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मंगलवार, 31 जुलाई 2018

आरक्षण अधिनियम व पदोन्नति में विसंगतियों को दूर करने की मांग

रांची। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व भाजपा नेता उपेंद्र कुमार रजक व राज्य के विभिन्न सेवा संवर्ग के अनुसूचित जाति/ जनजाति कर्मचारी/पदा0 के  5 सदस्य प्रतिनिधि मंडल ने सरकार द्वारा  पदोन्नति मैं दिए जा रहे  आरक्षण में विसंगतियां से राज्य के मंत्री अमर कुमार बाउरी एवं  मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर, विधायक केदार हाजरा को अवगत कराया।  उन्होंने कहा कि पदोन्नति में वरीयता को नजर अंदाज कर दिया जा रहा  है। आरक्षण एवं आरक्षण अधिनियम व पदोन्नति नियम 1992, 2001 एवं 2009 के बिंदुओं पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि वर्तमान पदोन्नति में वरियता को नजरअंदाज करते हुए कनीय पदाधिकारियों को पदोन्नति दी जा रही है जिससे अनुसूचित जाति/ जनजाति के कई वरीय पदाधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि इन बिंदुओं को माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएं ताकि विसंगतियां दूर की जा सकें। इस पर मंत्री व विधायक ने आश्वासन देते हुए कहा कि वे इन बिंदुओं को राज्य के मुखिया एवं कार्मिक सचिव आदि के समक्ष रखेंगे ताकि राज्य में अनुसूचित जाति/ जनजाति के कर्म0/पदा0 को पदोन्नति का उचित लाभ मिल सकें। साथ ही श्री रजक ने अनुसूचित जाति छात्र/ छात्राओं को जाति/ आवासीय आदि प्रमाणपत्रों को बनाने में  हो रहा कठिनाइयों से अवगत कराते हुए कहा कि प्रक्रिया को सरल किया जाए ताकि अनुसूचित जाति के लोगों को  प्रमाण पत्र मिलने में परेशानी न हो।  उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के सभी अनुसूचित जाति/ जनजाति के विधायकों व मंत्रियों को इस मुद्दों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा
प्रतिनिधि  मंडल में  राज्य प्रशासनिक सेवा के बृजेंद्र  हेंब्रम, भूषण पासवान, सचिवालय सेवा से विवेक वासकी इंजीनियरिंग सेवा से ई0 संजीव कुमार, महेश कुमार, सुरेश पासवान, एससी/एसटी कर्मचारी संघ से नवल पासवान आदि शामिल थे।

रांची उड़ान ने किया पहाड़ी मंदिर में वृक्षारोपण




 रांची। पहाड़ी मंदिर में जेसीआई रांची उड़ान ने पर्यावरण की सुरक्षा हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया ।संस्था अध्यक्षा दीप्ति बजाज ने बताया कि संस्था ने प्रति सदस्य प्रति वृक्ष लगाया है ।
पेड़ पौधों के महत्व को कभी भी कम नहीं आंका जा सकता है, क्योंकि ये हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है| तभी तो हमारे देश में पेड़ पौधों की भी पूजा की जाती है, संत कबीर ने इनके महत्व को इस प्रकार व्यक्त किया “वृक्ष कबहुं नहीं फल भखे, नदी न संचे नीर, परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर|
कार्यक्रम संचालिका आशु सर्राफ एवं संगीता शर्मा ने पहाड़ी संरक्षण समिति की सलाह पर गहरी जड़ो वाले वृक्षों का चयन किया। बरगद ,नीम ,बेल ,आँवला ,जामुन,इमली ,चंपा , हरसिंगार , गुलमोहर, अड़हुल,कनेर एवं विशेष रूप से लेमन ग्रास  आदि का रोपण किया गया । संस्था से सचिव भावना काबरा, संतोष तुलस्यान ,नेहा गाड़ोदिया ,अनुराधा जैन , डॉली खेतावत , विनिता सिंघानिया ,कोमल रुंगटा ,कोमल झुझुनवाला ,अंजली अग्रवाल ,नीतु छापरिया, रेखा नारसारिया , मनीषा सोमानी ,सुमिता अग्रवाल एवं अन्य सदस्याएँ शामिल हुयी ।

