रांची। शिव शिष्य हरीन्द्रानंद ने नववर्ष पर शुभकामना संदेश जारी करते हुए
कहा है कि नववर्ष के मंगल प्रभात में विगत को विदाई, आगत का स्वागत। हर व्यक्ति
शिव की ओर चले। जीवन का हर पल शिवमय हो, सुवासित हो, संपूर्ण मानवता खुशियों के
फूलों से सुगंधित हो जाए। हम प्रकृति के पोषक बनें। पर्यावरण के संग चलें और
प्रदूषण के खिलाफ जंग का आगाज़ करें। प्राणी मात्र की सेवा और सुरक्षा हमारा
संकल्प हो। वृक्षों को अपना परिजन समझने की मानसिकता के साथ मानवता के कल्याण के
लिए हमें आगे आना होगा। जल और जंगल बचाना होगा। इस दिशा में जन-जागरण करना होगा।
भगवान शिव की शिष्यता हमारी आधारशिला हो। यही कामना सभी के लिए संप्रेषित हो।
यह ब्लॉग खोजें
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह जी के साथ संजय शाश्वत की एक मुलाक़ात -------------------------------------------------------------------- साल भर ...
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
● मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बेरमो में पिचड़ी कोयला खदान, सीसीएल के 150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कि...
-
आरा हाऊस( वीर कुंवर सिंह संग्रहालय), आरा, बिहार कुछ इमारतें जन क्रांति की मौन गवाह होती हैं. इतिहास का एक पूरा अध्याय इनमे अंकि...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें