रांची। घर की चौखट से निकलकर अपनी प्रतिभा को कामयाबी के शीर्ष तक पहुंचाने को प्रयासरत व्यक्तित्व का नाम है सरबनी भट्टाचार्य। विपरीत परिस्थितियों में भी बाधाओं को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर एक संघर्षशील शख्सियत हैं सरबनी भट्टाचार्य। उनकी शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई। उन्होंने स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की है। फिलवक्त एमबीए कर रही हैं। बचपन से ही पढ़ने- लिखने में अव्वल रही सरबनी यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही अपना कैरियर संवारने में जुट गई। पत्रकारिता से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की। अपनी ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा से उन्होंने अपनी बेहतर प्रबंधन कला प्रदर्शित कर विभिन्न क्षेत्रों में निपुणता हासिल की। वह अपना आदर्श अपने माता-पिता और गुरुजनों को मानती है। वह कर्म में विश्वास करती हैं। श्रीमती भट्टाचार्य को विभिन्न कंपनियों में निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत कॉरपोरेट कम्युनिकेशन का लगभग 19 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। एक नेशनल न्यूज़ चैनल में उन्होंने नौकरी शुरू की। इस दौरान कला, संस्कृति, शिक्षा और फिल्म जगत से संबंधित खबरों को कवर करने लगी। इस क्रम में उन्हें प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री जया बच्चन सहित कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों का साक्षात्कार लेने का अवसर मिला। वह एक अंग्रेजी दैनिक में गुवाहाटी में कार्यरत रहीं।कोलकाता के एक लोकप्रिय अंग्रेजी दैनिक में भी वह स्तंभकार के रूप में जुड़ी रहीं। अपनी लेखन क्षमता से पत्रकारिता जगत में उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की। तत्पश्चात श्रीमती भट्टाचार्य ने विज्ञापन और जनसंपर्क से संबंधित कॉरपोरेट अफेयर्स कंपनी से जुड़ीं। इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्यातिप्राप्त डायरेक्ट सेलिंग मार्केट में अग्रणी कंपनी एमवे से वर्ष 2008 में जुड़ गईं। वह एम्वे में पूर्वोत्तर क्षेत्र की सीएसआर मैनेजर के पद पर लगभग 11वर्षों तक सेवारत रहीं। इसके पूर्व श्रीमती भट्टाचार्य मीडिया,संचार, टेलीकॉम, एफएमसीजी, रियल स्टेट सहित कई क्षेत्रों में कोरपोरेटअफेयर्स के कार्यों को बखूबी निभाती रहीं। इस क्रम में उन्होंने विदेशों का भी दौरा किया। उन्हें कैलिफोर्निया लॉस एंजिल्स सहित यूएसए के कई देशों में भी जाने का अवसर प्राप्त हुआ। वह कहती हैं कि हमारे समाज में यह गलत धारणा है कि महिलाएं सिर्फ घर के कामकाज तक ही सीमित रहती हैं। इस मिथक को उन्होंने तोड़ा और अपने कार्यों और उपलब्धियों से उन्होंने यह साबित कर दिया कि महिलाएं आज किसी मामले में पुरुषों से कम नहीं है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अपनी घर-गृहस्थी के कार्यों को बखूबी संभालते हुए और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए श्रीमती भट्टाचार्य अपने कार्यों के प्रति भी गंभीरता से लगी रहती हैं। फिलवक्त वह रियल इस्टेट के क्षेत्र में मशहूर कंपनी मर्लिंग ग्रुप में एजीएम (सीएसआर) के पद पर कार्यरत हैं। यहां भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। अपनी कुशल प्रबंधन क्षमता और प्रशासनिक सूझबूझ व दूरदर्शिता से वह अपने मिशन की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। महिलाओं की साक्षरता दर में वृद्धि स्वस्थ और स्वच्छ समाज के निर्माण काफी सहायक होता है। महिलाएं शिक्षित होंगी और रोजगार से जुड़ेंगी तो आत्मनिर्भरता आएगी। सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महिला स्वावलंबन को वह आवश्यक मानती हैं। वह कहती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए ईमानदारीपूर्वक मेहनत से आगे बढ़ते रहना व्यक्ति की महानता का परिचायक होता है। उनका यह भी मानना है कि देश और समाज के विकास के लिए महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। यह वर्तमान समय की मांग भी है। सरबानी का सपना एक सफल लेखक बनने का है।चूंकि पत्रकारिता से उनका वास्ता रहा है। इस लिहाज से उनके अंदर का लेखक हिलोरें मारता रहता है।उनके पति भी एक जाने-माने पत्रकार हैं। सरबनी को आगे बढ़ने में उनके पति का भी सहयोग मिलता है। समय-समय पर वह अपने व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद अपनी लेखन क्षमता भी प्रदर्शित करती रहती हैं। वह कहती हैं कि मेरा सपना एक सफल लेखक बनने का है। इस दिशा में वह प्रयासरत हैं। वह अपना आदर्श व प्रेरणा स्रोत अपने पिता स्वर्गीय दीपक भट्टाचार्य और माता सुनीती भट्टाचार्य को मानती हैं। वह कहती हैं कि माता-पिता की प्रेरणा से ही वह जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं। इसमें उनके परिवारजनों का भी सहयोग मिल रहा है। सरबनी बताती हैं कि जीवन में कई झंझावातों को झेलते हुए वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। वह अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के बलबूते आगे बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि दिल में लगन और कर्तव्यनिष्ठा का भाव हो, ईमानदारी से अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहें, तो सफलता कदम चूमेगी। वह कहती हैं कि महिलाओं को आत्मविश्वास से लबरेज होते हुए अपने कर्तव्य पथ की ओर सदैव अग्रसर होते रहना चाहिए। वह सर्वधर्म- समभाव को अपने जीवन में आत्मसात कर सभी धर्मों का समान आदर करती हैं। अपनी दैनिक कार्यों की व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर वह शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों में भी शिरकत करती रहती हैं। वह जहां भी कार्यरत रहीं, अपनी बेहतरीन कार्यशैली का परिचय देती रही हैं। उनकी कार्यकुशलता और कार्यशैली अन्य महिलाओं के लिए अनुकरणीय ही नहीं, बल्कि प्रेरणास्रोत भी है। मृदुभाषी सरबनी कहती हैं कि सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इससे हमारा देश व समाज मजबूत होगा।
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सोमवार, 26 अगस्त 2019
पत्रकारिता से प्रबंधन कौशल तक की मिसाल बनीं सरबनी भट्टाचार्य
रांची। घर की चौखट से निकलकर अपनी प्रतिभा को कामयाबी के शीर्ष तक पहुंचाने को प्रयासरत व्यक्तित्व का नाम है सरबनी भट्टाचार्य। विपरीत परिस्थितियों में भी बाधाओं को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर एक संघर्षशील शख्सियत हैं सरबनी भट्टाचार्य। उनकी शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई। उन्होंने स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की है। फिलवक्त एमबीए कर रही हैं। बचपन से ही पढ़ने- लिखने में अव्वल रही सरबनी यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही अपना कैरियर संवारने में जुट गई। पत्रकारिता से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की। अपनी ईमानदारी और कर्त्तव्यनिष्ठा से उन्होंने अपनी बेहतर प्रबंधन कला प्रदर्शित कर विभिन्न क्षेत्रों में निपुणता हासिल की। वह अपना आदर्श अपने माता-पिता और गुरुजनों को मानती है। वह कर्म में विश्वास करती हैं। श्रीमती भट्टाचार्य को विभिन्न कंपनियों में निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत कॉरपोरेट कम्युनिकेशन का लगभग 19 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। एक नेशनल न्यूज़ चैनल में उन्होंने नौकरी शुरू की। इस दौरान कला, संस्कृति, शिक्षा और फिल्म जगत से संबंधित खबरों को कवर करने लगी। इस क्रम में उन्हें प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री जया बच्चन सहित कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियों का साक्षात्कार लेने का अवसर मिला। वह एक अंग्रेजी दैनिक में गुवाहाटी में कार्यरत रहीं।कोलकाता के एक लोकप्रिय अंग्रेजी दैनिक में भी वह स्तंभकार के रूप में जुड़ी रहीं। अपनी लेखन क्षमता से पत्रकारिता जगत में उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की। तत्पश्चात श्रीमती भट्टाचार्य ने विज्ञापन और जनसंपर्क से संबंधित कॉरपोरेट अफेयर्स कंपनी से जुड़ीं। इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्यातिप्राप्त डायरेक्ट सेलिंग मार्केट में अग्रणी कंपनी एमवे से वर्ष 2008 में जुड़ गईं। वह एम्वे में पूर्वोत्तर क्षेत्र की सीएसआर मैनेजर के पद पर लगभग 11वर्षों तक सेवारत रहीं। इसके पूर्व श्रीमती भट्टाचार्य मीडिया,संचार, टेलीकॉम, एफएमसीजी, रियल स्टेट सहित कई क्षेत्रों में कोरपोरेटअफेयर्स के कार्यों को बखूबी निभाती रहीं। इस क्रम में उन्होंने विदेशों का भी दौरा किया। उन्हें कैलिफोर्निया लॉस एंजिल्स सहित यूएसए के कई देशों में भी जाने का अवसर प्राप्त हुआ। वह कहती हैं कि हमारे समाज में यह गलत धारणा है कि महिलाएं सिर्फ घर के कामकाज तक ही सीमित रहती हैं। इस मिथक को उन्होंने तोड़ा और अपने कार्यों और उपलब्धियों से उन्होंने यह साबित कर दिया कि महिलाएं आज किसी मामले में पुरुषों से कम नहीं है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अपनी घर-गृहस्थी के कार्यों को बखूबी संभालते हुए और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए श्रीमती भट्टाचार्य अपने कार्यों के प्रति भी गंभीरता से लगी रहती हैं। फिलवक्त वह रियल इस्टेट के क्षेत्र में मशहूर कंपनी मर्लिंग ग्रुप में एजीएम (सीएसआर) के पद पर कार्यरत हैं। यहां भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। अपनी कुशल प्रबंधन क्षमता और प्रशासनिक सूझबूझ व दूरदर्शिता से वह अपने मिशन की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। महिलाओं की साक्षरता दर में वृद्धि स्वस्थ और स्वच्छ समाज के निर्माण काफी सहायक होता है। महिलाएं शिक्षित होंगी और रोजगार से जुड़ेंगी तो आत्मनिर्भरता आएगी। सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महिला स्वावलंबन को वह आवश्यक मानती हैं। वह कहती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए ईमानदारीपूर्वक मेहनत से आगे बढ़ते रहना व्यक्ति की महानता का परिचायक होता है। उनका यह भी मानना है कि देश और समाज के विकास के लिए महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। यह वर्तमान समय की मांग भी है। सरबानी का सपना एक सफल लेखक बनने का है।चूंकि पत्रकारिता से उनका वास्ता रहा है। इस लिहाज से उनके अंदर का लेखक हिलोरें मारता रहता है।उनके पति भी एक जाने-माने पत्रकार हैं। सरबनी को आगे बढ़ने में उनके पति का भी सहयोग मिलता है। समय-समय पर वह अपने व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद अपनी लेखन क्षमता भी प्रदर्शित करती रहती हैं। वह कहती हैं कि मेरा सपना एक सफल लेखक बनने का है। इस दिशा में वह प्रयासरत हैं। वह अपना आदर्श व प्रेरणा स्रोत अपने पिता स्वर्गीय दीपक भट्टाचार्य और माता सुनीती भट्टाचार्य को मानती हैं। वह कहती हैं कि माता-पिता की प्रेरणा से ही वह जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं। इसमें उनके परिवारजनों का भी सहयोग मिल रहा है। सरबनी बताती हैं कि जीवन में कई झंझावातों को झेलते हुए वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। वह अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के बलबूते आगे बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि दिल में लगन और कर्तव्यनिष्ठा का भाव हो, ईमानदारी से अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहें, तो सफलता कदम चूमेगी। वह कहती हैं कि महिलाओं को आत्मविश्वास से लबरेज होते हुए अपने कर्तव्य पथ की ओर सदैव अग्रसर होते रहना चाहिए। वह सर्वधर्म- समभाव को अपने जीवन में आत्मसात कर सभी धर्मों का समान आदर करती हैं। अपनी दैनिक कार्यों की व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर वह शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों में भी शिरकत करती रहती हैं। वह जहां भी कार्यरत रहीं, अपनी बेहतरीन कार्यशैली का परिचय देती रही हैं। उनकी कार्यकुशलता और कार्यशैली अन्य महिलाओं के लिए अनुकरणीय ही नहीं, बल्कि प्रेरणास्रोत भी है। मृदुभाषी सरबनी कहती हैं कि सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इससे हमारा देश व समाज मजबूत होगा।
बोकारो में स्टील कलस्टर बनाये जाने का झारखंड ने दिया प्रस्ताव
नई दिल्ली/रांची। केन्द्र और राज्य मिलकर सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करेगा। खनन क्षेत्र में रह रहे लोगों का विकास तथा पर्यावरण अनुकूल राज्य की प्रगति और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई दिल्ली के शास्त्री भवन में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और केंद्रीय मंत्री वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री प्रकाश जावेडकर, केन्द्रीय मंत्री कोयला और खनन श्री प्रलहाद जोशी एवं केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ एक अहम् बैठक में यह बात सबने कही।
सारंडा में पर्यावरण अनुकूल खनन को लेकर अनुशंसा जल्द
बैठक में सारंडा क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल खनन और विकास को लेकर आईसीएफआरआई देहरादून, आईआईटी खड़कपुर तथा आईएसएम धनबाद की एक संयुक्त टीम, जिसमें केंद्र सरकार के इन विभागों के आला अधिकारी व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करते हुए एक समिति का गठन का निर्णय लिया गया है जो इन सभी मुद्दों पर संपूर्णता से विचार करते हुए अपनी अनुशंसा एक निर्धारित समय सीमा पर केंद्र सरकार को सौंपेगी।
बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने का दिया प्रस्ताव
बैठक में बोकारो में स्टील कलस्टर बनाए जाने के राज्य के सुझाव पर भी केंद्र सरकार ने सकारात्मक पहल की है। साथ ही पर्यावरण संबंधी मामलों में एनजीटी के प्रावधानों एवं दिया संबंधी मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य स्तर पर सिया के माध्यम से क्लीयरेंस में स्पष्टता व तय समय सीमा में निष्पादन हेतु केंद्र सरकार मार्गदर्शन देगी। बैठक में सारंडा के आयरन अयस्क के ब्लॉक से संबंधित मामलों पर राज्य सरकार एवं इस संबंध में दिए गए तकनीकी परामर्शों के अनुकूल कार्य करने का निर्णय लिया गया। जो मामले भारत सरकार से संबंधित है उस पर भारत सरकार पहल करते हुए तय समय में मार्गदर्शन देगी।
रेल के माध्यम से कोयला के परिवहन करने के लिए लेना पड़ेगा ट्रांजिट चालान
बैठक में कहा गया कि कोल इंडिया की कंपनियां जो झारखंड में रेल से कोयला का परिवहन करती हैं उन्हें भी राज्य सरकार से निर्धारित ट्रांजिट चालान लेना होगा ताकि राज्य सरकार को कोयला के परिवहन पर सूचना और नियंत्रण हो सके तथा समानुपातिक राजस्व की भी प्राप्ति हो सके।
बैठक में मंत्री वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्री प्रकाश जावेडकर, केन्द्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी एवं केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्र सरकार के विभागीय सचिव, अपर सचिव तथा राज्य सरकार से मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, फारेस्ट हेड श्री संजय कुमार, स्थानिक आयुक्त श्री एम आर मीणा, उद्योग सचिव श्री के रवि कुमार, सचिव अबू बकर सिद्दीख पी, मुख्यमंत्री के आप्त सचिव के पी बालियान व अन्य मौजूद थे।
दिल्ली में नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक
सीएम रघुवर दास ने कहा-
क्लियर, होल्ड और डेवलप नीति की तहत झारखण्ड में हो रहा है काम, हमें अर्द्ध सैनिक बलों की अभी जरूरत है
2014 के बाद नक्सली घटनाओं में 60 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई
14 वर्ष में 22248 किमी सड़क तो 2014 से केवल 5 वर्ष में 22865 किमी ग्रामीण सड़क बनी
नई दिल्ली/रांची। झारखंड में अपनाई गई क्लियर, होल्ड और डेवलप नीति के तहत वर्तमान परिपेक्ष में राज्य को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की नितांत आवश्यकता है। दिसंबर 2014 से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रयास का परिणाम है कि 2015 से 2019 की कुल नक्सली घटनाओं की तुलना 2010 से 2014 के नक्सली घटनाओं से की जाए तो 60 प्रतिशत की कमी परिलक्षित हुई है। नक्सलियों द्वारा आम लोगों को मारे जाने की घटना में एक तिहाई की कमी, जबकि सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में मारे गए नक्सली की संख्या में दोगुनी से भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015 से 2019 के बीच आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या दुगनी हो गई और पुलिस द्वारा नक्सलियों से हथियार की बरामदगी में भी तीन 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्ष ता में नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में कही।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का हो रहा प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बहुआयामी रणनीति के तहत जहां एक तरफ राज्य पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बल लगातार कंधे से कंधा मिलाकर नक्सलवाद के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकार द्वारा फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत राज्य की गरीब एवं आदिवासी जनता को आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए अनेक विकास कार्य कर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
चुनाव में 275 कंपनी बल की जरूरत होगी
श्री दास ने कहा कि निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगभग 275 कंपनी अर्धसैनिक बलों की शांतिपूर्ण चुराए चुनाव कराने के लिए आवश्यकता होगी। इसे मुहैया कराने हेतु मैं गृह मंत्रालय से अनुरोध करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के आभारी है कि झारखंड में जो केंद्रीय अर्ध सैनिक बल उपलब्ध कराए गए हैं वे लगातार झारखंड पुलिस के साथ मिलकर नक्सलियों से जूझ रहे हैं। झारखंड में नक्सलवाद अंतिम पड़ाव पर है। इस समय नक्सलियों पर सुरक्षाबलों द्वारा दबाव बन रहा है। उसके लिए आवश्यक है कि झारखंड में अर्द्ध सैनिक बलों को आने वाले दो-तीन वर्षों तक कमी ना की जाए।
14 वर्ष में 22248 किमी सड़क, 5 वर्ष में 22865 किमी ग्रामीण सड़क
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र क्षेत्र के गांव आज सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं। वहां विकास योजनाएं पहुंच रही हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इन क्षेत्रों में स्थापित पुलिस पिकेट और कैंपो का रहा है, जहां कहीं भी नक्सलियों द्वारा विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा पहुंचाई गई। वहां विकास कार्य सुरक्षा बलों की सहायता से संपन्न कराया गया। 2001 से 2014 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 222418 किलोमीटर सड़क मात्र बनाई गई थी, वहीं विगत 5 वर्षों में 22865 किलोमीटर सड़क बनाई गई। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत दी जानेवाली राशि से उग्रवाद प्रभावित जिलों में काफी तेजी से आधारभूत संरचनाओं एवं विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
2500 से अधिक अवर निरीक्षकों की हुई बहाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अवर निरीक्षक की भारी कमी नक्सल अभियान के सुचारू संचालन में एक मुख्य बाधा थी। क्योंकि पिछले ढाई दशक में मात्र 250 पुलिस अवर निरीक्षकों की बहाली हो पाई थी। वर्तमान सरकार द्वारा 2014 के बाद 2500 से ज्यादा पुलिस अवर निरीक्षकों की बहाली की गई जो अभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उम्मीद है कि इनके प्रशिक्षण के बाद फील्ड में आने से झारखंड पुलिस की कार्यशैली एवं कार्य क्षमता में अतुलनीय वृद्धि होगी।
क्लियर, होल्ड और डेवलप नीति की तहत झारखण्ड में हो रहा है काम, हमें अर्द्ध सैनिक बलों की अभी जरूरत है
2014 के बाद नक्सली घटनाओं में 60 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई
14 वर्ष में 22248 किमी सड़क तो 2014 से केवल 5 वर्ष में 22865 किमी ग्रामीण सड़क बनी
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का हो रहा प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बहुआयामी रणनीति के तहत जहां एक तरफ राज्य पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बल लगातार कंधे से कंधा मिलाकर नक्सलवाद के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकार द्वारा फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत राज्य की गरीब एवं आदिवासी जनता को आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए अनेक विकास कार्य कर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
चुनाव में 275 कंपनी बल की जरूरत होगी
श्री दास ने कहा कि निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगभग 275 कंपनी अर्धसैनिक बलों की शांतिपूर्ण चुराए चुनाव कराने के लिए आवश्यकता होगी। इसे मुहैया कराने हेतु मैं गृह मंत्रालय से अनुरोध करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के आभारी है कि झारखंड में जो केंद्रीय अर्ध सैनिक बल उपलब्ध कराए गए हैं वे लगातार झारखंड पुलिस के साथ मिलकर नक्सलियों से जूझ रहे हैं। झारखंड में नक्सलवाद अंतिम पड़ाव पर है। इस समय नक्सलियों पर सुरक्षाबलों द्वारा दबाव बन रहा है। उसके लिए आवश्यक है कि झारखंड में अर्द्ध सैनिक बलों को आने वाले दो-तीन वर्षों तक कमी ना की जाए।
14 वर्ष में 22248 किमी सड़क, 5 वर्ष में 22865 किमी ग्रामीण सड़क
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र क्षेत्र के गांव आज सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं। वहां विकास योजनाएं पहुंच रही हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इन क्षेत्रों में स्थापित पुलिस पिकेट और कैंपो का रहा है, जहां कहीं भी नक्सलियों द्वारा विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा पहुंचाई गई। वहां विकास कार्य सुरक्षा बलों की सहायता से संपन्न कराया गया। 2001 से 2014 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 222418 किलोमीटर सड़क मात्र बनाई गई थी, वहीं विगत 5 वर्षों में 22865 किलोमीटर सड़क बनाई गई। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत दी जानेवाली राशि से उग्रवाद प्रभावित जिलों में काफी तेजी से आधारभूत संरचनाओं एवं विकास कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
2500 से अधिक अवर निरीक्षकों की हुई बहाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अवर निरीक्षक की भारी कमी नक्सल अभियान के सुचारू संचालन में एक मुख्य बाधा थी। क्योंकि पिछले ढाई दशक में मात्र 250 पुलिस अवर निरीक्षकों की बहाली हो पाई थी। वर्तमान सरकार द्वारा 2014 के बाद 2500 से ज्यादा पुलिस अवर निरीक्षकों की बहाली की गई जो अभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उम्मीद है कि इनके प्रशिक्षण के बाद फील्ड में आने से झारखंड पुलिस की कार्यशैली एवं कार्य क्षमता में अतुलनीय वृद्धि होगी।
अब झारखंड में कांग्रेस की कमान रामेश्वर उरांव के हाथ
रांची। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर उरांव को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ कमलेश महतो, इरफ़ान अंसारी, मान सिन्हा, संजय पासवान, राजेश ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। यह जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है। उल्लेख्य है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार के पद से इस्तीफा देने के बाद यह पद रिक्त पड़ा हुा था। कांग्रेस के वरीय नेता अध्यक्ष की नियुक्ति की लगातार मांग कर रहे थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला खटाई में पड़े होने के कारण झारखंड पर भी कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस के एक खेमे में भारी क्षोभ था। गुटबंदी चरम पर थी। कई बार हिंसक झड़पें भी हुई थीं। अब नए प्रदेश अध्यक्ष पर पार्टी को एकजुट रखने और विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है।
चेंबर की टीम कुणाल ने की पदयात्रा
रांची।आज दिनांक 26 - 8 - 19 को फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की टीम कुणाल ने श्रद्धानंद रोड, कपड़ा पट्टी एवं ओसीसी गली में पदयात्रा की।
पदयात्रा के दौरान टीम ने श्रद्धानंद रोड, कपड़ा पट्टी एवं ओसीसी गली के व्यापारियों के समस्याओं को जाना एवं अधिक से अधिक वोट करने की अपील की |
टीम कुणाल के कुणाल आजमानी ने कहा की, हमारे जीत होने में श्रद्धानंद रोड, कपड़ा पट्टी एवं ओसीसी कंपाउंड की जो भी समस्याएं है उसका समाधान हमलोग करते आये है और आगे भी किया करेंगे |
पदयात्रा में टीम कुणाल से कुणाल आजमानी, अनिल अग्रवाल, अश्विनी राजगढ़िया, धीरज तनेजा, दीनदयाल वर्णवाल, मनीष कुमार सराफ, मुकेश कुमार अग्रवाल, नवजोत अलंग, परेश गट्टानी, प्रवीण जैन छाबड़ा, प्रवीण लोहिया, पूजा ढाढा, राहुल मारू, राहुल साबू, राम बांगर, रोहित अग्रवाल, संजय अखौरी, सुमित जैन, विवेक अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, विमल फोगला थे।
पाला बदलने की तैयारी में कांग्रेस के तीन विधायक!
रांची। कांग्रेस के आठ वर्तमान विधायकों में तीन कभी भी पाला बदल सकते हैं। उनमें बरही विधायक मनोज यादव, लोहरदगा विधायक सुखदेव भगत और पांकी विधायक देवेंद्र सिंह बिट्टू के नाम शामिल हैं। तीनों विधायक भाजपा आलाकमान के संपर्क में बताए जा रहे हैं। एक-दो रोज में इसकी विधिवत घोषणा हो सकती है। यह चर्चा झारखंड में ही नहीं दिल्ली दरबार में भी है। हालांकि विधायकों ने अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं। फिर भी यदि ऐसा हुआ तो कुछ ही माह बाद होने वाले चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर गंभीर असर पड़ेगा।
झारखंड राज्य के गठन से पहले झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति
मोर्चा ही मुख्यधारा की पार्टियां हुआ करती थीं। लेकिन झारखंड राज्य के गठन में
भाजपा की मुख्य भूमिका होने के कारण वह मुख्यधारा में आ गई। आज स्थिति यह है कि
विपक्षी दलों के लिए अपने अस्तित्व की रक्षा करना मुश्किल हो गया है। केंद्र में
मोदी सरकार बनने के बाद ऱाज्य में भाजपा और भी मजबूत हो गई है। पहली बार रघुवर दास
के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार बनी है जो अपना कार्यकाल पूरा करने जा
रही है।
राजनीतिक स्थिरता के कारण इस अवधि में 14 वर्षों से थमा हुआ विकास का
पहिया भी घूमने लगा है। विकास सिर्फ कागजों पर नहीं ज़मीन पर भी दिखने लगा है। इस
बीच कांग्रेस, झामुमो, झाविमो आदि विपक्ष की भूमिका में खरे नहीं उतरे। घिसे-पिटे
मुद्दों पर ही सरकार को घेरने का प्रयास करते रहे। विधायकों को आज की तारीख में
कांग्रेस के अंदर अफना भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है। उन्हें सत्ता का स्वाद
चखने का अवसर मिलने की निकट भविष्य में कोई संभावना नज़र नहीं रही है। लिहाजा अपने राजनीतिक करियर के लिए वे
भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बशर्ते उनकी उम्मीदवारी सुनिश्चित रहने की गारंटी
हो। कांग्रेस ही नहीं झामुमो और झाविमो के भी कई विधायक भाजपा के संपर्क में बताए
जा रहे हैं। चुनाव के पहले काफी फेरबदल की संभावना बनी हुई है।
जर्जर सड़क के जीर्णोद्धार का आश्वासन
जल्द से जल्द दुरुस्त होगी जर्जर सड़क : सहायक अभियंता
त्रिशानु राय ने की पहल
चाईबासा। आशा कुमारी नर्सिंग होम पुलिस लाईन सड़क की जर्जर हालत के चलते राहगीरों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है ।
सड़क पे बने बड़े - बड़े गड्ढो में हमेशा बारिश के पानी जमा रहने से पैदल चलना दूरभर हो गया है ।
जनहित में मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने पथ निर्माण विभाग चाईबासा के सहायाक अभियंता सुनील कुमार रजक से सोमवार मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए यथा शीघ्र उपरोक्त सड़क के मरम्मती करवाने की दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात कही त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता ने कनीय अभियंता शशि मुर्मू को सड़क के भौतिक स्थिति का सत्यापन कर व प्राक्कलन तैयार कर जल्द से जल्द निविदा निकालने का प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा जिसके बाद सड़क में तीव्र गति से मरम्मती का कार्य प्रारंभ की जायेगी । मौके पर पवन विश्वकर्मा , नीरज कुमार झा सहित अन्य उपस्थित थे ।
त्रिशानु राय ने की पहल
चाईबासा। आशा कुमारी नर्सिंग होम पुलिस लाईन सड़क की जर्जर हालत के चलते राहगीरों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है ।
सड़क पे बने बड़े - बड़े गड्ढो में हमेशा बारिश के पानी जमा रहने से पैदल चलना दूरभर हो गया है ।
जनहित में मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता त्रिशानु राय ने पथ निर्माण विभाग चाईबासा के सहायाक अभियंता सुनील कुमार रजक से सोमवार मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए यथा शीघ्र उपरोक्त सड़क के मरम्मती करवाने की दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात कही त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता ने कनीय अभियंता शशि मुर्मू को सड़क के भौतिक स्थिति का सत्यापन कर व प्राक्कलन तैयार कर जल्द से जल्द निविदा निकालने का प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा जिसके बाद सड़क में तीव्र गति से मरम्मती का कार्य प्रारंभ की जायेगी । मौके पर पवन विश्वकर्मा , नीरज कुमार झा सहित अन्य उपस्थित थे ।
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