डीआरएम के समक्ष एक दिवसीय धरना



डंपिंग यार्ड अविलंब हटाने की मांग


रांची। पिस्का नगड़ी स्टेशन तथा हटिया रेलवे स्टेशन विधानसभा के पीछे कोयला डंपिंग यार्ड अविलंब हटाये जाने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने हटिया डीआरएम के समक्ष एक दिवसीय धरना और प्रदर्शन​ किया गया। पिछले 23 जुलाई को इन्हीं मांगों को लेकर कांग्रेस जनों ने डीआरएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा था एवं एक सप्ताह में उचित निर्णय लेने की बात कही थी। लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा आम लोगों के सवालों को अनसुना कर दिए जाने के उपरांत आज से आन्दोलन का आगाज किया गया। पूर्वाहन दस बजे से एक बजे तक धरना दिया गया एवं धरना के उपरांत डीआरएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया एवं एक घंटे तक गेट बन्द कर दिया।
    हाथों में लिखी हुई तख्तियां एवं पिस्का नगड़ी स्टेशन कोयला डंपिंग यार्ड बन्द करो, डीआरएम शहर में प्रदूषण बन्द करो, रेलवे प्रशासन,कोयला डंपिंग यार्ड बन्द करो या फिर कुर्सी छोड़ दो,काला कारोबार बंद करो नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया एवं सभा आयोजित की।
                  सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री आलोक कुमार दूबे ने कहा कि स्थानीय हटिया विधायक एवं सांसद की मिली भगत से रेलवे प्रशासन ने आम लोगों को प्रदूषण में जीने को विवश कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी उन दोनों जगहों का निरीक्षण कर ले किसी भी कीमत पर कोयला डंपिंग यार्ड की इजाजत नहीं​ दें सकता है। सुधा प्रोसेसिंग मिल्क प्लांट और आस पास स्कूल में​ पढ़ने वाले बच्चों के बीच अगर कोई त्रासदी हुई तो इसके लिए सीधे तौर पर रेलवे प्रशासन और स्थानीय विधायक जिम्मेदार होंगे। श्री आलोक दूबे ने कहा हद तो ये है कि पिस्का नगड़ी स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर लोग ट्रेन में चढ़ते उतरते हैं और प्लेटफार्म दो पर लाखों टन कोयला आता जाता है,शायद देश में दूसरा ऐसा कोई उदाहरण नहीं होगा।
   धरना स्थल पर आयोजित सभा के माध्यम से रेलवे प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है कि अगर कोयला डंपिंग यार्ड बन्द नहीं​ किया गया तो एक सप्ताह के बाद  सात अगस्त से डीआरएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दिया जाएगा।
       कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुनील सिंह, पूर्णिमा सिंह, अख्तर हुसैन,शिवानी दास, अंजली सिंह, फिरोज रिजवी मुन्ना,मो आजम जुगनू,बबली सिंह,कुमुद रंजन,संगीता टोप्पो, गौरी मल्लिक,रीना नायक,कविता हेमरोम,मनीष कुमार,मिलन थापा,उदय विश्वकर्मा, रामाकांत कुमार,कुमार उपस्थित थे।

