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शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन


चक्रधरपुर। जननायक समिति के दूसरे स्थापना दिवस स्व. दिलीप स्मृति भवन में चित्रकला  प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के  विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर जननायक समिति के संरक्षक राजू प्रसाद कसेरा ने  कहा कि चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को उजागर किया जा रहा है जिससे भविष्य में बच्चों को इससे लाभ मिल सके और बच्चों के अंदर आत्मविश्वास जाग सके।विभिन्न स्कूल के कुल 65 बच्चों को चित्रकला प्रतियोगिता में  जननायक समिति द्वारा पुरस्कृत किया गया।मौके पर जन नायक समिति के अध्यक्ष अनूप दुबे, युवा कवि रणविजय कुमार,सेवानिवृत शिक्षक राम नरेश सिंह,राजेश शुक्ला, धीरेन जयसवाल,रोहित दास, प्रशांति साहा, कुंदन भटराई, अंकित दहाल, सुभाष तिवारी,सुशील दास, मो0 अय्यूब  के अलावे कई संख्या में लोग उपस्थित थे।

जनता के चहेते हैं सीआरपीएफ अधिकारी एसएन यादव



विनय मिश्र
पुलिस और सुरक्षा बलों के अधिकारियों को आमजन के साथ मित्रवत व्यवहार रखने को प्रेरित किया जाता है। लेकिन कुछ अधिकारियों में यह स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है। जनता के साथ दोस्ताना संबंध व पब्लिक फ्रेंडली मानसिकता उन्हें आमलोगों के बीच एक विशेष पहचान देने में सहायक होती है। आमतौर पर पुलिस की छवि जनता के बीच नकारात्मक होती है, लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों की बेहतरीन कार्यशैली, उनकी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा से पुलिस के प्रति जनता का नजरिया सकारात्मक होता है। जनता को बेहतर व स्वच्छ प्रशासन मुहैया कराने में ऐसे पुलिसकर्मियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं चक्रधरपुर स्थित सीआरपीएफ 60 बटालियन में पदस्थापित द्वितीय कमांड अधिकारी एसएन यादव। उनकी बेहतरीन कार्यशैली की सराहना उनके सहकर्मी तो करते ही हैं,जनता के बीच भी उनकी छवि एक ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में है। आम जनता से मैत्रीपूर्ण संबंध के लिए वह विशेष रूप से जाने जाते हैं। श्री यादव विगत लगभग तीन वर्षों से चक्रधरपुर में सीआरपीएफ में पदस्थापित हैं। क्षेत्र के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों व दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने की दिशा में उन्होंने उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की है।  ग्रामीण क्षेत्रों में जनता व पुलिस के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने में भी उन्हें सफलता मिली है। अपनी बेहतरीन कार्यकुशलता का परिचय देते हुए श्री यादव जनता के बीच खासे लोकप्रिय हैं। समाज के भटके ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को वह समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का आह्वान करते हैं। वह कहते हैं कि सही मार्गदर्शन के अभाव में युवा दिग्भ्रमित हो रहे हैं। युवाओं को अपने उज्ज्वल भविष्य के प्रति सजग होने की आवश्यकता है। उन्हें सही राह दिखाने में समाज की अहम भूमिका होती है। इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ सामुहिक प्रयास जरूरी है। श्री यादव अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित हैं। अपने विभागीय कार्यों का बखूबी निर्वहन करते हुए जनसेवा के कार्य को भी तरजीह देते हैं। समाज के बीच सामाजिक समरसता बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण सहभागिता रहती है। श्री यादव अपने मातहत कर्मियों को भी अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक पालन करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में काम करना उनकी विशेषता है। वह कहते हैं कि सामाजिक विकास के लिए युवाओं को सशक्त करना जरूरी है। हर क्षेत्र में ईमानदार पहल किया जाना चाहिए। विधायिका व कार्यपालिका के बीच भी बेहतर समन्वय होने से जनहित के कार्यों को गति मिलती है। यह देश की समृद्धि व मजबूती के लिए आवश्यक है।

पावर लिफ्टिंग में स्वर्ण और रजत पदकों का अंबार लगातीं सुजाता भगत

 

पावर लिफ्टिंग की राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर पदकों को अंबार लगाती सुजाता भगत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के जरिए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाती जा रही हैं। वे चक्रधरपुर निवासी होकर विश्व पटल पर अपना नाम रौशन करने वाली बहुमुखी प्रतिभा की धनी महिला हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा चक्रधरपुर में हुई। साउथ इस्टर्न रेलवे हाई स्कूल से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। जेएलएन कॉलेज से उन्होंने ग्रैजुएशन किया। शुरु से ही सुजाता खेलकूद के प्रति सक्रिय रही हैं। उनके पिता स्व. रामरंजन भगत व माता बिजली भगत उन्हें उनकी रुचि के मुताबिक खेलकूद में आगे बढ़ने के लिए सदैव प्रेरित करते रहे। शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रखने के प्रति वह बचपन से ही सजग हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद सुजाता झारखंड पुलिस में बहाल हुईं। पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेवारियों को बखूबी निभाते हुए वह एथलेटिक्स के प्रति निष्ठा से लगी रहीं। पावर लिफ्टिंग (वेट लिफ्टिंग) को उन्होंने एक प्रकार से अपना कैरियर बना लिया। पुलिस विभाग में सेवा के दौरान सुजाता झारखंड के विभिन्न  जगहों पर पदस्थापित रहीं। विगत लगभग 10 वर्षों से पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में उनके बढ़ते कदम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से उन्होंने झारखंड सहित पूरे देश का नाम रौशन किया है। वह वर्ष 2011 में जापान में आयोजित एशिया गोल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं। इस सफलता से उनका आत्मविश्वास और बढ़ने लगा। इसके बाद वह निरंतर आगे बढ़ती गर्इं। वर्ष 2012 में एशिया क्लासिक गेम्स में पावर लिफ्टिंग में उन्हें पुन: गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ। वर्ष 2014 में एशिया-यूरोप के 18 देशों की आमंत्रण पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में भी वह कड़ी प्रतिस्पर्द्धा के बीच गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं। वर्ष 2015 में वर्जिनिया में आयाजित विश्व पुलिस फायर गेम्स प्रतियोगिता में पावर लिफ्टिंग में एक गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीता। वर्ष 2016 में यूएसए में आयोजित कैरोलिना कप में विश्व के कई दिग्गजों को पछाड़ते हुए गोल्ड कप जीता। वर्ष 2017 में लॉस एंजेल्स में आयोजित प्रतियोगिता में ऐ गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं। वर्ष 2018 में ओपेन वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी उन्होेंने गोल्ड मेडल जीता। इस वर्ष विगत दिनों चीन में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स-2019 में सुजाता ने बेहतरीन प्रदर्शन कर अन्य खिलाड़ियों को शिकस्त देते हुए विभिन्न वर्गों में दो गोल्ड मेडल जीते। वर्तमान में सुजाता का नाम पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की श्रेणी में अग्रिम पंक्ति में शामिल है। उन्होंने पुलिस विभाग की सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली है। खेल के अलावा उनकी रुचि राजनीति में भी है। हाल ही में उन्होंने एक राजनीतिक दल का दामन भी थामा है। वह समाजसेवा को भी तवज्जो देती हैं। सुजाता कहती हैं कि किसी भी क्षेत्र में रहें, सामाजिक कार्यों के प्रति भी सक्रिय रहें।
                                                                                                                             -प्रस्तुति : विनय मिश्रा

गुरुवार, 5 सितंबर 2019

एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है
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पिछले 5 सालों में पांच नए विश्वविद्यालय, 12 महिला महाविद्यालय, 13 मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना
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★ रांची तारामंडल का निर्माण कार्य पूरा, बहुत जल्द होगा उद्घाटन

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रांची। एजुकेशन हब बनने की राह पर झारखंड के कदम बढ़ चुके हैं. राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रघुवर सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का नतीजा है कि कई नए कॉलेज और तकनीकी संस्थान खुल चुके हैं और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रही है. उच्च, तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग की मंत्री डॉ नीरा यादव ने आज सूचना भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2012-13 में राज्य में सकल नामांकन अनुपात मात्र 10.1 प्रतिशत था, लेकिन आज यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. इस तरह पांच सालों के अंदर सकल नामांकन अनुपात में 70 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी एक बड़ी उपलब्धि है.

