चक्रधरपुर। भाजपा व्यवसायिक मंच के उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद साव ने स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक भारतेंन्दु भूषण एवं सिविल सर्जन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि पश्चिम सिंहभूम में सर्पदंश की घटना आए दिन होती रहती है और साँप काटने के पश्चात तत्काल देने वाली सुई की व्यवस्था तो है किन्तु इसके पश्चात दूसरी सुई दी जाती है उसकी कमी है इसलिए तत्काल दूसरी सुई की भी व्यवस्था सभी अस्पताल में कराई जाए जिससे सर्पदंश से पीड़ित लोगों का तुरंत व समुचित ईलाज हो सके ।
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गुरुवार, 11 जुलाई 2019
दुर्गा प्रसाद साव बने भाजपा व्यवसायिक मंच के उपाध्यक्ष
चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम के व्यवसायी दुर्गा प्रसाद साव को पश्चिम सिंहभूम जिला व्यवसायिक मंच का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है गौरतलब हो कि श्री साव व्यवसायियों की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाते रहे हैं श्री साव ने कहा कि वे व्यवसायियों की समस्याओं के निराकरण का हर संभव प्रयास करेंगे श्री साव के उपाध्यक्ष बनने पर नगर विकास समिति के अध्यक्ष पवन शंकर पांडेय व भाजपा नेता ललित गिलुवा ने उन्हें बधाई दी है ।
बुधवार, 10 जुलाई 2019
संवाददाता दीदी बनाने का आह्वान
रांची। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी पंचायतों में संवाददाता दीदी बनाने का आह्वान किया. प्रत्येक सखी मंडल की दीदियों को सरकार के प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों की जानकारी अथवा समाचार व्हाट्सएप के जरिए संप्रेषित की जाएगी. अब सोशल मीडिया, ईमेल, वाट्सएप इत्यादि द्वारा रियल टाइम प्रचार-प्रसार का कार्य आसान हुआ है. इनका उपयोग कर जनता और शासन के बीच की दूरियां पूरी तरह दूर की जा सकती हैं. सखी मंडलों के बेहतर उपयोग से गांव को समृद्ध किया जा सकेगा. उन्होंने
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि सखी मंडल की दीदीयां जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य कर रही हैं. सखी मंडल के स्वरूप को बनाए रखें. इसमें किसी प्रकार से टूट न हो आय उत्पादक गतिविधियों में विभिन्न उत्पाद का क्षेत्रवार मूल्यांकन करें. सखी मंडल के गठन में गरीब महिलाओं को अवश्य जोड़ें. कई ऐसी महिलाएं हैं जो सखी मंडल का हिस्सा नहीं है और बीपीएल परिवार से हैं उन्हें जोड़कर सामाजिक विकास में अपनी भूमिका निभाए.
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि अब कृषि विभाग की कुछ योजनाओं का संचालन सखी मंडल के माध्यम से किया जाएगा. जिसमें SOIL हेल्थ कार्ड, पशुपालन से संबंधित योजना, दुग्ध उत्पादन एवं हॉर्टिकल्चर शामिल हैं. कृषि सचिव ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में दो मिट्टी के डॉक्टर बनाए जाएंगे. मिट्टी के डॉक्टर सखी मंडल की महिलाएं ही बनेगी. मिट्टी के डॉक्टर बनी दीदीया सरकार द्वारा निर्गत SOIL हेल्थ कार्ड की पूरी जानकारी, उपयोग एवं फायदे को किसानों के साथ साथ जन जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगी. कृषि सचिव ने कहा कि पशुपालन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आदिवासी महिलाओं को जोड़ना सरकार का लक्ष्य है. राज्य सरकार ने 50% अनुदान देकर छोटी-छोटी मिनी डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए सखी मंडल की महिलाओं को प्रेरित कर रही है. हॉर्टिकल्चर में भी पपीते, एलोवेरा, फूल, सोयाबीन इत्यादि की खेती से जोड़कर सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. पशुपालन के लिए सखी मंडल की महिलाओं को बकरा पालन के लिए शत-प्रतिशत अनुदान, कुक्कुट एवं बत्तख पालन के लिए 90% अनुदान तथा सूकर पालन के लिए 50% अनुदान राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है.