राज्य सभा सांसद मनोज झा से मिले समाजसेवी सुधांशु सुमन


* सामाजिक-आर्थिक विकास पर की चर्चा

रांची। झारखंड के जाने माने समाजसेवी सुधांशु सुमन ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता, प्रखर नेता और राज्य सभा सांसद मनोज झा से मुलाकात की। वैसे तो यह औपचारिक भेंट थी। इस दौरान श्री सुमन ने उनसे बिहार-झारखंड के वर्तमान आर्थिक-सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा की। उनसे राजनीति के गुर भी सीखे। गौरतलब है कि सुधांशु सुमन राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा सम्मान यात्रा के प्रणेता हैं। इस अभियान को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। वहीं, झारखंड के चतरा संसदीय क्षेत्र में विशेष रूप से तिरंगा सम्मान यात्रा के माध्यम से समाजसेवा के क्षेत्र में काफी बढ़-चढ़कर काम कर रहे हैं। देश प्रेम के साथ-साथ समाज सेवा को उन्होंने एक मिशन के रूप मे अपना लिया है। इस क्रम में वे लोगों की जनसमस्याओं से भी रू-ब-रू हो रहे हैं। मुलाकात के दौरान राजद सांसद (राज्य सभा) श्री झा ने श्री सुमन से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने श्री सुमन को राष्ट्र हित, राज्य हित व जनहित में  कार्य करने को प्रेरित किया। श्री सुमन ने राजद प्रवक्ता व सांसद के प्रति आभार व्यक्त किया ।

फिल्म अभिनेता रवि किशन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात


रांची। हिंदी फिल्म हंच की शूटिंग के दौरान बॉलीवुड के रॉक
स्टार रवि किशन ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी से प्रोजेक्ट भवन
में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान रवि किशन ने मुख्यमंत्री जी से झारखंड
के सभी महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को विकसित करने का आग्रह किया तथा राज्य
के पर्यटन विभाग को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले और मुंबई महानगरी से जितने
भी फिल्में आए झारखंड के हमारे प्रतिभावन कलाकारों को काम मिले। रांची के
पतरातू में जो फिल्म सिटी बनने वाली है, उसका निर्माण जल्द से जल्द हो
ताकि झारखंड में और भी बड़ी से बड़ी फिल्में आएं और राज्य के खूबसूरत
लोकेशनों में शूटिंग हो। अभिनेता रवि किशन ने पतरातू  घाटी की तुलना
स्विट्ज़रलैंड से की है। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री जी से यह भी कहा कि
मेरी जो भी शूट फिल्में होगी, चाहे मेरे होम प्रोडक्शन की हो या और कोई
भी  सभी की शूटिंग झारखंड में ही होगी। उक्त आशय की
जानकारी फिल्म पीआरओ संजय पुजारी ने दी है।

सोमवार, 30 जुलाई 2018

500 अरब डालर पहुंचेगा लाजिस्टिक्स उद्योग में निवेश

केन्‍द्रीय वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि वर्ष 2025 तक लॉजिस्टिक्‍स के क्षेत्र में सालाना निवेश 500 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। श्री प्रभु ने कहा कि इससे देश में लाखों की संख्‍या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत की व्‍यापारिक गति‍विधियों में घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आने वाली बाधाएं दूर होंगी।
कई विदेशी कंपनियां आज के दौर में भारत को विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एक प्रमुख केन्‍द्र के रूप में देख रही हैं।
इसके अलावा, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलों ने भारतीय उपमहाद्वीप में उपलब्‍ध
प्रचुर संसाधनों, कम लागत वाले माहौल और कुशल श्रमिकों वाली व्‍यवस्‍था को और बढावा दिया है।
हाल के वर्षों में भारत सरकार ने प्रभावी लॉजिस्टिक्स सेवाओं के जरिए व्‍यापार को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सीमा तथा सीमा पार क्षेत्र में व्‍यापारिक गति‍विधियों के प्रमाणिक दस्‍तावेज तैयार करना, समर्पित माल वाहन गलियारे बनाना, बंदरगाहों तथा अन्‍य आधारभूत संरचनाओं में निवेश और व्‍यापार की समस्‍त गतिविधियों को परस्‍पर जोड़ने के काम शामिल हैं। इन गतिविधियों से देश के लॉजिस्टिक्स सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन सुधरेगा। लॉजिस्टिक्‍स सेवाओं के सक्षम और प्रभावी प्रबंधन से विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र पर सकारात्‍मक असर दिखेगा।

