रांची। हिंदपीढ़ी स्थित केजीएन टावर में मोहम्मद अर्श की अध्यक्षता में एआईएमआईएम की कोर कमेटी का गठन किया गया। कमिटी के सदस्यों को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी के एक्टिव मेंबर को अपने कार्यों को जिम्मेदारीपूर्वक करने का निर्देश दिया गया। इस मौके पर मोहम्मद अर्श, मोहम्मद अनवर , डॉक्टर इंतजार अली, आरिफ खान जावेद अख्तर मोहम्मद आरिफ परवेज पारस, आलम भाई समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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सोमवार, 4 नवंबर 2019
एआईएमआईएम ने किया कोर कमेटी का गठन
रांची। हिंदपीढ़ी स्थित केजीएन टावर में मोहम्मद अर्श की अध्यक्षता में एआईएमआईएम की कोर कमेटी का गठन किया गया। कमिटी के सदस्यों को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी के एक्टिव मेंबर को अपने कार्यों को जिम्मेदारीपूर्वक करने का निर्देश दिया गया। इस मौके पर मोहम्मद अर्श, मोहम्मद अनवर , डॉक्टर इंतजार अली, आरिफ खान जावेद अख्तर मोहम्मद आरिफ परवेज पारस, आलम भाई समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
हैदराबाद में सलमान खान से मिले सुबोधकांत सहाय
होटल हयात में रेखा सहाय भी रहीं साथ
प्रख्यात सिने अभिनेता सलमान खान और देश के जाने- माने राजनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय हैदराबाद स्थित होटल हयात में एक दूसरे से मिले। इस औपचारिक मुलाकात के दौरान श्री सहाय की पत्नी व ख्यातिप्राप्त टीवी कलाकार रेखा सहाय भी मौजूद थीं। श्री सहाय सपरिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए हैदराबाद गये थे। वहां वह अपने परिजनों संग होटल हयात में ठहरे थे। वहीं, एक फिल्म की शूटिंग के क्रम में अभिनेता सलमान खान भी पहुंचे थे। इस दौरान श्री सहाय और सलमान खान एक दूसरे से रू-ब-रू हुए। फुरसत के क्षणों में राजनेता और अभिनेता ने अपने-अपने अनुभवों को साझा किया और कुछ खट्टी-मीठी यादें भी ताजा की।
बढ़ने लगा कोल्हान का सियासी तापमान
विनय मिश्रा
चाईबासा। झारखंड विधानसभा चुनाव में कोल्हान में द्वितीय चरण के अंतर्गत 7 दिसम्बर को मतदान होगा। इसे लेकर कोल्हान का राजनीतिक तापमान बढ़ने लगा है। इसकी प्रमुख वजह यह भी है कि कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और अर्जुन मुंडा का क्षेत्र है।
अर्जुन मुंडा खूंटी के सांसद बनने के पश्चात केंद्रीय मंत्री हैं। वहीं, दूसरी ओर मधु कोड़ा का जगरनाथपुर विधानसभा सीट पर विगत दो दशक से कब्जा है। उन्होंने दो बार विधायक, मंत्री के पश्चात मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया है। इसके पश्चात 2009 में निर्दलीय सांसद चुन कर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी पत्नी गीता कोड़ा भी दो बार विधायक चुनी गई। श्रीमती कोड़ा वर्तमान समय में सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की एकमात्र सांसद है। इस बार विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही महागठबंधन की बात सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि पश्चिम सिंहभूम के कुल पांच सीटों में से चार पर झामुमो का कब्जा है। जगरनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की दावेदारी रहेगी। इसके अलावा सराईकेला- खरसावांवा जिला के तीन में से दो पर झामुमो का कब्जा है। एक पर भाजपा के विधायक हैं। हाल के दिनों में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने यह बयान देकर राजनीतिक तापमान बढा दिया है कि कांग्रेस सिंहभूम के सभी सीटों पर आगे रही थी, इसलिए कांग्रेस की सभी सीटों पर मजबूत दावेदारी है। वहीं, भाजपा और आजसू के बीच भी सीटों को लेकर खींच तान जारी है। बहरहाल, सीटों के बंटवारे को लेकर यूपीए और एनडीए में मंथन शुरू हो गया है। ऊंट किस करवट बैठता है, ये तो सीटों के तालमेल के पश्चात घोषणा के बाद ही पता चल पाएगा।
