यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 20 जून 2019

पीएम मोदी ने योग दिवस पर रांची से दिया दुनिया को संदेश

★विश्व शांति, सदभाव और समृद्धि के लिए योग
★आज रांची विश्व फलक पर चमक रहा है
★योग को पिछड़े हुए आदिवासियों के जीवन का हिस्सा बनाना है
...नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
====================
★योग के 100 सेंटर को शुभारंभ होगा, जहां मिलेगा योग को प्रशिक्षण
★योग को झारखण्ड से पुराना रिश्ता
...रघुवर दास, मुख्यमंत्री
==================


रांची।
जोहार से आगाज़....
झारखण्ड कर भाई बहिन मन के मोर बहुत बहुत जोहार। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस सम्बोधन से योग दिवस 2019 का आगाज़ प्रभात तारा मैदान से किया । प्रधानमंत्री ने कहा विश्व शांति, सदभाव और समृद्धि के लिए योग अपनाएं। उन्होंने कहा कि आज रांची विश्व फलक पर चमक रहा है। रांची के लिए मेरे मन में विशेष जगह तो है पर यहां योग दिवस के आयोजन के तीन महत्वपूर्ण कारण रहे। झारखण्ड के नाम से इसपर प्रकृति की विशेष कृपा का अहसास होता है और योग भी प्रकृति के बहुत क़रीब है। साथ ही, स्वास्थ्य की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत का शुभारंभ रांची से हुआ। आज यह योजना बहुत कम समय में गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। झारखण्ड में योग प्रारंभ से इसकी संस्कृति का हिस्सा रहा है। यहां की छउ नृत्य की शैली और मुद्राएं योग का आभास कराती है। हमें मिलकर योग को और उंचे स्तर तक लेकर जाना है।


योग को गरीब और आदिवासियों के जीवन का हिस्सा बने- वे स्वस्थ और संपन्न बनें
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में योग सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब और आदिवासियों तक नहीं पहुंच पाया है। हमें मिलकर योग को उन तक पहुंचाना है। क्योंकि योग से बिमारी को दूर रखा जा सकता है। गरीब बिमारी की वजह से कष्ट पाता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि योग को उन तक पहुंचा कर हम उन्हें बिमारी के चुंगल से बचायेंगे। अब मुझे आधुनिक योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है।

टूटे हुए मन से सपनों को पूरा नहीं किया जा सकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि उतम स्वास्थ्य होने से नई उंचाईयों को पाने की लालसा होती है। टूटे मन से सपनों को पूरा नहीं किया जा सकता। पर्यावरण, पोषण, पानी और परिश्रम- ये हमारे स्वास्थ्य के लिए परिणाम देते हैं। इस वर्ष "योगा फ़ॉर हार्ट केयर" पर आयोजित किया जा रहा है। हदय रोग पूरी दुनिया के समक्ष एक चुनौती बन चुका है। युवाओं में भी समस्या बढ़ रही है। योग के प्रचार प्रसार में झारखण्ड के संस्थान हार्ट केयर जागरूकता को लेकर आगे बढें। इस वर्ष योग को बढावा देने के लिए जिन्हें पुरस्कार मिला। मैं उनके सर्मपण और तपस्या को नमन करता हूं।

युवा पीढ़ी योग को आधुनिकता से जोड रही है
प्रधानमंत्री ने बताया कि योग को युवा पीढ़ी आधुनिकता से जोड़ रही है। उनके क्रिएटीव आईडिया से योग और जीवंत हो रहा है। भारत में योग के प्रति जागरूकता हर वर्ग तक पहुंची है, इसका अनुभव किया जा सकता है। आज हमारा योग दुनिया अपना रही है। हमें योग पर हो रहे अनुसंधान को बढ़ावा देकर इसकी जानकारी दुनिया को देते रहना है। सरकार इस आवश्यकता को समझते हुए कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री ने देवघर के रिखिया आश्रम और रांची के योगदा सत्संग का नाम लिया
प्रधानमंत्री ने झारखंड में देवघर के रिखिया आश्रम और रांची के योगदा सत्संग का नाम लेते हुए कहा कि योग से जुड़ी देश भर की संस्थाओं को भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व को योग के व्यापक महत्व से अवगत कराने के लिए आगे आना होगा।

