चक्रधरपुर।अमरनाथ यात्रा की पहली जत्था चक्रधरपुर से 22 सदस्य टीम गुरुवार को अभिमल मुखी की देखरेख में चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से उत्कल एक्सप्रेस मे रवाना हुई।कपाट खुलने की तिथि एक जुलाई को है उसी दिन दर्शन है।अभिमल मुखी की टीम 16 वर्षों से अमरनाथ यात्रा करते आए हैं। अमरनाथ यात्रा के बाद ये सभी वैष्णो देवी तथा लेह लद्दाख के पनगोना झील जाएंगे। चक्रधरपुर से अमरनाथ यात्रा की पहली जत्था में जाने वाले 22 सदस्यों का नाम इस प्रकार है धनंजय कुमार, देवेन मंडल, अभीमल मुखी ,बीसी महापात्रा, सुभाष मुखी, धीरज मुखी , पुरेन पूर्ति, विकास कारवां, गणेश मुखी ,आर चटर्जी, संजय कुमार प्रसाद ,संजीव मुखी, उपेंद्र कुमार, पूजा कुमारी ,अश्विनी मुखी, मोहन मुखी, सूरज कुमार शर्मा ,पीएस भट्टाचार्जी ,मंटू कुमार, टूशान मंडल, आदित्य मंडल ,श्यामलाल मिस्त्री।
यह ब्लॉग खोजें
शुक्रवार, 28 जून 2019
चक्रधरपुर से अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना
चक्रधरपुर।अमरनाथ यात्रा की पहली जत्था चक्रधरपुर से 22 सदस्य टीम गुरुवार को अभिमल मुखी की देखरेख में चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से उत्कल एक्सप्रेस मे रवाना हुई।कपाट खुलने की तिथि एक जुलाई को है उसी दिन दर्शन है।अभिमल मुखी की टीम 16 वर्षों से अमरनाथ यात्रा करते आए हैं। अमरनाथ यात्रा के बाद ये सभी वैष्णो देवी तथा लेह लद्दाख के पनगोना झील जाएंगे। चक्रधरपुर से अमरनाथ यात्रा की पहली जत्था में जाने वाले 22 सदस्यों का नाम इस प्रकार है धनंजय कुमार, देवेन मंडल, अभीमल मुखी ,बीसी महापात्रा, सुभाष मुखी, धीरज मुखी , पुरेन पूर्ति, विकास कारवां, गणेश मुखी ,आर चटर्जी, संजय कुमार प्रसाद ,संजीव मुखी, उपेंद्र कुमार, पूजा कुमारी ,अश्विनी मुखी, मोहन मुखी, सूरज कुमार शर्मा ,पीएस भट्टाचार्जी ,मंटू कुमार, टूशान मंडल, आदित्य मंडल ,श्यामलाल मिस्त्री।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
आम पाठक को रोचक पाठ्य सामग्री से मतलब होता है। उसे इससे कोई फर्क नहीं प़ड़ता कि उसका रचनाकार कौन है। एक जमाना था जब लेखक ताड़पत्र पर ल...
-
(भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं. इसकी एक बानगी झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में देखने को मिलती है. हाई कोर्...
-
कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...
-
19 मई को को कैट ने आईजी निर्मला अमिताभ चौधरी को अवमानना का दोषी करार देते हुए 15 दिनों के कारावास की सजा सुनाई है. उनके विरुद्ध वारंट भ...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें