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शनिवार, 14 सितंबर 2019

पुराने मकान का एक हिस्सा ढहा, खौफ में डूबे पड़ोसी

बाल-बाल बचे पड़ोस के 15 परिवार, शेष हिस्से के ध्वस्त होने की आशंका

मलवा हटा, जान-माल की हानि नहीं, शेष हिस्से के ढहने की आशंका

चक्रधरपुर। चक्रधरपुर के वार्ड नंबर 7 गुदड़ी बाजार से सटे पकौड़ी गली में 110 साल पुरानी दो  मंजिला मकान  का आगे का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया है जिससे बाल बाल बचे आसपास के घरों में रहने वाले लोग ।यह घटना शुक्रवार की रात 12:00 बजे की है। किसी  का भी जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के मुताबिक यह दो मंजिलाना मकान 1910  इसवी में नंद गोपाल जयसवाल नामक व्यक्ति के  द्वारा निर्मित कराया गया था। जिसकी देखरेख  स्वर्गीय बांकेलाल जयसवाल किया करते थे उनके जीवन में ही यह मकान जर्जर हो चला था। उनके देहांत के बाद मकान बंद पड़े पड़े काफी जर्जर हो गया और आज मकान का एक हिस्सा  ध्वस्त हो गया। जिसके मलबे को स्वर्गीय बांकेलाल के बेटे ललित कुमार जयसवाल द्वारा हटाया गया ।जर्जर मकान का बाकी का हिस्सा कभी भी ध्वस्त हो सकता है जो बहुत बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। वहीं अधूरी ध्वस्त मकान के आसपास खपड़ा पोश मकानों में रहने वाले करीब 15 परिवार डरे और सहमे हुए हैं कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए।

जन-मुद्दों को लेकर वामदलों ने राजभवन पर दिया धरना


रांची। भाकपा माले झारखंड राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करत्ते हुए कहा कि झारखंड में संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकारों का जबरदस्त हनन , पुलिस हिरासत में मौत , मोब लिंचिंग की लगातार बढ़ती घटनाए तथा मोब लिंचिंग के शिकार  तबरेज अंसारी के हत्यारों को कानूनन बरी कर देना , कुख्यात मोटर यान अधिनियम 2019 के द्वारा 10 गुना से भी ज्यादा फाइन कर जबरदस्त ट्रैफिक आतंक, भारी मंदी से प्रभावित सैकड़ों कल कारखानों के बन्द हो जाने पर हजारों लाखों की बेरोजगारी आदि मुद्दों पर आज 14 सितंबर 2019 को  रांची में राजभवन पर भाकपा माले, माकपा , भाकपा , मासस , और फारवर्ड ब्लॉक आदि वाम दलों का धरना कार्यक्रम किया गया ।
धरना को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि मोदी 2 की राज में रघुवर सरकार के शासन  में  झारखंड  मोब लिंचिंग का मॉडल बन जा रहा है । और अब यह लिंचिंग बच्चा चोर के चौतरफा अफ़वाह पर पूरे समाज मे जिस रूप फैल रहा है ,  उससे  जबरदस्त सामाजिक आतंक पैदा हो जा रहा है जो चिंतनीय है। जबकि भयंकर मंदी का निराकरण कर बंद कल कारखाना चालू कर बेरोजगारी दूर करने की कोई पहल नहीं दिख रही है ।
धरना को माकपा राज्य सचिव गोपिकान्त बकसी , प्रकाश बिप्लब् ,सुखनाथ लोहरा भाकपा का भुवनेश्वर मेहता  मासस के मिथिलेश सिंह , रामेश्वर कुशवाहा भाकपा माले के भुवनेश्वर, केवट अजबलाल सिंह  आदि  वामपंथी नेताओं ने संबोधित किया ।  भारी संख्या में कार्यकर्ता व  जनता की धरना में भागीदारी रही ।
धरना के उपरांत राज्यपाल महोदया को 19 सूत्री मांगपत्र सौंपी गई , जिसमे प्रमुख रूप से मांग की गई कि राज्य में जनता का लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन पर रोक लगाई जाए , राजनीतिक दलों और जनसंगठनों    के द्वारा सभा , जुलूस ,प्रदर्शनों पर से रोक अबिलम्ब हटाई जाए , मंदी का निराकरण कर बंद कारखानों चालू करने , सरायकेला -- खरसांवा जिला में मोब लिंचिंग का शिकार तबरेज अंसारी की मौत का न्यायिक जांच कर हत्या के अभियुक्तों पर धारा 302 के तहत कानूनी कार्यबाही की गारंटी की जाए ,मोटरयान अधिनियम 2019 को फौरन वापस किआ जाए , राज्यभर में पुलिस हिरासत  में हुई मौत तथा पलामू जिला के सतबरवा में पुलिस द्वारा 3 बर्षीय बच्ची को पटक कर मार देने की घटनाओं पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा जांच कराने , एच ई सी की जमीन पर बनी विधानसभा ,हाई कोर्ट आदि सरकारी संस्थानों में विस्थापित रैयतों की नौकरी की गारंटी की जाए, खूंटी जिला में कथित देशद्रोह के नाम पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस किया जाए , तथा 5बी अनुसूची सीएनटी , एस पी टी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाय आदि मांगें प्रमुख थीं। धरना का संचालन भाकपा नेता महेंद्र पाठक ने किया ।

