* बिहार के पटना जिला के बख्तियारपुर थानांतर्गत करनौती ग्राम निवासी जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता भारती सत्येंद्र देव ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक और सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सहित पांच विद्वान न्यायाधीशों की खंडपीठ ने सभी पक्षों और सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस निर्णय ने साबित कर दिया है कि देश की न्याय प्रणाली में सभी धर्मों को समानता से देखा जाता है। मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन भी मिल रही है और रामलला विराजमान के दावे को स्वीकृति भी। अब अयोध्या में मंदिर और मस्जिद का एक साथ निर्माण गंगा-जमुनी संस्कृति को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी समुदाय के लोगों से अपील है कि शांति और सौहार्द्र का माहौल बनाए रखें और उच्चतम न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करें। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब गिलानी ने फैसले का सम्मान करते हुए भी असंतुष्टि जाहिर की है। कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका दर्ज करने का प्रावधान भी दिया है। वे अपील में जा सकते हैं। लेकिन देशवासी इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं। कहीं तनाव का कोई माहौल नहीं है। आम जनजीवन सामान्य है।
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शनिवार, 9 नवंबर 2019
सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक और सराहनीय : भारती सत्येंद्र देव
* बिहार के पटना जिला के बख्तियारपुर थानांतर्गत करनौती ग्राम निवासी जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता भारती सत्येंद्र देव ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक और सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई सहित पांच विद्वान न्यायाधीशों की खंडपीठ ने सभी पक्षों और सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस निर्णय ने साबित कर दिया है कि देश की न्याय प्रणाली में सभी धर्मों को समानता से देखा जाता है। मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन भी मिल रही है और रामलला विराजमान के दावे को स्वीकृति भी। अब अयोध्या में मंदिर और मस्जिद का एक साथ निर्माण गंगा-जमुनी संस्कृति को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी समुदाय के लोगों से अपील है कि शांति और सौहार्द्र का माहौल बनाए रखें और उच्चतम न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करें। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब गिलानी ने फैसले का सम्मान करते हुए भी असंतुष्टि जाहिर की है। कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका दर्ज करने का प्रावधान भी दिया है। वे अपील में जा सकते हैं। लेकिन देशवासी इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं। कहीं तनाव का कोई माहौल नहीं है। आम जनजीवन सामान्य है।
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Modi government ka kam sarahniy nahi balki uchystariy h we are all Indian's sulut to this decision.
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