रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के उपायुक्तों को महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक के दौरान निदेश दिया कि जिलावार पिछड़ा वर्ग का सर्वेक्षण कार्य जल्द से जल्द पूरा करें। इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पहले ही पूरा करना था, किंतु चुनाव में लगे होने के कारण विलम्ब हुआ। अब इस कार्य पर पूरा ध्यान दें। सर्वेक्षण के परिणाम से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण सहित मिलने वाले लाभों में बदलाव आयेगा।
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सोमवार, 15 जुलाई 2019
पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण के कार्य समय पर पूरा करेंः रघुवर दास
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के उपायुक्तों को महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक के दौरान निदेश दिया कि जिलावार पिछड़ा वर्ग का सर्वेक्षण कार्य जल्द से जल्द पूरा करें। इस कार्य को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पहले ही पूरा करना था, किंतु चुनाव में लगे होने के कारण विलम्ब हुआ। अब इस कार्य पर पूरा ध्यान दें। सर्वेक्षण के परिणाम से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण सहित मिलने वाले लाभों में बदलाव आयेगा।
सीएम रघुवर दास ने उपायुक्तों और उप विकास आयुक्तों से किया सीधा संवाद, दिया तीन माह का लक्ष्य
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सच्ची नीयत से राह मुक़म्मल होती है।
गांवों के दम पर लोकतंत्र आबाद है -- आइये हम उनके विकास के लिए समर्पित हों
30 सितंबर तक गांव में स्ट्रीट लाइट, पेभर ब्लॉक की सड़क और पेयजलापूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए
ग्राम सभा से पारित योजना को लागू करें, ऐसा नहीं करने वाले जो भी अड़ंगा लगाए-कड़ी करवाई करें
किसानों को बरगलाने वालों को जेल भेजें
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रांची। राज्य के 35 लाख किसानों के बीच 5000 करोड़ की राशि सीधे उनके खाते में जाएगी। किसानों के निबंधन का कार्य 25 अगस्त तक पूरा कर लें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से भी अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों, इसका पूरा प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची नीयत से राह मुक़म्मल होती है। गांवों के दम पर लोकतंत्र आबाद है -- आइये हम उनके विकास के लिए समर्पित हों। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य के उपायुक्त व उप विकास आयुक्त के साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक के दौरान कही।
किसानों को बरगलाने वालों पर दर्ज करें मामला
किसानों को एक साजिश के तहत बरगलाने वाले लोग किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी हैं। ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें सीधा जेल भेजें। बैठक के दौरान यह बात उभर कर सामने आई कि कुछ जिलों में किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना का लाभ लेने पर उनकी जमीन छीन जाने की झूठी अफवाह फैला बरगला रहें हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को खेती के लिए मदद करने पर आमादा है और राष्ट्रविरोधी शक्तियां किसानों को बरगला रही है। यह नहीं होने देंगे। किसानों को जागरूक करें। उनकी जमीन वर्तमान सरकार के रहते कोई नहीं छीन सकता।
ग्राम सभा से पारित योजना को लागू करें, ऐसा नहीं करने वाले जो भी अड़ंगा लगाए-कड़ी करवाई करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामसभा से स्वीकृत गांव की सड़कों को रोशन करने के लिए स्ट्रीट लाइट योजना, पेभर ब्लॉक की सड़क और सौर ऊर्जा से गांवों में पाइपलाइन से पेयजलापूर्ति योजना हर हाल में 30 सितंबर तक पूरी हो जानी चाहिए। ग्राम सभा से पारित योजना को लागू करें, ऐसा नहीं करने वाले जो भी अड़ंगा लगाए-कड़ी करवाई करें। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी के सीआर में उनके विरुद्ध लिखा जाएगा। स्ट्रीट लाइट के लिए बचे हुए पंचायत का रेक्विजिशन समय पर भेज दें।
प्रधानमंत्री आवास योजना से सभी को आच्छादित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से सभी को आच्छादित करें। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में रहने वाले सभी जरूरतमंद इस दायरे में आ जाये यह सुनिश्चित होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें कि बन रहे घर को उज्ज्वला योजना के तहत LPG कनेक्शन, शौचालय और बिजली की उपलब्धता पूर्ण की जाए। जिन लाभुकों का आवास पूर्ण हो रहें हैं उन्हें योजना का अंतिम किस्त यथाशीघ्र जारी कर दें। जिस गति से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लाभुकों को दिया जा रहा है उस गति से अम्बेडकर आवास योजना और बिरसा आवास योजना को भी धरातल पर उतारें।
विधायक कोष की 50 लाख की राशि पेयजलापूर्ति में होगी खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी उपायुक्त सांसद और विधायक मद की राशि से होने वाले कार्यों की अनुशंसा 1 सप्ताह में ले लें। विधायक कोष से 50 लाख की राशि से दलित और आदिवासी टोलों में पेयजलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्य हेतु संबंधित विधायक से स्वीकृति जल्द लें।
महिला सशक्तीकरण है प्राथमिकता, सखी मंडल को करें और सशक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए सभी पंचायत में 1 सखी मंडल का गठन होना आवश्यक है। 30 सितंबर तक इसका गठन कर लें। सखी मंडल को Ready to Eat योजना से जोड़ा जाएगा। उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना है। उपायुक्त इस बात का ध्यान रखें कि गांव की बेहद गरीब, जिसका आय का कोई साधन न हो उन्हें सखी मंडल से जोड़ उनके स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करें। सखी मंडल में गांव की पांच महिला ऐसी होनी चाहिए जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सखी मंडल के माध्यम से अब आदिम जनजाति समूह को डाकिया योजना के तहत खाद्यान्न वितरित किया जाएगा।
सप्ताह में एक दिन गांव जाएं उपायुक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचयन समय की मांग है। इस निमित जल संचयन हेतु पूरे राज्य के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मॉनसून का पानी कैसे रोकें। इस पर धरातल पर कार्य होना चाहिए। ट्रेंच कम बंड योजना जल संचयन का माध्यम बनाया गया है। सभी उपायुक्त जल संचयन के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु सप्ताह में एक दिन किसी गांव का दौरा करें। जनभागीदारी से इसे जन आंदोलन बनायें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, ग्रामीण कार्य विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों यह दिया लक्ष्य :-
★ 30 जुलाई तक कमल क्लब का गठन करें
★दाखिल- खारिज से संबंधित मामलों का जल्द निपटारा शिविर के माध्यम से भी होना चाहिए, अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित न रखें
★टाना भगत का जमीन से संबंधित मामलों का निष्पादन शिविर लगाकर करें
★नक्सल घटना में मृत लोगों के परिजनों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने की दिशा में कार्य करें।
★शौचालय निर्माण योजना से लाभान्वित हुए बिना कोई घर न रहे
★DMFT मद से गांव की सड़कों का निर्माण करें उपायुक्त
★राज्य भर में 800 किमी 10 साल पुरानी ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण कार्य आरंभ करें
★23 सितंबर तक राज्य के 57 लाख परिवार को मिल जाना चाहिए गोल्डेन कार्ड
★निबंधन रहित 1 लाख गर्भवती महिलाओं का निबंधन तय करें
★सुकन्या योजना के तहत बालिग हो चुकी बच्चियों को योजना के तहत दें 10 हजार रुपये
★छूटे हुए स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र को करें बिजली से आच्छादित
★असंगठित मजदूरों का निबंधन शिविर व अन्य माध्यमों से करें, उन्हें योजना का लाभ दें
★सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंच गई यह सुनिश्चित करें
★आकांक्षी जिलों में वहां की भाषा के अनुसार शिक्षकों को (घंटी पर) नियुक्त करें
★विधवा पेंशन से कोई विधवा बहन वंचित न रहे
★ पिछड़ा वर्ग का सर्वेक्षण कार्य यथाशीघ्र पूरा करे
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री के के खंडेलवाल, मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, कैबिनेट सचिव श्री अजय कुमार सिंहसभी विभाग के प्रधान सचिव, विभागीय सचिव, सभी प्रमंडल के आयुक्त, संथालपरगना प्रमंडल को छोड़कर सभी जिलों के उपायुक्त और उपविकास आयुक्त उपस्थित थे।
निर्मला कांवेंट में स्टोरी टेलिंग कंपीटिशन
रांची। निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल, एदलहातू, रांची में सोमवार को स्टोरी टेलिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया । जिसमें कक्षा प्री नर्सरी से कक्षा 2 तक के सभी स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया । छोटे - छोटे बच्चों ने बेहद प्यारे अंदाज में मंच पर आकर अपने क्लास साथियों सहित उपस्थित शिक्षकों को शॉर्ट स्टोरी सुनाया । बच्चों के मुख से निकले एक - एक शब्द उनके साथियों एवं शिक्षकों में खुशी का संचार कर रहे थे । सभी के चेहरे पर हर्ष व खुशी की चमक दिखाई दे रही थी । बच्चों ने मौके पर कई कहानियां सुनाएं ।
विद्यालय के प्रिंसिपल श्री विजय कुमार शर्मा ने बताया कि बच्चों के अंदर कम उम्र से ही उनके स्पीकिंग स्किल का विकास किया जाना चाहिए तभी आगे चलकर वे कुशल ज्ञाता के साथ - साथ कुशल वक्ता भी बन सकते हैं । और इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु विद्यालय में छोटे बच्चों के बीच स्टोरी टेलिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन कराया गया है । वहीं विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल श्री विमलेश कुमार अवस्थी ने बताया कि विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों का उद्देश्य है कि बच्चें ज्ञान अर्जन के साथ साथ प्रखर वक्ता के रूप में भी उभरें । साथ ही उन्होंने अवगत कराया की इसी का प्रभाव है कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वाद - विवाद प्रतियोगिताओं में निर्मला कॉन्वेंट हाई स्कूल के स्टूडेंट्स अपना वर्चस्व कायम करने में सफल हो रहे हैं । मौके पर विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव श्रीमति सीमा शर्मा के द्वारा बेहतर वक्ताओं को बधाई दी गई साथ ही उन्हें पुरष्कृत भी किया गया जिसमें ग्रुप ए से प्रथम श्रृष्टि कुमारी एवं फलक परवीन, दूसरे स्थान पर गरिमा तथा तीसरे स्थान पर नुजहट परवीन एवं कव्या कुमारी जबकि ग्रुप बी से स्वीटी कुमारी पहले स्थान पर, सोनी कुमारी दूसरे स्थान पर तथा वैष्णवी कुमारी एवम् नैनसी कुमारी तीसरे स्थान पर रही । इस अवसर पर शिक्षक गोपाल चन्द्र दास, अनिमा एक्का, स्वाति सिंह, मीनू सिंह, रेखा कुमारी, मोनीबाला शर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं स्टूडेंट्स उपस्थित थे ।
हरियाली का पैगाम दे रहे देवनाथ
चक्रधरपुर। ये पेड़ पौधे और हरियाली धूप में तपकर लोगों के बगीचे और घर को गुलजार करे यही उद्देश्य के साथ मुख्य चौक पर कोलकत्ता निवासी अरूण देव नाथ फूल के 250 प्रकार ,सभी प्रकार के फल के पौधे तथा सुन्दर फूल के पौधे को लेकर हरियाली का पैगाम दे रहे हैं श्री देवनाथ बताते हैं कि कोल्हान के आयुक्त विजय कुमार सिंह के द्वारा वृक्षारोपन करने के मुहिम से वर्तमान समय में लोग उनके पास से विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे ले जा रहे हैं उन्होंने भी आयुक्त के आवाह्न पर न्यूनतम दर पर लोगों को फल और फूल के पौधे उपलब्ध करा रहे हैं विगत 12 वर्षों से चक्रधरपुर आ रहे हैं और उन्होंने दंदासाही में पौधों का एक नर्सरी भी बना रखा है श्री देवनाथ भी यही संदेश देते हैं -
"आयुक्त का वृक्षारोपन का संदेश
कितना सुन्दर कितना प्यारा
हम लगाए वृक्ष तो कितना सुन्दर
होगा नजारा
और सजेगा कोल्हान हमारा"
सुविधाजनक नहीं हो पाया रेलवे औवरब्रिज
चक्रधरपुर। रेलवे क्रॉसिंग पर बना फुट ओवर ब्रिज के सीढ़ियां चढ़ने से कतरा रहे हैं लोग राहगीरों का कहना है कि फुट ओवर ब्रिज काफी ऊंची है जिस की सीढ़ियां चढ़कर इस पार से उस पार होने में थकावट महसूस होती है खास कर स्कूली बच्चे और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसलिए लोग फुटओवर ब्रिज पर चढ़ने से कतराते हैं और अपनी जान हथेली पर रखकर रेलवे लाइन क्रॉसिंग किसी तरह करते हैं। इक्का-दुक्का लोग ही फुटओवर ब्रिज का प्रयोग करते हैं हमेशा फुटओवर ब्रिज में सन्नाटा पसरा रहता है रेलवे द्वारा फुट ओवरब्रिज बनने के बाद भी पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो पाया है।
स्वच्छ और निष्पक्ष तरीके से विधि व्यवस्था का संधारण करेगी पुलिसः इंद्रजीत महथा
मानकी-मुंडा के साथ जारी रहेगी बैठक, होता रहेगा संवाद
विनय मिश्र
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा के योगदान देने के पश्चात से इस जिला में बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था अब दिखाई देने लगी है 23 जून से पदभार ग्रहण करते ही पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर संबंध बनाने के साथ साथ पुलिस काफी सक्रिय और मुस्तैद दिखाई देने लगी आज इसी क्रम में एस पी ने संदेश जारी कर साइबरक्राइम, जिले की विधि व्यवस्था संधारण, मानकी मुंडा के साथ बातचीत और डायन बिसाही जैसे मुद्दों पर पुलिस के रुख को जनता के सामने रखा है ।विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाने की बात भी पुलिस अधीक्षक ने कही है।
साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए स्कूल और कॉलेजों में भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
जिले के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने एक संदेश जारी कर कहा कि पश्चिमी सिंहभूम में साइबर क्राइम से निपटने के लिए पदाधिकारियों को लगातार प्रशिक्षण में भेजा जा रहा है। साइबर क्राइम से निपटने के संदर्भ में योजना यह है कि जिले में एक साइबर सेल खोला गया है जिसमें साइबर क्राइम से संबंधित अपराधों के अनुसंधान को गति दी जाती है। यहां पर पुलिस अधीक्षक के रूप में मेरे नियंत्रण में तकनीकी कोषांग भी गठित है जो कि साइबर से संबंधित अपराधों के अनुसंधान में मदद करता है।
पुलिस अधीक्षक ने संदेश में जनता से अपील की कि अपने बैंक खाता संबंधी किसी भी प्रकार की कोई जानकारी टेलीफोन के माध्यम से साझा ना करें या किसी भी लोभ में पड़ कर आप किसी को अपने डॉक्यूमेंट संबंधी जानकारी या एटीएम संबंधी जानकारी ना दें। जानकारी को गोपनीय रखें। यदि आपको जरूरत पड़ती है तो बैंक में जाकर स्वयं बैंक मैनेजर से बात कर लें। यदि आपके पास कॉल आता है तो 100 नंबर पर डायल करके इसकी जानकारी दें जिससे पुलिस नंबर की जांच पड़ताल करके तत्काल कार्रवाई कर सके। यदि आपका पैसा गलत तरीके से आपके खाते से निकाल लिया गया है तो आप उसकी तत्काल सूचना दें और अपने अकाउंट को ब्लॉक करा दें ताकि उससे किसी भी प्रकार आगे की निकासी ना हो।
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पुलिस के द्वारा इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जायेंगे। हम लोगों की कोशिश होगी कि साइबर संबंधी अपराध से निपटने के लिए स्कूलों में, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ या अन्य स्टेकहोल्डर्स समाज के साथ बैठकर और कॉलेज के युवाओं के साथ संवाद करके साइबर कानून के संदर्भ में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाई जाए जिससे अपराध को नियंत्रित किया जा सके।
"डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम को कड़ाई से लागू करें"- पुलिस अधीक्षक।
चाईबासा जिला अंतर्गत सभी थाना प्रभारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम को कड़ाई से लागू करें। किसी भी व्यक्ति या किसी भी महिला के साथ यदि डायन के नाम पर कोई हिंसा होती है तो इसका प्रतिकार किया जाए। उस हिंसा को तुरंत डॉक्युमेंटेड करके तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि यह एक बड़ी घटना में तब्दील ना हो। चूंकि छोटी-छोटी घटनाएं ही होती हैं जिसमे स्थानीय चौकीदार या स्थानीय जनप्रतिनिधियों का यदि सहयोग लिया जाए या फिर स्थानीय मानकी मुंडा का सहयोग लिया जाए तो इस तरह की आसूचना समय रहते प्राप्त की जा सकती है।हम लोगों का बल यह होगा कि सामान्य विवाद के कारण जो आसूचनाएं होती हैं वे सूचना पुलिस तक समय रहते पहुंचें ताकि उस पर कार्रवाई कर सके और प्रतिरोधात्मक कार्रवाई करते हुए हत्या जैसी किसी घटना को रोका जा सकता है।
