यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 27 जुलाई 2019

जल शक्ति मंत्रालय की समीक्षा बैठक

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने  की समीक्षा बैठक
 राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस समेत कई वरीय़ अधिकारी रहे मौजूद
=====================
★ जल शक्ति अभियान को बनाएं जन आंदोलन, पानी के किफायती इस्तेमाल पर हो फोकस
======================
★ राज्य सरकार जल संरक्षण और संचयन के लिए योजनाओं का पुख़्ता और सम्पूर्ण प्रपोजल भेजे, केंद्र सरकार उसे स्पांसर करेगी
======================

रांची। जल की एक-एक बूंद जीवनदायनी है. पानी की बर्बादी नहीं हो, यह केंद्र सरकार की विशेष प्राथमिकता है. बारिश के पानी के संचयन व संवर्द्धन के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है. हर हाल में भूगर्भ जलस्तर बढ़ाना है ताकि आने वाली पीढ़ी को जल संकट का सामना नहीं करना पड़े. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने आज होटल रैडिशन ब्लू में जल शक्ति मंत्रालय की समीक्षात्मक बैठक में ये बातें कही. उन्होंने झारखंड सरकार को आश्वासन दिया कि जल संरक्षण और संचयन के लिए योजनाओं का कंक्रीट और कंप्लीट प्रपोजल भेजें, केंद्र उसे स्पांसर करेगी. इस बैठक में श्री शेखावत ने राज्य में चल रही जल संचयन और बारिश के पानी की बर्बादी को रोकने के लिए चलाए जा रहे योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता जल संचयन -- योजनाएं समय पर करें पूरा

श्री शेखावत ने कहा कि जल शक्ति की योजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में है, इनके क्रियान्वयन में कोई कमी नहीं रह जाए. समय पर इन योजनाओं को पूरा करें, विलम्ब होने से योजना की लागत बढ़ती है और लोगों के उसका लाभ भी नहीं मिल पाता है. अगर केंद्र से मदद की जरूरत पड़ेगी तो उसके लिए मंत्रालय पूरी तरह तैयार है.

योजनाओं की यूटिलिटी होनी चाहिए, समय-समय पर थर्ड पार्टी असेसमेंट कराएं

श्री शेखावत ने कहा कि जल संरक्षण औऱ संचयन के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाए, उसकी पूरी यूटिलिटी होनी चाहिए. यह बेहतर होगा कि इन योजनाओं का समय-समय पर थर्ड पार्टी असेसमेंट कराएं. उन्होंने यह भी कहा कि जल संचयन की योजनाओं को शुरु करने के पूर्व इससे संबंधित विभागों में समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि इसे बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिल सके. उन्होंने जल संरक्षण को लेकर बड़ी योजनाओं की बजाय छोटी-छोटी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया.

लंबित परियोजनाओं की ली जानकारी, पूरा करने पर दिया जोर

श्री शेखावत ने समीक्षा बैठक में राज्य में जल संसाधन और पेयजल से जुड़े लंबित योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए जो भी मदद की जरूरत पड़ेगी सरकार उसे हरसंभव पूरा करेगी, बर्शते इन योजनाओं का लाभ लोगों तक सुनिश्चित किया जा सके. इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से सुवर्णरेखा परियोजना, उत्तर कोयल नदी परियोजना, बुढ़ई परियोजना, कोनार नहर परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, कनहर पाइप लाइन परियोजना के चल रहे कार्यों से जल शक्ति मंत्रालय को अवगत कराया गया और इन योजनाओं को पूर्ण करने में केंद्र से मदद की भी मांग की गई.

झारखंड के लिए काफी उपयोगी है जल शक्ति अभियान

झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंठा ने कहा कि झारखंड राज्य के लिए केंद्र की जल शक्ति अभियान काफी उपयोगी और सार्थक है. झारखंड में औसतन 1200 मिलीमीटर बारिश होती है,लेकिन पठारी इलाका होने की वजह से ज्यादातर बारिश का पानी बहकर बर्बाद हो जाता है पर इस अभियान के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं से बारिश के पानी का काफी हद तक संचयन किया जा सकता है. उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को बताया कि केंद्र ने दो जिलों में इस अभियान को शुरु करने की स्वीकृति दी थी, पर राज्य सरकार ने सभी 24 जिलों के 263 प्रखंडों के हर गांव में इस अभियान को चला रही है.

मसानजोर डैम पर झारखंड का अधिकार हो

राज्य के जल संसाधन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री रामचंद्र सहिस ने इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को एक मेमोरेंडम सौंपा. इसमें उन्होंने कहा है कि मसानजोर डैम झारखंड की जमीन पर है, लेकिन इसपर पश्चिम बंगाल सरकार का अधिकार है और इसका लाभ भी झारखंड को नहीं मिल रहा है. उन्होंने मसानजोर डैम को झारखंड के अधिकार क्षेत्र में देने का आग्रह किया.

महाअभियान बन रहा है जल शक्ति अभियान, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण व अफसर कर रहें हैं श्रमदान

मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने समीक्षा बैठक में जल संवर्ध्धन और जल संचयन के लिए राज्य में चल रही योजनाओं से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को अवगत कराया. उन्होंने कहा राज्य में 1 जुलाई से 15 सितंबर तक जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें बढ़-चढ़कर जनभागीदारी देखने को मिल रही है. इसके तहत हर रविवार को मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और अधिकारी श्रमदान करते हैं. इसमें स्कूल, कॉलेज, स्वंयसेवी अन्य़ संगठनों के साथ आमलोगों की भी खूब भागीदारी देने को मिल रही है. कुल मिलाकर यह महाअभियान का रूप धारण करता जा रहा है. मुख्य सचिव ने कहा कि जल शक्ति अभियान के अंतर्गत सभी पंचायतों में पानी के रिचार्ज को लेकर ट्रेंच सह बंड का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. इसके अलावा नदियों के किनारे वृहत पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है. राज्य की छोटी-बड़ी 44 नदियों के किनारे 1366 किलोमीटर के दायरे में वृक्षारोपण का काम हो चुका है, जबकि इस साल 274 किमी और 2020 में 305 किलोमीटर क्षेत्र में वृक्षारोपण करने का लक्ष्य है. इसके साथ पूरे राज्य में 1.7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और 820 चैकडैम और 13375 रीचार्ज पीट बनाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के बेहतर क्रियान्वयन पर भी सरकार का पूरा जोर है. सरकारी भवनों, स्कूलों और व्यापारिक भवनों, अपार्टमेंट आदि में इसे लगाया जा रहा है. इसके अलावा विभिन्न विभागों की कई योजनाओं के अंतर्गत भी जल संचयन से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं. इस मौके पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग और नगर विकास विभाग की ओर से भी पेयजल, सिंचाई, व अन्य जल से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को दी गई.

समीक्षा बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह, एडिशनल सचिव अरुण बरोका, कमिश्नर  के बोहरा के साथ झारखंड के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की सचिव आराधना पटनायक और मनरेगा आय़ुक्त समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे.

राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना से सुधरेगी किसानों की दशाः शिवकरण द्विवेदी


झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक अधिकारी-कर्मचारी संघ का संयुक्त स्थापना सम्मेलन


रांची। गरीबी के लिए पूंजीवादी व्यवस्था तक जिम्मेवार है। गरीबी के कारण देश का समावेशी विकास नहीं हो पा रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक काफी हद तक गरीबों, किसानों और कामकाजी लोगों को संस्थागत स्रोतों से कर्ज दिलाने की दिशा में प्रयासरत हैं। ग्रामीण विकास में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की भूमिका काफी अहम है। उक्त बातें  झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक अधिकारी-कर्मचारी संघ के  संयुक्त स्थापना सम्मेलन में नेशनल फेडरेशन ऑफ आआरबीई के महासचिव शिवकरण द्विवेदी ने कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंकों का प्रबंधन सरकार द्वारा अनुमोदित भर्ती नियमों के विपरीत सभी श्रमिक नियमों को ताक पर रखकर अत्यंत कम भुगतान पर दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को नियुक्त कर रहा है। बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर पिछले आठ वर्षो से नई बहाली नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंकों में स्थायी नियुक्ति की जानी चाहिए। ऑल इंडिया रिजनल रूरल बैंक इंप्लायज एसोसिएशन की ऑफिसर्स विंग के अध्यक्ष सगुण शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ग्रामीण बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पूरे देश में लगभग 23 हजार शाखाओं में 95 हजार से अधिक कर्मियों के साथ 45 ग्रामीण बैंक कार्यरत हैं। सभी ग्रामीण बैंकों में भारत सरकार की भागीदारी 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 15 प्रतिशत  और प्रायोजक बैंकों की 35 प्रतिशत है। अधिकतर ग्रामीण बैंक लाभ अर्जित कर रहे हैं। ग्रामीण बैंकों के कर्मियों की दशा व दिशा सुधारने के लिए सरकार को समुचित प्रयास करने की आवश्यकता है। सम्मेलन में गांव, गरीब व किसानों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने की मांग की गई।
 सम्मेलन में स्वागत भीषण करते हुए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. रमेश शरण ने कहा कि श्रमिकों को सुविधाएं मुहैया कराने से आर्थिक विकास में यह मददगार साबित होगा। पूंजीवादी व्यवस्था तभी चलेगी और श्रमिक हित का संरक्षण तभी संभव होगा। सम्मेलन के माध्यम से  भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने, 11 वां द्विपक्षीय समझौता लागू करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की गई। इस अवसर पर काफी संख्या में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारी व कर्मचारीगण मौजूद थे। सम्मेलन के अंत में स्वागत समिति के सचिव ओम प्रकाश उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इंडियन ऑयल ने सीएसआर के तहत सौंपी बाइक एंबुलेंस


रांची। इंडियनऑयल सीएसआर के तहत बाइक एम्बुलेंस झारखंड के मुख्य सचिव डी के तिवारी को  श्री रंजन कुमार महापात्र, निदेशक (मानव संसाधन), इंडियन ऑयल के द्वारा सौंपी गई।
इंडियनऑयल सीएसआर के इतिहास में अपनी तरह के पहले दौर में, 27 जुलाई को रांची में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन), श्री रंजन कुमार महापात्र ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव श्री डी.के. तिवारी को बाइक एम्बुलेंस सौंपी। 27 जुलाई 2019 को हुए इस कार्यक्रम में श्री सुनील कुमार बर्णवाल, झारखंड के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, श्री के रवि कुमार उद्योग सचिव, झारखंड सरकार, श्री जेपी सिन्हा ईडी, ईआरपीएल, श्री विभाष कुमार, ईडी, बिहार और झारखंड राज्य कार्यालय,श्यामल देबनाथ उप महाप्रबंधक रांची मंडल एवम अन्य वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थिति थे।
मुख्य सचिव श्री डी के तिवारी के रांची में आयोजित एक सरल लेकिन सुरुचिपूर्ण समारोह में, बजाज पल्सर 150 क्लासिक संशोधित बाइक एम्बुलेंस की एक "सिम्बोलिक कुंजी" सौंपी गई थी, जो इस अवसर पर मौजूद उत्साही और उत्साही भीड़ के बीच जोर से चीयर के बीच थी। बाइक एम्बुलेंस परियोजना इंडियनऑयल के प्रमुख आरोग्यम फ्लैगशिप सीएसआर पहल के तहत शुरू की जा रही है। इसके बाद श्री रंजन कुमार महापात्रा की मौजूदगी में मुख्य सचिव द्वारा पारंपरिक हरी झंडी दिखाकर बाइक को औपचारिक रूप से  रवाना किया गया।
बाइक एम्बुलेंस एक चिकित्सकीय रूप से सुसज्जित संशोधित बाइक है जो रोगियों को उपचार सुविधाओं जैसे कि अस्पताल / प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचाती है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं द्वारा चिकित्सा आपात स्थिति का जवाब देने के लिए एम्बुलेंस का उपयोग किया जाता है। वे जल्दी से पैरामेडिक्स और अन्य प्रथम उत्तरदाताओं को घटनास्थल पर ले जा सकते हैं, आपातकालीन देखभाल के लिए उपकरण ले सकते हैं और रोगियों को नजदीकी अस्पताल / पीएचसी / सीएचसी में ले जा सकते हैं।
बाइक एम्बुलेंस के पास सुदूर क्षेत्रों में बेहतर गतिशीलता और पहुंच का लाभ है और यह स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में सुधार करेगा। बाइक उन क्षेत्रों के लिए एक वरदान साबित होगी, जिनके पास देवघर में मोटर योग्य सड़कें नहीं हैं। बाइक एम्बुलेंस दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को अंतिम मील कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
पहले चरण में, इस तरह की 5 संशोधित बाइक एम्बुलेंस स्वास्थ्य विभाग, देवघर के लिए गांवों में ग्रामीणों के लाभ के लिए प्रदान की गई हैं। बड़लाडीह, नवाडीह, शंकरपुर, मथुरापुर, साधुजोर, तिलजोरी, डोंगी, आदि जो देवघर जिले में इंडियनऑयल पेट्रोलियम पाइपलाइन राइट ऑफ़ वे के आसपास के क्षेत्र में हैं। इसके अतिरिक्त, झारखंड में ऐसी 10 और संशोधित बाइक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की योजना है।