रांची के अलावा दुमका और देवघर में भी ताराघर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि रांची में तारमंडल भवन बनकर तैयार है. आज इसका फाइनल ट्रायल हो रहा है और बहुत जल्द इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास करेंगे. इस तारामंडल के निर्माण पर लगभग 26 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और  जर्मनी के इलेक्ट्रो मैकेनिकल टेक्निक पर यह यह आधारित है. इसके अलावा देवघर और दुमका में भी मिनी तारामंडल का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

खुले हैं कई नए विश्वविद्यालय औऱ महाविद्यालय

डॉ नीरा यादव ने बताया कि 2014 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से पांच नए विश्वविद्यालय खोले गए हैं. इसमें विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद, झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय रांची, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, जमशेदपुर और झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय रांची शामिल है.  इसके अलावा 12 जिलों में महिला महाविद्यालय, 13 जिलों में मॉडल महाविद्यालय और 27 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री महाविद्यालय खोलने को स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि 21 जिलों में मल्टीपरपस एग्जामिनेशन बिल्डिंग बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया चल रही है.

तकनीकी शिक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर

शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा के लिए राज्य के विद्यार्थियों का दूसरे राज्यों में पलायन नहीं हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में आज पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है. इन संस्थानों में सीटों की संख्या भी 8820 से बढ़कर 11,575 पहुंच गई है.  इसके अलावा रामगढ़ के गोला, कोडरमा और पलामू में राजकीय महिला अभियंत्रण महाविद्यालय खोला जा रहा है. गोला स्थित अभियंत्रण महाविद्यालय में पढ़ाई भी शुरु हो चुकी है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक सत्र शुरु हो चुका है. जमशेदपुर, बोकारो और गोड्डा में प्रोफेशनल कॉलेज की स्वीकृति राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अधीन मिल चुकी है.

युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दे रही है सरकार

राज्य के युवाओं को दक्ष बनाने सरकार की विशेष प्राथमिकता है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि झारखंड कौशल विकास विकास मिशन सोसाइटी के द्वारा 155 कौशल विकास केंद्र् का संचालन किया जा रहा है. इन केंद्रों में प्रति वर्ष 1,13,460 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता है. उन्होंने बताया कि झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी की ओऱ से अभथख 79,300 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 15,517 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि 1,80,521 युवाओं का प्रशिक्षण हेतु पंजीकरण किया गया है. इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त 48,672 युवाओं को नियोजित किया जा चुका है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्यस्तरीय योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार या स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उदेश्य से सभी जिलों में दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र (मेगा स्किल सेंटर) खोला जा रहा है.

प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उपलब्ध कराया जा रहा रोजगार

डॉ नीरा यादव ने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है. 2018 में स्किल समिट में 26,684 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिला था, जिसमें झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या 11,048 थी. इसके उपरांत 2019 में हुए ग्लोबल स्किल समिट में 1,06,619 युवाओं को निजी क्षेत्रों में नियोजन हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था, इसमें भी 44,649 युवा झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी से प्रशिक्षण लिया था.

संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह, निदेशक तकनीक श्री अरुण कुमार, अपर सचिव श्री राजेश कुमार, झारखंड कौशल विकास के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री अमर झा, निदेशक उच्च शिक्षा श्री सुशांत मौजूद थे.

