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गुरुवार, 29 अगस्त 2019

विजयवर्गीय समाज की महिला व पुरुष टीमें 31 को दिल्ली रवाना होंगी

प्रकाशननार्थ
   विजयवर्गीय सभा

चला रहीं क्रिकेट का महा अभियान
दो महीने से चल रहा था अभ्यास



रांची। 31 अगस्त को यूडीसी विजयवर्गीय दिल्ली के द्वारा घेवरा मेट्रो स्टेशन ग्राउंड दिल्ली में होने वाले क्रिकेट मैच में राँची के विजयवर्गीय समाज के महिला व पुरुष टीम कल दिनांक 30 अगस्त को रांची स्टेशन से दिल्ली रवाना होंगे | इस क्रिकेट मैच के लिए विजयवर्गीय समाज की महिला एवं पुरुष की टीम लगातर दो महीनो से रांची में अभ्यास कर रही थी। वही महिलाओँ ने अपनी टीम का नाम राँची सुपरनोवास एवं पुरुष टीम ने अपना नाम रांची सुपर स्ट्राइकर्स रखा है |

विजयवर्गीय सभा रांची के अध्यक्ष सह रांची नगर निगम के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने बताया कि विजयवर्गीय सभा फ़ीट इंडिया हिट इंडिया के तहत काम कर रही है और पूरे देश के विजयवर्गीय को जोड़कर क्रिकेट का महा अभियान चला रही है। ताकि लोग एक दूसरे से जुड़े, खेले और स्वास्थ्य रहे।

राँची से दिल्ली जाने वालों में पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजर रामलाल विजयवर्गीय है व महिला क्रिकेट टीम की मैनेजर रेखा विजयवर्गीय, कोच किशोर विजयवर्गीय है |
महिला क्रिकेट टीम से कप्तान आस्था विजयवर्गीय, प्रियंका विजयवर्गीय, विनीता विजयवर्गीय, आयुषी विजयवर्गीय, स्वाति विजयवर्गीय, रीना विजयवर्गीय, रिया विजयवर्गीय, सुनीता विजयवर्गीय, रुपाली विजयवर्गीय व पुरुष क्रिकेट टीम से कप्तान राहुल विजयवर्गीय, संजीव विजयवर्गीय, नीलेश विजयवर्गीय, देव विजयवर्गीय, सौबिक विजयवर्गीय, राहुल विजयवर्गीय, अनिल विजयवर्गीय, राजीव विजयवर्गीय, रौनक विजयवर्गीय, अमित विजयवर्गीय, अंकित विजयवर्गीय, उत्कर्ष विजयवर्गीय, यश विजयवर्गीय दिल्ली जायेंगे |

बुधवार, 28 अगस्त 2019

43 लाख महिलाओं को मिला उज्जवला का दूसरा निःशुल्क सिलेंडर


★ 33 लाख को मिला कनेक्सन, 30 सितम्बर तक और 10 लाख महिलाओं को मिल जाएगा कनेक्शन। 43 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित

★प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत झारखंड में अब तक 32,78, 987 एलपीजी कनेक्शन निर्गत किए गए जिसमें राज्य सरकार ने 3,24,14,90,317 की राशि व्यय कर निःशुल्क चूल्हा तथा गैस सिलेंडर की निःशुल्क पहली और दूसरी गैस भराई कराया है।
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हजारीबाग का चुरचू और दारू प्रखंड बने आयुष्मान प्रखंड, मुख्यमंत्री ने 25 लाख रुपये दिया पुरस्कार में
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2014 तक 25 प्रतिशत घरों में गैस कनेक्सन -- 2019 में 76 प्रतिशत से अधिक घरों तक LPG और चूल्हा पहुंचा