श्री प्रभु ने कहा कि लॉजिस्टिक्‍स सेवाओं के समग्र विकास के लिए वाणिज्‍य विभाग में अलग से लॉजिस्टिक्‍स इकाई गठित की गई है। वेयर हाउसिंग, प्रशीतन गृहों तथा मल्‍टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों को आधारभूत संरचना की श्रेणी में रखा गया है। उन्‍होंने कहा कि  उनका मंत्रालय एक राष्‍ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति तैयार करने काम काम कर रहा है। इसके साथ ही मल्‍टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए भी जल्‍द ही एक नीति की घोषणा की जाएगी। श्री प्रभु ने कहा कि वर्तमान में लॉजिस्टिक्स की रफ्तार और लागत भारतीय उत्‍पादों की उस बाजार हिस्‍सेदारी में सेंध लगा रही है, जिसके वे हकदार हैं। उन्‍होंने कहा कि इस समस्‍या से निपटने के लिए वाणिज्‍य विभाग ने व्‍यापार और लॉजिस्टिक्स सुगमता केन्‍द्र (सीटीएफएल) को निम्‍नलिखित उद्देश्‍यों की पूर्ति के लिए एक योजना तैयार करने का अधिकार सौंपा है।
·         मौजूदा वैश्विक माहौल में आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के क्षेत्र में कंपनियों के समक्ष मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर उद्योगों, शिक्षाविदों, सरकारों तथा संगठनों के प्रयासों को एकसाथ जोड़ना है। 
·         व्‍यापार सुगमता और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन क क्षेत्र में विशेषज्ञों और पेशेवरों का कैडर तैयार करने के लिए सही प्रशिक्षण के जरिए  मानव संसाधन का कौशल विकास करना।
·         लॉजिस्टिक्स और व्‍यापार सुगमता क्षेत्र में कार्यरत सरकारी अधिकारियों के लिए आवश्‍यक प्रशिक्षण की व्‍यवस्‍था करना।
मंत्रालय ने उपरोक्‍त कार्यों के लिए सीटीएफएल को शुरूआती स्‍तर पर आधारभूत संरचना विकास के लिए एक बार में 80 लाख रुपये की मदद देने का फैसला किया है। अगले चार वर्षों के दौरान इस केन्‍द्र को विभिन्‍न चरणों में कुल 339.90 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीआईएफएल व्‍यापार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की निगरानी करेगा और इस बारे में तैयार रिपोर्ट के आधार पर लॉजिस्टिक्स सेवाओंमें सुधार के सुझाव देगा।
श्री प्रभु ने इस अवसर पर लॉजिस्टिक्स विभाग के लिए अलग से एक प्रतीक चिन्‍ह भी जारी किया, जो हंसों के एक जोड़े का ग्राफिक चित्र है। हंस हवा, पानी और जमीन सभी जगह बड़ी सहजता के साथ लम्‍बी दूरी तक यात्रा कर लेते हैं। उन्‍हें टीम वर्क, ऊर्जा और विभिन्‍न साझेदारों के बीच समन्‍वय के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जोकि लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए जरूरी है।  

यात्री रेलों में डिस्प्ले बोर्ड और उदघोषणा-मशीनों की स्थापना


नई दिल्ली। ईएमयू और हमसफर, तेजस जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों में डिस्प्ले बोर्ड और जन उदघोषणा प्रणाली की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अनुभूति कोच में एलसीडी स्क्रीन पर जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली की व्यवस्था की गई है। कोच में एलसीडी स्क्रीन  छत से टंगे रहेंगे। एलसीडी स्क्रीन पर आने वाले स्टेशनों, गंतव्य स्टेशन, ट्रेन की अद्यतन स्थिति तथा सुरक्षा संबंधी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
वर्तमान में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में अगले स्टेशन की सूचना दी जाती है। इस प्रणाली का उपयोग वाद्य यंत्र आधारित संगीत तथा ताजा समाचारों के लिए भी किया जा रहा है।
भारतीय रेल के नए कोचों में दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए एकीकृत ब्रेल संकेत की व्यवस्था की गई है। हाल ही में आरडीएसओ (अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन), लखनऊ ने एसएचबी कोचों में जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली का परीक्षण किया है।
उक्त जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री श्री राजेन गोहेन ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।   
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स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...