। जांच दल के प्रतिवेदन पर तुरत कार्रवाई की जाएगी।  मुख्य अभियंता ने यह भी बताया कि दुमका पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को यह निर्देश दिया गया है कि पुल के आसपास इस तरह का बोर्ड लगाएं जिससे आम आदमी को सूचना प्राप्त हो।

पूर्व में इस विज्ञप्ति के साथ जारी वीडियो एवं फ़ोटो इस पुल का नहीं है। इस पुल की अद्यतन तस्वीरें इसके साथ संलग्न की जा रही हैं। यद्यपि यह पुल पूर्व में जारी किए गए वीडियो जितना क्षतिग्रस्त नहीं है तथापि इस पुल से सावधानी से गुजरना आवश्यक है।

मेरे लिए ख़ुदा बनकर आए मुख्यमंत्री रघुवर दास: मुफ़ीज़


*मुख्यमंत्री जी शुक्रिया आपके प्रयास से आज मेरा भाई मुझे ढाई साल बाद मिल गया--ख़ुर्शीद*
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रांची। ख़ुर्शीद के पांव आज एक जगह टिक नहीं रहे थे..वह एयरपोर्ट से बाहर आने वाले लोगों को बड़ी बेसब्री से देख रहा था...लेकिन उसकी आंखें अपने भाई मुफ़ीज़ को ढूंढ रहीं थीं...और वह पल आ भी गया..जब मुफ़ीज़ उसे नजर आया...दौड़ता हुआ ख़ुर्शीद अपने भाई मुफ़ीज़ के गले लग गया...भाई को आंखों के सामने देख खुर्शीद के आंसू छलक गए.. बरबस रुंधे गले से बोला....ईदु-उल अजहा मुबारक भाई जान...फिर क्या था दोनों भाई ऐसे गले मिले मानो वर्षों बाद मिल रहें हों..सच भी तो था आज पूरे ढाई साल बाद यातनाओं और मुसीबतों को झेल कर खुर्शीद का भाई मुजीब उसके सामने खड़ा था...वह भी बकरीद जैसे मुबारक दिन में.....बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर इस नजारे को देख सभी खुश थे।

*जहन्नुम जैसी जिंदगी हो गई थी*

मुफ़ीज़ ने बताया कि 2017 में वह दुबई गया था। यह सोचकर कि कुछ पैसे कमाकर वह वतन अपने परिवार को भेजेगा पर ऐसा हुआ नहीं। एक वर्ष तक किसी तरह काम करने के बाद जब उसका अनुबंध समाप्त हुआ तो उसने घर वापसी करना चाहा। लेकिन उससे जबरन काम लिया जाता रहा। अपराधी और गुलामों जैसा व्यवहार उसके साथ उसका मालिक मोहम्मद जहिया हुसैन करने लगा। एक दिन किसी तरह वह जहिया के चुंगल से निकल गया।

*लगाया चोरी का आरोप और दर्ज करा दिया मामला, ख़ुदा बन कर आये मुख्यमंत्री*

काम छोड़कर भाग जाने के बाद मुफिज के मालिक ने उस पर चोरी का आरोप लगाया। सऊदी अरब की पुलिस ने उसे पकड़ा और फिर छोड़ भी दिया। लेकिन पुलिस लगातार उससे पूछताछ करती रही। मुफिज ने बताया कि किसी तरह किराये के घर पर उसने 4 महीने व्यतीत किये जो किस जहनुम से कम नहीं था। फिर अपने परिवार वालों को अपनी आपबीती सुनाई और परिवारवालों ने राज्य के। मुख्यमंत्री तक मेरी पीड़ा को पहुंचाया। देखते ही देखते मुख्यमंत्री जी ने पहल की और आज मैं अपने घर आ गया। मुझे वतन वापसी की उम्मीद नहीं थी.... मुख्यमंत्री जी खुदा बन कर आये। मुख्यमंत्री के आप्त सचिव श्री के पी बालियन ने भी मेरी बहुत मदद की है।

*चोरी का आरोप गलत साबित हुआ*

मुफिज ने कहा कि उसपर लगा चोरी का आरोप गलत साबित हुआ। मोजन अली मुझे लेकर गया था। उसने गलत ढंग से मेरे कागजात बनवाये थे। वह भी मेरी परेशानी का सबब बना। मैं तो लोगों से अपील करूंगा अपने वतन में काम करो। लेकिन गैर वतन जाकर कभी काम मत करो।