तीन माह के अंदर होगा हिंदी भवन का शिलान्यासः रघुवर दास


अगले वर्ष हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन मोरहाबादी में
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रांची। स्वभाषा के माध्यम से भारत विश्वगुरु बन सकता है। स्वभाषा विकास का परिचायक है। यह भारत के स्वाभिमानी भारत बनने के मार्ग को प्रशस्त करेगा। कोई भी विकसित राष्ट्र के आगे बढ़ने का सबसे बड़ा कारण स्वभाषा है। मैं यह नहीं कहता कि अन्य भाषा का उपयोग न करें। आप उनका भी सम्मान करें। यही वजह है कि राज्य सरकार द्वार संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुरमाली, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया, मगही, भोजपुरी, मैथली आंगिक एवं भूमिज को दूसरी राजभाषा का दर्जा उनके सम्मान के लिए झारखण्ड में दिया गया है। क्योंकि भाषा सरकार एवं जनता को आपस में जोड़ती है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने प्रोजेक्ट भवन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी दिवस के अवसर पर मैं राज्य के लोगों से हिंदी का प्रयोग करने की अपील करता हूं।

तीन माह के अंदर हिंदी भवन का शिलान्यास होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी प्रेमियों, साहित्यकार, रचनाकार, कवि को समर्पित हिंदी भवन का शिलान्यास तीन माह में होगा। देश भर से झारखण्ड आने वाले साहित्यकारों, रचनाकारों और कवियों को बातचीत, आयोजन व अन्य गतिविधियों के लिए एक उचित परिसर देना सरकार का उद्देश्य है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग अगले वर्ष से हिंदी दिवस का आयोजन संध्या बेला में मोरहाबादी मैदान में करे। जहां लोग कवि सम्मेलन का आनंद लें और युवा कवियों को सरकार एक मंच देने में सफल हो सके।

निजी क्षेत्र में हिंदी के उपयोग हेतु अनुरोध पत्र भेजें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्वीकरण के बाद शिक्षा और स्वास्थ्य का बाजारीकरण हुआ, जिससे अंग्रेजी भाषा का प्रचलन बढ़ा। यह स्वाभाविक भी था कि इस समय सरकारी स्कूलों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। राज्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रही है। अब हम सभी को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग एक अनुरोध पत्र सभी निजी संस्थानों को जारी करे, जिसमें यह स्पष्ट लिखा हो कि वे अपने पत्राचार समेत अन्य कार्यों में हिंदी को बढ़ावा देने का प्रयास करें।

संविदा पर नियुक्त करें अनुवादक
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों से निर्गत होने वाले आदेश, परिपत्र या आदेश अगर अंग्रेजी भाषा में हो तो उसके हिंदी अनुवाद हेतु अनुवादक को संविदा या कार्य के आधार पर नियुक्त कर मानदेय दें। ताकि आम लोगों तक हिंदी में भी विभाग द्वारा निर्गत पत्र या आदेश पहुंच सके। ऐसे राज्य सरकार भरसक सभी ऐसे कार्य हिंदी के माध्यम से कर रही है लेकिन जहां जरूरत हो इसे लागू करें।

53 करोड़ लोग हिंदी बोलने वाले, सहज व सरल है हिंदी भाषा
सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी सहज और सरल भाषा है। हिंदी विश्व की तीसरी बोले जाने वाली भाषा है। आज हिंदी का प्रचलन विश्व मे बढ़ता जा रहा है। देश में 43 प्रतिशत लोग यानी करीब 53 करोड़ लोग हिंदी का उपयोग करते हैं। 1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा का दर्जा हिंदी को मिला। उसके बाद 1953 से लगातार हिंदी दिवस का आयोजन होता आ रहा है। अब तो 14 करोड़ लोग इंटरनेट में हिंदी का उपयोग करते हैं। 94 प्रतिशत की दर से इंटरनेट में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार के नियम, परिपत्र या आदेश राजभाषा में जारी होते हैं और आम जन तक उनकी पहुंच बनती है।

विश्व के 143 विश्वविद्यालय की हिंदी पढ़ाई
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. माया प्रसाद ने कहा कि हम आज हिंदी को संयोजित करने के लिए उपस्थित हुए हैं। यह वह भाषा है जो देश को एक सूत्र में बांधे रखी है। विश्व के 143 विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाई जा रही है। यह हमारे पुरखों की विरासत है। राष्ट्रीय व्यवहार में हिंदी को काम में लाना देश के शीघ्र उन्नति के यह आवश्यक है। हिंदी हमारे राष्ट्र के अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत भी है।

हिंदी का फैलाव विश्वस्तर पर हो रहा है
डॉ हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन ‘ ने कहा कि राजभाषा आज कार्यालयों में सक्रिय है। इसका बड़ा आयाम हो रहा है। विश्व स्तर पर हिंदी का फैलाव हो रहा है। हिंदी की नवीन ग्रन्थों की मांग आज विदेशों में है। लेकिन हमारे यहां हिंदी की क्या स्थिति है उसका आकलन होना चाहिए। राज्य के मुख्यमंत्री अगर एक हिंदी भवन हम साहित्यकारों, रचनाकारों को उपलब्ध करा देते तो अच्छा रहता।

मौके पर मुख्यमंत्री ने हिंदी हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित लघु कथा लेखन प्रतियोगिता के तहत रोशनी कुमारी, हर्षिनी शंकर और सेजल तिवारी को प्रथम, सृष्टि कुमारी, आराधना दुबे, मानस दीप्त को द्वितीय एवं मेघा कुमारी, आकृति सोरेंग एवं आर्य झा को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में अजय कुजूर को प्रथम, धनंजय कुमार मिश्र को द्वितीय एवं दिलीप कुमार कर्ण को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग श्री अजय कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यिक डॉ हरेराम त्रिपाठी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माया प्रसाद व साहित्यकार, रचनाकार, कवि, लेखक और हिंदी प्रेमी उपस्थित थे।

14 सितंबर 2019 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ अंशदायी पेंशन योजना अंतर्गत नियुक्त राज्यकर्मियों के लिए योजना की प्रवृत होने की तिथि 1 दिसंबर 2004 के प्रभाव से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकार अधिनियम 2013 की धारा 20(1) एवं 12(4) आलोक में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) विस्तारित एवं अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई.

★ एनसीसी निदेशालय, बिहार एवं झारखंड पटना के अंतर्गत झारखंड प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी गई.

★ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के सुदृढ़ीकरण के लिए ODMP (Other Disaster Management Project) के अंतर्गत कार्यरत मानव संसाधन की सेवा अवधि के विस्तार के निमित्त योजना का विस्तार करने की स्वीकृति दी गई.

★ श्री अशोक कुमार तदेन सहायक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद संप्रति सहायक अभियंता, रूपांंकण प्रमंडल संख्या-01 मेदनीनगर को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.

★ खूंटी न्याय मंडल में 02 (दो) आशुलिपिक के स्थाई पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ डॉ रोशन प्रवीण खलखो, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोलेबिरा, सिमडेगा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई.

★ वित्तीय वर्ष 2019-20 में  NRDWP (Normal Component) अंतर्गत मेदनीनगर जिला के पूर्वडीहा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के द्वितीय पुनरीक्षित प्राक्कलन रुपए 251.188000 लाख मात्र पर योजना की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति एवं पुनरीक्षण के फलस्वरुप वर्धित राशि 64.25113 लाख में से केंद्रांश से 32.12556 लाख एवं राज्यांश से 32.12557 लाख रुपये मात्र पर व्यय की स्वीकृति दी गई.

★ State Court Management System Committee के स्थाई सचिवालय की स्थापना के लिए सहायक के 01 (एक) अराजपत्रित पद के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची के चिकित्सा शिक्षा संवर्ग के विभिन्न विभागों के लिए सीनियर रेजिडेंट एवं टयूटर के 79 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.

★ वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य योजना अंतर्गत लाभुक जनित योजनाएं (अंब्रेला स्कीम) यथा-बकरा विकास, शुकर विकास, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट तथा ब्रायलर कुक्कुट पालन का संचालन के लिए उपबंधित राशि अंतर्गत अन्य क्षेत्रीय उपयोजना अंतर्गत रुपए 28 करोड़ 93 लाख रुपये, अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना अंतर्गत 10 करोड़ 29 लाख रुपए तथा जनजातीय क्षेत्र उपयोजना अंतर्गत 13 करोड़ कुल रुपए, कुल 52 करोड़ 22 लाख रुपए की योजना के संचालन पर स्वीकृति दी गई.

★ राज्य योजना अंतर्गत त्रिवर्षीय जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में कुल राशि 10000.00 लाख (रुपये सौ करोड़) मात्र की लागत पर योजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 में राशि ₹35 करोड़ मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई.

★ केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) "सबके लिए आवास 2022" के तृतीय घटक "भागीदारी में किफायती आवास निर्माण" के अंतर्गत आवासों के निर्माण के लिए विभागीय संकल्प संख्या- 5382 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.

★ मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, डाकुवा, परगनैत, पराणिक, जोगमांझी, कुड़ाम, नायकी, नायकी गड़ैत, मूलरैयत, पड़हा राजा, ग्राम सभा का प्रधान, घटवाल एवं दावेदार की तरह पश्चिमी सिंहभूम के ग्रामीण दिउरी (पुजारी) को सम्मान राशि देने की स्वीकृति दी गई.

★ झारखंड भूमिगत जल, गैस और ड्रेनेज पाइप लाइन (भूमि में उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) नियमावली, 2018 एवं भूमि के उपयोग के अधिकार के अन्य अधिनियमों/नियमावलियों के तहत सरकारी भूमि के उपयोग के लिए दर का निर्धारण करने की स्वीकृति दी गई.

★ झारखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सेवा संवर्ग (भर्ती प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली, 2018 में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई.

मदर्स इंटरनेशनल स्कूल में संगोष्ठी का आयोजन


* सोशल मीडिया द्वारा प्रसारित गलत खबरों का प्रभाव विषयक कार्यशाला में बोले वक्ता,
* सामाजिक समरसता के लिए अफवाहों से बचना जरूरी

