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सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

पारस एचईसी हॉस्पिटल का शुभारंभ


 * अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अब रांची में भी उपलब्ध

रांची। पारस एचईसी हॉस्पिटल का सोमवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। अस्पताल का  उद्घाटन पारस हेल्थकेयर के एमडी डॉ.धर्मिन्दर नागर और ज्वाइंट एमडी डॉ. गुरदीप नागर ने संयुक्त रूप से किया। इस अस्पताल के खुलने से अब लोगों को राजधानी में
महानगरों की तर्ज पर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। अभी यह हॉस्पिटल 54 बेड का है, लेकिन आनेवाले समय में यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल होगा। इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए पारस एचईसी अस्पताल के यूनिट हेड डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि अभी जेनरल मेडिसीन, जेनरल सर्जरी, शिशु रोग विभाग, स्त्री रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, ईएनटी विभाग, दंत रोग विभाग तथा फीजियोथेरेपी विभाग में इलाज उपलब्ध है।
हॉस्पिटल में अभी उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उन्होंने कहा कि 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, लैब,एक्सरे, अल्ट्रासाउंड दो ऑपरेशन थियेटर, छह बेड का आईसीयू, चार बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष, लेबर रूम और कई अन्य सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। अभी विभिन्न विभागों के 12 विशेषज्ञ डॉक्टर्स यहां उपलब्ध हैं, कुछ समय बाद आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पारस एचईसी अस्पताल में एक छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध है। कहीं दूसरे जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डॉ. नीतेश ने बताया कि इसके साथ ही पारस ग्रुप के अब आठ हॉस्पिटल विभिन्न राज्यों में उपलब्ध हैं। बिहार के
पटना और दरभंगा, झारखंड के रांची, राजस्थान के उदयपुर, हरियाणा के पंचकूला और गुडगांव में दो-
दो हॉस्पिटल लोगों के इलाज और सेवा में लगे हैं। उन्होंने बताया कि एचइसी कर्मियों के लिए प्रबंधन के साथ हुए एमओयू के अनुसार उन्हें चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जाएगी। प्रेसवार्ता में पारस हेल्थकेयर के चीफ आॅपरेटिंग आॅफिसर डॉ. शंकर नारंग, बिजनेस स्ट्रैटजी डायरेक्टर डॉ.कपिल गर्ग, रिजनल डायरेक्टर डॉ.तलत हलीम, फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ.अजय सिंह, वीपी,(मार्केटिंग) पुनीत श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद थे। वहीं, अस्पताल के उद्घाटन समारोह में एचईसी के निदेशक (कार्मिक) एमके सक्सेना, निदेशक (उत्पादन और विपणन) राणा सुभाशीष चक्रवर्ती,  मुख्य नगर प्रशासक हेमंत गुप्ता, श्रमिक नेता राणा संग्राम सिंह, लीलाधर सिंह सहित काफी संख्या में एचईसी कर्मी विशेष अन्य मौजूद थे।

एनएचआरसीबी ने नारी निकेतन की महिलाओं का किया उत्साहवर्द्धन


 * दीपों पर आकर्षक चित्रकारी कर महिलाओं ने प्रर्दशित किए अपने हुनर


रांची। एनएचआरसीसीबी की प्रांतीय महिला प्रकोष्ठ ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में  कदम बढ़ाया है। इसके तहत कांके के अरसंडे स्थित नारी निकेतन की महिलाओं को एनएचआरसीसीबी की ओर से दो हजार दीप दिए गए। उन सभी दीयों पर निकेतन की महिलाओं ने रंग-बिरंगे चित्रों को उभारकर आकर्षक व मनमोहक बनाया है। दीपों पर चित्रकारी कर  महिलाओं ने अपने-अपने हूनर प्रदर्शित किए। एनएचआरसीसीबी के महिला प्रकोष्ठ की
प्रान्तीय अध्यक्ष प्रिया पोद्दार ने बताया कि हमारी पूरी कोशिश है कि हम नारी निकेतन की महिलाओ को रोजगार से जोड़ें। इसी उद्देश्य से निकेतन की महिलाओं को दीयों में रंग रोगन का ट्रेनिंग करवाया। ट्रेनिंग लेने के बाद महिलाएं काफी सक्रिय हुई और बहुत कम समय में ही दो हजार दीये सजा दिए।
 एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार वर्मा ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रांतीय महिला टीम का यह प्रयास काफी सराहनीय है। पूरी टीम सामाजिक कार्यों में सक्रियता से काम कर रही है। नारी निकेतन की महिलाओं द्वारा दीपों पर की गई अद्भुत चित्रकारी मनमोहक प्रस्तुति है। इन दीपों की बिक्री से जो राशि प्राप्त होगी, वह उन महिलाओं के हूनर के प्रति सम्मान होगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह सराहनीय कदम है।
 टीम की मोनिका जलान, कीर्ति मारू, रेखा अग्रवाल, पायल बजाज, अंशु चौधरी, नीतू गुप्ता, अमृता विनीता जैन, सरिता बथवाल, लवी राय ने नारी निकेतन की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हर संभव सहयोग करने का संकल्प लिया।

आइसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन सम्पन्न



 छात्रों के हक अधिकार के लिए आगे आना होगा -- सबीर
       

रांची, 21 अक्टूबर 2019। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन झारखंड इकाई की प्रथम  राज्य सम्मेलन अंजुमन इस्लामिया हाल मे सम्पन्न हुआ । झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब 100 आइसा प्रतिनिधियो  ने प्रथम राज्य सम्मेलन में  शामिल हुए । सम्मेलन की शुरुआत  भाकपा माले केंद्रीय कमिटी सदस्य सुभेन्दु सेन जी का उदघाटन भाषण से किया गया ।उन्होने कहा कि  मोदी सरकार की  नई शिक्षा  नीति ने छात्रो को विद्यालयो से बाहर ढकेल देने का प्रयास किया है । झारखंड राज्य मे शिक्षा का हाल बेहाल है । सरकारी स्कूलो को मर्ज कर शिक्षको को  की छंटनी  करने की तैयारी  चल रही  है  । ऊपर से नई बहाली भी नही हो रही है।

 कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय आइसा कमेटी की ओर से बिहार आइसा के सचिव काॅ सबीर शामिल हुए । उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि आज सरकार जिस तरह फीस  बढ़ोतरी, छात्रवृत्ति कटौती, सीट कटौती की है उससे मध्यम वर्ग, और निम्न वर्ग से शिक्षा छीन लिया जा रहा है। आज जरूरत है एकजुट होने की, जिससे हम अपनी अवाज को बुलंद कर सके ताकि गरीब बच्चों के लिए गुणबत्तापूर्ण शिक्षा  का माहौल बन सके और सरकारी स्कूलों की उचित ब्यबस्था कायम की जा सके। कार्यक्रम मे आइसा के पूर्व नेता सह इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य कमिटी के सदस्य अमल घोष ने कहा आज के समय मे आइसा किसी पहचान की मोहताज नही है और हमारी साथी इस पहचान को बनाये रखेंगे।हम नए निर्वाचित पदाधिकारी शिक्षा के खराब नीतियों के खिलाफ विरोध करेंगे और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे।
    सम्मेलन मे आइसा राज्य कमिटी के गठन किया गया  जिसमे  , सोहेल अंसारी को राज्य अध्यक्ष, त्रिलोकीनाथ को राज्य सचिव, अभय साहू को उपाध्यक्ष, इजहार अली हैदर को  को सहसचिव, तरुण  को राज्य कार्यालय सचिव समेत 19 सदस्यीय  राज्य कमिटी की चुनाव  किए गए । 43 सदस्यीय आईसा झारखंड राज्य परिषद का चुनाव भी किए गए ।
    नयी टीम ने राज्य मे  गुणबत्तापूर्ण शिक्षा के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने की संकल्प ली है।
आईसा का प्रथम झारखंड राज्य सम्मेलन का संचालन 4 सदस्यीय -- पुष्पा कुमारी मोइन खान निषाद खान और इनौस का राज्य सचिव अमल घोष --अध्यक्षमण्डल द्वारा किया गया ।
पलामू रांची  , रामगढ़ , हजारीबाग , गिरिडीह , बोकारो देवघर धनबाद आदि जिलों से आईसा प्रतिनिधियो ने प्रथम राज्य सम्मेलन में शामिल हुए
सम्मेलन का समापन भाषण में  नवनिर्बाचित आईसा राज्य सचिव  त्रिलोकीनाथ ने कहा कि जनपक्षीय शिक्षा नीति का निर्माण के लिए और बेरोजगारी के खिलाफ झारखंड राज्यब्यापी एक बड़े आंदोलन करनेकी घोषणा किए और इसके लिए समानधर्मी वाम छात्र युबा संगठनों को भी इस आंदोलन में एकजुट करने का संकल्प लिए गए ।
फिलहाल 8 से 10 नवंबर 2019 को हैदराबाद में आयोजित होनेवाले  AISA का राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल करने की योजना ली गई । आईसा का प्रथम राज्य सम्मेलन में एआई पी एफ  के नेता बशीर अहमद और भाकपा माले रांची जिला सचिव भुबनेश्वर केवट भी  शामिल हुए और अपनी बात रखे ।

बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की ओर अग्रसर हैं अभय कुमार झा


* सड़क, बिजली और पानी की सुविधा दुरुस्त करने में जुटा है नगर परिषद

विनय मिश्रा
चाईबासा। नागरिकों को मूलभूत बुनियादी सुविधाएं मुहैया करने की दिशा में चाईबासा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा सतत प्रयासरत हैं। उनके प्रयासों का ही प्रतिफल है कि चाईबासा शहर की जीर्ण- शीर्ण अवस्था में सड़कें आज चकाचक हो रही है। शहर के विभिन्न मोहल्लों के स्थित जिन सड़कों पर लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था,  सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया था, उन सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर कराकर श्री झा ने लोगों को आवागमन की सुविधा सुलभ कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। शहर के बड़ी बाजार, गाड़ीखाना, जेल रोड, बस स्टैंड, जैन मार्केट, मंगला हाट, सेन टोला, बिहारी टोला सहित अन्य मुहल्लों में सड़क निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। श्री झा के निर्देशानुसार सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है। गुणवत्तायुक्त सड़क निर्माण से लोगों का आवागमन सुगम हुआ है और काफी राहत मिली है। विगत दिनों श्री झा ने शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण के कार्य का जायजा लिया। उनके साथ सहायक अभियंता एच मूर्मू , कनीय अभियंता नरेन्द्र कुमार ने भी नवनिर्मित सड़कों की गुणवत्ता की जांच कर मुआयना किया। नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा सड़कों की गुणवत्ता को लेकर इस गंभीरता की लोग सराहना कर रहे हैं। श्री झा का मानना है कि नागरिकों को मूलभूत बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना नगर परिषद की जिम्मेवारी है। इस दिशा में नगर परिषद द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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* अल्पसंख्यकों को जीविकोपार्जन के लिए जल्द मिलेगा दुकान
चाईबासा नगर परिषद द्वारा शहर के बड़ी बाजार, मेन रोड पर चार अल्पसंख्यकों को जीविकोपार्जन के लिए जल्द ही दुकानें आवंटित की जाएगी। इस संबंध में चाईबासा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभय कुमार झा की ओर  से की गई पहल के बाद दुकान निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विदित हो कि कल्याण विभाग की ओर से चार अल्पसंख्यकों को चयनित कर उन्हें जीविकोपार्जन के लिए दुकानें आवंटित करने का निर्णय जनवरी 2018 में ही लिया गया था। इसके लिए राशि भी आवंटित हो गई। लेकिन स्थल चयन नहीं होने की वजह से यह मामला लंबित था। श्री झा के प्रयास से शहर के बड़ी बाजार,मेन रोड पर विगत दिनों अधिकारियों के एक दल ने स्थल चयन किया और अल्पसंख्यकों के जीविकोपार्जन के लिए दुकानें बनाने के निर्णय को अंतिम रूप दिया गया। जनहित में श्री झा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जनता सराहना कर रही है।

रविवार, 20 अक्टूबर 2019

जहां नारी की पूजा, वहां ईश्वर का वासः रघुवर दास

●राज्य की महिलाएं सम्मान के साथ जी सकें इसे ध्यान में रख योजनाओं को लागू कियाः रघुवर दास
●संथाल परगना के सभी जिले से उज्ज्वला दीदियां सम्मेलन में शामिल हुईं


दुमका। प्राचीन काल से ही भारत में नारीशक्ति को सम्मान विरासत में दी गई है। कहा भी गया है ‘‘जहाँ नारी की पूजा की जाती है, वहीं ईश्वर का वास होता है।’’ राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने की ठानी है, जिससे वे स्वयं सम्मान के साथ जीयें। महिला शक्ति को समाज की शक्ति और राज्य की शक्ति बनाना उज्ज्वला दीदी सम्मेलन का उद्देश्य है। हमारी माताओं बहनों के ही कारण आज भी कुटुंब व्यवस्था हमें देखने को मिलती है और इसकी चर्चा विदेशों में भी होती है। महिलाएं परिवार को एक साथ लेकर चलने का कार्य करती है। महिलाओं में कष्ट सहने की अद्भूत शक्ति होती है। वे अपनी जरूरतों को भी छुपा लेती है। लेकिन सरकार ने महिलाओं के दर्द को समझा है उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में कई कार्य किए हैं। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्री दास इंडोर स्टेडियम, दुमका में प्रमंडलस्तरीय उज्ज्वला दीदी सम्मलेन को संबोधित कर रहे थे।

महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रहीं हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं सम्मान के साथ जी सकें इसे ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को लागू किया गया है। महिला शक्ति को राज्य की शक्ति बनाना है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। बस उन्हें मौका मिलने की जरूरत है। हमारी माताएं बहनें किसी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।

सखी मंडल की 19 महिलाएं बनीं मिट्टी का डाक्टर


मेदिनीनगर। राज्य सरकार ने किसानों की समृद्धि के लिए जहां एक ओर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से किसानों को लाभान्वित कर रही है। वहीं दूसरी ओर उनके खेतों की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए मिट्टी की।डॉक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया राज्य भर में हो रही है। इसी के तहत पलामू के मेदिनीनगर और चैनपुर प्रखंड की सखी मंडल की 19 महिलाओं को मिट्टी की डॉक्टर का आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हजारीबाग में संपन्न कराया गया। उम्मीद है प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अपने क्षेत्र में किसानों को उचित सलाह देते हुए उनके खेत की उत्पादकता को बढ़ाने में सहायक होंगी। ये बातें सचिव कृषि श्रीमती पूजा सिंघल ने कही।

मिट्टी को बनाएंगी स्वस्थ, उत्पादकता से लाभान्वित होंगे किसान

सचिव कृषि श्रीमती पूजा सिंघल ने बताया कि मेदनीनगर प्रखंड से आठ और चैनपुर प्रखंड से 11 सखी मंडल की महिलाओं को उक्त प्रशिक्षण हजारीबाग के डेमोटांड़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र में दिया गया है। इन महिलाओं को मिट्टी जांच हेतु किट भी प्रदान किया गया। अब महिलाएं अपने पंचायत के प्रत्येक किसान की खेत की मिट्टी लेकर उसका जांच करेंगी एवं सॉइल हेल्थ कार्ड में दिए गए सुझाव एवं पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु सुझाए गए उर्वरकों की मात्रा के विषय में सभी किसानों को अवगत कराएंगी। ताकि नुकसान एवं मिट्टी के स्वास्थ्य में होने वाली हानि से बचते हुए किसानों के खेत के उत्पादन एवं उत्पादकता को कम खर्च में बढ़ाया जा सके)

इजरायल दौरे से किसानों के दल की वापसी, कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की शुरुआतः पूजा सिंघल

झारखण्ड के 24 किसानों और 3 अधिकारियों का दल आज इजरायल की राजधानी तेल अवीव से नई दिल्ली पहुंचा। स्थानिक आयुक्त श्री एम आर मीणा ने बताया कि झारखण्ड भवन के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया और उन्हें रांची एयर इंडिया की फ्लाइट से भेजा जा रहा है।

कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने कहा कि किसानों का दल आज दोपहर 1 बजे एयरइंडिया की फ्लाइट से राँची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पहुंचेंगे। कृषि विभाग के लोग उन्हें रिसीव करेंगे। कृषि सचिव ने कहा कि किसानों की इजरायल यात्रा से राज्य के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। झारखण्ड में कम से कम जल का उपयोग कर भूमि की अधिक से अधिक उर्वरता बनाये रखने में मदद मिलेगी। इससे कृषि पैदावार भी बढ़ेगी।

कृषि निदेशक श्री छवि रंजन ने बताया कि किसानों के दल का नेतृत्व पाकुड़ के उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी कर रहे थे। साथ में कृषि विभाग के उप निदेशक श्री विकास कुमार और रांची जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी श्री अनिल कुमार भी किसानों के दल का हिस्सा थे।

इजरायल दौरे पर गये 24 किसानों के दल में देवघर से अंबिका प्रसाद कुशवाहा और राजेंद्र यादव, गोड्डा से नीतीश आनंद और शशिकर झा, दुमका से रमेश हाँसदा, साहेबगंज से राजेश कुमार यादव और रमेशचंद्र रविदास, प सिंहभूम से रमेश पूर्ति और मार्कस बोदरा, पूर्वी सिंहभूम से राम प्रताप महतो और सिदम चंद्र मुर्मू, गढ़वा से आनंद कुमार और धर्मेंद्र कुमार मेहता, गुमला से अनिम मिंज, खूंटी से दिलीप कुमार और तुलसी महतो, लातेहार से मिथेन्द्र लकड़ा, रांची से अरुण चंद्र गुप्ता और सुखदेव उरांव और श्री गनसु महतो, गिरिडीह से कुमार विवेकानंद और लक्ष्मण महतो, धनबाद से जगदीश रजक और रघुनंदन कुमार शामिल थे।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...