खाद्य आपूर्ति सचिव श्री अमिताभ कौशल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित डाकिया योजना के सफल संचालन में सखी मंडल की भूमिका अहम होगी. वैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र जहां पर परिवारों की संख्या कम है वहां भी डाकिया योजना के अंतर्गत राशन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. इसके अलावा टेक होम राशन के तहत 6 महीने से 3 वर्ष के बच्चों तक आंगनवाड़ी के माध्यम से चावल, दाल, गुड़, मूंगफली इत्यादि का वितरण सुनिश्चित करने में सखी मंडल अपनी सक्रियता रखेंगी. अब अंडा खरीद के लिए टेंडर वाली प्रक्रिया समाप्त होगी. राज्य सरकार सखी मंडल द्वारा पोल्ट्री फॉर्म के जरिए उत्पादित अंडा क्रय करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वंचित 14 लाख परिवारों को 30 सितंबर तक एलपीजी गैस सिलेंडर कनेक्शन उपलब्ध कराना लक्ष्य है. इस योजना का लाभ अंतिम लाभुक तक पहुंच सके इसके लिए राज्य के प्रत्येक पंचायत में उज्वला दीदी नियुक्त की जा रही हैं. उज्वला दीदी ग्रामीण लोगों को एलपीजी के सेफ्टी उपयोग की भी जानकारी देंगी.
इस अवसर पर स्वागत भाषण जेएसएलपीएस के सीईओ श्री राजीव रंजन ने दिया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री दुमका जिले की डीपीएम श्रीमती आशियानी मर्की, लातेहार डीपीएम श्री सचिन साहू, गिरिडीह डीपीएम श्री संजय गुप्ता एवं डीपीएम रांची श्रीमती शांति मार्डी ने अपने अपने जिले में किए जा रहे नए इनोवेटिव कार्यों की जानकारी दी तथा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किया.
आजीविका मिशन का बीज 10 वर्षों में बना वटवृक्षः रघुवर दास
मुख्यमंत्री ने झारखण्ड मंत्रालय में जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों के साथ किया सीधा संवाद
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JSLPS के प्रखंड स्तरीय कर्मियों के वेतन में 2 हजार की बढ़ोतरी होगी
गरीब परिवार को रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य
2014 से पहले केवल 43 हजार सखी मंडल, साढ़े 4 वर्ष में बने 1 लाख 88 हजार
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रांची। 2009 में जिस आजीविका मिशन का बीज बोया गया था, आज 10 वर्ष बाद वह वट वृक्ष बन चुका है और हमसब उसकी 10वीं वर्षगांठ मना रहें हैं। 2014 से पूर्व राज्य में मात्र 43 हजार सखी मंडल का गठन हुआ था लेकिन यह आप सभी के अथक मेहनत से मात्र साढ़े 4 साल में 5 गुना बढ़ कर सखी मंडल की संख्या 2 लाख 3 हजार 589 हो गई। अब आप सभी को एक और लक्ष्य साधना है। राज्य के बचे हुए 300 पंचायत में भी सखी मंडल का गठन 30 सितंबर तक पूरा कर लें। सरकार अपने हिस्से का 40 प्रतिशत अंशदान सखी मंडल के गठन के साथ उपलब्ध करा देगी। शेष 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा तीन माह के अंदर उपलब्ध करा दिया जाएगा। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखण्ड मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत JSLPS की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों के साथ सीधा संवाद के दौरान कही।
BPL परिवार को रोजगार से जोड़ना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी इस बात को ध्यान में रखें कि गरीब और आदिवासी महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकताओं में है। राज्य के BPL परिवार को रोजगार से आच्छादित करना सरकार का लक्ष्य है। ऐसे परिवार की पहचान कर परिवार की महिला को सखी मंडल से जोड़े। नए बन रहे सखी मंडल में ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दें। उन्हें सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करें। राज्य की महिलाएं मेहनती हैं और उन्हें झारखण्ड के विकास में महती भूमिका निभानी है।
सखी मंडल की महिलाएं भी जाएंगी इजरायल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन में सामंजस्य नहीं होगा तो पूर्ण रूप से आर्थिक स्वावलंबन संभव नहीं है। राज्य सरकार सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है। अब उन्हें गव्य पालन के लिए भी सुविधा प्रदान की जाएगी। BPL महिलाओं को 90 प्रतिशत के अनुदान पर पूर्व से दो गाय उपलब्ध कराया जा रहा है। गव्य पालन हेतु मिल रहे अनुदान का लाभ लोगों को लेना चाहिए। क्योंकि राज्य में हर वर्ष 400 करोड़ का दूध अन्य राज्यों से आता है। हमें दूध उत्पादन में इस दूरी को पाटना है। सखी मंडल की महिलाएं खेती के क्षेत्र में भी आगे आएं।इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी इजरायल भेजा जायेगा, ताकि वे आधुनिक व उन्नत कृषि की बारीकियों से अवगत हो सकें।
उज्ज्वला दीदी बनाएं, 14 लाख परिवार को LPG कनेक्शन देना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर उज्ज्वला दीदी को 30 सितंबर तक नियुक्त करें। उज्ज्वला दीदी गांव में ऐसे जरूरतमंद परिवार को चिन्हित करेंगी, जिसे उज्ज्वला योजना का लाभ देना है। सरकार आनेवाले दिनों में 14 लाख परिवार को उज्ज्वला योजना से लाभान्वित करेगी।
सखी मंडल को सशक्त किया गया
मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि 2014 के पूर्व की स्थिति में बदलाव आया है। आज मनरेगा में झारखण्ड देश में अव्वल है। यह आने आप मे उपलब्धि है कि सखी मंडल का गठन कर सरकार ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया है। विभाग सीधे गांव और ग्रामीण तक पहुंचकर उन्हें लाभान्वित करने का कार्य कर रही है। किसानों की आय दोगुनी करने हेतु उनके लिए लिफ्ट इर्रिगेशन की व्यवस्था की जा रही है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री व अन्य अथितियों को गढ़वा स्थित परकरी प्रखंड की सखी मंडल द्वारा अंगवस्त्र उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री अविनाश कुमार, सचिव, खाद्य श्री अमिताभ कौशल, सचिव कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।
वह सब जो जानना जरूरी है-
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जोहार योजना के तहत 23 हजार 513 उत्पादक समूह के जरिये 1 लाख से ज्यादा परिवार की आय दोगुनी करने पर काम हो रहा है।
2014 के बाद करीब 1 लाख 88 हजार सखी मंडल का गठन कर 25 लाख 59 हजार 303 परिवार को लाभान्वित किया गया।
2014 तक 657 ग्राम संगठन थे, 2014 के बाद साढ़े 4 वर्ष में 12, 463 ग्राम संगठन बनाये गए
2014 तक 8800 सखी मंडलों को चक्रीय निधि 15 हजार प्रति समूह राशि मिल रहा था, अब साढ़े 4 वर्ष में 76 हजार 839 समूहों को उक्त राशि मिल रही है
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JSLPS के प्रखंड स्तरीय कर्मियों के वेतन में 2 हजार की बढ़ोतरी होगी
गरीब परिवार को रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य
2014 से पहले केवल 43 हजार सखी मंडल, साढ़े 4 वर्ष में बने 1 लाख 88 हजार
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रांची। 2009 में जिस आजीविका मिशन का बीज बोया गया था, आज 10 वर्ष बाद वह वट वृक्ष बन चुका है और हमसब उसकी 10वीं वर्षगांठ मना रहें हैं। 2014 से पूर्व राज्य में मात्र 43 हजार सखी मंडल का गठन हुआ था लेकिन यह आप सभी के अथक मेहनत से मात्र साढ़े 4 साल में 5 गुना बढ़ कर सखी मंडल की संख्या 2 लाख 3 हजार 589 हो गई। अब आप सभी को एक और लक्ष्य साधना है। राज्य के बचे हुए 300 पंचायत में भी सखी मंडल का गठन 30 सितंबर तक पूरा कर लें। सरकार अपने हिस्से का 40 प्रतिशत अंशदान सखी मंडल के गठन के साथ उपलब्ध करा देगी। शेष 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा तीन माह के अंदर उपलब्ध करा दिया जाएगा। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखण्ड मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत JSLPS की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों के साथ सीधा संवाद के दौरान कही।