रांची। राजधानी के अरगोड़ा-कटहल मोड़ रोड पर अवस्थित मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, पिपरटोली (चापूटोली) में शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से एक संगोष्ठी भी आयोजित की गई। जिसका विषय "सोशल मीडिया द्वारा प्रसारित गलत खबरों का प्रभाव"रखा गया था। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता लॉजिकल इंडिया के सीईओ भरत कुमार ने संगोष्ठी के विषय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का दायरा काफी बढ़ता जा रहा है। इस पर कई उपयोगी जानकारियां भी प्राप्त होती रहती हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कभी-कभी सोशल मीडिया पर गलत खबरें भी प्रसारित कर दी जाती है, जिसका हमारे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और सामाजिक समरसता बिगड़ने की संभावना रहती है। इससे हमें बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के अनुसार मीडिया का दायरा भी विस्तारित हो रहा है। मीडिया कर्मियों को सकारात्मक खबरों को प्रचारित-प्रसारित करने पर विशेष रुप से ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं,  नकारात्मक खबरों की पुष्टि अत्यंत जरूरी है। इस अवसर पर उड़ान की सीईओ और परामर्शी अलका सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कई खबरों का दुष्प्रभाव भी पड़ता है। कई बार कुछ खबरों की वजह से सांप्रदायिक माहौल भी बिगड़ने की संभावना बन जाती है। ऐसी गलत खबरों से हमें परहेज करना चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने वाली कई अपुष्ट खबरों के कारण सामाजिक वैमनस्यता फैलने की बातें भी सामने आती रहती है।
 इसलिए हमें इस मामले में विशेष सजगता बरतने की जरूरत है। इस संबंध में सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने की भी आवश्यकता है। इस कार्यशाला में स्कूल के छात्रों ने काफी दिलचस्पी दिखाई और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली खबरों के प्रति सजग और सतर्क रहने का संकल्प लिया। इस मौके पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ रोमी झा, अर्चना, ज्योत्स्ना, शिव शंकर भट्टाचार्य, तनवीर जफर सहित अन्य शिक्षकों ने भी छात्रों को सोशल मीडिया की महत्ता के बारे में जानकारी दी और इससे संबंधित जागरूकता फैलाने में वक्ताओं की भूमिका के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में काफी संख्या में छात्र मौजूद थे।

जनसेवा को ही अपना धर्म समझते हैं जनप्रतिनिधि अशोक षाडंगी



जिंदगी जिंदादिली का नाम है। इस वाक्य को आत्मसात कर कुछ लोग जनसेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लेते हैं। अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए समाज सेवा के प्रति भी समर्पित रहते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं कोल्हान प्रमंडल के चक्रधरपुर निवासी लोकप्रिय समाजसेवी अशोक षाडंगी। श्री षाडंगी कोल्हान क्षेत्र के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं। जनसेवा का पाठ उन्होंने अपने पिता से सीखा। बचपन से ही समाज सेवा के प्रति जुड़ाव रखने वाले अशोक षाडंगी के पिता स्वर्गीय काली प्रसन्न षाडंगी और माता स्वर्गीय धीरीबाला षाडंगी ने उन्हें समाज सेवा के प्रति प्रेरित किया। श्री षाडंगी ने चक्रधरपुर स्थित महात्मा गांधी उच्च विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की। तत्पश्चात चक्रधरपुर स्थित जेएलएन कॉलेज से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद टाटा कॉलेज, चाईबासा से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। रांची विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इस दौरान समाज सेवा से जुड़े रहे। छात्र जीवन से ही श्री षाडंगी सामाजिक कार्यों को तरजीह देते रहे। वह एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल से भी जुड़े हैं। राजनीति के क्षेत्र में पार्टी से जुड़ कर उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वह राजनीति से जुड़े रहकर भी समाज सेवा के प्रति समर्पित रहे हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके माता-पिता द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की चर्चा आज भी चक्रधरपुर की जनता करती है। श्री षाडंगी के पिता चक्रधरपुर में 25 वर्षों तक निर्विरोध पार्षद चुने जाते रहे। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया अशोक षाडंगी भी फिलवक्त चक्रधरपुर में वार्ड पार्षद है। साथ ही अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं। उन्हें इस पद पर 17 अप्रैल 2017 को मनोनित किया गया था। इस पद पर रहकर वे अल्पसंख्यकों के कल्याण के कार्य करते रहे हैं। 17 अप्रैल 2020 तक इस पद पर वे आसीन रहेंगे। किसी भी जाति धर्म व संप्रदाय के पर्व त्योहार के अवसर पर व सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हैं। पीड़ित, लाचार की सहायता करना उनकी दिनचर्या में शुमार है। समाज सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना चहुंओर की जाती है। उनका मानना है कि समाज सेवा का दायरा काफी बड़ा होता है लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर समाज सेवा करनी चाहिए। इससे हमारा देश और समाज सशक्त होगा।
प्रस्तुति :  विनय मिश्रा

शिक्षाविद निरूप के संस्थान में सीआरपीएफ अधिकारियों का आगमन



चक्रधरपुर। नवनियुक्त सीआरपीएफ 60 बटालियन कमांडेंट आनंद जेराई ने निरूप प्रधान के कोचिंग संस्थान का दौरा किया। पिछले हफ्ते में शिक्षाविद निरुप कुमार प्रधान को शिक्षा जगत में नई क्रांति लाने हेतु  नेशन बिल्डर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। उसी दौरान कमांडेंट साहब को श्री निरूप के कार्यों से रूबरू होने का मौका मिला। वे काफी प्रभावित हुए उनके भाषण को सुनकर एवं उन्होंने निश्चय किया कि वे बच्चों से मिलने अवश्य आएंगे एवं जिस संस्थान से इतने बच्चे नौकरी पाकर निकले हो उस संस्थान को देखने पहुंचेंगे ।

ऐसा ही हुआ बीते दिनों कमांडेंट साहब ने इच्छा जताई कि वे शिक्षा कोचिंग के संस्थान को देखने आएंगे और उन्होंने अपने साथ सेकंड कमांडर साधु शरण यादव एवं असिस्टेंट कमांडेंट जिया उल हक के साथ शिक्षा कोचिंग के लिए निकल पड़े ।

बाटा रोड में नई सड़क बनने पर पुरानी सड़क को उखाड़ दिया गया है जिससे उनकी गाड़ी बाजार के अंदर नहीं घुस सकती थी, इतने बड़े अधिकारी होकर भी उन्होंने अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर अपने लोगों के साथ पैदल ही 1 किलोमीटर का फैसला तय कर कोचिंग संस्थान पहुंचे ।यहां आकर उन्होंने देखा के विश्वकर्मा मंदिर पर चलाए जाने वाला शिक्षा कोचिंग काफी जर्जर है एवं बिजली की तार अस्त-व्यस्त है उन्होंने तुरंत अपने लोगों को आदेश दिया कि वह बिजली के तारों की शीघ्र वायरिंग कर दें ताकि बच्चे क्षतिग्रस्त होने से बच पाए।

 साथ ही उन्होंने छत को देखते हुए इसके स्थान पर दूसरा विकल्प देने का भी निश्चय किया ऐसे अधिकारी विरले ही मिलते हैं जो स्थानीय लोगों के सुख-दुख को समझते हैं। जब समाज के उत्थान की बात हो और ऐसे अधिकारी आगे बढ़कर हाथ बढाएं तब मानो ऐसा लगता है कि सामाजिक स्तर अब ऊंचा उठ कर आएगा। कमांडेंट साहब ने बिना किसी हिचक के श्री प्रधान को आश्वासन दिया की।इस बात को आगे अधिकारियों तक भी पहुंचाएंगे ताकि उनकी भी कुछ मदद श्री प्रधान को मिल पाए।

 साथ ही उन्होंने श्री प्रधान को उनके कार्यक्रमों का एक फाइल तैयार करने को कहा जिसे वह किसी भी अन्य व्यक्ति को अपने कार्यों के बारे में दर्शा सकते हैं और वह भी फाइल अपने ही ऑफिस में उन्होंने बनवाने के लिए कहा ।

श्री प्रधान ने कहा कि वैसे अधिकारियों से मिलकर गदगद हो गए एवं उनकी प्रशंसा में जितना कहे उतना कम है यह कह कर भावुक से हो गए। आशा है की इनके रहते समाज में और भी शांतिमय वातावरण होगा एवं नि:शुल्क पढ़ने वाले बच्चों को उनके आगामी भविष्य में भी एक मार्गदर्शक मिलेगा।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...