यह ब्लॉग खोजें

मंगलवार, 14 अगस्त 2018

हिंदुस्तानी होने पर गर्व करें : मौलाना मेहंदी हसन जलालपुरी



 
रांची। हमें हिन्दुस्तानी होने का गर्व होना चाहिए। इसलिए कि हिंदुस्तान हजरत मोहम्मद सल के नवासे हजरत इमाम हुसैन की तमन्ना का नाम है। शिया, सुन्नी, हिन्दू, मुस्लिम जितना मिलजुल कर रहेंगे , उतना ही हमारा मुल्क तरक़्क़ी करेगा और मुल्क में अमन-चैन बरकरार रहेगा। उक्त बातें मौलाना मेहदी हसन वाज जलालपुरी ने कही। वह मंगलवार को मस्जिद जाफरिया में सैयद मेहदी इमाम के स्वर्गीय मां हबीबा खातून की याद में मजलिस तरहिम को सम्बोधित कर रहे थे। मौलाना ने कहा कि बूढ़ा हो या जवान, हर वक़्त सकारात्मक कारोबार में लगे रहना चाहिए।  आखरी रसूल और हमारे इमामों ने भी काहिली, सुस्ती, लापरवाही की बड़ी निंदा की है। मौके पर सैयद मेहदी इमाम, जफरुल हसन, अरमान रज़ा, सैयद समर अली, अता इमाम रिज़वी, इक़बाल फातमी, सैयद इक़बाल हुसैन, आमोद अब्बास, सैयद फैज़ान रिज़वी, रिज़वान हैदर, हबीब अली, फ़राज़ अहमद, हसनैन अली, शाहिद इमाम, अरमान अली, जावेद हैदर, डॉ शमीम हैदर, नेहाल हुसैन, अशरफ हुसैन, हफ़ीज़ हुजेफ़ा, हाफिज शब्बीर समेत कई लोग मौजूद थे

भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मंजू रानी बनी मिशन मोदी की प्रदेश महामंत्री




रांची। भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मंजू रानी को मिशन मोदी अगेन पीएम में प्रदेश महामंत्री का दायित्व दिया गया।

दायित्व पत्र मिशन मोदी के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री अरविन्दर सिंह खुराना के उपस्थिति में दिया दिया।

दायित्व पत्र देने के दौरान मिशन मोदी अगेन पीएम के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री अरविन्दर सिंह खुराना ने कहा कि आज बहुत ही गर्व का विषय है कि भाजपा की तेज तर्रार नेत्री मंजू रानी हमारी टीम की हिस्सा बनी। इनके आने से हमारी टीम को नई ऊर्जा मिली है। मंजू रानी महिलाओ के बीच काफी लोकप्रिय है महिलाओ और आम जनता के बीच इनकी अच्छी पकड़ है। खुराना ने कहा कि, मंजू रानी जब गिरिडीह के सांसद व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय की टीम में थी तो काफी सक्रियता के साथ काम करती रही है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा उम्मीद है कि वही सक्रियता के साथ मिशन मोदी में भी अपना योगदान देंगी और 2019 में मोदी जी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिये कार्य करेंगी।

मिशन मोदी के प्रदेश अध्यक्ष परशुराम प्रसाद ने कहा, बहन मंजू रानी के मिशन मोदी में आने से महिला शक्ति को बल मिलेगा।

दायित्व पत्र देने के दौरान युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित शारदा, रोशन शर्मा, बृज मोहन प्रसाद सिंह,पंकज साहू उपस्थित थे।

मिशन मोदी प्रदेश महामंत्री बनने में बधाई देने वालो में उपाध्यक्ष तुषार विजयवर्गीय, प्रीतम साहू, महामंत्री पीयूष विजयवर्गीय, मंत्री प्रभात यादव, मीडिया प्रभारी सोनू मिश्रा, सुरेंद्रनाथ, सुशान्त है।

यह जानकारी प्रदेश मीडिया प्रभारी सोनू मिश्रा ने दी।

जन जागरुकता से ही रुकेंगे साइबर अपराध



रांची। झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने 2018 के अंत तक राज्य को साइबर अपराध से मुक्त बनाने का संकल्प ले चुके हैं। इस दिशा में कारगर रणनीति के आधार पर काम भी हो रहा है। सीसीए और गुंडा एक्ट के प्रयोग के साथ साइबर थानों का विस्तार भी किया जा रहा है। उनके जज़्बे को सलाम। लेकिन इसमें पूर्ण सफलता के लिए प्रशासनिक पहलकदमी के साथ जन जागरुकता भी जरूरी है। आमलोगों के बीच साइबर अपराधियों की कार्यशैली की जानकारी और अज्ञात नंबरों से आए फोन को रिसीव करने में सावधानी के प्रति भी सचेष्ट करने की जरूरत है। यह काम सिर्फ सरकार या प्रशासन का नहीं समाज के जागरुक लोगों का भी है। डीजीपी ने जन जागरुकता अभियान की क्या योजना बनाई है इसकी जानकारी नहीं है लेकिन झारखंड को देश और दुनिया के बीच बदनाम करने वाले हाइटेक अपराधियों के खिलाफ हर मोर्चे को खोला जाना चाहिए। वे जिस भी बिल में छुपे हों उन्हें बाहर निकाल लाने की जरूरत है।
झारखंड के डीजीपी डीके पांडे
पिछली कई शताब्दियों से नाइजेरिया को साइबर अपराध का गढ़ माना जाता था। भारत में इसका प्रचलन हाल के वर्षों में बढ़ा है और झारखंड के दुमका जिले के जामताड़ा अनुमंडल का एक छोटा सा आदिवासी बहुल गांव इसका गढ़ बन गया है। अपराध की नई शाखा होने के कारण ही भारतीय दंड संहिता में इसके लिए कड़े प्रावधान नहीं बन पाए हैं। वर्ना राजकुमार मंडल जैसे कुख्यात साइबर सरगना जिसे 26 राज्यों की पुलिस तलाश कर रही थी, जामताड़ा कोर्ट से मात्र डेढ़ साल की सजा पाता और जमानत पर रिहा कैसे हो सकता था। केंद्र और राज्य सरकारों को साइबर अपराधियों की नकेल कसने के लिए इंडियन पेनल कोड में संशोधन करना चाहिए।
 हाल में कौन बनेगा करोड़पति का फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर जामताड़ा में जिस तरह एक महिला के जेवर बिकवाकर 24 हजार की ठगी की गई उससे स्पष्ट है कि साइबर अपराधी रोज नए-नए तरीके ईजाद कर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। पुलिस डाल-डाल ढूंढ रही है तो वे पात-पात चलने की कोशिश कर रहे हैं। जामताड़ा का साइबर अपराधियों का सरगना दिल्ली पुलिस की हिरासत में है लेकिन उसके गुर्गे पूरी तरह सक्रिय होकर पुलिस-प्रशासन को चुनौती देते हुए भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। अभी मेरे एयरटेल नंबर पर एक फोन आया। बताया गया कि एसबीआई के हेड आफिस से बोल रहे हैं और मेरा एटीएम बंद होने वाला है उसे बंद होने देना है या चालू रहने देना है। उन्होंने कहा कि बैंक खाते का डिटेल नहीं मांगता लेकिन एटीएम की वैलेडिटी का डेट बतला दें। जब मैंने पूछा कि अभी आप कहां हैं तो बतलाया हटिया में। मैंने पूछा कि एसबीआई का हेडआफिस हटिया कब से चला गया तो कहने लगे कि वे सिर्फ एटीएम डील करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने बैंक ब्रांच में जाएंगे तो पैसे कट जाएंगे। फोन करने वाले को यह पता नहीं था कि उन्होंने मेरे जिस नंबर पर पोन किया है वह मेरे एकाउंट से जुड़ा हा नहीं है। बाद में मेरे पास एक एसएमएस आया कि मेरे एकाउंट से 6200 रुपये काट लिए गए हैं। यह मैसेज एक मोबाइल नंबर से आया था। किस एकाउंट से काटे गए हैं इसका हवाला नहीं दिया गया था। कहने का मतलब है कि इस तरह की झांसापट्टी देकर लोगों को शिकार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर लोग चौकस न रहें तो वे किसी के भी खाते में सेंध लगा सकते हैं। मोदी सरकार ने सारे बैंक खातों को मोबाइल और आधार कार्ड से जुड़वाकर खातेदारों के संकट को और बढ़ा दिया है साथ ही साइबर अपराधियों का रास्ता आसान कर दिया है। सरकार लाख आधार कार्ड की सूचनाओं को सुरक्षित बताए लेकिन आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी और सके बाद किए गए आर्थिक प्रयोगों के बाद साइबर अपराधों में बेतहाशा तेजी आई है। सरकारें आता-जाती रहती हैं लेकिन पुलिस प्रशासन को अपने समक्ष पेश आने वाली चुनौतियों का निरंतर सामना करते रहना होता है। डीजीपी के संकल्प को पूरा करने के लिए जागरुक लोगों को पूरा सहयोग करना चाहिए।

