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शनिवार, 14 सितंबर 2019

शक्तिपीठ सेक्टर टू में सामूहिक श्राद्ध तर्पण संस्कार



रांची। गायत्री युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में पीठासीन शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा रांची में शान्तिकुंज प्रतिनिधि धर्मनाथ झा के सौजन्य से सामूहिक श्राद्ध तर्पण संस्कार का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया । यह 28 सितंबर तक चलेगा। आज करीब एक दर्जन से अधिक  परिजनों ने भागीदारी की । कार्यक्रम कर्मकाण्ड का कार्यान्वयन झा ने किया और इस पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि
पितृपक्ष पितरों के श्रद्धा अभिव्यक्त करने का यह महापर्व है ।
 पितृपक्ष अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने,उनका स्मरण करने और उनके प्रति अपनी आस्था निष्ठा व श्रद्धा भाव अभिव्यक्त करने का महा पर्व है । मान्यता है कि  इस अवधि में हमारे पितर अदृश्य जगत में अपने  पुत्र-पौत्रों के यहां विचरण करते हैं। विशेष रूप से वे तर्पण की कामना करते हैं। श्राद्ध से पितृगण प्रसन्न होते हैं और श्राद्ध करने वालों को सुख-समृद्धि, सफलता, आरोग्य और संतानरूपी फल भी देते हैं।
उन्होंने इस संबंध में जानकारी दी कि परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य युगऋषि द्वारा लिखित मैं कौन हूं, हमारे मरने के बाद क्या होता है ,मरणोतर श्राद्ध संस्कार जैसी कुछ साहित्य का अध्धयन किया जा सकता है। आगे
पितृपक्ष में  हमें कुछ प्रयास
करने को कहा:-
*पशु-पक्षियों को भोजन कराएं।
* गरीबों और ब्राह्मणों को अपने सामर्थ्यनुसार दान करें।
*कोई शुभ और नए कार्य की शुरुआत इस अवधि में न करने चाहिए। पितृ तर्पण कार्य के बाद विशिष्ट मंत्रों  के माध्यम से पितरों की आत्मा की शांति व सद्गति प्राप्ति तथा   अपने आंतरिक विकास के लिए भी यज्ञाहुतियां दीं गयीं ।
इस कार्यक्रम में शक्तिपीठ की ओर से परिजनों के लिए अधिकतर साधन सामग्री में बर्तन, थाली परात तगाड़ी, केला पत्ता, कुश पवित्री, चावल तिल,जौ आटा, दूध, दही, फूल चन्दन ईत्र आदि की व्यवस्था की गई थी । कुछ परिजन द्वारा भी अपनी ओर से लायी गई थी।
अंत में
वंदना प्रार्थना एवं मंगल कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
इसमें भागीदारी रही कर्मेंद्र कुमार, ललित वर्मा,श्रीनिवास शर्मा,प्रमोद कुमार, राजेश प्रसाद, रामचरण यदुवंशी, रणवीर सिंह , मनोज कुमार पाण्डेय सहितअन्य अनेक लोगों की।

पोस्टल विभाग के पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक, आंदोलन जारी