जनसमर्थन से संताल में परचम लहराएगी भाजपा : नीतू झा
संताल में भाजपा का गढ़ मजबूत
संताल परगना से विनय मिश्रा
दुमका। झारखंड में अगली बार फिर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आएगी। भाजपा के पक्ष में व्यापक जनसमर्थन है। पार्टी का जनाधार पूरे सूबे में है। उक्त बातें भाजपा की वरिष्ठ नेत्री नीतू झा ने कही। उन्होंने कहा कि संथाल परगना की सभी सीटों पर भाजपा का परचम लहराएगा। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से कमर कस लिया है। उन्हें जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। जनता यह जानती है कि भाजपा के अलावा कोई भी दल सरकार चलाने में सक्षम नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कुनबा बिखरा हुआ है। अवसरवादी राजनीति की शिकार होकर विपक्षी पार्टियां जनता को बरगलाने में जुटी है। देश व राज्य का कायाकल्प सिर्फ और सिर्फ भाजपा से ही संभव है। श्रीमती झा ने कहा कि संथाल परगना क्षेत्र सहित पूरे झारखंड में भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। विशेष रुप से संताल परगना प्रमंडल के सभी जिलों में भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं से संपर्क कर जनहित में बनाई गई भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में लगे हैं। इसका लाभ चुनाव में भाजपा को निश्चित तौर पर मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता पूरी तन्मयता से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। राज्य की जनता भी समझने लगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान भाजपा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अबकी बार 65 पार के लक्ष्य को भाजपा प्राप्त कर लेगी और फिर सत्ता संभालेगी।
संताल परगना से विनय मिश्रा
दुमका। झारखंड में अगली बार फिर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आएगी। भाजपा के पक्ष में व्यापक जनसमर्थन है। पार्टी का जनाधार पूरे सूबे में है। उक्त बातें भाजपा की वरिष्ठ नेत्री नीतू झा ने कही। उन्होंने कहा कि संथाल परगना की सभी सीटों पर भाजपा का परचम लहराएगा। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से कमर कस लिया है। उन्हें जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। जनता यह जानती है कि भाजपा के अलावा कोई भी दल सरकार चलाने में सक्षम नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कुनबा बिखरा हुआ है। अवसरवादी राजनीति की शिकार होकर विपक्षी पार्टियां जनता को बरगलाने में जुटी है। देश व राज्य का कायाकल्प सिर्फ और सिर्फ भाजपा से ही संभव है। श्रीमती झा ने कहा कि संथाल परगना क्षेत्र सहित पूरे झारखंड में भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। विशेष रुप से संताल परगना प्रमंडल के सभी जिलों में भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं से संपर्क कर जनहित में बनाई गई भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में लगे हैं। इसका लाभ चुनाव में भाजपा को निश्चित तौर पर मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता पूरी तन्मयता से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। राज्य की जनता भी समझने लगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान भाजपा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अबकी बार 65 पार के लक्ष्य को भाजपा प्राप्त कर लेगी और फिर सत्ता संभालेगी।
शनिवार, 2 नवंबर 2019
एचइसी के राणा शुभाशीष चक्रवर्ती पीएचडी की उपाधि से सम्मानित
एचइसी के निदेशक, मार्केटिंग एंड प्रोडक्शन राणा सुभाशीष चक्रवर्ती
वल्द स्व.जगन्नाथ चक्रवर्ती एवं स्व. तृप्ति चक्रवर्ती को पीएचडी की उपाधि से
सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान झारखंड राय युनिवर्सिटी. कमड़े रातु रोड,
रांची ने प्रदान किया है। उन्होंने सितंबर 2019 में कामर्स एंड मैनेजमेंट विभाग
द्वारा आयोजित परीक्षा में सफलता पाई है। उनका शोध का विषय था-चैलेंजेज एंड
ऑपरच्युनिटीज ऑफ कार्पोरेट सोशल रिस्पोंसिब्लिटीः ए केस स्टडी ऑफ मेकान लिमिटेड,
रांची। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर डा. शाहिद अख्तर और आइएसएम,
रांची के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. संदीप कुमार के
निदेशन में अपना शोध कार्य पूरा किया। राय युनिवर्सिटी के कंट्रोलर ऑफ एक्जामिनेशन
की ओर से 30 अक्टूबर 2019 को इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया गया। श्री
चक्रवर्ती की पत्नी केया चक्रवर्ती ने पति की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है।
शुक्रवार, 1 नवंबर 2019
झारखंड विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजी
30 नवंबर से 5 चरणों में होंगे चुनाव, मतगणना 23 दिसंबर को
रांची। इंतजार तो सभी को था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि चुनाव
आयोग अचानक झारखंड विधान सभा चुनाव की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर देगा और
राजनीतिक दलों को सोचने समझने और संभलने का जरा भी मौका नहीं देगा।। मुख्य चुनाव
आयुक्त सुनील अरोड़ा ने संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर चुनाव की तारीखों का एलान
कर दिया। यह चुनाव पांच चरणों में होंगे और मतगणना 23 दिसंबर को होगी। पहले चरण
में 30 नवंबर को 13 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा। फिर 7 दिसंबर को 20, 12
दिसंबर को 17,16 दिसंबर को 15 और 20 दिसंबर को 16 सीटों के लिए चुनाव होंगे। चुनाव
में 81 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 2.26 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। उनमें
193736 नए मतदाता हैं। उल्लेख्य है कि मौजूदा रघुवर दास सरकार का कार्यकाल 5 जनवरी
2020 को खत्म हो रहा है। ससे पूर्व नई सरकार का गठन कर लिया जाना है। झारखंड के 19
जिले नक्सल प्रभावित हैं। उनके अंदर 67 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन सीटों पर
शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती है।
भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है। लिहाजा उसकी तैयारी पूरी हो चुकी
है। रघुवर सरकार अबकि बार 65 पार का नारा देकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
विपक्षी दलों के बीच लोकसभा चुनाव की तर्ज पर महागठबंधन बनने के प्रति कोई उत्साह
नज़र नहीं आ रहा है। भाजपा का आजसू के साथ गठबंधन है। पिछली बार भाजपा को 31
प्रतिशत वोट के साथ 37 और आजसू को 3.7 प्रतिश वोटों के साथ 5 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। बाद में झाविमो के
8 में से 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके दलबदल को लेकर झाविमो ने चुनौती
दी थी। झाविमो को 10 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे और 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
विपक्षी दलों में सबसे अधिक 20.7 प्रतिशत वोट झारखंड मुक्ति मोर्चा को मिले थे और
19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस 10,5 प्रतिशत वोटों के साथ 7 सीटों पर