योग तो यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश के भविष्य है और इनकी का देश के विकास में अहम् भूमिका है। आज यहां युवाओं ने योग में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है, यह अच्छी बात है। आज की पीढ़ी के लिए योग बहुत ही जरूरी है। अपने स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए योग एक सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा 'योग' का मतलब सिर्फ 'आसन' नहीं होता। योग तो यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के संपूर्ण प्रकारों का नाम हैं।

नये भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत की बडी भूमिका
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि यह झारखण्ड का सौभाग्य है कि वीर बिरसा आबा की धरा पर पूरी दुनिया में योग को एक नई पहचान देने वाले व्यक्तित्व श्री नरेन्द्र मोदी के साथ झारखण्डवासी योग कर रहें हैं। रांची का चयन करने के लिए प्रधानमंत्री का बहुत आभार। आपके नेतृत्व में झारखण्ड आगे बढ़ रहा है। इस वैश्विक युग में मानव विकास और मानव संसाधन को विकसित करने के लिए योग जरूरी है। नये भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत की बड़ी भूमिका होगी। यह बात हम सभी को समझनी होगी। तभी स्वस्थ समाज, स्वस्थ राज्य और स्वस्थ भारत का निर्माण होगा।

100 सेंटर योग के खोलने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का योग से पुराना रिश्ता रहा है। संथाली, हो, मुंडा समेत अन्य जनजातीय समुदाय भी अपने सांस्कृतिक और दैनिक जीवन में योग को अपनाये हुए हैं। करमा, सरहुल सहित अन्य पर्व में योग की झलक देखने को मिलती है। यहां के संस्थान भी योग को लेकर गंभीर हैं, फिर वो रामकृष्ण मिशन हो या देवघर का रिखिया घाम। वर्तमान में 340 योग केंद्रों में योग की शिक्षा दी जा रही है। 100 और सेंटर प्रारंभ करने की योजना सरकार की है।

योग से लोगों के जीवन शैली में एक बहुत बड़ा परिवर्तन
इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने स्वागत संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े ही गतिशीलता के साथ हम योग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान पूरे विश्व पटल पर बना रहे हैं और यह विदित है कि किसी सरकार ने पहली बार योग को बढ़ावा देने के लिए एक मंत्रालय का गठन किया जिसका नाम आयुष मंत्रालय है और उसका गौरव हमें प्राप्त है। योग से लोगों के जीवन शैली में एक बहुत बड़ा परिवर्तन लाया है। 2017 में प्रधानमंत्री योग पुरस्कार की शुरुआत करना सराहनीय और प्रशंसनीय कदम है वहीं उन्होंने 2019 में पुरस्कारों के बारे में बताया कि इस बार 4 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जा रहे हैं।

मौके पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी सहित आला अधिकारी, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, विद्यार्थी, युवा और भारी संख्या में आमजन मौजूद थे।

बच्चों से कराया पुस्तकालय का उद्धाटन



मनोहरपुर। प्राथमिक विद्यालय उन्धन मनोहरपुर को पुस्तकालय का रूप दिया गया है, जिसका विमोचन प्रखंड विकास मनोहरपुर  जितेन्द्र कुमार पांडेय और छोटे- छोटे बच्चों के द्वारा किया गया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री पांडेय ने कहा  कि पुस्तकालय खुलना बेहद खुशी की बात है। इससे आस- पास के बच्चों को पढ़ने-लिखने में बेहद सुविधा प्राप्त होगी। बच्चे पुस्तकालय में आकर बैठ कर पढ़ सकते हैं तथा अपना भविष्य को सार्थक बना सकते हैं।

पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स जैसे यू० पी० एस० सी०, एस० एस० सी० जे०पी०एस०सी० रेलवे, बैंक, एस०एस०सी० की किताबें प्रमुख रूप से उपलब्ध कराई गई है। यहां पर बच्चों को कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स की तैयारी भी कराया जायेगी जिसकी जिम्मेदारी जिला द्वारा भेजे गए प्रशिक्षण हेतु दो छात्रों को दी गई है।

उद्घाटन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से 20 सूत्री अध्यक्ष राज कुमार लोहार, बी० एफ० टी० राजकुमार, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक,
मुख्य रूप से शामिल थे।

हर हाल में किसानों को मिले योजनाओं का लाभ : विजय कुमार सिंह

कोल्हान प्रमंडल की समीक्षा बैठक


विनय मिश्र
चाईबासा। कोल्हान प्रमंडल आयुक्त  विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना की समीक्षा बैठक आहूत की गई। आयुक्त श्री  सिंह ने कहा कि
अधिक से अधिक किसानों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचे।
झारखण्ड सरकार के निर्देश के आलोक में कोल्हान प्रमंडल आयुक्त  विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि कुल 226385 नोटिस के तामिला के पश्चात अब 87773 आवेदन प्रपत्र ही क्यों प्राप्त किया गया।उन्होंने इसको शत-प्रतिशत करने का निर्देश दिया। उपायुक्त अमित कुमार  पूर्वी सिंहभूम ने उन्हें बताया कि कई किसानों का नाम दो बार अंकित होने के कारण आकड़ों में इतना अन्तर दिख रहा है। आयुक्त ने  ज्यादा से ज्यादा किसानों तक इन योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि 226385 नोटिस के तामिला के पश्चात अब तक कुल 87773 प्रपत्र प्राप्त हुआ, कुल 52684 आवेदन का ऑनलाईन प्रवृष्टि कर दी गई है। सरकार का निर्देश है कि किसानों को खरीफ फसल की खेती के पहले उनके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम  अमित कुमार, अपर उपायुक्त और जिला कृषि पदाधिकारी उपस्थित थे।

मदर्स इंटरनेशनल स्कूल में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस


* योग से मन-मस्तिष्क स्वच्छ और स्वस्थ रहता है : डॉ.रोमी झा

रांची। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ब्राम्बे स्थित सुदूरवर्ती गांव जाहेर में अवस्थित मदर्स इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों को योगासन के गुर सिखाए गए। योग दिवस की महत्ता और योग से लाभ के बारे में जानकारी दी गई। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने योग की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन किया। योगासन की प्रस्तुति कर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दुरूस्त रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए स्कूल की प्राचार्या प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ.रोमी झा ने कहा कि योग हमारी सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्राचीन और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में योग का महत्वपूर्ण स्थान है। नियमित योग करने से मन-मस्तिष्क स्वस्थ और स्वच्छ रहता है। उन्होंने कहा कि योग से कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलता है। स्कूलों में योग की नियमित कक्षाएं संचालित करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे छात्रों में योग के प्रति भावनात्मक लगाव उत्पन्न होगा और शारीरिक व बौद्धिक विकास में यह काफी सहायक होगा। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ.रोमी झा ने सबों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी। इस मौके पर स्कूल के सभी छात्र व शिक्षकगण मौजूद थे।

कोई और पीएम होता तो कैसे मनाता योग दिवस



देवेंद्र गौतम
आज 21 जून को पीएम मोदी ने रांची के प्रभात तारा मैदान में 40 हजार लोगों के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। उन्होंने भारतीय योग को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता दिलाई। संयुक्त राष्ट्र परिषद ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किया। यह भारत के लिए गौरव की बात है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। पीएम मोदी ने योग दिवस के रूप में एक ऐसी परंपरा की बुनियाद रख दी, जिसको निर्वहन भविष्य के सभी प्रधानमंत्रियों को करना अनिवार्य हो जाएगा। कल्पना कीजिए यदि 2019 के चुनाव में महागठबंधन की जीत होती और पीएम पद के दावेदारों में कोई पीएम बन जाता तो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में अपनी भागीदारी किस रूप में करता।
यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते तो कम से कम दो सप्ताह पूर्व अपने लिए एक योग प्रशिक्षक नियुक्त करते और प्रदर्शन के लिए कुछ आसन सीख लेते। भाषण भी पहले से तैयार रहता और रट लिया जाता। चूंकि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाना है इसलिए वे अपनी भागीदारी के लिए भारत के किसी शहर का नहीं बल्कि उत्तरी गोलार्ध के किसी ऐसे देश का चयन करते जहां उन्हें छुट्टियां मनाना पसंद है। इसके कई लाभ होते। एक तो अंतर्राष्ट्रीय संबंध बेहतर होते दूसरे योगासन के समय कुछ भूल-चूक होती तो तत्काल कोई पकड़ नहीं पाता। कुछ विदेशी मित्रों के साथ समय गुजारने का मौका मिल जाता। सूचना क्रांति के युग में देश को संदेश तो कहीं से भी दिया जा सकता है। इसके लिए देश में रहना क्या जरूरी है।
यदि मायावती प्रधानमंत्री बनतीं तो उत्तर प्रदेश अथवा आसपास के किसी राज्य के ऐसे दलित बहुल इलाके को चुनतीं जहां बसपा की जीत की संभावना होती। वहां योगस्थ मुद्रा में अपनी मूर्ति भी स्थापित करतीं। यह हाथी पर बैठकर योग करने की मुद्रा भी हो सकती थी। एक सूरत यह भी हो सकती थी कि वे योग को मनुवादी संस्कृति की देन कहकर अपनी भागीदारी से इनकार भी कर देतीं। उनके वोटरों के बीच इसका भी सकारात्मक संदेश जाता।
यदि ममता बनर्जी प्रधानमंत्री बनतीं तो कोलकाता में ही योग दिवस मनातीं और कोशिश करतीं कि उनके साथ योग करने वालों में सभी धर्मों और संप्रदायों के लोग शामिल रहें ताकि उनकी धर्मनिरपेक्ष छवि पर कोई आंच नहीं आए। अपने संदेश में वे यह बतलातीं योग की शुरुआत बंगाल से ही हुई थी। वहीं से भारत के अन्य इलाकों में इसे अपनाया गया। इसके आसनों में बंगभूमि की सुगंध मौजूद है। यह वैज्ञानिक है। लगे हाथ सांप्रदायिक दलों पर इसके भगवाकरण का भी आरोप लगा देतीं।
आने वाले समय में यदि नीतीश जी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर पहुंचे तो वे एक शुभकामना संदेश देकर पल्ला झाड़ लेते। स्वयं योग समारोह में शामिल होने से इनकार कर देते। हालांकि देशवासियों को इससे मना नहीं करते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। विज्ञान और टेक्नोलॉजी में भी उनकी दिलचस्पी है। इसलिए योग के प्रति उनके रूझान को कहीं से अस्वाभाविक नहीं कहा जा सकता। लेकिन योग के प्रति उनके रूझान में राजनीति का गणित नहीं है, ऐसा नहीं कहा जा सकता। इस वर्ष वे योग दिवस रांची में मना रहे हैं। कुछ ही माह बाद यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से झारखंड के मतदाताओं के बीच एक संदेश जाएगा जिसका लाभ भाजपा को मिलेगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्व उन्होंने लखनऊ में योग दिवस मनाया था। इसका जबर्दस्त लाभ मिला था। योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने में इस कार्यक्रम का योगदान रहा था। राजनेता का हर कदम राजनीतिक लाभ-हानि के गणित के आधार पर उठता है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता।

आयुष राज्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री योग पुरस्कार विजेताओं की घोषणा




रांची। वर्ष 2019 में योग को बढ़ावा देने प्रति लोगों को जागरुक करने और इसके प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाने को लेकर प्रधानमंत्री पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने रांची के रेडिशन ब्लू होटल में प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि इटली की एनतोनियेता रोजी, जापान योग निकेतन, गुजरात के लाइफ मिशन के स्वामी राजर्षि मुनि और मुंगेर के बिहार स्कूल ऑफ योग को 2019 के प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों के लिए नामित 79 प्रतिभागियों में उनका चयन किया गया है। उन्हें 25-25 लाख रुपये की नकद राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
आयुष राज्यमंत्री ने बताया कि इन पुरस्कारों की शुरुआत 21 जून 2016 को दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्सव के मौके पर पीएम मोदी की घोषणा के साथ हुई थी। आयुष मंत्रालय ने इन पुरस्कारों के ले दिशा-निर्देश बनाए। इसबार के चयनित प्रतिभागियों में एनतोनिएता रोजी इटली में 42 वर्षों से योग शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। गुजरात के लिंबदी के स्वामी राजर्षि मुनि 1971 से योग के प्रचार-प्रसार में लगे हैं। मुंगेर के बिहार स्कूल ऑफ योग की स्थापना 1964 में स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने की थी।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अबतक के थीम

★2015- सद्भाव और शांति के लिए योग Yoga for Harmony and Peace

★2016- युवाओं को कनेक्ट करें Connect the youth

★2017- स्वास्थ्य के लिए योग Yoga for Health

★2018- शांति के लिए योग Yoga for Peace

★2019- योग फॉर हार्ट Yoga for Hear

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...