रांची। हमें हिन्दुस्तानी होने का गर्व होना चाहिए। इसलिए कि हिंदुस्तान हजरत मोहम्मद सल के नवासे हजरत इमाम हुसैन की तमन्ना का नाम है। शिया, सुन्नी, हिन्दू, मुस्लिम जितना मिलजुल कर रहेंगे , उतना ही हमारा मुल्क तरक़्क़ी करेगा और मुल्क में अमन-चैन बरकरार रहेगा। उक्त बातें मौलाना मेहदी हसन वाज जलालपुरी ने कही। वह मंगलवार को मस्जिद जाफरिया में सैयद मेहदी इमाम के स्वर्गीय मां हबीबा खातून की याद में मजलिस तरहिम को सम्बोधित कर रहे थे। मौलाना ने कहा कि बूढ़ा हो या जवान, हर वक़्त सकारात्मक कारोबार में लगे रहना चाहिए। आखरी रसूल और हमारे इमामों ने भी काहिली, सुस्ती, लापरवाही की बड़ी निंदा की है। मौके पर सैयद मेहदी इमाम, जफरुल हसन, अरमान रज़ा, सैयद समर अली, अता इमाम रिज़वी, इक़बाल फातमी, सैयद इक़बाल हुसैन, आमोद अब्बास, सैयद फैज़ान रिज़वी, रिज़वान हैदर, हबीब अली, फ़राज़ अहमद, हसनैन अली, शाहिद इमाम, अरमान अली, जावेद हैदर, डॉ शमीम हैदर, नेहाल हुसैन, अशरफ हुसैन, हफ़ीज़ हुजेफ़ा, हाफिज शब्बीर समेत कई लोग मौजूद थे
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मंगलवार, 14 अगस्त 2018
हिंदुस्तानी होने पर गर्व करें : मौलाना मेहंदी हसन जलालपुरी
रांची। हमें हिन्दुस्तानी होने का गर्व होना चाहिए। इसलिए कि हिंदुस्तान हजरत मोहम्मद सल के नवासे हजरत इमाम हुसैन की तमन्ना का नाम है। शिया, सुन्नी, हिन्दू, मुस्लिम जितना मिलजुल कर रहेंगे , उतना ही हमारा मुल्क तरक़्क़ी करेगा और मुल्क में अमन-चैन बरकरार रहेगा। उक्त बातें मौलाना मेहदी हसन वाज जलालपुरी ने कही। वह मंगलवार को मस्जिद जाफरिया में सैयद मेहदी इमाम के स्वर्गीय मां हबीबा खातून की याद में मजलिस तरहिम को सम्बोधित कर रहे थे। मौलाना ने कहा कि बूढ़ा हो या जवान, हर वक़्त सकारात्मक कारोबार में लगे रहना चाहिए। आखरी रसूल और हमारे इमामों ने भी काहिली, सुस्ती, लापरवाही की बड़ी निंदा की है। मौके पर सैयद मेहदी इमाम, जफरुल हसन, अरमान रज़ा, सैयद समर अली, अता इमाम रिज़वी, इक़बाल फातमी, सैयद इक़बाल हुसैन, आमोद अब्बास, सैयद फैज़ान रिज़वी, रिज़वान हैदर, हबीब अली, फ़राज़ अहमद, हसनैन अली, शाहिद इमाम, अरमान अली, जावेद हैदर, डॉ शमीम हैदर, नेहाल हुसैन, अशरफ हुसैन, हफ़ीज़ हुजेफ़ा, हाफिज शब्बीर समेत कई लोग मौजूद थे
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