रांची। झारखंड स्वायत्तशासी परिषद (जैक) की पूर्व पार्षद,समाजसेवी और राजद की कद्दावर नेत्री रानी कुमारी ने झारखंड विकास मोर्चा का दामन थाम लिया है। उन्होंने शुक्रवार को झाविमो सुप्रीमो बाबुलाल मरांडी के समक्ष अपने सैंकड़ों समर्थकों संग झाविमो में शामिल होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया। श्री मरांडी ने रानी समेत उनके सभी समर्थकों का स्वागत किया। इस अवसर पर रानी ने कहा कि झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी के नेतृत्व में नवोदित राज्य झारखंड में विकास गति पकड़ रहा था, लेकिन अवसरवादी और स्वार्थपरक राजनीति के तहत उन्हें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि श्री मरांडी की दूरदर्शी सोच से ही झारखंड का कायाकल्प संभव है। झाविमो का पूरे झारखंड में जनाधार है। पार्टी के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है। जनहित में झाविमो सुप्रीमो श्री मरांडी ने कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जो मील का पत्थर साबित हुए हैं। इस अवसर पर हीरा शाहदेव, अनिता सिंह, सुचित्रा देवी, सरोज कुजूर, आशारानी खलखो, फूलमनी बारला, दीपिका चौरसिया, सरिता देवी, चिंतामणी देवी,बबली देवी,अजय कुमार, शुभम कुमार, ललिता देवी, हरिदास सहित काफी संख्या में रानी के समर्थक मौजूद थे।
यह ब्लॉग खोजें
शुक्रवार, 8 नवंबर 2019
रानी कुमारी ने राजद छोड़ा, झाविमो में शामिल
रांची। झारखंड स्वायत्तशासी परिषद (जैक) की पूर्व पार्षद,समाजसेवी और राजद की कद्दावर नेत्री रानी कुमारी ने झारखंड विकास मोर्चा का दामन थाम लिया है। उन्होंने शुक्रवार को झाविमो सुप्रीमो बाबुलाल मरांडी के समक्ष अपने सैंकड़ों समर्थकों संग झाविमो में शामिल होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया। श्री मरांडी ने रानी समेत उनके सभी समर्थकों का स्वागत किया। इस अवसर पर रानी ने कहा कि झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी के नेतृत्व में नवोदित राज्य झारखंड में विकास गति पकड़ रहा था, लेकिन अवसरवादी और स्वार्थपरक राजनीति के तहत उन्हें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि श्री मरांडी की दूरदर्शी सोच से ही झारखंड का कायाकल्प संभव है। झाविमो का पूरे झारखंड में जनाधार है। पार्टी के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है। जनहित में झाविमो सुप्रीमो श्री मरांडी ने कई ऐसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जो मील का पत्थर साबित हुए हैं। इस अवसर पर हीरा शाहदेव, अनिता सिंह, सुचित्रा देवी, सरोज कुजूर, आशारानी खलखो, फूलमनी बारला, दीपिका चौरसिया, सरिता देवी, चिंतामणी देवी,बबली देवी,अजय कुमार, शुभम कुमार, ललिता देवी, हरिदास सहित काफी संख्या में रानी के समर्थक मौजूद थे।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
आम पाठक को रोचक पाठ्य सामग्री से मतलब होता है। उसे इससे कोई फर्क नहीं प़ड़ता कि उसका रचनाकार कौन है। एक जमाना था जब लेखक ताड़पत्र पर ल...
-
(भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं. इसकी एक बानगी झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में देखने को मिलती है. हाई कोर्...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...
-
19 मई को को कैट ने आईजी निर्मला अमिताभ चौधरी को अवमानना का दोषी करार देते हुए 15 दिनों के कारावास की सजा सुनाई है. उनके विरुद्ध वारंट भ...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें