मुख्यमंत्री रघुवर दास वादे के साथ साथ समय के भी काफी पाबंद हैं। चक्रधरपुर अनुमंडल में गोइलकेरा से प्रारंभ होकर चक्रधरपुर में समापन जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा दोपहर ठीक ढाई बजे चक्रधरपुर मुख्य मार्ग में पदयात्रा करते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री की सादगी देखते बनी। लोगों के साथ जिस सहज भाव से सीधे संबंध स्थापित किया वह एक दृष्टांत बन गया। सड़क के किनारे खड़े विशाल जनसमूह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस क्रम में उपायुक्त अरवा राजकमल, उपविकास आयुक्त आदित्य रंजन, सदर डी एस पी अमर पांडेय, चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी पारितोष ठाकुर, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप प्रसाद, चक्रधरपुर अंचल अधिकारी अमर जॉन आईंद, चक्रधरपुर नगर परिषद के पदाधिकारी महेन्द्र राम भी उपस्थित रहे ।चक्रधरपुर ओवर ब्रिज निर्माण के पश्चात यह पहला अवसर है कि जब मुख्यमंत्री रघुवर दास व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ओवर ब्रिज पर चढ़े गौरतलब हो कि पैंतीस वर्षों के पश्चात यह ओवर ब्रिज निर्माण कार्य पूरा हुआ है ।
यह ब्लॉग खोजें
रविवार, 13 अक्टूबर 2019
सादगी और सहजता की मिसाल बनी जोहार जन आशीर्वाद यात्रा
मुख्यमंत्री रघुवर दास वादे के साथ साथ समय के भी काफी पाबंद हैं। चक्रधरपुर अनुमंडल में गोइलकेरा से प्रारंभ होकर चक्रधरपुर में समापन जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा दोपहर ठीक ढाई बजे चक्रधरपुर मुख्य मार्ग में पदयात्रा करते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री की सादगी देखते बनी। लोगों के साथ जिस सहज भाव से सीधे संबंध स्थापित किया वह एक दृष्टांत बन गया। सड़क के किनारे खड़े विशाल जनसमूह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस क्रम में उपायुक्त अरवा राजकमल, उपविकास आयुक्त आदित्य रंजन, सदर डी एस पी अमर पांडेय, चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी पारितोष ठाकुर, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप प्रसाद, चक्रधरपुर अंचल अधिकारी अमर जॉन आईंद, चक्रधरपुर नगर परिषद के पदाधिकारी महेन्द्र राम भी उपस्थित रहे ।चक्रधरपुर ओवर ब्रिज निर्माण के पश्चात यह पहला अवसर है कि जब मुख्यमंत्री रघुवर दास व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ओवर ब्रिज पर चढ़े गौरतलब हो कि पैंतीस वर्षों के पश्चात यह ओवर ब्रिज निर्माण कार्य पूरा हुआ है ।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
वे बचपन के दिन थे ....मोहल्ले में दो बच्चों की मौत होने के बाद काना-फूसी शुरू हो गयी और एक बूढी विधवा को 'डायन' करार दिया गया....
-
कई साल पहले की बात है ...शायद बी. एस सी. कर रही थी ..मेरी आँखों में कुछ परेशानी हुई तो डोक्टर के पास गयी..वहां नेत्रदान का पोस्टर लगा द...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...
-
शहरी इलाके की प्राइम लोकेशन पर बसी स्लम बस्ती. उसपर भू-माफिया की गिद्धदृष्टि. उसे खाली कराने के लिए इलाके के सबसे बड़े माफिया डान के साथ कर...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें