यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

आप महिला मोर्चा का सांगठनिक विस्तार


प्रमंडल प्रभारियों को सौंपा दायित्व


रांची। आम आदमी पार्टी महिला प्रदेश इकाई की बैठक रांची स्थित होटल पार्क स्ट्रीट में हुई।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महिला प्रभारी वंदना कुमारी ने की। बैठक में प्रदेश में महिला संगठन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसके बाद महिला संगठन  के विस्तार पर सहमत्ति बनी। साथ हीं बैठक में महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न महिला समस्याओं पर भी चर्चा कि। महिलाओं ने डायन प्रथा, नशा, महिला उत्पीड़न, हरेलु हिंसा तथा राजनीति में महिलाओं की भागीदारी  जैसी मुद्दों को लेकर महिलाओं को संगठित करने तथा समस्याओं के खिलाफ और मजबुती से लड़ने का संकल्प लिया।
 बैठक में विचार - विमर्श के उपरांत महिलाओं को जिला व प्रमंडल प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। प्रदेश प्रभारी श्रीमती  वंदना कुमारी पलामु प्रमंडल की प्रभारी, विनिता मिश्रा कोल्हान प्रमंडल की प्रभारी तथा उषा मुखी सह प्रभारी, यास्मिन लाल दक्षिणी छोटानागपुर की प्रभारी, मंजुला देवी उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की प्रभारी, मीरू हाँसदा संथाल परगना की प्रभारी तथा रंजु शर्मा सह प्रभारी तथा पुनम कुमारी राँची जिला की प्रभारी  होंगी।
बैठक की अध्यक्षता कर रही प्रदेश प्रभारी  वंदना कुमारी ने कहा की आजादी के 70 साल बाद भी राजनिती में महिलाओ की भागीदारी आज बहुत कम है, आज भी महिलाओं के साथ हर जगह भेदभाव हो रहा है।महिलायें हमेशा से चाहती है की उन्हें एक सम्मानित जगह मिले। ऐसे में आम आदमी पार्टी महिलाओ के लिये राजनिती में आने का एक अच्छा प्लेटफार्म है।आम आदमी पार्टी की महिला शक्ती पुरे झारखण्ड में बूथ लेबल तक संगठन बनाने का कार्य करेंगी।

कार्यक्रम का संचालन यास्मिन लाल तथा रंजु शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।बैठक में वंदना कुमारी,विनीता मिश्रा ,उषा मुखी जी,पुनम कुमारी,यास्मिन लाल ,रेणु लिंडा,रंजु शर्मा,मंनुला देवी,रेणुका तिवारी,रीना देवी,मंजु सिंह,निशु देवी सहित अन्य उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर चित्रांकन प्रतियोगिता

           

रांची। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2019 के अवसर पर युवा एवं भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से उप निर्वाचन पदाधिकारी रांची द्वारा रांची जिला में विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियो के बीच जिला स्तरीय चित्रांकन एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियों का मूल्यांकन रांची जिला समाहरणालय ब्लाॅक-ए, कमरा संख्या 207 में सम्मानित निर्णायक मण्डली के सदस्यों द्वारा किया गया।
उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची द्वारा बताया गया कि स्लोगन लेखन के लिए विभिन्न जिलों से 25 प्रविष्टियां एवं चित्रांकन में 29 प्रविष्टियां प्राप्त हुई।
स्लोगन लेखन के निर्णायक मण्डली में प्रो. कमल बोस, संत जेवियर काॅलेज, रांची एवं मुक्ति शाहदेव ने प्राप्त प्रविष्टियों की निर्धारित मापदण्डों के अनुसार मार्किंग की। इसी प्रकार चित्रांकन प्रतियोगिता की प्रविष्ठियों पर जाने माने चित्रकार साबिर हुसैन, कला शिक्षक, आर्मी स्कूल एवं कलाकृति कला केन्द्र के धनंजय कुमार द्वारा बारी
की से प्रविष्टयों का मूल्यांकन करते हुए निर्णय दिया। राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के प्रतिभागियों का चयन ज्यूरी सदस्यों द्वारा किया गया।

मारवाड़ी युवा मंच समर्पण शाखा ने मानसिक रोगियों की सुध ली


रांची। मकर संक्रांति के शुभ अवसर  मारवाड़ी युवा मंच की समर्पण शाखा के सदस्यों के द्वारा कांके रोड स्थित परम मित्र सदन के मानसिक रोगियों की सेवा की गई । क़रीब 30 लोगों को मफ़लर शॉल भेंट किया एवं नाश्ता कराया गया।

इस मौके पर विनीता सिंघानिया एवं कोमल झुनझुनवाला ने समस्त सामग्री का दान दिया ।
अध्यक्ष किरण खेतान ने कहा कि हमारे छोटे छोटे प्रयास इन विशेष लोगों की विशेष सेवा है हमारी शाखा आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रम करती रहेगी ।कार्यक्रम के समय अध्यक्ष किरण खेतान, सचिव मीना टाइवाला , विनीता सिंघानिया , कोमल झुनझुनवाला ,उनकी माताजी कांता झुनझुनवाला ,सोनी डिंपल ,अनीता अग्रवाल अन्नू पोद्दार ,कविता सोमानी मौजूद थी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राधा ड्रोलिया ने दी ।

समाजसेवा के प्रति समर्पित हैं सैयद हसनैन जैदी


* सही मायने में वही समाजसेवी समाज के प्रति समर्पित हैं जो नेकी कर दरिया में डाल के सिद्धांतों पर चलते हैं। अपना कर्म करते रहें, फल की चिंता न करें। इन सिद्धांतों के हिमायती रहे हैं राजधानी के हिंदपीढ़ी स्थित ग्वालाटोली निवासी लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सैयद हसनैन जैदी। वह पीड़ितों व गरीबों के सहायतार्थ सदैव तत्पर रहते हैं। परोपकार करना उनकी दिनचर्या में शुमार है। हसनैन जैदी की प्रारंभिक शिक्षा पलामू जिले के बरवाडीह से हुई। राजधानी रांची स्थित मौलाना आजद कॉलेज से उन्होंने इंटरमीडिएट किया। स्नातक की पढ़ाई के लिए पटना गए, लेकिन कतिपय कारणों से आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सके। उनके पिता स्व. सैयद तौकीर हुसैन जैदी रेलकर्मी  थे। वह भी सेवानिवृति के बाद सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे। हसनैन जैदी को समाजसेवा की प्रेरणा अपने पिता से मिली। जीविकोपार्जन के लिए उन्होंने व्यवसाय शुरु किया। पेशे से व्यवसायी हसनैन बचपन से ही दयालु प्रवृति के रहे हैं। किसी की पीड़ा देखकर द्रवित हो जाना और उसकी सहायता में  जुट जाना उनकी आदतों में शुमार है। वह समाजसेवा को सर्वोपरि समझते हैं। सभी धर्मों को समान आदर देना, विभिन्न धर्मों के धार्मिक आयोजनों के अवसर पर  सेवा शिविर लगाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करना उनकी खासियत है। हर साल वह हज के समय आजमीने हज की सुविधा के लिए मक्का-मदीना में सेवा शिविर का आयोजन करते हैं। यह धर्म के प्रति उनकी आस्था का प्रतीक है। पूरे विश्व से आनेवाले हजयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका वह ध्यान रखते हुए शिविर लगाते हैं। मुख्य रूप से उनका सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्षेत्र यूं तो उनके पैतृक निवास स्थान झारखंड के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत है, लेकिन समाजसेवा के क्षेत्र में उनका बृहत दायरा है। जाड़े के दिनों में वह अपने वाहन में कंबल व अन्य गर्म वस्त्र साथ लेकर चलते हैं। कहीं भी ठंढ से ठिठुरते गरीब पर नजर पड़ी तो उन्हें कंबल व अन्य गर्म वस्त्र दानस्वरूप दे देते हैं। वह एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल से भी जुड़े हैं। उनका राजनीतिक कार्यक्षेत्र हुसैनाबाद प्रखंड है। वह समाजसेवा को सर्वोपरि मानते हैं। हसनैन जैदी कहते हैं कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाजसेवा करनी चाहिए। राजनीतिक क्षेत्र में रहते हुए समाज को लाभान्वित करने से राजनीति का मकसद पूरा हो जाता है। वह दानवीर भी हैं। रांची के ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत कुच्चू गांव में कब्रिस्तान के लिए कम पड़ रही जमीन के बारे में उन्हें जब जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन सहित अन्य जमीन क्रय कर कब्रिस्तान निर्माण के लिए तकरीबन 50 डिसमिल जमीन दान में दी। वह कहते हैं कि जनता के बीच समाजसेवी के रूप में कार्य कर रहा हूं। जनता ने जनप्रतिनिधि बनने का अवसर दिया तो उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। समाज के प्रति अपने संदेश में वह कहते हैं कि सभी जाति, धर्म व संप्रदाय के लोगों को देश की एकजुटता व अखंडता के लिए प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। इससे राष्ट्र सशक्त होता है।
प्रस्तुति : नवल किशोर सिंह

बुधवार, 16 जनवरी 2019

पहले पुनर्वास फिर विस्थापन हमारी सरकार की नीतिः सीएम रघुवर दास


50 लाख और मुफ्त जमीन विस्थापितों को मिला है
साहेबगंज से गंगा का पानी लेकर संथाल परगना के 6 जिलों तक सिंचाई और पेयजल पहुंचाया जाएगा


देवघर। विस्थापन का दर्द हमें विरासत के रूप में मिला। 67 साल तक झारखण्ड ने विस्थापन का दंश झेला है। लेकिन हमारी सरकार पहले पुर्नवास फिर विस्थापन का काम कर रही है। राजस्व विभाग को स्पष्ट निदेश दिया गया है कि बड़े विकास कार्य मे विस्थापितों को उनकी जमीन का पट्टा दें। क्योंकि जमीन देने वाला भी जमीन का मालिक होना चाहिए। देवघर हवाई अड्डा विस्तारीकरण से विस्थापित हुए परिवारों को 50 लाख रुपये और मुफ्त जमीन दिया जा रहा है। उनके लिए टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित किया जाएगा। आनेवाले दिनों में यह विस्थापन के बाद पुनर्वास राज्य के लिए मॉडल बनेगा। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही. श्री रघुवर दास बुधवार को बैद्यनाथधाम नयाडीह में देवघर हवाई अड्डा प्राधिकरण से विस्थापित परिवारों के लिए निर्मित टाउनशिप निरीक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देवघर में विस्थापितों के लिए गुणवत्तापूर्ण कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। यहां स्कूल होंगे अस्पताल होगा सामुदायिक भवन होगा दुकानें होंगी बिजली होगी. रोजगार सृजन हेतु कौशल विकास का प्रशिक्षण भी होगा. श्री दास ने बताया कि सभी विस्थापितों को उनका सही हक मिलेगा जो सही रूप से विस्थापित हैं. वह इस बात की चिंता तनिक भी ना करें कि उनके हक को छीना जाएगा धैर्य रखें आपको आपका हक अवश्य मिलेगा.

हम पहले बसाते हैं तब विस्थापन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी रांची में विधानसभा निर्माण के दौरान कई परिवार विस्थापित हुए। लेकिन उनकी सहमति से उनके अनुसार, उनके लिए रहने की व्यवस्था 245 करोड़ की लागत से की गई। आज वे सभी खुश हैं। एक गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराकर हमें भी गर्व की अनुभूति होती है। सरकार को इस बात का ध्यान है कि 67 साल तक राज्य विस्थापन का दंश झेला है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आपने हमें स्थिरता और विकास के लिए अपने वोट के माध्यम से मजबूती प्रदान की है। विकास के काम हो रहे हैं। संथाल में सालों से लोगों को ठगा गया है। संथाल जो विकास से दूर रहा। इस कलंक को हमें दूर करना है। संथाल परगना को विकसित करना मेरी प्राथमिकताओं में से है। मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। देवघर अंतरराष्ट्रीय शहर बने यह सरकार की सोच है। यहां निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने जो अपना धर्म निभाया है वह काबिले तारीफ है। एम्स, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जल्द साहेबगंज जलमार्ग का केंद्र होगा। यहां मार्च से बंगलादेश मयार और बनारस तक मार्ग प्रारंभ होगा। यह बदलाव नहीं तो और क्या है?

साहेबगंज से आएगा संथाल के 6 जिलों में सिंचाई व पीने हेतु नीर 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पलामू की धरती में सोन नदी से 1138 करोड़ की लागत से पाइप लाइन से सिंचाई और पेयजल लाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। उसी तरह साहिबगंज से गंगा का पानी लाने को मैं प्राथमिकता दे रहा हूं। जल्द इस दिशा में काम होगा और 6 जिलों को सिंचाई व पेयजल की समस्याओं से निजात दिलाने का मैं प्रयास करूंगा। क्योंकि 2014 में मैंने आपसे कहा था आप हमें बहुमत दें हम संपूर्ण विकास करेंगे। आपने झारखंड को वनवास से मुक्त किया, उसका परिणाम धीरे धीरे आपके सामने परिलक्षित हो रहा है। 4 साल में गांव, गरीब, किसान, महिलाएं और युवाओं की चिंता केंद्र और राज्य सरकार ने की है। नैयाडीह की बहनें फूल की खेती कर रही हैं, वह हुनरमंद होकर स्वावलंबी बन रही हैं। यह देख मन प्रफुल्लित हुआ। जिला प्रशासन की योजनाओं को आप आत्मसात करें और अपने स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करें सरकार आपके साथ है।

वंशवाद में पैदा हुए लोग क्या जाने गरीबी क्या होती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से राज्य के विकास पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। वंशवाद में पैदा लिए लोग गरीबों का दर्द क्या जाने। आपको ऐसे लोगों को करारा जवाब देना है। 67 साल तक आप के लिए क्या किया गया? क्यों नहीं आपके घरों तक बिजली पहुंची? क्यों नहीं आपके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्राप्ति हुई? क्यों नहीं घर की मां बहनों को सम्मान से जीने का हक मिला? क्यों नहीं माताओं एवं बहनों को धुआं से मुक्ति मिली? क्यों नहीं गरीबों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है? आप उनसे जरूर पूछें और पिछले 67 साल और 2014 से लेकर 2019 तक के कार्यकाल का आकलन कर अपना निर्णय लें।

आनेवाला कल राज्य के युवाओं का
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर में इंजीनियरिंग कॉलेज का शुभारंभ होगा। सरकार की योजना हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ करने की है लेकिन 14 साल के गड्ढे को भरने में वक्त लगता है इसके लिए धैर्य की आवश्यकता है। नैयाडीह से विस्थापित हुए युवा टाउनशिप में प्रारंभ होने वाले कौशल विकास केंद्र में अवश्य प्रशिक्षण लें ताकि खुद को वे हुनर बनाकर आर्थिक स्वालंबन की ओर अग्रसर हो सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस प्रकार राज्य के किसानों ने 2014 की कृषि विकास दर -4% को 2018 में +14% कर दिया उसके लिए राज्य सरकार उनकी ऋणी है। किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने व आधुनिक युग की कृषि से अवगत कराने के लिए सिर्फ पुरुष किसानों को ही नहीं महिलाओं को भी इजराइल व फिलिपिंस भेजा गया है। संथाल की 18 महिलाएं इजरायल और फिलीपींस गई हैं। ताकि वे कृषि में नए आयाम स्थापित कर सकें। उनके इस भगीरथ प्रयास से राज्य सरकार और किसानों की शक्ति मिलकर मिलकर 2022 तक किसानों की आय सिर्फ दुगनी नहीं बल्कि चौगुनी करने का लक्ष्य रखती है.


गोड्डा सांसद श्री निशिकान्त दूबे ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सबसे बड़ा उदाहरण आज हमारे सामने नैयाडीह गाँव है, जिसे देखकर हम कह सकते हैं कि विस्थापन अभिशाप नहीं है। इस पूरे कार्यों को बेहतर तरीके से निष्पादित करने हेतु उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा व उनके पूरे टीम को बधाई। आज केन्द्र हो या राज्य हमारी सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास’’ के तर्ज पर कार्य कर रही है। आज देवघर जिला विकास के नित नये आयामों को छू रही है। एयरपोर्ट, एम्स हो या फिर पुनासी डैम परियोजना का पूरा होना मुख्यमंत्री की देन है।

विधायक श्री नारायण दास ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के कार्यकाल में सिर्फ देवघर हीं नहीं पूरा झारखण्ड राज्य विकास की नयी गाथा और नये आयामों को छूने में कामयाब रहा है। इन वर्षों में इस नये प्रदेश ने कई नये ऊँचाईयाँ छुए हैं। आज चहुमुखी विकास की वजह से देवघर बदल रहा है। मुख्यमंत्री जी के प्रयासों के वजह से आज एम्स, एयरपोर्ट के अलावे देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय, डिगरिया पहाड़ पर राष्ट्रीय पार्क का निर्माण कार्य हो रहा है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबा बैजनाथ वाटिका जो देवघर हवाई अड्डा विस्थापितों के पुनर्वासन एवं आजीविका हेतु स्थापित किया गया उसका उद्घाटन किया। जहाँ 11,000 गुलाब, 5,000 गैंदा एवं 2,000 जरबेरा फूलों के पौधे लगाये गये हैं। फूलों के इस रोजागार से जुड़कर विस्थापित परिवार प्रतिवर्ष लाखों रूपये कमा सकते हैं। आने वाले समय में यह एक दर्शीय व प्रशिक्षण स्थल के रूप में  विकसित किया जायेगा। साथ ही चिल्ड्रंस पार्क, जन सुविधा केंद्र और नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देवघर एयरपोर्ट निर्माण से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया।

उपायुक्त ने दी देवघर एयरपोर्ट निर्माण में विस्थापन एवं पुनर्वास से संबंधित कुछ जानकारी
कुल 650 एकड़ जमीन का आवंटन हुआ, 700 परिवारों को जमीन उपलब्ध कराया गया। सभी परिवारों को ₹50 लाख और मुफ्त में जमीन दी गई, ताकि वह अपने घर का निर्माण कर सकें। 30 एकड़ में 700 प्लॉट मुफ्त प्रदान किया गया। 18 साल के वयस्कों को 10 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। 1 वर्ष पूर्व निर्माण कार्य शुरू हुआ। 4 डीप बोरिंग सौभाग्य योजना व अन्य के तहत विद्युतीकरण कार्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक स्थल, जन सुविधा केंद्र, चिल्ड्रंस पार्क, वैधनाथ धाम वाटिका का निर्माण व उद्घाटन हुआ है।

इस अवसर पर सांसद निशिकांत दुबे, देवघर विधायक नारायण दास, संथाल परगना के पुलिस उपमहानिरीक्षक  राज कुमार लकड़ा, देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक देवघर नरेन्द्र कुमार व अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्वच्छता पखवाड़े में पूरे देश में झारखण्ड नंबर 1 बना



रांची। झारखण्ड को एक और सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने टीम झारखंड को बधाई दी। विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर आयोजित हुए स्वच्छता पखवाड़े में पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए झारखण्ड नंबर 1 बना।
स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए देश भर के टॉप 10 जिलों में हजारीबाग और लोहरदगा भी सम्मिलित है। मुख्यमंत्री ने सभी को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हम सब मिलकर काम करें और राज्य विकास की नयी बुलंदियों पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ देने के लिए सरकारी सक्रियता बढ़ी




रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ किसानों को देने को लेकर सरकार सक्रिय हो गई है। इसे लेकर 18 जनवरी को पूरे राज्य में ग्रामसभा के माध्यम से ग्राम सभा गांव स्तर पर रैयत समन्वय समिति का गठन करेगी। 15 जनवरी से 22 जनवरी तक प्री प्रिंटेड नोटिस का प्रपत्र तथा शपथ पत्र किसानों रैयतों को उपलब्ध कराया जा रहा है तथा रैयत समन्वय समिति के द्वारा प्रत्येक गांव वार आपत्ति प्राप्त कर उस पर 24 जनवरी से 7 फरवरी तक सुनवाई भी की जाएगी। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए बुधवार को राज्य के सभी उपायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल और कृषि सचिव पूजा सिंघल ने दिशा निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री किसानों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाने को प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को राज्य सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना बताते हुए उपायुक्तों से कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास इस योजना के बेहतर कार्यान्वयन के लिए गम्भीर हैं। मुख्यमंत्री इसके माध्यम से किसानों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाने को प्रतिबद्ध हैं।

स्थानीय भाषा में कृषकों को योजना और प्रक्रिया की दें जानकारी

श्री सुनील कुमार वर्णवाल ने सभी उपायुक्तों से कहा कि योजना की जानकारी हरेक किसान तक पहुंचे। उन्होंने इसके प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय भाषा और बोली का सहारा लेने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पम्फलेट आदि के साथ साथ आडियो-विजुवल माध्यम का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। इसके लिए एलईडी वैन और अन्य माध्यमों का सहारा भी लें। उन्होंने कहा कि जहां किसानों की खेतिहर जमीन का सर्वे नहीं हुआ है, वहां मैन्युवल तरीका अपनाएं।

योजना से जनप्रतिनिधियों को भी जोड़े
कृषि सचिव पूजा सिंघल ने उपायुक्तों को अपनी निगरानी में ग्राम सभा 18 जनवरी को कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में हर स्तर के जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करें।

वहीं मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ देने के लिए तैयार की गई रोडमैप भी उपायुक्तों से साझा की गई।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...