फुटबॉल खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार के लिए मिलेगी राशि

मुख्यमंत्री फुटबॉल आमंत्रण कप प्रतियोजिता में पंचायत, प्रखंड, जिला व राज्य स्तर पर विजेता टीम से सभी खिलाड़ियों (लगभग 18-19 हजार खिलाड़ी) को पौष्टिक आहार के लिए 1-1 हजार रुपये दिये जाएंगे
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★हर पंचायतों में खेलकूद के लिए मैदान बनाये जायेंगे
★महिला फुटबॉल टीम भी हर पंचायत में बने
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रांची। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के गांवों में खेल प्रतिभा छिपी पड़ी है। इसी प्रतिभा को उभारने के लिए कमल क्लब का गठन किया गया है। पंचायत से जिला स्तर पर कमल क्लब का गठन हो चुका है। इनका पंजीयन सोसाइटी एक्ट के तहत कराया जा रहा है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उनका लक्ष्य है कि झारखंड में भी राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल टीम बनें। इसके लिए अच्छे कोच की भी नियुक्ति की जायेगी।महिला फुटबॉल टीम भी हर पंचायत में बने। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित कमल क्लब उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रेक्टिस के लिए हर पंचायतों में खेलकूद के लिए मैदान बनाये जायेंगे। पहले चरण में हर प्रखंड के दो-दो पंचायतों में खेल के मैदान बनाये जायेंगे। इसकी शुरुआत अक्टूबर में एक साथ की जायेगी।

संथालपरगना से पूरे राज्य में बननेवाले मैदानों का शिलान्यास
संथालपरगना से पूरे राज्य में बननेवाले मैदानों का शिलान्यास किया जायेगा। मैदान में को तार से घोरा जायेगा। इसमें खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम व शौचालय रहेगा। इसकी तैयारी में अभी से जुट जायें। कमल क्लब के प्रखंड अध्यक्ष 15 सितंबर तक पंचायत का नाम और मैदान के लिए स्थल की जानकारी जिला अध्यक्ष को दे दें। जिला अध्यक्ष दो-तीन दिन में नाम राज्य सरकार के अधिकारियों को सौंप दें। अधिकारी जल्द से जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और जानकारी के अभाव में हमारे खिलाड़ी पौष्टिक आहार नहीं खा पाते हैं। मुख्यमंत्री फुटबॉल आमंत्रण कप प्रतियोजिता में पंचायत, प्रखंड, जिला व राज्य स्तर पर विजेता टीम से सभी खिलाड़ियों (लगभग 18-19 हजार खिलाड़ी) को पौष्टिक आहार के लिए 1-1 हजार रुपये दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्लब का गठन हो चुका है उनका रजिस्ट्रेशन जल्द करायें, ताकि सरकार की योजना से संबंधित राशि क्लब के बैंक खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि झारखंड में तीरंदाजी और हॉकी की प्रतिभा पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवा रही है। इसी तर्ज पर सरकार फुटबॉल को बढ़ावा देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गये फिट इंडिया अभियान में सभी से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।

खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि झारखंड पूरे देश में एक मात्र राज्य है, जहां पंचायत स्तर तक क्लब का गठन कर और उनका निबंधन कराकर खेलकूद को बढ़ावा दिया जा रहा है। एक प्रतियोगिता में इनती बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के शामिल होने के मामले में भी झारखंड ने कीर्तिमान रचा है। कमल क्लब के सभी लोग राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाये।

कार्यक्रम में विभिन्न जिला व प्रखंड अध्यक्षों ने अपनी बातें रखीं और सरकार के प्रयास की सराहना की। इस दौरान विभाग के सचिव श्री राहुल शर्मा, खेलकूद निदेशक श्री अनिल कुमार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