*मुख्यमंत्री जी आपको शुक्रिया, आपने मुझे भाई से मिलवाया*

मुफ़ीज़ के भाई ने बताया कि वर्ष 2017 में मुफ़ीज़ सउदी अरब काम करने गया था। वह एक कुशल मैकेनिक है। उसे लेकर जाने वाला उसके दोस्त ने काम का आफर दिया था। लेकिन वहां जाकर उसे पता चला कि उसे बताया गया वेतन नहीं मिल रहा है और अधिक काम लिया जा रहा है। लेकिन 1 वर्ष का अनुबंध होने की वजह से मुफिज चुप रहा। जब एक वर्ष 2018 में पूरा हुआ तो उसने रांची वापसी की गुहार लगाई, । बावजूद इसके उससे जबरन काम कराया जाता रहा। इसके बाद हमलोगों ने झारखण्ड़ के मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और उन्होंने हमारे भाई की वतन वापसी करवाई।
*शुक्रिया मुख्यमंत्री जी*
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*Team PRD(CMO)*

फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स की आमसभा 7 और चुनाव 8 सितंबर को



6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 21 कार्यकारिणी सदस्य चुने जाएंगे. 
कुल मतदाता-3492,
 हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में होगा मतदान


रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एड इंडस्ट्रीज की वार्षिक आमसभा और चुनाव की तिथियां घोषित हो गई हैं। चेंबर की चुनाव समिति 2019-20 के चेयरमेन विष्णु बुधिया एवं को-चेयरमेन पवन शर्मा ने चेंबर भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि 7 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से चेंबर भवन में आमसभा आयोजित होगी। सी दिन शाम 4 बजे से विस्तृत आमसभा होगी जिसमें भारत सरकार के राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर शामिल होंगे। चुनाव 8 सितंबर को हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी समिति के 21 सदस्यों का चुनाव होना है जिसका नामांकन 21 अगस्त से 24 अगस्त की शाम 4 बजे तक दाखिल किया जा सकेगा। शाम 4 बजे से स्कूटनी का काम शुरू हो जाएगा। नामांकन वापसी 27 अगस्त को शाम 4 बजे तक की जा सकेगी। चुनाव में कुल 3088 आजीवन सदस्यों के अलावा 235 साधारण सदस्य, 160 एफेलिटेड सदस्य, 14 कारपोरेट सदस्य और 2 पेट्रोन मतदाता होंगे। उनमें 3 साधारण सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होगा जबकि एफेलिटेड सदस्यों में 78 को दो वोट देने का अधिकार होगा। इस प्रकार मतदाताओं की कुल संख्या 3492 होगी।
नियमतः जिन सदस्यों ने 2019-20 का सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया है उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होगा।चुनाव की घोषणा होने की तिथि तक जिनकी सदस्यता का एक साल पूरा हो चुका है वही उपाध्यक्ष अथवा कार्यकारिणी सदस्य के उम्मीदवार को रूप में नामांकन दाखिल कर सकेंगे। जिनका सदस्यता शुल्क बकाया है वे चुनाव स्थल पर भी नकद राशि के रूप में शुल्क जमा कर सकते हैं। नए आजीवन, पैट्रोन अथवा कारपोरेट सदस्य अपनी सदस्यता के 30 दिन पूरे होने पर और साधारण सदस्य 90 दिन पूरे होने पर ही वोट देने के अधिकारी होंगे। संबद्ध संस्थाओं को दो वोट देने का अधिकार होगा।
प्रत्याशियों को नामांकन के साथ डीन नंबर, डीआइआर-2, और डीआरआर-8 भरकर जमा करना अनिवार्य होगा। चुनाव प्रक्रिया इलेक्शन बाईलॉज, और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के अनुरूप संचालित होगी। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संथाल परगना, कोल्हान, कोयलांचल, नार्थ छोटानागपुर, साउथ छोटानागपुर और पलामू डिवीजन के लिए चुने जाएंगे।
चुनाव समिति के चेयरमेन विष्णु बुधिया और को-चेयरमेन पवन शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि जिनका सदस्यता शुल्क बकाया है उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। चेक से सदस्यता शुल्क 30 अगस्त तक ही स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि सभी प्रमंडलों में चेंबर के क्षेत्रीय कार्यालय हों ताकि चेंबर का कार्य और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके।


कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं मनीष राम



विनय मिश्रा
चक्रधरपुर। पश्चिम सिंहभूम जिला भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच गजब का उत्साह है। इसकी प्रमुख वजह ये है कि नये जिला अध्यक्ष मनीष राम के द्वारा पुराने व कर्मठ ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ साथ पार्टी के लिए समर्पित रहने वाले लोगों को एक साथ करने के साथ साथ पार्टी के लिए काफी कारगर साबित हो रहे हैं। तीन माह के पश्चात होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की दमदार स्थिति दर्ज कराने के लिए अभी से रणनीति बनाई जा रही है। जिसमें उन्हें प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा का पूरा समर्थन प्राप्त हो रहा हैं ।
नये जिला अध्यक्ष का राजनीतिक जीवन तीन दशक से ज्यादा का रहा है। श्री राम 29 जून 2019 को जिला अध्यक्ष बनाये गये। इससे पूर्व वे लोकसभा चुनाव में संयोजक 2014 मे सदस्यता जिला प्रमुख सह रह चुके हैं। इसके अलावा तीन बार कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही साथ विनोद कुमार श्रीवास्तव के कार्यकाल में वे जिला  अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष  1985 में स्व.राधे सुमरई के चुनाव लड़ने के समय बूथ अध्यक्ष  रहे व 1995 में चाईबासा विधानसभा क्षेत्र में एक मात्र चुने गए विधायक पुतकर हेमब्रम के समय विधानसभा चुनाव प्रभारी थे। श्री हेम्ब्रम सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से एक मात्र विधायक थे। इस प्रकार कहा जा सकता है कि नये जिला अध्यक्ष मनीष राम भाजपा के लिए काफी उपयोगी रहे हैं। उनके लंबे अनुभव का लाभ पार्टी को मिलता रहा है । उनके जिलाध्यक्ष बनने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

सीएम रघुवर दास ने मुसलिम बहन को दिया राखी का नायाब तोहफा




देवेंद्र गौतम
रांची। हिंदपीड़ी की इशरत परवीन को सीएम रघुवर दास ने राखी का नायाब तोहफा दिया है। इशरत को घर में आज दोहरी खुशी का माहौल है। ठीक ईद के दिन सउदी अरबिया में तीन माह से एक कंपनी में बंधक पड़े उनके भाई मुफीद को सही सलामत सके घर पहुंचा दिया गया है। अब पूरा परिवार दोहरी खुशी के साथ ईद मनाएगा। मुफीद कल 11 अगस्त को सुबह 4 बजे सूदी अरब से दुबई होते हुए दिल्ली पहुंचे थे जहां मुख्यमंत्री के आप्त सचिव केपी बलियान ने उन्हें रिसीव किया था। इसके बाद वे एयर एशिया की फ्लाइट से दिन के 11 बजे उन्हें रांची पहुंचाया। खबर लिख जाने के समय मुफीद अपने परिजनों के साथ ईद की खुखियां साझा कर रहे हैं।
इशरत परवीन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के समक्ष अपने भी को छुड़ाकर लाने की गुहार लगाई थी।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए तुरत अपने प्रधान सचिव को इस बाबत कार्रवाई करने और मुफ़ीज़ को वापस भारत लाने की पहल करने का निदेश दिया। नई दिल्ली से स्थानिक आयुक्त एमआर मीणा और मुख्य मंत्री के आप्त सचिव के पी बालियान ने मुफीद की वापसी के लिए पूरा जोर लगा दिया। इन दोनों ने विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब के भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क कर उन्हें भारत लाने की कोशिश शुरू कर दी। मुख्यमंत्री को भी पल पल की जानकारी दी जा रही थी। मोहम्मद मुफ़ीज़ पर नियोक्ता कंपनी ने 12 अप्रैल 2019 से रियाद के कोर्ट में मुकदमा कर रखा था। ऐसे में भारतीय दूतावास ने पहल कर उसे झूठे मुकदमे से निजात दिलाया और इमरजेंसी पासपोर्ट सर्टिफिकेट बनाकर उसे भारत लाने की पहल की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमारी कोशिश हो कि ईद उल जोहा से पहले मुफ़ीज़ घर आ जाए। उनकी कोशिश कामयाब हुई। इस अभियान में सीएम रघुवर दास और उनके आप्त सचिव केपी बलियान और मुख्य सचिव की भूमिका सराहनीय रही।

मुख्य मंत्री ने भारत के विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के प्रति आभार और धन्यवाद प्रकट किया है.
मुख्यमंत्री ने झारखण्ड भवन के स्थानिक आयुक्त एम आर मीणा, अपने आप्त सचिव के पी बालियान को भी बधाई दी है.

श्री दास ने राज्य के मुख्यसचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग सुखदेव सिंह और अपने प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल को भी तत्पर कार्रवाई के लिए बधाई दी है।

रविवार, 11 अगस्त 2019

पुलिस-पब्लिक समन्वय की जीवंत मिसाल हैं डीएसपी विमलेश त्रिपाठी


मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी इसका सफलतापूर्वक निर्वहन करते हैं। वे अपनी प्रतिभा का परचम लहराते रहते हैं। अपनी बेहतरीन कार्यशैली प्रदर्शित कर काफी कम समय में ही लोकप्रियता हासिल करने में सफल हो जाते हैं। अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होकर विभागीय कार्यों का त्वरित निष्पादन भी करते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं चाईबासा जिले के मनोहरपुर में पदस्थापित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विमलेश कुमार त्रिपाठी। श्री त्रिपाठी ने काफी कम समय में ही अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली से पुलिस महकमे में तो अपनी एक विशेष पहचान बना ही ली है, नागरिकों के बीच भी उन्होंने खासी लोकप्रियता अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। श्री त्रिपाठी की कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा की चर्चा चहुंओर हो रही है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला अंतर्गत नोनापार गांव के निवासी और प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय विश्वंभर तिवारी के पुत्र विमलेश त्रिपाठी की प्रारंभिक शिक्षा तो गांव में हुई, लेकिन इसके बाद वह झारखंड राज्य के हजारीबाग आ गए और वहां से उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने वाराणसी से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। गोरखपुर से उन्होंने बीएड भी किया। इसके बाद श्री त्रिपाठी ने हजारीबाग स्थित एक उच्च विद्यालय में शिक्षण का कार्य प्रारंभ किया। बतौर शिक्षक श्री त्रिपाठी ने बखूबी अपनी भूमिका निभाई और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री त्रिपाठी छात्रों और स्कूल के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए। आज भी उनसे शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र उन्हें याद कर उनका सम्मान करते हैं। उनकी प्रतिभा के कायल हैं। कुछ दिनों तक शिक्षण कार्य करने के बाद श्री त्रिपाठी झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सम्मिलित हुए और सफल रहे। उनकी नियुक्ति पुलिस उपाधीक्षक के पद पर हुई। पलामू में वह प्रोबेशन पर रहे। वहां प्रशिक्षण प्राप्त किया। तत्पश्चात उनका पहला पदस्थापन मनोहरपुर में हुआ। श्री त्रिपाठी अपने कार्यों के प्रति काफी लगन शील रहते हैं। जनता के बीच पुलिस की छवि बेहतर बनाने और पुलिस को पब्लिक फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अमन पसंद लोगों के बीच श्री त्रिपाठी खासे लोकप्रिय हैं। शहर में विधि व्यवस्था बनाए रखने और शहर को अपराध मुक्त करने में वह सदैव तत्पर रहते हैं। अपने शीर्ष अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने मातहत कर्मियों को यथोचित दिशा निर्देश देते हुए अपने कार्यों के प्रति वफादारी निभाने में वह सदैव सक्रिय रहते हैं। अपराध और नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उनका मानना है कि शहर को अपराध मुक्त करने से ही अमन चैन बरकरार रहेगा। असामाजिक तत्वों के लिए वह कहर बनकर बरसते हैं, वही अमन पसंद लोगों के बीच वह एक बेहतरीन इंसान और उनके हमसफर की भूमिका में रहते हैं। श्री त्रिपाठी मृदुभाषी जांबाज और नेक दिल इंसान हैं। आम जनता के बीच उनकी छवि एक कर्मठ पुलिस अधिकारी के रूप में तो है ही, लोग एक अच्छे समाजसेवी के रूप में भी उन्हें सम्मान देते हैं। जन समस्याओं के समाधान के प्रति तत्पर रहना उनकी दिनचर्या में शुमार है। सर्व धर्म समभाव की भावना रखते हुए वह सभी धर्मों का समान आदर करते हैं। वह कहते हैं कि पुलिस अधिकारी जनता और पुलिस विभाग के बीच एक सेतु के रूप में होते हैं। उन्हें आम जनता के साथ समन्वय बनाकर शहर को अमन जैन बरकरार रखने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। इससे हमारा देश व समाज सशक्त होगा।
 * प्रस्तुति : विनय मिश्रा

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...