पुलिस लगातार इस पर जागरूकता अभियान भी चलाएगी। डालसा के तहत भी जागरूकता शिविर चलाया जाता है। वैसे गांवों को चिन्हित करके डालसा के सचिव से भी अनुरोध करेंगे कि उन गांवों में जहां इस तरह की घटनाएं हुई हैं वहां पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
पुलिस पारदर्शी तरीके से स्वच्छ मानसिकता के साथ, अच्छी नीयत के साथ मेहनत करते हुए जिले में विधि व्यवस्था को संधारित करेगी।
जिले की विधि व्यवस्था के संदर्भ में सभी थाना प्रभारी , सभी अंचल पुलिस निरीक्षक और सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ एक वृहत बैठक की गई। इस बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिले में मुख्यतः सामाजिक अपराध का स्वरूप ज्यादा बड़ा है। जैसे कि आपसी जमीन विवाद को लेकर या आपसी विवादों को लेकर हत्या की घटनाओं का हो जाना, या किसी तरह की मारपीट हो जाना। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को यह निर्देशित किया है कि इस तरह की जो भी घटनाएं होती हैं उन पर त्वरित अनुसंधान किया जाए। उनको सजा दिलाने का प्रयास किया जाए। साथ ही साथ ऐसे गांवों को भी चयन कर लें जहां पर चाहे सामाजिक अपराध जैसे हत्या की घटना हुई हो, या फिर दहेज हत्या की घटना हुई हो, वहां पर ग्रामीणों के साथ बैठक करके जागरूकता अभियान भी चलाने की जरूरत है। कुछ हत्या की घटनाएं डायन बिसाही के रूप में भी सामने आई हैं। इस संदर्भ में पिछले 5 सालों में जितनी भी घटनाएं डायन बिसाही के संदर्भित रूप में हुई हैं उन सभी गांवों को चयन करके महिला एवं बाल विकास विभाग को साथ लेकर पुलिस एक जागरूकता अभियान उन गांवों के साथ-साथ अगल-बगल के गांवों में भी चलाएगी।
माॅब हिंसा या भीड़ के द्वारा हिंसा के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला के अंतर्गत बताया गया कि भीड़ के द्वारा की जाने वाली पिटाई को रोकने के लिए किस प्रकार से स्थानीय स्तर पर नागरिकों को जागरूक करना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ लेना है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जागरूकता को फैलाना है अफवाह में या शक के आधार पर किसी भी व्यक्ति की पिटाई ना हो। पुलिस अनुसंधान के तहत उसको सजा दिलाने का अपना काम करेगी। किसी भी प्रकार से भीड़ कानून को अपने हाथ में ना लें अन्यथा हत्या का मुकदमा दर्ज करके उनको भी अभियोजित किया जाएगा।
सामान्य विधि व्यवस्था के संधारण के संबंध में बैठक और परिचर्चा की गई। इसकी नियमित अंतराल में लगातार समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक माह अपराध गोष्ठी का गठन करके इस पर कार्य किया जाएगा।
जो अवैध कारोबार हैं उनको स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी तरह के अवैध धंधों को पूर्णत: समाप्त किया जाएगा। चाहे लॉटरी का अवैध धंधा हो, तेल कटिंग का धंधा हो, किसी भी तरह का जुआ या हाट बाजार में होने वाला हब्बा डब्बा हो उसमें पुलिस द्वारा कड़ा रुख अख्तियार किया जाएगा। पुलिस पहले ही किसी भी प्रकार की आसूचना मिलने पर कार्रवाई करेगी और हाट-बाजार के संचालकों को भी पहले से ही बातचीत करके यह निर्देशित करेगी कि इस तरह की कोई घटना या अवैध काम हो ही नहीं।
डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स को लेकर भी लगातार नियमित बैठक होती हैं। उसमें भी विधि व्यवस्था से संबंधित जो भी बात सामने आएगी उसका लगातार बैठक करके निदान करेंगे। जो अवैध धंधे हैं, हर हालत में उस पर निगरानी रहेगी और किसी भी हालत में किसी तरह के अवैध काम को नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस पारदर्शी तरीके से और स्वच्छ मानसिकता के साथ, अच्छी नीयत के साथ मेहनत करते हुए जिले में विधि व्यवस्था को संधारित करेगी।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी मानकी मुंडाओं के साथ पुलिस अधीक्षक के रूप में मेरी वार्ता हुई। इस क्रम में पुलिस अधीक्षक का मोबाइल नंबर सभी मानकी मुंडा को वितरित किया गया। लगभग 800- 1000 मानकी मुंडा उपस्थित थे म। मानकी मुंडा एक सम्मानित व्यवस्था के अंग हैं और पुलिस भी उस व्यवस्था का सम्मान करती है। जिले के मानकी-मुंडा को पुलिस विभाग की तरफ से और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से संयुक्त हस्ताक्षर वाला परिचय पत्र दिया जाएगा। पश्चिमी सिंहभूम उपायुक्त के साथ वार्ता हुई, 15 से 20 दिनों में एक परिचय पत्र दिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर चाहे वह डायन बिसाही के संदर्भ में जागरूकता अभियान चलाने को लेकर हो या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में भीड़ के द्वारा की जाने वाली हिंसा को रोकने के संदर्भ में हो स्थानीय थाना प्रभारी या स्थानीय सिविल प्रशासन के जो पदाधिकारी हैं वह मानकी मुंडा के साथ बैठक करेंगे और इस चीज में पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे। यह आश्वासन भी उनके द्वारा दिया गया है। यह बहुत ही फलदायी बैठक रही और हम लोग लगातार अंतराल में उपायुक्त के नेतृत्व में इस तरह की बैठक करेंगे। एक सकारात्मक और भय मुक्त समाज बनाने में पुलिस का मानकी मुंडा के साथ संवाद होता रहेगा।
रविवार, 14 जुलाई 2019
न्यू इंडिया के निर्माण में भारतीय रेल की भूमिका महत्वपूर्णः रघुवर दास
●मुख्यमंत्री रघुवर दास आज बतौर मुख्य अतिथि 64वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार समारोह-2019 में हुए शामिल
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●भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने पर अगले 12 सालों में खर्च होंगे 50 लाख करोड़ रुपए –सुरेश अंगड़ी, रेल राज्य मंत्री
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रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेल विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पिछले पांच सालों में रेलवे में काफी बदलाव आए हैं. न्यू इंडिया के निर्माण की दिशा में भारतीय रेलवे ने कदम बढ़ा दिए हैं. मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज बतौर मुख्य अतिथि सेल ऑडिटोरियम, मेकॉन में आयोजित 64 वें राष्ट्रीय रेल पुरस्कार समारोह- 2019 को संबोधित करते हुए ये बातें कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारतीय रेल आधुनिक और विश्वस्तरीय बनने की राह पर चल पड़ा है. इंफ्रास्ट्रक्चर और फैसिलिटीज के मामले में भारतीय रेलवे लगातार आगे बढ़ रहा है.
विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है भारतीय रेलवे
श्री रघुवर दास ने कहा कि गर्व की बात है कि भारतीय रेलवे विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है. रेलवे में आज 13 लाख से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं. इन्हीं के कार्यों की बदौलत भारतीय रेलवे ने तरक्की हासिल की है. सराहनीय और उत्कृष्ट योगदान करने वालों को सम्मान मिलने से अहसास होता है कि उसने जो कार्य किया है उसे स्वीकार किया जा रहा है और आगे भी वह उसी लगन व मेहनत से कार्य करता है. भारतीय रेल द्वारा अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने की इस परंपरा काबिल-ए-तारीफ है.
देश के विभिन्न प्रदेशों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा साधन है भारतीय रेलवे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल एक परिवार की तरह काम कर रहा है. यह देश के विभिन्न प्रांतों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा साधन है. यही वजह है कि देश की तरक्की में रेलवे का शुरू से ही अहम योगदान रहा है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है. पिछले पांच सालों की बात करें तो भारतीय रेलवे में काफी तेजी से गुणात्मक सुधार और विकास हुआ है और इसमें रेलवे के अधिकारियों और कर्मियों का अहम योगदान रहा है.