सोमवार, 13 अगस्त 2018

गांव के विकास से ही देश का विकास . नाथू सिंह गुर्जर


पार्टी चाहती है सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक तरक्कीः प्रीत कौर

रांची। भारत देश आज भी गांव में निवास करता है। देश की राजनीतिक दिशा ग्रामीण तय करता है मगर देश की अर्थव्यवस्था को संचालित करने वाली संवैधानिक शक्तियां ग्रामीण भारत की भारी अपेक्षा कर रही है। इंकलाब विकास दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाथू सिंह गुर्जर ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों से कहा। उन्होंने कहा कि गांव की अपेक्षा देश की अपेक्षा है असल में गांव जब तक स्वस्थ शिक्षित और ताकतवर नहीं होंगे तब तक भारत लड़खड़ाकर चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार बनती है तो शिक्षा को फ्री कर देंगे और वृद्धा पेंशन को बढ़ाकर 5000 कर देंगे। गांव में बिजली पानी और सड़क को दुरुस्त करेंगे। नाथू सिंह ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा अपने उम्मीदवारों को खड़ा करूंगा। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चौधरी साधुराम ने कहा कि शहरों में मजदूरों की बाढ़ सी आ गई है लाखों करोड़ों लोगों की जमीन छीन कर उन्हें अपने ही जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा के दिनेश गुर्जर ने कहा कि झारखंड में चुनाव लड़कर सीट निकालने की पूरी कोशिश करेंगे। एसटी-एससी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश इंदोलिया ने कहा कि जवान देश को सुरक्षा प्रदान करता है जिसकी सरकारों ने उपेक्षा की है। प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज़ खान ने कहां की सामाजिक आर्थिक और राजनीति तरक्की के लिए संघर्षरत है। अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हाजी साबिर अंसारी ने कहा कि पार्टी सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। इस मौके पर उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, मोहनलाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नौशाद अंसारी, राष्ट्रीय सचिव श्रीमती प्रीत कौर और संजय कुमार उपस्थित थे

लायंस क्लब इंटरनेशनल की मिजल्स- रुबेला टीकाकरण जागरुकता रैली 18 को


क्लब की अनुषंगी इकाइयां भी होंगी शामिल

रांची। लायंस क्लब इंटरनेशनल, जिला 322-ए.के तत्वावधान में 18 अगस्त को मिजल्स, रुबेला टीकाकरण संबंधी जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली सुबह 7:30 बजे सैनिक मार्केट से प्रारंभ होगी, जो अलबर्ट एक्का चौक तक पहुंच कर समाप्त होगी। इस रैली में रांची के 20 लायंस क्लबों के सदस्यगण अपने क्लब के झंडे- बैनर के साथ शामिल होंगे। रैली में टीकाकरण कैंप लगावा चुके विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी भाग लेंगे। इसके अलावा एनसीसी के छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है। यह रैली जिला 322ए के जिलापाल माधव लाखोटिया, प्रथम उप जिलापाल संजीव पोद्दार, द्वितीय उप जिलापाल राजेश गुप्ता एवं जीएसटी के कॉडिनेटर वीके महेंद्रू के नेतृत्व में निकलेगी। यह जानकारी जिला 322ए के जिलापाल माधव लाखोटिया ने सोमवार को होटल लैंडमार्क में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि रैली में लायंस क्लब आॅफ धुर्वा, हीनू, रांची ईस्ट, रांची प्रभात, रांची कैपिटल, रांची ग्रेटर, रांची हिल टाउन, रांची सिटी, रांची फेमिना, रांची नॉर्थ, रांची प्रीमियम, रांची क्वींस, रांची स्वर्णरेखा, रांची यूथ, रांची रोरिंग प्राइड, रांची सुप्रभात, रांची रॉयल, रांची लाइफ और रांची सेंट्रल के सदस्य शामिल होंगे। श्री लाखोटिया ने बताया कि लायंस क्लब की ओर से झारखंड सरकार के द्वारा राज्य के सभी विद्यालयों में चेचक और खसरा के उन्मूलन के लिए टीकाकरण का कार्यक्रम 26 जुलाई 2018 से चलाया जा रहा है। लायंस क्लब इंटरनेशनल, यूनिसेफ एवं डब्लूएचओ को इस कार्यक्रम में सहभागी बनाया गया है। रांची में 350 से अधिक स्कूलों में टीकाकरण कैंप लगाया गया है। अभी लगभग 500 स्कूलों में टीकाकरण कैंप सितंबर माह तक आयोजित किये जायेंगे। कैंप के दौरान लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। अभिभावकों को टीकाकरण के लाभ के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रेसवार्ता में प्रकाश अरोड़ा, शुभ्रा मजूमदार, अनूपमा लोचन, मनोज नरेडी, भारतेंदू झा, मनोज काबरा, रवि प्रकाश, राजीव लोचन,रेखा जायसवाल सहित काफी संख्या में लायंस क्लबों के सदस्यगण मौजूद थे।

बुढ़ा बाबा स्थल का पुरातत्व-सर्वेक्षण ज़रूरी



कतरास के झींझीपहाड़ी गांव की रांची-दिल्ली में होगी दस्तक
ऐतिहासिक-पौराणिक तथ्य सामने आएंगे

-

उत्तम मुखर्जी

'कतरी' और 'रास' के संयोजन से बना कतरास शहर। कोयले की खदानें, वन,पाथर, नदी...से घिरा क्षेत्र।कतरी जिसके रौद्र रूप से ग़ज़लीटांड़ खदान जैसी जलसमाधि हुई थी;आज सुखकर काठ हो गई।रासमचं भी अतीत की कहानी बन गया।कतरी के तट पर बसा झींझीपहाड़ी गांव।कोयले उगलनेवाली खदानों के बगल के गांव।इसी गांव में अलौकिक कहानियों से ओतप्रोत बुढ़ा बाबा स्थल खड़ा है।ऐतिहासिक पलों का साक्ष्य समेटे मॉडर्न टेक्नोलॉजी को चुनौती दे रहा यह मंदिर....जो सिर्फ आस्था व धर्म का केंद्र भर नहीं बल्कि शोध का एक सब्जेक्ट बनकर शोधार्थियों का आह्वान कर रहा है।
मध्यप्रदेश के रीवा से एक शिला प्रस्तर लेकर राजपरिवार निकला था।सूर्यवंशी राजा बाद में पालगंज होते हुए धनबाद जिले के तीन हिस्सों क्रमश: झरिया,कतरास, नावागढ़ में अपना राज कायम किया।कतरी के एक तट पर राजा का किला जो भग्नावशेष में तब्दील होता जा रहा है।कतरी के दूसरे तट पर झींझीपहाड़ी गांव और वहां विराजमान बुढ़ा बाबा की धरोहर।
कतरास राजपरिवार का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि मंगलगढ़ से कतरासगढ़ तक के सफर के पहले से यह धरोहर मौजूद है।जो शिला लेकर राजपरिवार चला था।वही शिला मां लिलोरी के रूप में स्थापित हुई।इतिहास बताता है कि उससे भी पहले बुढ़ा शिव यहां मौजूद थे।
जब आईआईटी जैसे संस्थान मुल्क में नहीं थे।जब सीमेंट नहीं था।जब क्रेन का आविष्कार नहीं हुआ था।तब कैसे पत्थरों को सलीके से खड़ा कर यह स्थल बना यह प्रश्न आज भी अनुत्तरित है।कई भूकम्प,बीसीसीएल की ब्लास्टिंग,आंधी-तूफान आये...गए।यह स्थल टस से मस नहीं हुआ।
बुढ़ा बाबा स्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए आवाज़ उठने लगी है।झारखण्ड के कला-संस्कृति मंत्री अमर बाउरी ने इस पर जांच शुरू कराई है।इस संबंध में एक कमिटी बनाकर ट्रेड यूनियन के नेता लखन महतो,युवा  आंदोलनकारी विशाल महतो के नेतृत्व में एक टीम ने अभियान शुरू किया है।सोमवार को लखन महतो एवं अन्य ने उपवास भी रखा।भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की एक टीम ने भी सामाजिक दायित्व के निर्वहन के तहत सहयोग की बात कही है।
दरअसल कतरास के कांको मठ से लेकर नीलकंठवासिनी मंदिर,गौशाला, बुढ़ा बाबा मंदिर तक का इलाका वनपाथर से घिरा मनोरम स्थल है।राज्य सरकार इस इलाके को पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील कर सकती है।एक तरफ कोयले की खदानें दूसरी ओर कांको से झींझीपहाड़ी तक अपार संभावनाएं।

नाइजेरिया से आगे निकल गया जामताड़ा



दिल्ली पुलिस की हिरासत में गिरोह का सरगना राजकुमार मंडल और ठेकेदार सुरेंद्र
देवेंद्र गौतम

रांची। साइबर अपराधियों ने कौन बनेगा करोड़पति के माध्यम से 25 लाख ईनाम जीतने का झांसा देकर जामताड़ा की पूजा चौरसिया नामक एक महिला से 25 हजार रुपयों की ठगी कर ली। साइबर पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। झारखंड में यह कोई नई घटना नहीं है। यहां तरह-तरह के तरीके ईजाद कर बैंक खातों में सेंध लगाई जाती रही है। संताल परगना के जामताड़ा से साइबर अपराधियों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात गिरोह संचालित हो रहा है। आए दिन दिल्ली सहित अन्य राज्यों की पुलिस अपराधियों की तलाश में जामताड़ा पहुंचती है। झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस वर्ष झारखंड को साइबर अपराध से मुक्त करने का संकल्प लिया है। साइबर अपराधियों पर सीसीए और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया जा चुका है। लेकिन फिर भी झारखंड का यह छोटा सा इलाका साइबर अपराध का पूरी दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। इस मामले में नाइजेरिया के साइबर अपराधियों को इसने बहुत पीछे छोड़ दिया है।
साइबर अपराध के मानचित्र में जामताड़ा और गिरिडीह का नाम पिछले 7-8 वर्षों के अंदर जुड़ा है। जिस तरह एक सड़ा आम पूरी टोकरी को सड़ा देता है उसी तरह एक युवक ने साइबर अपराधियों का इतना बड़ा जाल बिछाया है । दुमका जिले के जामताड़ा अनुमंडल के एक छोटे से गांव करमाटांड़ का रहनेवाले राजकुमार उर्फ सीताराम मंडल ने अपराधियों की यह फौज खड़ी कर दी जिसके सदस्य देश के विभिन्न राज्यों में फैले हुए है। उसके गिरोह में 12 वर्ष से 25 वर्ष आयुवर्ग के 1000 से भी अधिक नवयुवक शामिल हैं। वह बाजाप्ता साइबर अपराध का ट्रेनिंग स्कूल चलाता रहा है। उसका पाठ्यक्रम मात्र चार दिनों का है। चार दिनों के प्रशिक्षण में वह प्रशिक्षु को मोबाइल फोन हैक करने से लेकर बैंक एकाउंट में सेंध लगाने तक का प्रशिक्षण देता था। इसके एवज में 7 से 10 हजार तक की फीस लेता था। देश के 26 राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश थी। उसने अपने गांव में शानदार कोठी बनवा रखी थी। गांव के लोगों के लिए वह राबिनहुड की भूमिका में था। हर जरूरतमंद को आर्थिक मदद करता था। इसलिए गांव के लोगों का उसे जबर्दस्त समर्थन प्राप्त था। माओवादियों से भी उसके अच्छे संबंध थे। उनके सूचना तंत्र के जरिए उसे पुलिस की गतिविधियों की पूरी जानकारी रहती थी। पुलिस के इलाके में प्रवेश करते ही उसे खबर मिल जाती थी और वह बंगाल या बिहार भाग जाता था। पुलिस ने बहुत कोशिश की लेकिन वह हाथ नहीं आया। 2016 में एकबार वह किसी तरह पुलिस के हत्थे चढ़ा। जामताड़ा कोर्ट में उसके खिलाफ मुकदमा चला। इस वर्ष जनवरी में उसे डेढ़ साल की सजा सुनाई गई। लेकिन साइबर अपराध में दंड का प्रावधान कम होने के कारण उसे जमानत मिल गई। रिहा होकर वह दिल्ली गया और आनंद विहार की एक वृद्धा के एकाउंट में सेंध लगाकर उससे दो लाख रुपये निकाल लिए। फिलहाल वह इस ठगी के आरोप में दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। उसके नेटवर्क की जानकारी धीरे-धीरे मिल रही है।
दिल्ली पुलिस के उस तक पहुंचने और गिरफ्तार करने की दिलचस्प कहानी है। वृद्धा की शिकायत ट्रांसफर होने के बाद जब साइबर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पैसे अलग-अलग वालेट में ट्रांसफर किए गए हैं। उनके सर्विस प्रोवाइडर से बात करने पर 40 हजार रुपयों की तो तुरंत बरामदगी हो गई लेकिन शेष रकम से अलग-अलग लोगों के बिजली बिलों का भुगतान किया जा चुका था। जिनके बिल भरे गए थे उनकी जांच करने पर उनके पते राजस्थान के जोधपुर के निकले। पता चला कि सारे बिलों का भुगतान सुरेंद्र नामक एक ठेकेदार ने किया है। सुरेंद्र को दबोचा गया तो पता चला कि उसने शाबिर के कहने पर यह काम किया है। इस तरह कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि गिरोह का मास्टर माइंड राजकुमार मंडल है जो जामताड़ा से पूरा नेटवर्क चलाता है। दिल्ली पुलिस को यह भी पता चल गया कि किसी वाहन से जाने पर उसे खबर मिल जाएगी और वह फरार हो जाएगा। सावधानी के तौर पर स्थानीय पुलिस को भी भरोसे में नहीं लिया। दिल्ली पुलिस की टीम पूरी गोपनीयता बरतते हुए अलग-अलग रास्ते से जामताड़ा पहुंची और सार्वजनिक सवारी के जरिए गांव के बाहर तक गई। फिर छोटी-छोटी टुकड़ियों में बंटकर पैदल उसकी कोठी तक पहुंचकर अचानक धावा बोला। तब कहीं जाकर वह पकड़ में आया।
साइबर अपराध के मामले में जामताड़ा को नाइडेरिया से भी आगे निकाल ले जाने वाला यह शातिर अपराधी एक साधारण किसान का बेटा है। उसने अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं की और पिता के साथ खेतीबाड़ी में लग गया। 2011 में वह मुंबई चला गया। वहां एक मोबाइल दुकान में काम करने लगा। वहीं उसने मोबाइल हैक करने की तकनीक सीखी। फिर बैंक खातों में सेंध लगाने की कला सीखी। साइबर अपराध की शुरुआत वहीं से कर दी। फिर उसने अपने गांव से ही ठगी का संचालन करने की ठानी और वापस लौट आया। उसके रहन-सहन और शाहखर्ची से गांव के नवयुवक आकर्षित हुए। उसने वहीं अपना गिरोह खड़ा करना शुरू किया। वह युवकों को प्रशिक्षण देता था और अपने साथ मिला लेता था। गिरोह के लोग उसे हैलो मास्टर कहकर संबोधित करते थे। धीरे-धीरे उसके गिरोह का नेटवर्क अंतर्राज्यीय हो गया। ठगी के पैसों के जरिए उसने आलीशान कोठी बनवाई और व्यापक जन-समर्थन प्राप्त कर लिया। कई बार पुलिस के आने पर गांव के हजारों लोग सके समर्थन में खड़े हो गए और पुलिस को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
अभी तक पुलिस सिर्फ करमाटांड़ और नारायणपुर गांव में सौ से अधिक साइबर अपराधियों को हिरासत में ले चुकी है। लेकिन उसका जाल इतना फैल चुका है कि उसे पूरी तरह काटना और झारखंड को साइबर अपराध से मुक्त करना एक बड़ी चुनौती है। झारखंड पुलिस को इसके लिए अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर एक अंतर्राज्यीय साइबर पुलिस टीम बनानी होगी और बहुत सतर्कता बरतनी होगी। डीजीपी डीके पांडेय झारखंड को नक्सल और साइबर अपराध मुक्त राज्य बनाने की घोषणा कर चुके हैं अगर वे इन संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरी कर पाए तो वे झारखंड में एक इतिहास रच जाएंगे। लेकिन यह आसान नहीं है।


स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...