चाईबासा। कोल्हान के लोकप्रिय आयुक्त विजय कुमार सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा 2002 बैच के अधिकारी है श्री सिंह इससे पूर्व सिमडेगा के लोकप्रिय उपायुक्त के रूप मे पद स्थापित रह चुके है श्री सिंह का जब उपायुक्त के रुप मे तबादला हुआ तब इनके तबादले के विरोध मे सिमडेगा जिला बंद रहा था इससे इनकी लोकप्रियता औऱ जिला वासियों के साथ स्नेह का जुडाव और लगाव प्रदर्शित होता है श्री सिंह निबधक सहयोग समिति के रजिस्टर एवं मानरेगा आयुक्त भी रह चुके है विजय कुमार सिंह ने कोल्हान आयुक्त के रुप मे 11 जून को इनके योगदान देने के पश्चात से तीनो जिले पूर्वी सिंहभूम पश्चिम सिंहभूम व सराईकेला तीनों जिले मे विकास की निरंतर समीक्षा बैठक का यह परिणाम है राज के पांचवें प्रमंडल के रूप मे अपनी पहचान बनाया है। श्री सिंह बिहार के सीवान जिला के रहने वाले है इनके पिता वासुदेव नारायण सिंह चक्रधरपुर थाना के इंस्पेक्टर रह चुके है आयुक्त ने अपनी पुरानी बातों को सांझा करते हुये कहा कि पिता के पद स्थापना काल मे चक्रधरपुर आया करते थे तथा विश्व प्रख्यात बॉडी बिल्डर मनोहर आईच का कार्यक्रम देखने के अलावा चक्रधरपुर चलचित्र गृह मे सिनेमा देखने का लुफ्त उठाया है उनके पिता के चक्रधरपुर पश्चात घाटशिला मे पद स्थापित हुये थे
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गुरुवार, 27 जून 2019
लोकप्रिय अधिकारी रहे हैं कोल्हन आयुक्त विजय कुमार सिंह
चाईबासा। कोल्हान के लोकप्रिय आयुक्त विजय कुमार सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा 2002 बैच के अधिकारी है श्री सिंह इससे पूर्व सिमडेगा के लोकप्रिय उपायुक्त के रूप मे पद स्थापित रह चुके है श्री सिंह का जब उपायुक्त के रुप मे तबादला हुआ तब इनके तबादले के विरोध मे सिमडेगा जिला बंद रहा था इससे इनकी लोकप्रियता औऱ जिला वासियों के साथ स्नेह का जुडाव और लगाव प्रदर्शित होता है श्री सिंह निबधक सहयोग समिति के रजिस्टर एवं मानरेगा आयुक्त भी रह चुके है विजय कुमार सिंह ने कोल्हान आयुक्त के रुप मे 11 जून को इनके योगदान देने के पश्चात से तीनो जिले पूर्वी सिंहभूम पश्चिम सिंहभूम व सराईकेला तीनों जिले मे विकास की निरंतर समीक्षा बैठक का यह परिणाम है राज के पांचवें प्रमंडल के रूप मे अपनी पहचान बनाया है। श्री सिंह बिहार के सीवान जिला के रहने वाले है इनके पिता वासुदेव नारायण सिंह चक्रधरपुर थाना के इंस्पेक्टर रह चुके है आयुक्त ने अपनी पुरानी बातों को सांझा करते हुये कहा कि पिता के पद स्थापना काल मे चक्रधरपुर आया करते थे तथा विश्व प्रख्यात बॉडी बिल्डर मनोहर आईच का कार्यक्रम देखने के अलावा चक्रधरपुर चलचित्र गृह मे सिनेमा देखने का लुफ्त उठाया है उनके पिता के चक्रधरपुर पश्चात घाटशिला मे पद स्थापित हुये थे
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