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शनिवार, 10 अगस्त 2019

जल शक्ति अभियान के तहत सघन वृक्षारोपण


विनय मिश्रा
चक्रधरपुर। चक्रधरपुर नगर परिषद के नव पदस्थापित कार्य पालक पदाधिकारी महेंद्र राम के योगदान देने के साथ ही सरकार के द्वारा जिन योजनाओं को मूर्त रूप देनी है उसको गति देने का कार्य प्रारंभ कर दिया है इसी क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी ने जल शक्ति  अभियान के अंतर्गत वृक्षा रोपन का कार्य सघन  रूप से चलाया जा रहा हैं साथ  साथ ही श्री राम ने विकास कार्य  गति देने का निर्देश दिया है इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुको को सह समय भुगतान का निर्देश दिया है जिससे केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना सह समय पूर्ण हो सके साथ ही साथ उज्वला योजना के अंतर्गत एक वार्ड दीदी का चयन यथा किया जा रहा  है  साथ में  चक्रधरपुर नगर परिषद अधीन 7 वार्डो में मुहल्ला क्लिनिक संचालन के लिए तैयारी की जा रही हैं इसको मुर्त रूप देने के लिए यथा  प्रारंभ किया जा रहा हैं नया कार्यपालक पदाधिकारी महेंद्र राम के प्रभार ग्रहण करने लेने के साथ ये प्रतीत होने लगा कि चक्रधरपुर नगर परिषद की विकास  के कारण इसकी अलग पहचान बनेगी

शिक्षाविद निरुप के नि:शुल्क शिक्षण संस्थान में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया


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चक्रधरपुर। शिक्षाविद निरुप कुमार प्रधान में समर्थ नाम की एक संस्था का गठन किया है इस संस्था में के अंतर्गत गरीब एवं आर्थिक असमर्थ को नि:शुल्क प्रतियोगिता परीक्षा एवं नि:शुल्क बुनियादी शिक्षा दी जाएगी ।साथ ही साथ सामाजिक कल्याण के कार्यों को भी संपन्न किया जाएगा।इसके संस्थापक शिक्षाविद निरुप हैं।

 इसी संस्था द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया इसमें नि:शुल्क बुनियादी शिक्षा के सभी बच्चे इकट्ठे होकर इस कार्यक्रम का आयोजन किए। इसमें झारखंड की संस्कृति का एक दृश्य देखने को मिला ! जिसमें सभी बच्चे एवं शिक्षक सरना नृत्य को प्रस्तुत किए।


इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कई गणमान्य लोग उपस्थित थे जिसमें समाजसेवी विनोद भगेरिया एवं उनकी पत्नी श्रीमती विशाखा ,पूर्व प्राचार्य नागेश्वर प्रधान,कविवर रणविजय कुमार ,समाजसेवी सदानंद होता, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी दिग्गी इत्यादि गणमान्य उपस्थित होकर सभी बच्चों का उत्साह बढ़ाएं।

 इस दौरान सभी अतिथि गण भी इस नृत्य में सम्मिलित होकर इस का मान बढ़ाएं एवं सर्वश्रेष्ठ नृत्य का पुरस्कार भी उनके हाथों से बच्चों को दिया गया। इस तरह यह कार्यक्रम सफल रहा एवं आगामी वर्ष भी इस दिवस को धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया गया।

इस कार्यक्रम में श्री निरूप ने ढोल बजाकर बच्चों के साथ नृत्य किया एवं इसका संबोधन श्री नील अभिमन्यु के द्वारा संपन्न हुआ।

शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में दो फीसद की बढ़ोत्तरी




नई दिल्ली। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जून, 2019 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 130.2 अंक रहा जो जून, 2018 के मुकाबले 2.0 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि जून, 2019 में औद्योगिक विकास दर 2.0 फीसदी रही। उधरअप्रैल-जून, 2019 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.6 फीसदी आंकी गई है।जून, 2019 में खननविनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर जून, 2018 के मुकाबले क्रमश: 1.6 फीसदी, 1.2 फीसदी तथा 8.2 फीसदी रही। उधरअप्रैल-जून 2019 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 3.0, 3.1 तथा 7.2 फीसदी आंकी गई है। उद्योगों की दृष्टि से विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों (दो अंकों वाली एनआईसी-2008 के अनुसार) में से समूहों ने जून, 2018 की तुलना में जून, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इस दौरान बुनियादी धातुओं के विनिर्माण’ ने 17.7 प्रतिशत की सर्वाधिक धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद ‘खाद्य उत्पादों के विनिर्माण’ का नम्बर आता है जिसने 16.5 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह ‘तंबाकू उत्‍पादों के विनिर्माण’ ने 10.3 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। वहींदूसरी ओर उद्योग समूहकागज एवं कागज उत्‍पादों के विनिर्माण’ ने (-) 19.9 प्रतिशत की सर्वाधिक ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद 'फर्नीचर के विनिर्माणका नंबर आता है जिसने (-) 14.3 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह मोटर वाहनों, ट्रेलरों एवं सेमी-ट्रेलरों के विनिर्माण ने (-) 13.9 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।
उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार जून, 2019 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स)पूंजीगत सामानमध्‍यवर्ती वस्तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर जून, 2018 की तुलना में क्रमश: 0.5 फीसदी, (-) 6.5, 12.4 फीसदी और (-)1.8 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल हैइनकी उत्‍पादन वृद्धि दर जून, 2019 में (-) 5.5 फीसदी रही है। इसी तरह गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर जून, 2019 में 7.8 फीसदी रही।




चुनाव घोषणापत्रों में शामिल हो आचार संहिताः एम वेंकैया नायडू



नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि अपने घोषणापत्रों में सांसदों और विधायकों सहित सभी जन प्रतिनिधियों के लिए आचार संहिता को शामिल करें।
आचार संहिता में यह बात शामिल की जाए कि कोई भी सदस्य सदन में आसन के सामने हंगामा नहीं करेगा, नारेबाजी नहीं करेगा, कार्यवाही में व्यावधान नहीं डालेगा और कागज फाड़ने तथा उसे सदन में फेंकने जैसा उद्दण्ड व्यवहार नहीं करेगा।
श्री नायडू ने आज उपराष्ट्रपति भवन में राज्यसभा के वरिष्ठ अधिकारियों और पत्रकारों को दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संसद का जो सत्र अभी समाप्त हुआ है, वह बहुत सफल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में इस बार जितने सवाल उठाए गए और उनके जवाब दिए गए, वह बहुत ऐतिहासिक है। उन्होंने सत्र के दौरान शून्य काल और विशेष उल्लेख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्यसभा के सत्र में 35 बैठकों के दौरान 32 विधेयक पास हुए, जो पिछले 17 वर्षों में सबसे ज्यादा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी राजनीतिक दलों का नेतृत्व और सांसद क्रियाशील संसद के महत्व को पहचानेंगे और यही सकारात्मक गतिशीलता आगे भी कायम रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमेशा इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सदस्य चर्चा में भाग लें और संसद की कार्रवाई में कोई व्यावधान न डालें, क्योंकि इस तरह के व्यवहार से लोगों में बेचैनी पैदा होती है।
श्री नायडू ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कुछ राज्यों में विपक्षी दलों में सदन का बहिष्कार करने का रुझान देखा जा रहा है, जबकि ऐसी घटनाएं भी हुईं हैं जहां विपक्ष को बाहर भेज दिया गया है। कुछ राज्यों में विधानसभा थोड़े दिनों के लिए बुलाई जाती है, जबकि अन्य विधानसभाओं में लगातार व्यावधान होता रहता है।
उपराष्ट्रपति ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने में सहयोग करें और यह भी प्रयास करें कि चर्चा का स्तर ऊंचा हो। उन्होंने कहा, लोग यह अनुभव करते हैं कि सार्वजनिक चर्चा का स्तर गिर रहा है
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल एक-दूसरे के विरोधी हैं न कि दुश्मन। उन्होंने कहा कि उनकी राय है कि सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष को लगातार आपस में संवाद करना चाहिए, ताकि संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।
श्री नायडू ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र लोगों के प्रति उत्तरदायित्व पूरा करने का जरिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में विधान, विचारशीलता और उत्तरदायित्व शामिल हैं। उन्होंने कहा, हमसे आशा कि जाती है कि हम देश और जनता की बेहतरी के लिए आवश्यक कानून बनाएंगे, लोकहित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सरकार के उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करेंगे।     

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की लांचिंग की मुकम्मल तैयारी


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उप राष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू कल करेंगे मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत
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★ 13.60 लाख किसानों की आनलाइन प्रविष्टि का काम पूरा

★ पहले चरण में पहली किस्त के रुप में झारखंड के किसानों के खाते में भेजे जा रहे 400 करोड़ रुपए

रांची के हरमू मैदान में पूर्वाह्न 11.30 से होगा मुख्य समारोह
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रांची। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू 10 अगस्त को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत करेंगे. इस योजना की लांचिंग को लेकर राजधानी रांची के हरमू मैदान में दिन के 11.30 बजे से मुख्य समारोह के साथ- साथ सभी जिलों में भी कार्यक्रम का आय़ोजन होगा. कृषि विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने आज सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी.

कृषि सचिव ने बताया कि 15 लाख किसानों को प्रथम चरण में प्रथम किस्त की राशि दी जानी है. इस सिलसिले में अबतक 13.60 लाख किसानों की आनलाइन प्रविष्टि हो चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि 3000 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत पहले चरण के लिए 800 करोड़ रुपए जारी कर दी गई है. किसानों को दो किस्तों में यह राशि दी जाएगी औऱ पहले चरण में 400 करोड़ दिए जा रहे हैं.

आनलाइन जुड़े रहेंगे पांच जिले

श्रीमती सिंघल ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत के लिए रांची में आय़ोजित होने वाले मुख्य समारोह को लेकर पांच जिले भी इससे आनलाइन जुड़े रहेंगे. इन जिलों में पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, पाकुड़, लातेहार औऱ चतरा जिला शामिल है. रांची में चयनित किसानों को मुख्य समारोह में इस योजना का लाभ दिया जाएगा, जबकि अन्य जिलों में होनेवाले समारोह में सांसद, विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.

अक्टूबर तक 35 लाख किसान आएंगे योजना के दायरे में

श्रीमती सिंघल ने बताया कि पहले चरण में 15 लाख किसानों को इस योजना के दायरे में लाया गया है, लेकिन अक्टूबर तक 35 लाख किसानों को इस योजना के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है. इस योजना के अंतर्गत लभी लघु एवं सीमांत किसानों को कृषि कार्य हेतु प्रति एकड़ पांच हजार रुपए की दर से अधिकतम 25 हजार रुपए आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी. पहली किस्त में ढ़ाई हजार रुपए और दूसरी किस्त में फिर ढ़ाई हजार रुपए डीबीटी के जरिए किसानों के खाते में भेजे जाएंगे.

पहले चरण के 83 प्रतिशत लाभुक किसानों के पास दो एकड़ से कम जमीन

श्रीमती सिंघल ने बताया कि पहले चरण में जिन 13.60 लाख किसानों को पहली किस्त की राशि दी जा रही है उनमें 83 प्रतिशत के पास दो एकड़ से कम कृषि योग्य जमीन है. इसमें 65 प्रतिशत किसानों के पास एक एकड़ से कम और 18 प्रतिशत किसानों के पास एक से दो एकड़ के बीच जमीन है.