BPL परिवार को रोजगार से जोड़ना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी इस बात को ध्यान में रखें कि गरीब और आदिवासी महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकताओं में है। राज्य के BPL परिवार को रोजगार से आच्छादित करना सरकार का लक्ष्य है। ऐसे परिवार की पहचान कर परिवार की महिला को सखी मंडल से जोड़े। नए बन रहे सखी मंडल में ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दें। उन्हें सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करें। राज्य की महिलाएं मेहनती हैं और उन्हें झारखण्ड के विकास में महती भूमिका निभानी है।
सखी मंडल की महिलाएं भी जाएंगी इजरायल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन में सामंजस्य नहीं होगा तो पूर्ण रूप से आर्थिक स्वावलंबन संभव नहीं है। राज्य सरकार सखी मंडल की महिलाओं को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है। अब उन्हें गव्य पालन के लिए भी सुविधा प्रदान की जाएगी। BPL महिलाओं को 90 प्रतिशत के अनुदान पर पूर्व से दो गाय उपलब्ध कराया जा रहा है। गव्य पालन हेतु मिल रहे अनुदान का लाभ लोगों को लेना चाहिए। क्योंकि राज्य में हर वर्ष 400 करोड़ का दूध अन्य राज्यों से आता है। हमें दूध उत्पादन में इस दूरी को पाटना है। सखी मंडल की महिलाएं खेती के क्षेत्र में भी आगे आएं।इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी इजरायल भेजा जायेगा, ताकि वे आधुनिक व उन्नत कृषि की बारीकियों से अवगत हो सकें।
उज्ज्वला दीदी बनाएं, 14 लाख परिवार को LPG कनेक्शन देना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर उज्ज्वला दीदी को 30 सितंबर तक नियुक्त करें। उज्ज्वला दीदी गांव में ऐसे जरूरतमंद परिवार को चिन्हित करेंगी, जिसे उज्ज्वला योजना का लाभ देना है। सरकार आनेवाले दिनों में 14 लाख परिवार को उज्ज्वला योजना से लाभान्वित करेगी।
सखी मंडल को सशक्त किया गया
मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि 2014 के पूर्व की स्थिति में बदलाव आया है। आज मनरेगा में झारखण्ड देश में अव्वल है। यह आने आप मे उपलब्धि है कि सखी मंडल का गठन कर सरकार ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया है। विभाग सीधे गांव और ग्रामीण तक पहुंचकर उन्हें लाभान्वित करने का कार्य कर रही है। किसानों की आय दोगुनी करने हेतु उनके लिए लिफ्ट इर्रिगेशन की व्यवस्था की जा रही है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री व अन्य अथितियों को गढ़वा स्थित परकरी प्रखंड की सखी मंडल द्वारा अंगवस्त्र उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्री अविनाश कुमार, सचिव, खाद्य श्री अमिताभ कौशल, सचिव कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, जिला परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड परियोजना पदाधिकारी व अन्य उपस्थित थे।
वह सब जो जानना जरूरी है-
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जोहार योजना के तहत 23 हजार 513 उत्पादक समूह के जरिये 1 लाख से ज्यादा परिवार की आय दोगुनी करने पर काम हो रहा है।
2014 के बाद करीब 1 लाख 88 हजार सखी मंडल का गठन कर 25 लाख 59 हजार 303 परिवार को लाभान्वित किया गया।
2014 तक 657 ग्राम संगठन थे, 2014 के बाद साढ़े 4 वर्ष में 12, 463 ग्राम संगठन बनाये गए
2014 तक 8800 सखी मंडलों को चक्रीय निधि 15 हजार प्रति समूह राशि मिल रहा था, अब साढ़े 4 वर्ष में 76 हजार 839 समूहों को उक्त राशि मिल रही है
कुपोषण को मिटाना हमारा लक्ष्यः रघुवर दास
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। सभी के सहयोग से इसे मिटाया जा सकता है। राज्य के आकांक्षी जिलों में इस पर विशेष फोकस किया जा रहा है। ओएनजीसी भी इसमें सहयोग करें। सीएसआर गतिविधि के तहत आंगनबाड़ी, स्कील सेंटर आदि को खोलने में सहयोग करे। उक्त बातें उन्होंने झारखंड मंत्रालय में हुई बैठक में ओएनजीसी के चेयरमैन श्री शशि शेखर से कही।
ओएनजीसी भी सहयोग करे
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कुपोषण मिटाना उनकी सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में आंगनबाड़ी जो कि बच्चों के लिए बुनियाद का काम करती है, उसे सशक्त बनाया जा रहा है। ओएनजीसी भी राज्य में आंगनबाड़ी बनाने में सरकार का सहयोग करे। इसी प्रकार पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार काफी काम कर रही है। इसी कड़ी में जिन जिलों से ज्यादा पलायन होता है, वहां स्कील सेंटर बनाये जा रहे हैं। ताकि वहां के बच्चों को स्कील्ड कर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके। इससे उन्हें काम के लिए झारखंड से बाहर नहीं जाना होगा। राज्य में कंपनी की सभी परियोजनाओं में राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। ओएनजीसी के चेयरमैन ने कहा कि कंपनी सीएसआर गतिविधि के तहत यह काम करने को तैयार है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल, ओएनजीसी के बोकारो सीबीएम आरपी पांडेय समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
अक्टूबर तक 35 लाख किसानों के बीच 5000 करोड़ रुपए का वितरण
30 सितम्बर का लक्ष्य --सभी कार्य पूरा करें
हम सब ऐसा कार्य कर जाएं कि हमारे बाद भी लोग हमारे काम को याद करें
देवघर। गरीब को गरीब बनाए रखने की साजिश करने वालों को बेनकाब करें। चाहे कितना भी बड़ा आदमी हो पब्लिक ऑर्डर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। विधि व्यवस्था के साथ महत्वपूर्ण है पब्लिक आर्डर को कायम रखना। यदि कोई इसमें बाधा पहुँचाये तो कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई उस पर करें। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास देवघर के परिसदन में संथालपरगना के सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और उप विकास आयुक्त के साथ प्रमंडल में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यह बात कही।
गांव और किसान पर ध्यान रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव और किसान पर ध्यान रहे पीएम किसान योजना और मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना से राज्य के 35 लाख किसानों के बीच 5000 करोड़ रुपए का वितरण किया जाएगा। हमारे गरीब किसानों को खाद बीज आदि के लिए किसी साहूकार के पास हाथ फैलाना ना पड़े। यही सोच सरकार की है। मुख्यमंत्री ने जिलो को लक्ष्य दिया है कि इस माह तक उनका ऑनलाइन निबंधन का कार्य पूरा कर लें।
गांव भी शहरों की तरह चमके
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई योजना के तहत राज्य के 14 लाख घरों में 30 सितंबर तक गैस चूल्हा और सिलेंडर पहुंचाना है। टाइमलाइन बनाकर अपने जिले के लक्ष्य को सभी हासिल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव भी शहरों की तरह चमके इसलिए 14वें वित्त आयोग के पैसों से गांव के पथ पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य भी 30 सितंबर तक पूरा कर लें। आदिम जनजाति के गांवों में पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जन जल योजना के तहत् आदिवासी बहुल गांव में भी पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने का अभियान समय से पूरा करें। गांव के सड़कें पेभर ब्लॉक से बने ताकि वर्षा का जल जमीन में जा सके। इसके लक्ष्य को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
सभी छह जिलों में एक ही दिन व्यापक जागरूकता रैली निकालें
मुख्यमंत्री ने कहा कि संथालपरगना में कुपोषण आज भी व्याप्त है। इसके लिए सभी छह जिलों में एक ही दिन व्यापक जागरूकता रैली निकालें। महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सेवा की तरह मिशन बना के काम करे।
जिलों के उपायुक्त जिला के अनटाइड फण्ड से करने के लिए अधिकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर जिला के उपायुक्त के परामर्श पर विचार कर राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि पूरे राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त जिला के अनटाइड फण्ड से करने के लिए अधिकृत होंगे। जिला योजना समिति से अनुमोदन के बदले जिला कार्यकारिणी समिति के अनुमोदन से कार्य होगा तथा जिला योजना समिति की बैठक में उससे अवगत कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को 250 आवास स्वीकृत करने का अधिकार दिए जाने की भी बात कहीं। इस पर जल्द ही उन्हें आदेश मिल जाएगा जिसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर वे काम करें। किसी ऐसे जरूरतमन्द जिनका नाम अर्हता सूची में नहीं आ रहा है और वे समझते हैं कि उन्हें आवास दिया जाना आवश्यक है तो उनके लिए आवास स्वीकृत कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी निदेश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य को भी 30 सितंबर तक पूरा करे।