स्वच्छता और सुरक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान भारतीय रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के मामले में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं. रेलों के संचालन, रेललाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन, डबलिन और ट्रिपलिंग के क्षेत्र में काफी इजाफा व सुधार हुआ है. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है. रेलवे की इस बात के लिए सबसे ज्यादा तारीफ करनी होगी कि स्वच्छता और सुरक्षा में काफी अभूतपूर्व सुधार हुए हैं. रेल दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है और रेलवे परिसर, रेल और प्लेटफॉर्मों पर स्वच्छता वर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
रेलवे को सबसे ज्यादा रेवेन्यू दे रहा झारखंड, प्रदेश में रेलवे के विकास को मिले तरजीह
मुख्यमंत्री ने रेल राज्य मंत्री की मौजूदगी में कही कि झारखंड संसाधनों के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है. भारतीय रेलवे को इस राज्य से सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा है. ऐसे में यह जरूरी है कि झारखंड में रेलवे का विकास हो. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि झारखंड के विकास के लिए और रेल परियोजनाओं मिलनी चाहिए, ताकि यहां के रेल यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत हो सके.
झारखंड की जरूरतों पर है ध्यान, मिलेंगे ज्यादा से ज्यादा रेल संसाधन
रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी ने कहा कि झारखंड की जरूरतों पर सरकार का ध्यान है. झारखंड में रेलवे के विकास के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. जरूरत के हिसाब से रेल परियोजनाएं दी जाएंगी, ताकि देश के अन्य इलाकों से इसे जोड़ा जा सके. रेल राज्य मंत्री ने कहा कि अगले 12 सालों में रेलवे को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने पर 50 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इस दिशा में बुलेट ट्रेन शुरू करने की पहल हो चुकी है. उन्होंने कहा कि भारतीय़ रेल के स्वर्णिम दिन की शुरूआत हो चुकी है.
सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के विजेता किए गए सम्मानित लगाई गई प्रदर्शनी
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी ने भारतीय रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आय़ोजित सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया. ये पुरस्कार क्विज, लाइट एंड वोकल, सोलो डांस, ग्रुप डांस और डॉक्यूमेंट्री श्री में आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए दिए गए. इसके साथ यहां लगी प्रदर्शनी में भारतीय रेलवे के विकास की झलक दिखाई गई थी.
64वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार समारोह-2019 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी के अलावा सांसद श्री संजय सेठ, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार यादव, राज्य सरकार के परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, रेलवे बोर्ड के सचिव श्री सुशांत कुमार मिश्रा, रेलवे के फाइनांस कमिश्नर विजय कुमार, मेंबर (सिग्नल एंड टेलीकॉम) श्री एन काशीनाथ, मेंबर (स्टाफ) श्री एस एन अग्रवाल, मेंबर (रोलिंग स्टाफ) श्री राजेश अग्रवाल, मेंबर (मैटेरियल्स मैनेजमेंट) श्री वीपी पाठक और दक्षिण-पूर्व रेलवे के जेनरल मैनेजर श्री पीएस मिश्रा समेत देशभर से आए रेलवे के अधिकारी मौजूद थे.
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●भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने पर अगले 12 सालों में खर्च होंगे 50 लाख करोड़ रुपए –सुरेश अंगड़ी, रेल राज्य मंत्री
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रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेल विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पिछले पांच सालों में रेलवे में काफी बदलाव आए हैं. न्यू इंडिया के निर्माण की दिशा में भारतीय रेलवे ने कदम बढ़ा दिए हैं. मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज बतौर मुख्य अतिथि सेल ऑडिटोरियम, मेकॉन में आयोजित 64 वें राष्ट्रीय रेल पुरस्कार समारोह- 2019 को संबोधित करते हुए ये बातें कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारतीय रेल आधुनिक और विश्वस्तरीय बनने की राह पर चल पड़ा है. इंफ्रास्ट्रक्चर और फैसिलिटीज के मामले में भारतीय रेलवे लगातार आगे बढ़ रहा है.
विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है भारतीय रेलवे
श्री रघुवर दास ने कहा कि गर्व की बात है कि भारतीय रेलवे विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है. रेलवे में आज 13 लाख से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं. इन्हीं के कार्यों की बदौलत भारतीय रेलवे ने तरक्की हासिल की है. सराहनीय और उत्कृष्ट योगदान करने वालों को सम्मान मिलने से अहसास होता है कि उसने जो कार्य किया है उसे स्वीकार किया जा रहा है और आगे भी वह उसी लगन व मेहनत से कार्य करता है. भारतीय रेल द्वारा अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने की इस परंपरा काबिल-ए-तारीफ है.
देश के विभिन्न प्रदेशों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा साधन है भारतीय रेलवे
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल एक परिवार की तरह काम कर रहा है. यह देश के विभिन्न प्रांतों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा साधन है. यही वजह है कि देश की तरक्की में रेलवे का शुरू से ही अहम योगदान रहा है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे का स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है. पिछले पांच सालों की बात करें तो भारतीय रेलवे में काफी तेजी से गुणात्मक सुधार और विकास हुआ है और इसमें रेलवे के अधिकारियों और कर्मियों का अहम योगदान रहा है.
स्वच्छता और सुरक्षा पर दिया जा रहा विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान भारतीय रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के मामले में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं. रेलों के संचालन, रेललाइनों के इलेक्ट्रिफिकेशन, डबलिन और ट्रिपलिंग के क्षेत्र में काफी इजाफा व सुधार हुआ है. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है. रेलवे की इस बात के लिए सबसे ज्यादा तारीफ करनी होगी कि स्वच्छता और सुरक्षा में काफी अभूतपूर्व सुधार हुए हैं. रेल दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है और रेलवे परिसर, रेल और प्लेटफॉर्मों पर स्वच्छता वर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
रेलवे को सबसे ज्यादा रेवेन्यू दे रहा झारखंड, प्रदेश में रेलवे के विकास को मिले तरजीह
मुख्यमंत्री ने रेल राज्य मंत्री की मौजूदगी में कही कि झारखंड संसाधनों के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है. भारतीय रेलवे को इस राज्य से सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा है. ऐसे में यह जरूरी है कि झारखंड में रेलवे का विकास हो. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि झारखंड के विकास के लिए और रेल परियोजनाओं मिलनी चाहिए, ताकि यहां के रेल यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत हो सके.
झारखंड की जरूरतों पर है ध्यान, मिलेंगे ज्यादा से ज्यादा रेल संसाधन
रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी ने कहा कि झारखंड की जरूरतों पर सरकार का ध्यान है. झारखंड में रेलवे के विकास के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. जरूरत के हिसाब से रेल परियोजनाएं दी जाएंगी, ताकि देश के अन्य इलाकों से इसे जोड़ा जा सके. रेल राज्य मंत्री ने कहा कि अगले 12 सालों में रेलवे को अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने पर 50 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इस दिशा में बुलेट ट्रेन शुरू करने की पहल हो चुकी है. उन्होंने कहा कि भारतीय़ रेल के स्वर्णिम दिन की शुरूआत हो चुकी है.
सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के विजेता किए गए सम्मानित लगाई गई प्रदर्शनी
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी ने भारतीय रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आय़ोजित सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया. ये पुरस्कार क्विज, लाइट एंड वोकल, सोलो डांस, ग्रुप डांस और डॉक्यूमेंट्री श्री में आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए दिए गए. इसके साथ यहां लगी प्रदर्शनी में भारतीय रेलवे के विकास की झलक दिखाई गई थी.
64वां राष्ट्रीय रेल पुरस्कार समारोह-2019 में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश अंगड़ी के अलावा सांसद श्री संजय सेठ, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार यादव, राज्य सरकार के परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, रेलवे बोर्ड के सचिव श्री सुशांत कुमार मिश्रा, रेलवे के फाइनांस कमिश्नर विजय कुमार, मेंबर (सिग्नल एंड टेलीकॉम) श्री एन काशीनाथ, मेंबर (स्टाफ) श्री एस एन अग्रवाल, मेंबर (रोलिंग स्टाफ) श्री राजेश अग्रवाल, मेंबर (मैटेरियल्स मैनेजमेंट) श्री वीपी पाठक और दक्षिण-पूर्व रेलवे के जेनरल मैनेजर श्री पीएस मिश्रा समेत देशभर से आए रेलवे के अधिकारी मौजूद थे.
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