जीती थी। 6 सीटें अन्य के खाते में गई थीं। उनमें माले और मासस शामिल थे। राजद,
जदयू आदि का सूपड़ा साफ हो गया था।
अभी झाविमो ने साफ कर दिया है कि वह सभी 81 सीटों पर उम्मीदवार
उतारेगी। कांग्रेस और झामुमो के बीच तालमेल पर बात चल रही है लेकिन किसी निर्णय तक
नहीं पहुंची है। जदयू भी सभी 81 सीटों पर लड़ने का एलान कर चुका है।
खरगोश और कछुए के बीच की दौड़
सब अचानक हो गया। लोग उम्मीद कर रहे थे कि चुनाव दिसंबर के दूसरे
सप्ताह में होगा लेकिन चुनाव आयोग ने झारखंड विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम कुछ इस अंदाज़
से घोषित किया कि जो दल पहले से तैयारी
नहीं कर सके हैं उनके लिए सोच-विचार का बिल्कुल समय नहीं है। इससे भाजपा को तो कोई
समस्या नहीं है क्योंकि उसकी तैयारी बहुत पहले पूरी हो चुकी है। समस्या विपक्षी
दलों की है जो चुनाव की घोषणा होने तक कुंभकर्णी निद्रा में सोए रहते हैं और इसके
बाद सीटों के बंटवारे और तालमेल पर विचार-विमर्श करते हैं। अभी तक विपक्षी दलों के
बीच कुछ भी स्पष्ट नहीं है। न सीट बंटे हैं न उम्मीदवार तय हैं। उन्हें अपनी इत्मिनान
से चलने वाली मंथर चाल का खमियाजा भुगतना होगा। पहले चरण का मतदान 30 नवंबर को है।
लेकिन नामांकन 6 नवंबर से शुरू हो जाएगा। उसकी अंतिम तिथि 13 नवंबर और नामांकन
वापसी की तिथि 16 नवंबर निर्धारित है। इतने कम समय में विपक्षी दलों के लिए निर्णय
ले पाना संभव नहीं दिखता। भाजपा की गति बुलेट ट्रेन की है तो तो वे मीटर गेज़ की स्टीम
इंजन वाली ट्रेन की गति से मुकाबला करने क तैयारी में हैं
नक्सलवाद के खात्मे का भाजपााई दावा खोखलाः शशिभूषण राय
ईवेंट और जुमलों की सरकार को जनता दिखाएगी बाहर का रास्ता
रांची।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव शशि भूषण राय ने विधानसभा चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार द्वारा नक्सलवाद ख़त्म करने के दावे को पूरी तरह से खोखला बताया है उन्होंने कहा कि भाजपा अपने झूठे वादों के माध्यम से झारखंड राज्य के लोगों को गुमराह करने में व्यस्त है और इनके पास काम बताने को कुछ भी नही है।
भाजपा सरकार जहाँ एक तरफ़ नक्सलवाद ख़त्म करने और उसकी कमर तोड़ने की बात करती है वहीं चुनाव आयोग को नक्सल प्रभावित जिलों के कारण चुनाव पांच चरणों में कराना पड़ रहा है । आज भाजपा अपने झूठे राष्ट्रवाद को गढ़कर आम आदमी की भावनाओं को अपने पक्ष में करना चाहती है। पर हाल में हुए दो राज्य के चुनाव परिणाम ये दर्शाते हैं कि धीरे -भाजपा से जनता का मोह भंग हो रहा है और हमारे राज्य की जनता भी निश्चित रूप से अपने तरीके से चुनाव में जवाब देगी।
श्री राय ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार के पास पांच वर्षों के कामकाज की कोई ठोस तसवीर नहीं है। विकास के दावे सिर्फ़ बैनर पोस्टर में दिखते हैं, जनता तक कुछ भी नहीं पहुंचा। जीरो कट बिजली का दावा किया और राजधानी रांची तक को नियमित बिजली नहीं मिल सकी। 100 फीसदी घरों तक बिजली पहुंचाने का दावा किया लेकिन तार पहुंचने से उसमें बिजली तो नहीं दौड़ जाती। शहर को देने के लिए बिजली नहीं और बात ग्रामीण विद्युतीकरण की। आज सरकार में बैठे लोग सोचते हैं कि इवेंट मैनेजमेंट से ही सरकार चलती है और उनके पास केवल अपने उद्योगपति मित्रों के लिए वास्तविक वादे हैं और हमारे युवाओं, किसानों, मजदूर और अन्य जरूरतमंद वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेतृत्व में हम निश्चित रूप से भाजपा को बेपर्दा करेंगे और जनता जुमलों की सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
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