 किसान सारथी रथ को रवाना करेंगे उप राष्ट्रपति

सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि इस मौके पर किसान सारथी रथ को भी उप राष्ट्रपति रवाना करेंगे. इसका मकसद मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समेत अन्य कृषि योजनाओं की जानकारी किसानों को देना है, ताकि वे इसका फायदा उठा सकें. उन्होंने कहा कि सभी जिलों में किसान सारथी रथ 45 दिनों के अंदर सभी पंचायतों को कवर करेगा. यह रथ जीपीएस प्रणाली से युक्त है और सूचना एवं जन संपर्क मुख्यालय से इसकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी.

सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम

रांची के उपायुक्त श्री राय महिमापत रे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उप राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. हरमू स्थित मुख्य समारोह स्थल में उपराष्ट्रपति का आगमन पूर्वाह्न 11.45 बजे होगा और लगभग एक घंटे तक वे यहां रहेंगे. इस समारोह मे लगभग 10 हजार लोग शामिल होने की उम्मीद है. यहां पेयजल, शौचालय की व्यवस्था के साथ विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट व जवान तैनात रहेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर किसी मार्ग को अवरुद्ध नहीं किया जाएगा, लेकिन जिस रुट से वे गुजरेंगे उस दौरान कुछ मिनटों के लिए यातायात को रोका जाएगा.

संवाददाता सम्मेलन में कृषि निदेशक श्री छवि रंजन, रांची के उपायुक्त श्री राय महिमापत रे और सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य मौजूद थे.

मनोनयन


जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के द्वारा विकास दोदराजका, निवासी बड़ा निमडीह, थाना- सदर चाईबासा  को बाल  संरक्षण हेतु विधिक सेवा पदाधिकारी मनोनीत किया  गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि श्री दोदराजका के द्वारा बाल संरक्षण के क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है । वर्तमान में वे बाल संरक्षण और किशोर न्याय बोर्ड में अपनी सेवा दे रहे हैं तथा वे जिला पीड़ित प्रतिकर कमेटी के सदस्य भी हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के साथ वे प्रारंभिक काल से जुड़े रहे हैं तथा सैकड़ों बच्चों के सहायतार्थ उन्होंने सक्रियता से अपनी भूमिका निभाई है। श्री दोदराजका किशोर न्याय अधिनियम के अच्छे जानकार हैं ।उनके अनुभव और लगन को देखते हुए बाल अधिकार एवं संरक्षण के मुद्दों पर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

अलकापुरी शक्तिपीठ में रूद्राभिषेक



गायत्री शक्तिपीठ अलकापुरी में आज रूद्राभिषेक पूजन समारोह हुआ । इस महा पूजा में विस्तार से महादेव व उनके परिवार देवों का क्रमशः आवाहन एवं षोडशोपचार से पूजन नमन वंदन हुए । उन देवों के सद्गुणों का वर्णन करते हुए अलकापुरी शक्तिपीठ के परिव्राजक  पूजारी विभाष कुमार ने भक्तों को
बताया कि हमें भी बहुत भाव विभोर होकर कृपालु महादेव एवं देव शक्तियों का आवाहन पूजन करना चाहिए । कहा कि शिवजी का परिवार आदर्श परिवार है , सभी अपने अपने व्यक्तित्व के धनी एवं आराध्य हैं । हमारी भी पूजा में पारिवारिक आदर्श का प्रवाह भाव  हमारे हृदय में प्रवाहित होने चाहिए। उन्होंने शिवजी की पूजा महिमा पर प्रकाश डाला और कल्याणकारी  शंकर भगवान की कामदहन, गंगावतरण, विषपान, कल्याणकारी भाव  जैसी स्थितियों एवं शक्तियों का संक्षिप्त विवरण दिया।
इस पूजन में मुख्य यजमान सर्वेश कुमार, माधुरी देवी,, मंजू, सविता, शालिनी,आशीष कुमार, प्रखर कुमार के परिवार परिजनों ने कराया । अन्य सदस्यों ने साथ सहयोग और भागीदारी की ।

बिभाष कुमार , शक्तिपीठ अलकापुरी ।
जय नारायण प्रसाद, मीडिया सहायक।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...