विद्युत की हो नियमित समीक्षा
सभी जिलों के उपायुक्त अपने जिला के विद्युत विभाग के इंजीनियर के साथ बैठक कर शहर की विद्युत आपूर्ति, ट्रांसमिशन लाइन, घर-घर विद्युत पहुँचाने के कार्य की प्रगति जानकारी ले और जिले की जनता को अवगत कराएं।
हम सब ऐसा कार्य कर जाएं कि हमारे बाद भी लोग हमारे काम को याद करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य की चिंता है मुझे पर जब संथाल परगना आया तो इसके पिछड़ेपन ने मुझे बहुत बेचैन किया है। मैंने शपथ लिया है कि यहां बदलाव ला कर ही रहूंगा। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा थी आप भाग्यशाली है कि आपको सेवा करने का अवसर मिला है। आइए, हम सब ऐसा कार्य कर जाएं कि हमारे बाद भी लोग हमारे काम को याद करें।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री के के खंडेलवाल, डीजीपी श्री कमल नयन चौबे, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास श्री अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, पथ निर्माण सचिव श्री के के सोन, भवन निर्माण सचिव श्री सुनील कुमार, पेय जल एवं स्वच्छता सचिव श्रीमती आराधना पटनायक, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, खाद्य आपूर्ति एवं महिला बाल विकास सचिव श्री अमिताभ कौशल, एडीजी विशेष शाखा श्री अजय कुमार सिंह, आईजी ऑपरेशन्स श्री आशीष बत्रा, आयुक्त श्री विमल, डीआईजी संथाल परगना श्री राज कुमार लकड़ा उपस्थित थे।
हज़ की कमाई से आतंकवाद की सिंचाई
देवेंद्र गौतम
दुनिया भर के मुस्लिम अब पवित्र हज़यात्रा के बहिष्कार का आह्वान कर
रहे हैं। ट्विटर पर बाजाप्ता इसका अभियान चल रहा है। उनका कहना है कि सऊदी अरब के
प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान हज़ यात्रा को को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना चाहते
हैं। यात्रियों को सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं लेकिन वे इससे होने वाली भारी-भरकम आय
का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। मक्का मदीना के नाम पर अरब
के प्रिंस पूरे इस्लामी समाज का संरक्षक मानते हैं। इस अघोषित ओहदे को बनाए रखने
के लिए वे मस्जिदों के निर्माण और रखरखाव के नाम पर धन प्रदान करते हैं लेकिन वे
मुख्य रूप से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
पिछले वर्ष अप्रैल माह में लीबिया के प्रख्यात सुन्नी मौलवी ग्रैंड
मुफ्ती सादिक अली धरीआनी ने दुबारा हज यात्रा को पाप बताते हुए बहिष्कार का आह्वान
किया था। लेकिन अब उन्होंने अपनी अपील का खुलासा करते हुए कहा है कि हज से अरब की
अर्थ व्यवस्था को जो मजबूती मिल रही है उसका इस्तेमाल दहशतगर्दी के लिए किया जा
रहा है। उससे हथियारों की खरीद की जा रही है और उन्हें आतंकी संगठनों को आपूर्ति
की जा रही है। उन हथियारो का शिकार खाड़ी देशों के मुस्लिम समाज के लोग ही हो रहे
हैं। लीबिया के मौलवी के अलावा सऊदी अरब के युसूफ अल काराडावी ने बाजाप्ता फतवा
जारी कर हज के बहिष्कार का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि इससे बेहतर है कि
भूखो को भोजन कराएं, बेसहारों को सहारा दें।
एक आंकड़े के मुताबिक हर वर्ष 23 लाख से अधिक लोग हजयात्रा करते हैं।
उनसे सऊदी अरब के खरबों की आमदनी होती है। अरब के प्रिंस इसे ज्यादा से ज्यादा
बढ़ावा देने चाहते हैं। हज के बहिष्कार के आह्वान को दबाने के लिए वे किसी स्तर पर
उतर सकते हैं। लेकिन फिलहाल यह एक वैश्विक मुहिम का रूप धारण कर चुका है। आने वाले
समय में यह क्या रंग लाएगा, कहना कठिन है।
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