अदालतों में लंबित मामलों का निबटारा करने के लिए तंत्र विकसित करेंः मुख्य सचिव


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★14 सितंबर को लोक अदालत में मामले को निष्पादित कराने को लेकर बैठक
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रांची। मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने अदालतों में लंबित मामलों के ससमय निबटारा नहीं होने तथा उच्चाधिकारियों का इसमें बेवजह समय जाया होने पर चिंता प्रकट करते हुए मामलों के त्वरित निबटारा के लिए तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पहले इसकी पूरी पड़ताल कर लें कि उनके विभाग के कितने मामले अदालतों में हैं तथा उनकी स्थिति क्या है। उसी अनुरूप मामलों के निबटारा के लिए पहल करें। जरूरी हो तो अपील में जाएं या फिर 14 सितंबर को आयोजित हो रहे लोक अदालतों के माध्यम से उनका निबटारा सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव अदालतों में लंबित मामलों तथा पूर्व में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन को लेकर झारखंड मंत्रालय में समीक्षा बैठक कर रहे थे।

हाईकोर्ट की समिति से सूचनाओं का अदान-प्रदान करें
मुख्य सचिव ने कोर्ट में चल रहे मामलों की अद्यतन स्थिति से वाकिफ रहने और ससमय उसके निबटारा को लेकर सचिवों को निर्देश दिया कि वे इसी मकसद से बनी हाईकोर्ट की समिति के साथ सूचनाओं को साझा करें और उसी के अनुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की एक से अधिक मामलों को एक साथ जोड़कर उसका निष्पादन कराएं। वहीं किसी मामले में कोर्ट के आदेश को उसी प्रकृति के अन्य मामलों में भी लागू करें।

ऐसा तंत्र विकसित करें कि मामले कम से कम कोर्ट में जाएं
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मामले कोर्ट में ना जाये और जाएं कम से कम जाएं। इसे लेकर भी एक तंत्र विकसित करें। उन्होंने मामलों को कोर्ट में देखने वाले रिटेनर वकीलों की फीस 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने पर सहमति जतायी तथा निर्देश दिया कि केस की संख्या के अनुपात में वकील नियुक्त करें, लेकिन उनकी संख्या एक विभाग में किसी भी हाल में तीन से अधिक नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने विधि विभाग को सर्कुलर निकालने का निर्देश दिया।

जीरो कट में विलंब पर सीएम की फटकार

सीएम रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित ऊर्जा संचरण और बिजली वितरण की समीक्षा बैठक में कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए
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★आजादी के 7 दशक बाद झारखण्ड के गांव आज बिजली से रौशन हैं।

★ 31 अक्टूबर तक झारखंड में बिजली के सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण करें
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रांची। आजादी के 7 दशक बाद झारखण्ड के गांव आज बिजली से रौशन हैं। बस, अब थोड़ा सा काम रह गया है... अब गुणवत्ता के साथ जीरो कट की ओर बढ़ना है। 31 अक्टूबर तक झारखंड में बिजली के सुदृढ़ीकरण के कार्य पूरा कर लें। ट्रांसमिशन लाइन का काम पूरा होने से जहां दूर दराज के क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता बढ़ेगी, वहीं शहरी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति अच्छी होगी। जिन संवेदकों ने जो समय सीमा दी है, उस तिथि तक काम पूरा हो जाना चाहिए, अन्यथा उनकी राशि काटी जायेगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के संचरण और वितरण की समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं।

किसी भी हालत में डेड लाइन नहीं बढ़ेगी
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि ज्यादातर संचरण लाइन का काम अंतिम चरण में है। संवेदकों को कोई समस्या हो, तो विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। विभाग के अधिकारी हर 15 दिन में संवेदकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का निराकरण करें। किसी भी हालत में डेड लाइन नहीं बढ़ेगी।

रांची में जीरो कट में हो रहे विलम्ब पर कड़ी फटकार
राजधानी रांची में जीरो कट में हो रहे विलम्ब पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सोच समझ कर एक टाइमलाइन देनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम को समयबद्ध तरीके के पूर्ण करें।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा विभाग की सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल पुरवार, वन विभाग के पीसीसीएफ श्री शशि नंदकुलियार, संचरण लिमिटेड के श्री निरंजन कुमार समेत विभाग के वरीय अधिकारी और संवेदक उपस्थित थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...