चक्रधरपुर। मुंबई हावड़ा मेल दुर्घटना होने से बाल-बाल तो ट्रेन बची लेकिन ऐसा होने के कारणों की जांच हो रही है। कहीं इसमें इसमें रेलवे की लापरवाही तो नहीं थी। एसएलआर बोगी में क्षमता से अधिक लोड था, पार्सल या बोगी में कुछ खराबी थी इसपर मेकेनिकल डिपार्टमेंट अपना पल्ला झाड़ते हुए कह रहा है कि क्षमता से अधिक माल बोगी में लोड था वहीं वाणिज्य डिपार्टमेंट का कहना है की बोगी काफी पुराना हो गया था इसलिए एसएलआर बोगी का पिछला हिस्सा बैंड वा क्रेक हो गया ।दोनों डिपार्टमेंट एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं जबकि चक्रधरपुर रेल मंडल के वरीय वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क पदाधिकारी मनीष कुमार पाठक ने कहा कि पूरे मामले की जांच संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। मुंबई मेल के सभी एसएलआर बोगी को रेलवे द्वारा लीज पर निजी कंपनियों को दे दी गई है एस एल आर बोगी के एक भाग को साईंनाथ कार्बो कोलकाता और दूसरे भाग को के के फॉरवर्डिंग नई दिल्ली की कंपनी को दी गई है एसएलआर बोगी के एक भाग की क्षमता करीब 4 टन होता है और दोनों एसएलआर का भार क्षमता 8 टन था जबकि अनुमान के तहत उक्त एसएलआर में 430 से 440 नग माल लोड था जिसकी अनुमानित क्षमता लगभग बीस टन थी मौके पर पहुंचे डीसीएम अर्जुन मजूमदार ने भी माना कि में क्षमता से अधिक माल लोड था साथ ही पार्सल बोगी पुरानी थी जिसके कारण यह हादसा हुआ है।
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गुरुवार, 27 जून 2019
मुंबई हावड़ा मेल प्रकरण की जांच संयुक्त टीम के हवाले
चक्रधरपुर। मुंबई हावड़ा मेल दुर्घटना होने से बाल-बाल तो ट्रेन बची लेकिन ऐसा होने के कारणों की जांच हो रही है। कहीं इसमें इसमें रेलवे की लापरवाही तो नहीं थी। एसएलआर बोगी में क्षमता से अधिक लोड था, पार्सल या बोगी में कुछ खराबी थी इसपर मेकेनिकल डिपार्टमेंट अपना पल्ला झाड़ते हुए कह रहा है कि क्षमता से अधिक माल बोगी में लोड था वहीं वाणिज्य डिपार्टमेंट का कहना है की बोगी काफी पुराना हो गया था इसलिए एसएलआर बोगी का पिछला हिस्सा बैंड वा क्रेक हो गया ।दोनों डिपार्टमेंट एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं जबकि चक्रधरपुर रेल मंडल के वरीय वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क पदाधिकारी मनीष कुमार पाठक ने कहा कि पूरे मामले की जांच संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। मुंबई मेल के सभी एसएलआर बोगी को रेलवे द्वारा लीज पर निजी कंपनियों को दे दी गई है एस एल आर बोगी के एक भाग को साईंनाथ कार्बो कोलकाता और दूसरे भाग को के के फॉरवर्डिंग नई दिल्ली की कंपनी को दी गई है एसएलआर बोगी के एक भाग की क्षमता करीब 4 टन होता है और दोनों एसएलआर का भार क्षमता 8 टन था जबकि अनुमान के तहत उक्त एसएलआर में 430 से 440 नग माल लोड था जिसकी अनुमानित क्षमता लगभग बीस टन थी मौके पर पहुंचे डीसीएम अर्जुन मजूमदार ने भी माना कि में क्षमता से अधिक माल लोड था साथ ही पार्सल बोगी पुरानी थी जिसके कारण यह हादसा हुआ है।
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