रांची। आज रांची जीपीओ में पोस्टल/आरएमएस पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक केडी राय व्यथित की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई.
बैठक को सम्बोधित करते हुए स्टेट सेक्रेटरी ने कहा कि आज देश भर में पेंशनर्स अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहा है. मीटिंग के बाद हम लोग धरना-प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री को प्रेषित किये जाने के लिए वरिष्ठ डाकपाल,रांची जीपीओ को सौंपेगे.
पिछले माह के एक दिवसीय धरने की चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि हमारी 9 सूत्री मांगों पर चीफ पीएमजी कार्यालय में गम्भीरता से विचार किया जा रहा है.23 अगस्त को पूरे झारखण्ड में पेंशन अदालत लगाई गई और स्थल पर पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान किया गया.पहचान पत्र बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.एटीएम कार्ड जारी किया जा रहा है.अंतिम कार्यदिवस पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया गया है.पेंशन भुगतान के लिए डाकघरों में 5दिन काउंटर खोले जाने का आदेश निर्गत कर दिया गया है.
प्रशासन गम्भीरता से पेंशनर्स की समस्याओं को ले रहा है.
ये केवल हमारे सांगठनिक रूप से सक्रिय होने से हुआ है.
आज पूरे राज्य में पेंशनर्स एसोसिएशन की यूनिट गठित की जा चुकी है.
जयपुर की 1-2 नवम्बर को आयोजित  ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस में झारखण्ड से 1 प्रतिनिधि और 5 पर्यवेक्षक भाग लेने जा रहे हैं.
अगले महीने से झारखण्ड की नव गठित यूनिट को सक्रिय बनाने के लिए   धनबाद,जमशेदपुर, दुमका,गिरिडीह,पलामू,हज़ारीबाग,गुमला का दौरा किया जाएगा.
सभा को पूर्व डाक अधीक्षक अमरनाथ मिश्रा,पूर्व सहायक डाक अधीक्षक आरएन पांडेय सहित त्रिवेणी ठाकुर,दिनेश्वर शर्मा,बॉयस टोप्पो,हसीना तिग्गा आदि ने सम्बोधित किया.
सभा के बाद 10 सूत्री मांगों के समर्थन में परिसर के बाहर धरना दिया गया .धरना के पश्चात एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ डाकपाल से मिलकर मांगो का ज्ञापन जो माननीय प्रधानमंत्री के नाम था,सौंपा सौंपा.
मुख्य मांगें
1.बहाली के समय दिए प्रशक्षिण अवधि की गणना कर प्रोन्नति में पेंशनर्स को  इसका लाभ देना
2.1.1.1996 से पोस्टमेन/मेलगार्ड के बढ़े हुए वेतन /पेंशन का पुनरीक्षण कर अविलम्ब  लागू करना
3.MACPके लाभ को 1.1.2006 से समस्त केंद्रीय पेंशनर्स पर  लागू करना
4.जो पोस्टल डिस्पेंसरी सीजीएचएस में covert की गई हैं,उसमे पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति को सुनिश्चित करना
5.non-CGHS क्षेत्र में रहने वाले ऐसे पेंशनर्स जो CGHS में इंट्री किये है,उनके लिए CGHS की दर का पुनर्निर्धारण। आदि

किड्स जोन स्कूल में हिंदी दिवस पर कई प्रतियोगिताएं


चक्रधरपुर। किड्स जोन इंग्लिश मीडियम स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा का सेमिनार, निबंध कंपटीशन करवाया गया जिसमें क्लास 1 से क्लास 7 के लगभग 100 बच्चों ने भाग लिया। वहीं क्लास  मोंटेसरी से क्लास यूकेजी तक ड्राइंग, पेंटिंग आदि का कंपटीशन कराया गया जिसमें सुहाना, आशिया सलमान, ज्योति, कीर्ति, रेयान, उजमा,  आफिया आदि बच्चों ने भाग लिया जिसमें सारी शिक्षिकाओं में  गौरी मैडम, राकीबा परवीन, नूर शमा ,जयन्ती कुमारी, सादमा,प्याली  चटर्जी, नाजिया सुल्ताना ,अंजलि साव, सोनिया छाबरा ,शालिनी तियू  आदि बच्चों को प्रोत्साहित किया।

पुराने मकान का एक हिस्सा ढहा, खौफ में डूबे पड़ोसी

बाल-बाल बचे पड़ोस के 15 परिवार, शेष हिस्से के ध्वस्त होने की आशंका

मलवा हटा, जान-माल की हानि नहीं, शेष हिस्से के ढहने की आशंका

चक्रधरपुर। चक्रधरपुर के वार्ड नंबर 7 गुदड़ी बाजार से सटे पकौड़ी गली में 110 साल पुरानी दो  मंजिला मकान  का आगे का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया है जिससे बाल बाल बचे आसपास के घरों में रहने वाले लोग ।यह घटना शुक्रवार की रात 12:00 बजे की है। किसी  का भी जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक यह दो मंजिलाना मकान 1910  इसवी में नंद गोपाल जयसवाल नामक व्यक्ति के  द्वारा निर्मित कराया गया था। जिसकी देखरेख  स्वर्गीय बांकेलाल जयसवाल किया करते थे उनके जीवन में ही यह मकान जर्जर हो चला था। उनके देहांत के बाद मकान बंद पड़े पड़े काफी जर्जर हो गया और आज मकान का एक हिस्सा  ध्वस्त हो गया। जिसके मलबे को स्वर्गीय बांकेलाल के बेटे ललित कुमार जयसवाल द्वारा हटाया गया ।जर्जर मकान का बाकी का हिस्सा कभी भी ध्वस्त हो सकता है जो बहुत बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। वहीं अधूरी ध्वस्त मकान के आसपास खपड़ा पोश मकानों में रहने वाले करीब 15 परिवार डरे और सहमे हुए हैं कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए।

जन-मुद्दों को लेकर वामदलों ने राजभवन पर दिया धरना


रांची। भाकपा माले झारखंड राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करत्ते हुए कहा कि झारखंड में संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकारों का जबरदस्त हनन , पुलिस हिरासत में मौत , मोब लिंचिंग की लगातार बढ़ती घटनाए तथा मोब लिंचिंग के शिकार  तबरेज अंसारी के हत्यारों को कानूनन बरी कर देना , कुख्यात मोटर यान अधिनियम 2019 के द्वारा 10 गुना से भी ज्यादा फाइन कर जबरदस्त ट्रैफिक आतंक, भारी मंदी से प्रभावित सैकड़ों कल कारखानों के बन्द हो जाने पर हजारों लाखों की बेरोजगारी आदि मुद्दों पर आज 14 सितंबर 2019 को  रांची में राजभवन पर भाकपा माले, माकपा , भाकपा , मासस , और फारवर्ड ब्लॉक आदि वाम दलों का धरना कार्यक्रम किया गया ।
धरना को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि मोदी 2 की राज में रघुवर सरकार के शासन  में  झारखंड  मोब लिंचिंग का मॉडल बन जा रहा है । और अब यह लिंचिंग बच्चा चोर के चौतरफा अफ़वाह पर पूरे समाज मे जिस रूप फैल रहा है ,  उससे  जबरदस्त सामाजिक आतंक पैदा हो जा रहा है जो चिंतनीय है। जबकि भयंकर मंदी का निराकरण कर बंद कल कारखाना चालू कर बेरोजगारी दूर करने की कोई पहल नहीं दिख रही है ।
धरना को माकपा राज्य सचिव गोपिकान्त बकसी , प्रकाश बिप्लब् ,सुखनाथ लोहरा भाकपा का भुवनेश्वर मेहता  मासस के मिथिलेश सिंह , रामेश्वर कुशवाहा भाकपा माले के भुवनेश्वर, केवट अजबलाल सिंह  आदि  वामपंथी नेताओं ने संबोधित किया ।  भारी संख्या में कार्यकर्ता व  जनता की धरना में भागीदारी रही ।
धरना के उपरांत राज्यपाल महोदया को 19 सूत्री मांगपत्र सौंपी गई , जिसमे प्रमुख रूप से मांग की गई कि राज्य में जनता का लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन पर रोक लगाई जाए , राजनीतिक दलों और जनसंगठनों    के द्वारा सभा , जुलूस ,प्रदर्शनों पर से रोक अबिलम्ब हटाई जाए , मंदी का निराकरण कर बंद कारखानों चालू करने , सरायकेला -- खरसांवा जिला में मोब लिंचिंग का शिकार तबरेज अंसारी की मौत का न्यायिक जांच कर हत्या के अभियुक्तों पर धारा 302 के तहत कानूनी कार्यबाही की गारंटी की जाए ,मोटरयान अधिनियम 2019 को फौरन वापस किआ जाए , राज्यभर में पुलिस हिरासत  में हुई मौत तथा पलामू जिला के सतबरवा में पुलिस द्वारा 3 बर्षीय बच्ची को पटक कर मार देने की घटनाओं पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा जांच कराने , एच ई सी की जमीन पर बनी विधानसभा ,हाई कोर्ट आदि सरकारी संस्थानों में विस्थापित रैयतों की नौकरी की गारंटी की जाए, खूंटी जिला में कथित देशद्रोह के नाम पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस किया जाए , तथा 5बी अनुसूची सीएनटी , एस पी टी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाय आदि मांगें प्रमुख थीं। धरना का संचालन भाकपा नेता महेंद्र पाठक ने किया ।

तीन माह के अंदर होगा हिंदी भवन का शिलान्यासः रघुवर दास


अगले वर्ष हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन मोरहाबादी में
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रांची। स्वभाषा के माध्यम से भारत विश्वगुरु बन सकता है। स्वभाषा विकास का परिचायक है। यह भारत के स्वाभिमानी भारत बनने के मार्ग को प्रशस्त करेगा। कोई भी विकसित राष्ट्र के आगे बढ़ने का सबसे बड़ा कारण स्वभाषा है। मैं यह नहीं कहता कि अन्य भाषा का उपयोग न करें। आप उनका भी सम्मान करें। यही वजह है कि राज्य सरकार द्वार संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुरमाली, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया, मगही, भोजपुरी, मैथली आंगिक एवं भूमिज को दूसरी राजभाषा का दर्जा उनके सम्मान के लिए झारखण्ड में दिया गया है। क्योंकि भाषा सरकार एवं जनता को आपस में जोड़ती है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रोजेक्ट भवन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस के अवसर पर मैं राज्य के लोगों से हिंदी का प्रयोग करने की अपील करता हूं।

तीन माह के अंदर हिंदी भवन का शिलान्यास होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी प्रेमियों, साहित्यकार, रचनाकार, कवि को समर्पित हिंदी भवन का शिलान्यास तीन माह में होगा। देश भर से झारखण्ड आने वाले साहित्यकारों, रचनाकारों और कवियों को बातचीत, आयोजन व अन्य गतिविधियों के लिए एक उचित परिसर देना सरकार का उद्देश्य है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग अगले वर्ष से हिंदी दिवस का आयोजन संध्या बेला में मोरहाबादी मैदान में करे। जहां लोग कवि सम्मेलन का आनंद लें और युवा कवियों को सरकार एक मंच देने में सफल हो सके।

निजी क्षेत्र में हिंदी के उपयोग हेतु अनुरोध पत्र भेजें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्वीकरण के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य का बाजारीकरण हुआ, जिससे अंग्रेजी भाषा का प्रचलन बढ़ा। यह स्वाभाविक भी था कि इस समय सरकारी स्कूलों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। राज्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रही है। अब हम सभी को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग एक अनुरोध पत्र सभी निजी संस्थानों को जारी करे, जिसमें यह स्पष्ट लिखा हो कि वे अपने पत्राचार समेत अन्य कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास करें।

संविदा पर नियुक्त करें अनुवादक
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों से निर्गत होने वाले आदेश, परिपत्र या आदेश अगर अंग्रेजी भाषा में हो तो उसके हिंदी अनुवाद हेतु अनुवादक को संविदा या कार्य के आधार पर नियुक्त कर मानदेय दें। ताकि आम लोगों तक हिंदी में भी विभाग द्वारा निर्गत पत्र या आदेश पहुंच सके। ऐसे राज्य सरकार भरसक सभी ऐसे कार्य हिंदी के माध्यम से कर रही है लेकिन जहां जरूरत हो इसे लागू करें।

53 करोड़ लोग हिंदी बोलने वाले, सहज व सरल है हिंदी भाषा
सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी सहज और सरल भाषा है। हिंदी विश्व की तीसरी बोले जाने वाली भाषा है। आज हिंदी का प्रचलन विश्व मे बढ़ता जा रहा है। देश में 43 प्रतिशत लोग यानी करीब 53 करोड़ लोग हिंदी का उपयोग करते हैं। 1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा का दर्जा हिंदी को मिला। उसके बाद 1953 से लगातार हिंदी दिवस का आयोजन होता आ रहा है। अब तो 14 करोड़ लोग इंटरनेट में हिंदी का उपयोग करते हैं। 94 प्रतिशत की दर से इंटरनेट में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार के नियम, परिपत्र या आदेश राजभाषा में जारी होते हैं और आम जन तक उनकी पहुंच बनती है।

विश्व के 143 विश्वविद्यालय की हिंदी पढ़ाई
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. माया प्रसाद ने कहा कि हम आज हिंदी को संयोजित करने के लिए उपस्थित हुए हैं। यह वह भाषा है जो देश को एक सूत्र में बांधे रखी है। विश्व के 143 विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाई जा रही है। यह हमारे पुरखों की विरासत है। राष्ट्रीय व्यवहार में हिंदी को काम में लाना देश के शीघ्र उन्नति के यह आवश्यक है। हिंदी हमारे राष्ट्र के अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत भी है।

हिंदी का फैलाव विश्वस्तर पर हो रहा है
डॉ हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन ‘ ने कहा कि राजभाषा आज कार्यालयों में सक्रिय है। इसका बड़ा आयाम हो रहा है। विश्व स्तर पर हिंदी का फैलाव हो रहा है। हिंदी की नवीन ग्रन्थों की मांग आज विदेशों में है। लेकिन हमारे यहां हिंदी की क्या स्थिति है उसका आकलन होना चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री अगर एक हिंदी भवन हम साहित्यकारों, रचनाकारों को उपलब्ध करा देते तो अच्छा रहता।

मौके पर मुख्यमंत्री ने हिंदी हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित लघु कथा लेखन प्रतियोगिता के तहत रोशनी कुमारी, हर्षिनी शंकर और सेजल तिवारी को प्रथम, सृष्टि कुमारी, आराधना दुबे, मानस दीप्त को द्वितीय एवं मेघा कुमारी, आकृति सोरेंग एवं आर्य झा को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में अजय कुजूर को प्रथम, धनंजय कुमार मिश्र को द्वितीय एवं दिलीप कुमार कर्ण को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यिक डॉ हरेराम त्रिपाठी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माया प्रसाद व साहित्यकार, रचनाकार, कवि, लेखक और हिंदी प्रेमी उपस्थित थे।

14 सितंबर 2019 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ अंशदायी पेंशन योजना अंतर्गत नियुक्त राज्यकर्मियों के लिए योजना की प्रवृत होने की तिथि 1 दिसंबर 2004 के प्रभाव से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकार अधिनियम 2013 की धारा 20(1) एवं 12(4) आलोक में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) विस्तारित एवं अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई.

★ एनसीसी निदेशालय, बिहार एवं झारखंड पटना के अंतर्गत झारखंड प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी गई.

★ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के सुदृढ़ीकरण के लिए ODMP (Other Disaster Management Project) के अंतर्गत कार्यरत मानव संसाधन की सेवा अवधि के विस्तार के निमित्त योजना का विस्तार करने की स्वीकृति दी गई.

★ श्री अशोक कुमार तदेन सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद संप्रति सहायक अभियंता, रूपांंकण प्रमंडल संख्या-01 मेदनीनगर को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.

★ खूंटी न्याय मंडल में 02 (दो) आशुलिपिक के स्थाई पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ डॉ रोशन प्रवीण खलखो, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोलेबिरा, सिमडेगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.

★ वित्तीय वर्ष 2019-20 में  NRDWP (Normal Component) अंतर्गत मेदनीनगर जिला के पूर्वडीहा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के द्वितीय पुनरीक्षित प्राक्कलन रुपए 251.188000 लाख मात्र पर योजना की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति एवं पुनरीक्षण के फलस्वरुप वर्धित राशि 64.25113 लाख में से केंद्रांश से 32.12556 लाख एवं राज्यांश से 32.12557 लाख रुपये मात्र पर व्यय की स्वीकृति दी गई.

★ State Court Management System Committee के स्थाई सचिवालय की स्थापना के लिए सहायक के 01 (एक) अराजपत्रित पद के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची के चिकित्सा शिक्षा संवर्ग के विभिन्न विभागों के लिए सीनियर रेजिडेंट एवं टयूटर के 79 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य योजना अंतर्गत लाभुक जनित योजनाएं (अंब्रेला स्कीम) यथा-बकरा विकास, शुकर विकास, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट तथा ब्रायलर कुक्कुट पालन का संचालन के लिए उपबंधित राशि अंतर्गत अन्य क्षेत्रीय उपयोजना अंतर्गत रुपए 28 करोड़ 93 लाख रुपये, अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना अंतर्गत 10 करोड़ 29 लाख रुपए तथा जनजातीय क्षेत्र उपयोजना अंतर्गत 13 करोड़ कुल रुपए, कुल 52 करोड़ 22 लाख रुपए की योजना के संचालन पर स्वीकृति दी गई.

★ राज्य योजना अंतर्गत त्रिवर्षीय जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में कुल राशि 10000.00 लाख (रुपये सौ करोड़) मात्र की लागत पर योजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 में राशि ₹35 करोड़ मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई.

★ केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) "सबके लिए आवास 2022" के तृतीय घटक "भागीदारी में किफायती आवास निर्माण" के अंतर्गत आवासों के निर्माण के लिए विभागीय संकल्प संख्या- 5382 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

★ मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, डाकुवा, परगनैत, पराणिक, जोगमांझी, कुड़ाम, नायकी, नायकी गड़ैत, मूलरैयत, पड़हा राजा, ग्राम सभा का प्रधान, घटवाल एवं दावेदार की तरह पश्चिमी सिंहभूम के ग्रामीण दिउरी (पुजारी) को सम्मान राशि देने की स्वीकृति दी गई.

★ झारखंड भूमिगत जल, गैस और ड्रेनेज पाइप लाइन (भूमि में उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) नियमावली, 2018 एवं भूमि के उपयोग के अधिकार के अन्य अधिनियमों/नियमावलियों के तहत सरकारी भूमि के उपयोग के लिए दर का निर्धारण करने की स्वीकृति दी गई.

★ झारखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सेवा संवर्ग (भर्ती प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली, 2018 में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई.

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...