पहाड़ी मंदिर मे विशाल प्याऊ का उद्घाटन


जेसीआइ इंडिया के अध्यक्ष ने रांची का दौरा किया


रांची। जेसीआइ रांची  के प्रवक्ता निशांत मोदी ने बताया की जेसीआइ भारत के अध्यक्ष श्री शिरीष ढूंढो  ने शनिवार को रांची का दौरा किया। कार्यक्रम की शुरुआत जेसीआइ रांची द्वारा गोद लिए  गये  गांव लाबेद से हुयी, जहा ग्रामीणों ने  पारम्परिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम से स्वागत किया । वहां नवनिर्मत सरना स्थल  का उन्होंने उद्घाटन किया। इसका निर्माण गांववालों के लिए जेसीआइ रांची ने कराया है।बच्चो के उज्वल भविष्य के लिए संस्था द्वारा नव निर्मित पुस्तकलय का उद्धघाटन भी श्री ढूंढो ने किया बच्चे काफी उतशाहीत थे I  वहीं गांव में जेसीआइ द्वारा चलाये जा रहे स्कूल के मेधावी बच्चों को उन्होंने पुरस्कार एवं रेन कोट भी दिये।स्कूल मे वृक्षा  रोपण के कार्यक्रम भी श्री ढूंढो के अध्यक्षता मे हुआ I  रIतु रोड  के  पहाड़ी  मंदिर मे प्याऊ  का उद्घाटन किया जोकी जेसीआइ  रांची द्वारा वहा दान स्वरूप लगवाया गया हैं । इसे लाखो लोगो को लाभ मिलेगा , मंदिर कमिटी ने ईश अवसर पर आभार व्यकत करते हुये  जेसीआइ रांची की शहरना की ।  उसके बाद संध्या ७ बजे  वे जेसीआइ रांची के कार्यलय पहुंचे  जहां मल्टी लोम मीटिंग का आयोजन किया गया । उन्होंने सदस्यों से मुलाकात की।  उन्होंने कहा कि जेसीआइ रांची चैप्टर देश का सबसे अच्छा चैप्टर है। जेसीआइ रांची देश के बड़े चैप्टरो मे एक  है। उन्होंने चैप्टर में महिलाओं के विकास संबंधी कार्यक्रम चलाने पर बल दिया। उन्होंने जेसीआइ द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। जोनल अध्यक्ष अश्विनी कुमार  ने सदस्यों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन प्रशांत पाटोदीया  ने किया। इस मौके पर इ .वी.पि राखी जैन,  जोनल उप अध्यक्ष राहुल खरकिया ,  जेसीआइ रांची  अध्यक्ष राकेश जैन , सचिव सौरभ शाह ,दीपक अग्रवाल, गौरव अग्रवाल , नितेश अग्रवाल,प्रतिक जैन  ,प्रकाश , सौरव, पंकज साबू, अभिनव मंत्रा, अजित साहू, नीरज पोद्दार, सहित अन्य लोम के  सदस्य  भी  उपस्थित थे।

सरकार सहयोग करें तो झारखंड में भी इकाई लगाएंगे : सुब्रत बानिक



रांची। फूटवेयर कंपनी अजंता शूज के सीएमडी सुब्रत बानिक ने कहा कि झारखंड सरकार यदि सहयोग करें तो झारखंड में भी इकाई लगाएंगे। उन्होंने कहा कि अजंता के उत्पाद  पर्यावरण संरक्षण के मानकों के अनुरूप व आरामदायक है। श्री बानिक ने बताया कि कंपनी का झारखंड में मार्केट शेयर लगभग 10से 12प्रतिशत तक है। इसे अगले वित्तीय वर्ष में 30से 35 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के लिए अजंता शूज एक विशेष ब्रांड बन गया है। कंपनी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के कारण तेजी से विकास कर रही है। हम पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण का भी ध्यान रखते हैं। इस अवसर पर काफी संख्या में अजंता शूज के डीलर मौजूद थे।

नेशनल माइनिंग,मेटल्स व मेटलर्जी पर एसोचैम की कार्यशाला आयोजित


औद्योगिक इकाइयां पर्यावरण संरक्षण का भी रखें ध्यान : सरयू राय

रांची। औद्योगिक विकास के लिए समेकित पहल वह सामूहिक प्रयास किया जाना जरूरी है। इससे देश व राज्य समृद्ध होता है। औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलता है। उक्त बातें राज्य सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कही। श्री राय आज एसोचैम द्वारा नेशनल माइनिंग,मेटल्स व मेटलर्जी पर होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित कार्यशाला सह सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्खनन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उद्योग लगाने में यह ख्याल रहे कि वनों की अंधाधुंध कटाई न हो, प्रकृति और वन्य जीवों को सरंक्षित रखना भी आवश्यक है, तभी उद्योग-धंधे भी फलेेंगे-फूलेंगे और हमारा संसार भी सुरक्षित रहेगा। खनिज प्राकृतिक संसाधनों की श्र्रेणी में आता है। इसके दोहन के क्रम में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में सामुहिक प्रयास से हम देश व राज्य को आगे ले जाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण में खनिज व धातुओं की महत्ता से इंकार नहीं किया जा सकता है। उद्योगों के क्षेत्र में नित नए अनुसंधान और विकास हो रहे हैं। इसका लाभ उठाने की आवश्यकता है। इस दिशा में नई चुनौतियां भी हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ें। नई तकनीकों, नये उपकरणों का इस्तेमाल कर झारखंड के औद्योगीकरण की दिशा में संयुक्त पहल करने की उन्होंने अपील की। सम्मेलन में स्वागत भाषण एसोचैम के रिजनल डायरेक्टर भरत कुमार जायसवाल ने दिया। इस अवसर पर झारखंड सरकार के खान व भूतत्व विभाग के सचिव अबु बकर सिद्धिकी, उद्योग निदेशक मुकेश कुमार, यूरेनियम कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक एके सारंगी, इलेक्ट्रो स्टील लिमिटेड के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी पंकज मल्हान,जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के उप महाप्रबंधक अरुणेष भारती ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय आर्थिक विकास के क्षेत्र में खनन सेक्टर की सहभागिता और खनन क्षेत्र का भविष्य, संभावानाएं व चुनौतियां विषय पर भी चर्चा की गई। 
* उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए मिला पुरस्कार
खनन सहित अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए  एसोचैम की ओर से कंपनियों व उनके अधिकारियों को सम्मानित किया गया। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को इनोवेटिव माईनिंग के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं, जेएसपीएल के अधिकारी एनए अंसारी को सीईओ आॅफ द ईयर, इलेक्ट्रो स्टील के डिप्टी सीईओ पंकज मल्हान को उत्खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट सहयोग के लिए व इलेक्ट्रो स्टील के ही एक अन्य अधिकारी बी एक्का को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। उक्त लोगों को मंत्री सरयु राय के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर काफी संख्या में खनन क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधि व विशेषज्ञ  उपस्थित थे।

शुक्रवार, 26 जुलाई 2019

राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

    

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वार मेमोरियल) पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
      इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने आगंतुक पुस्तिका में एक संदेश लिखा। रक्षा मंत्री ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, भारत के सम्मान, प्रतिष्ठा एवं गर्व के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल युद्ध के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि। उनका पराक्रम और त्याग प्रत्येक भारतवासी के लिए प्रेरणादायक है। कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर, हम यह संकल्प लेते है कि कृतज्ञ राष्ट्र देश के सम्मान के लिए सर्वोच्च बलिदान करने वाले सैनिकों को कभी नहीं भूलेगा।
      रक्षा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक, उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अंबू, नौसेना उप-प्रमुख वाइस एडमिरल जी. अशोक कुमार एवं वायुसेना उप-प्रमुख एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने भी ऑपरेशन विजय के वीरों के साहस, पराक्रम एवं बलिदान के लिए उनके सम्मान में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित किए।
      भारत-पाकिस्तान के बीच मई-जुलाई, 1999 के दौरान पश्चिम में जोजिला से लेकर पूर्व में तूरतोक तक नियंत्रण रेखा के निकट सबसे दुर्गम क्षेत्र में कारगिल युद्ध हुआ था। पाकिस्तान द्वारा अपने सैनिकों का घुसपैठ करा कर, खाली किए गए महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा करके, राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा की अनदेखी करने के अलावा राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करके इस विवाद की पृष्ठभूमि तैयार की गई थी। भारतीय सेना के सैनिकों ने अदम्य साहस और सहनशीलता का प्रदर्शित करते हुए 12,000 फुट से अधिक ऊंचाइयों पर द्रास, काकसर, बटालिक और तूरतोक सेक्टरों में युद्ध किया और पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाया। भारतीय वायु सेना ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान करते हुए सैन्य कार्रवाई में सहायता की थी।

स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी

  झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी  काशीनाथ केवट  15 नवम्बर 2000 -वी...