उज्ज्वला दीदियां सुरक्षित करेंगी हमारी रसोई

---रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखण्ड
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हजारीबाग। 19 अक्टूबर 2016 का वह दिन। जब राज्य के मात्र 25 प्रतिशत परिवार एलपीजी सिलेंडर और चूल्हा से आच्छादित थे। लेकिन आज 2019 का नया झारखण्ड है, जहां 76 प्रतिशत से अधिक परिवार के पास एलपीजी और चूल्हा है। यह कैसे संभव हुआ। यह संभव हुआ उज्ज्वला योजना से। अभी हमारा कारवां थमा नहीं है। यह कारवां तब तक नहीं रुकेगा जबतब झारखण्ड के सभी परिवार को सरकार उज्ज्वला योजना से आच्छादित न कर दे। 43 लाख से अधिक माँ बहनों को को सिलेंडर की दूसरी गैस भराई भी निःशुल्क मिलेगी। 33 लाख को मिला कनेक्सन 30 सितम्बर तक और 10 लाख महिलाओं को मिल जाएगा कनेक्शन। यानि शत प्रतिशत परिवारों को मुफ्त में एलपीजी गैस सिलेंडर और चूल्हा प्रदान करना है ताकि, राज्य की महिलाओं को सम्मान मिले उनका सशक्तिकरण व धुआं मुक्त रसोई घर दिया जा सके। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने उत्तरी छोटानागपुर के हजारीबाग में आयोजित उज्ज्वला दीदी सम्मेलन सह प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अतिरिक्त रिफिल हेतु राशि हस्तांतरण कार्यक्रम में कही।

सभी प्रमंडल में खुद जाकर लाभान्वित करूंगा


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की गरीब परिवार की महिलाएं दूसरा रिफिल भरवाने में असमर्थ थीं। सरकार ने राज्य की बहनों की पीड़ा को समझा और उन्हें मुफ्त दूसरा रिफिल प्रदान करने का वादा रक्षाबंधन के दिन किया। 23 अगस्त को कोल्हान की धरती से योजना का शुभारंभ हुआ। आज अतिरिक्त रिफिल प्रदान करने का दूसरा कार्यक्रम उत्तरी छोटानागपुर की धरा से हो रहा है। आने वाले दिनों में राज्य के बचे हुए तीन प्रमंडल में कार्यक्रम का आयोजन कर राज्य की बहनों को दूसरा रिफिल मैं खुद जाकर कर प्रदान करूंगा।

उज्ज्वला दीदी सुरक्षित करेंगी रसोई, लाभुकों को करेंगी चिन्हित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला दीदी बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है। हमें सभी बहनों की रसोई घर को सुरक्षित करना है। सभी पंचायत की उज्ज्वला दीदी घर घर जाकर एलपीजी के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देंगी। इसके लिए रांची में 70 महिलाओं को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जो प्रखंड स्तर पर उज्ज्वला दीदियों को प्रशिक्षण देंगी। ताकि गांव के सभी घर की रसोई को सुरक्षित बनाया जा सके। साथ ही सभी उज्ज्वला दीदी वैसे परिवारों को भी चिन्हित करेंगी, जिन्हें उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिला है। वैसे छुटे हुए परिवारों को सरकार योजना से लाभान्वित करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर लाखो देवी, कांति मोसोमांझी, सोहागी देवी, माना देवी और लक्ष्मी देवी को अतिरिक्त रिफिल हेतु DBT के माध्यम से राशि हस्तांतरित किया। मौके पर सुकाया देवी, गुलाब देवी, उमा देवी, बोधनी देवी और ललिता देवी को अतिरिक्त रिफिल प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन एप्प को भी लांच किया। कुपोषण को दूर भागने के लिए जिला प्रसाशन हजारीबाग द्वार अमृत कार्ड का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया। इसके तहत हजारीबाग के 15 हजार बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाना लक्ष्य तय किया गया है।

उज्ज्वला दीदी सम्मेलन में मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, मंत्री श्रीमती नीरा यादव, सांसद धनबाद श्री पी एन सिंह, सांसद कोडरमा श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, विधायक हजारीबाग सदर श्री मनीष जायसवाल, मांडू विधायक श्री जयप्रकाश भाई पटेल, विधायक बरकट्ठा श्री जानकी यादव, गिरिडीह विधायक श्री निर्भय शाहबादी, 20 सूत्री के अध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद व बड़ी संख्या में सखी मंडल की महिलाएं और उज्ज्वला दीदियां उपस्थित थीं।

एनएसयूआई ने दुहराई विवि परिसर में पुलिस पिकेट की मांग


रांची। 28 अगस्त को एनएसयूआई रांची जिला अध्यक्ष कुमार विक्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रांची विवि के कुलपति डा रमेश पांडेय से मिला। प्रतिनिधिमंडल द्वारा कुलपति से अपनी पिछली मांग पर मिले आश्वासन के बावजूद काम शुरू नहीं होने की बातों को रखा गया। ज्ञात हो कि पिछले दिनों एनएसयूआई का एक प्रतिनिधिमंडल विवि कैंपस में पुलिस पिकेट लगाने की मांग की गयी थी जिसपर आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के अंदर लगा दिया जाएगा परंतु अभी तक पिकेट नहीं लगाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बीते दिनों विनोबा भावे विश्विद्यालय के कुलपति के साथ अशोभनीय बर्ताव किया गया।
अतः संगठन उपरोक्त मांग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए आज पुनः सारे कालेज कैंपस के समीप पुलिस पिकेट लगवाने हेतु मिली ताकि किसी छात्र संगठन या असामाजिक तत्व द्वारा पिछले दिनों की तरह किसी अप्रिय घटना की पुनरावृति ना हो सके जिससे शैक्षिक परिसर इन सब वारदातों से अछूता रहे और परिसर में हमेशा शैक्षिक माहौल क़ायम रहे।
रांची ज़ोनल प्रभारी शारिक़ अहमद ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति जैसी बनी हुई है उससे समाज में क्या संदेश जा रहा है यह स्वतः समझ में आ रहा है। अगर इस तरह के दुर्व्यवहारों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में कोलेज परिसर आने से छात्र छात्राएं डरेंगे। एनएसयूआई अभिव्यक्ति की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का समर्थन करती है लेकिन विरोध के नाम पर की गयी ऐसी घटनाओं की कड़ी निंदा करती है।
इस मौक़े पर उपस्थित रांची जोनल प्रभारी शारीक अहमद , कुमार विक्की , अमरजीत सिंह , विवेक सिंह , चिंटू चौरसिया , अमन अहमद , अमित सिंह , अमर गुप्ता , आदित्य गुप्ता आदि लोग मौज़ूद थे ॥

चोर समझ विक्षिप्त को पकड़ा, परिजनों के आने तक पुलिस संरक्षण में


चक्रधरपुर। बुधवार की सुबह रेलवे रनिंग स्टाफ साइकल स्टैंड से ततिष कुमार नामक एक व्यक्ति को जीआरपी ने अपनी कस्टडी में लिया। जानकारी के  अनुसार ततिष कुमार सुबह के 3:30 बजे  रेलवे रनिंग स्टाफ साइकिल स्टैंड में इधर-उधर घूम रहा था। उसे चोर समझकर वहां के लोग चिल्लाने लगे। वह  भागने की कोशिश कर रहा था जब तक  ऑन ड्यूटी जीआरपीओ ने इसे धर दबोचा और उसे जीआरपी थाना  लाया गया। इस बीच जीआरपी थाना प्रभारी ने कहा कि इनके परिजनों को फोन कर दिया गया  है। परिजन कहते हैं ततिष कुमार की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह सुभाष इंटरनेशनल स्कूल गया का इंग्लिश और सोशल साइंस का शिक्षक है। उसे 2 दिन पहले इलाज के लिए ले जाया जा रहा था जहां से यह भाग गया था इसकी खोज  परिजन कर ही रहे थे ।वहीं जीआरपी थाना प्रभारी उमेश कुमार कहते हैं जीआरपी थाना से भी ततिष भागने की कोशिश कर रहा था जिस क्रम में फोन का तार आदि टूट गया। बड़ी मुश्किल से उसे  पकड़ कर रखा गया है । परिजनों के आने तक फिलहाल ये अभी जीआरपी थाना की कस्टडी में है।

मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की


विनय मिश्र
 चक्रधरपुर। इन दिनों चक्रधरपुर बंदगांव सड़क निर्माण कार्य  का मामला उलझा हुआ है। पूर्व सांसद सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा व चक्रधरपुर के विधायक शशिभूषण सामड के दावों को लेकर मर्ज और दवा का अनुपात बिगड़ गया है। श्री गिलुवा ने इस सड़क निर्माण कार्य की प्रक्रिया यथाशीघ्र प्रारंभ होने की जानकारी दी थी। वहीं चक्रधरपुर के विधायक शशिभूषण सामड ने भी इस निर्माण कार्य के प्रारंभ होने के साथ साथ जानकारी देने के साथ यह दावा भी किया कि सड़क निर्माण के बारे में विधानसभा में यह प्रश्न उठाया था जिसके फलस्वरूप सड़क निर्माण का कार्य शुरु होगा वहीं लोगों का मानना है कि दावे से ज्यादा पहल मायने रखती है।  श्रेय अपनी जगह है परन्तु लोगों को सड़क की बेहतर सुविधा मिल जाए तो निश्चित रूप इस क्षेत्र के लोगों का समस्या का निराकरण होगा ।

साईं देवस्थान में जन्माष्टमी पर भजन संध्या


चक्रधरपुर। चक्रधरपुर के स्थानीय शीतला मंदिर के समीप स्थित श्री श्री शिडरी साईं देवस्थान में जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने के साथ साथ भजन संध्या से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो चला है श्रद्धालु गण एक ओर जहाँ जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण भगवान के साथ साथ साईं बाबा का दर्शन भी कर रहे हैं इस संदर्भ में श्रद्धालु गणेश पाड़िया बताते हैं कि मंदिर प्रांगण में कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन किया जाता है  जहाँ श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने के साथ साथ भजन का आनंद लेकर भावविभोर भी होते हैं।

महिलाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं उपेंद्र


छोटे से उद्यम में दो दर्जन महिला कर्मी कार्यरत

रांची। सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को स्वावलंबी बनाना वर्तमान समय की मांग है। इस दिशा में हरमू निवासी उद्यमी उपेंद्र कुमार ने सकारात्मक सोच के साथ कदम बढ़ाया है। उन्होंने लघु व कुटीर उद्योग के अंतर्गत निबंधित अपने छोटे से उद्यम में लगभग दो दर्जन महिलाओं को रोजगार से जुड़ने का अवसर प्रदान किया है। शहर के वार्ड संख्या 35 अंतर्गत अरगोड़ा- कटहल मोड़ रोड पर अवस्थित इलाही नगर मार्ग संख्या दो में उन्होंने अपना एक छोटा सा उद्यम " कैलिबर टू " स्थापित किया है। इसमें बैटरी में उपयोग आने वाली पानी की पैकेजिंग की जाती है। इस उद्यम में कार्यरत कर्मचारियों में अधिकतर महिलाएं हैं। इलाही नगर व आसपास के इलाकों की बेरोजगार युवतियों को अपने उद्योग- व्यवसाय से जोड़कर उपेंद्र कुमार उन्हें रोजी-रोटी मुहैया कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस संबंध में उपेंद्र बताते हैं कि स्थानीय महिलाओं के एक समूह को उन्होंने अपने इस उद्यम में काम करने के लिए जोड़ रखा है। महिलाएं इस उद्यम को अपना समझ कर लगन, परिश्रम और ईमानदारी से काम में जुटी रहती हैं। महिलाओं के परिश्रम से जूम ब्रांड का बैटरी का पानी काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसकी आपूर्ति पूरे झारखंड में की जा रही है। वह कहते हैं कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के कथनानुसार  वे रोजगार देने वाले उद्यमियों में शामिल हैं। कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि रोजगार करने वाले ही नहीं, रोजगार देने वाले भी बनें। उपेंद्र मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने में सफल हो रहे हैं। वह कहते हैं कि सरकार से थोड़ा सहयोग मिले, तो इस दिशा में और बेहतर कार्य कर सकते हैं। अभी तक उन्हें न तो किसी प्रकार का ऋण मिल पाया है और ना ही कोई सरकारी सहायता। वह संघर्षशील उद्यमी के रूप में अपने बलबूते इस प्रतिष्ठान को संचालित कर रहे हैं। उनका यह प्रयास एक ओर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिल रहा है। उपेंद्र बताते हैं कि उनके छोटे से इस उद्यम में महिलाओं को अपने कार्यों में जुटे देखकर उन्हें बेहद सुखद अनुभूति होती है। उनका मानना है कि समाज में महिलाओं को उपेक्षित रखे जाने की वजह से महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं हो पाती हैं। वर्तमान समय की मांग है कि महिलाएं स्वावलंबी बनें। महिला सशक्तिकरण के बिना विकास संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने इस दिशा में एक छोटी सी पहल की है। अपने उद्यम में उन्होंने सभी कार्यों के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दिया है। उनका कहना है कि समाज में महिलाओं को समुचित सम्मान मिले, इस दिशा में सभी को सामूहिक प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उनके इस उद्यम में स्थानीय महिलाएं तन-मन से जुड़कर अपने कार्यों में जुटी रहती हैं। महिलाएं उनके उद्यम से जुड़कर काफी खुश हैं। उपेंद्र कुमार कहते हैं कि इसी प्रकार उद्यमियों और व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठान में कार्य के अनुसार महिलाओं को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
 महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। किसी मायने में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं है। इसलिए महिलाओं को भी समाज में समुचित स्थान दिया जाना चाहिए। इससे महिला सशक्तिकरण का सपना साकार हो सकेगा और हमारा देश व समाज मजबूत होगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...