रांची। विश्व ब्राह्मण संघ की एक बैठक होटल जेनिस्टेन रांची मैं अपराहन 3:00 बजे से हुई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने की। बैठक में ध्वनि मत से देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के निर्णय की सराहना की गई। इससे सबों को शिक्षा सुलभ हुई है। यहां के विद्यार्थी दरभंगा या बनारस संस्कृत पढ़ने जाते थे खर्च भी अब कम होगा कम खर्च में अच्छी शिक्षा डिग्री हासिल होगी जिस तरह बीएचयू की स्थापना से काशी का महत्व बढ़ा उसी तरह बाबा नगरी को भी इसकी आवश्यकता थी। इससे अध्यात्म का क्षेत्र और विकसित होगा। विश्व ब्राह्मण संघ की मांग पूरी हुई है। इससे राज्य के ब्राह्मणों को उनके सनातन धर्म एवं संस्कृति की रक्षा में मदद मिलने की उम्मीद जगी है। झारखंड विधानसभा में जो निर्णय लिया गया संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापना की और इस संबंध में जो विधेयक पास किया गया इस पुनीत कार्य के लिए मुख्यमंत्री माननीय रघुवर दास जी तथा झारखंड सरकार के सभी उच्चाधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई साथ ही इस कार्य हेतु लगे रहे संघर्षरत हमारे सांसद विधायक और जनप्रतिनिधि सभी को साधुवाद इन सबों के प्रयास से ही संभव हो पाया है। विश्व ब्राह्मण संघ सब का धन्यवाद करता है आज की इस बैठक में मुख्य रूप से रामदेव पांडे, दिव्य ज्ञान जी महाराज, नाग प्रेमी , राजा दुबे ,पवन पांडे ,अनिरुद्ध तिवारी, राजेश तिवारी ,बैजनाथ पांडे ,मदन मोहन झा नितेश तिवारी संजीव चौधरी श्याम झा वीरेंद्र त्रिपाठी संतोष पाठक आदि मौजूद थे।
यह ब्लॉग खोजें
शुक्रवार, 26 जुलाई 2019
देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय से विश्व ब्राह्मण संघ को हर्ष
रांची। विश्व ब्राह्मण संघ की एक बैठक होटल जेनिस्टेन रांची मैं अपराहन 3:00 बजे से हुई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने की। बैठक में ध्वनि मत से देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के निर्णय की सराहना की गई। इससे सबों को शिक्षा सुलभ हुई है। यहां के विद्यार्थी दरभंगा या बनारस संस्कृत पढ़ने जाते थे खर्च भी अब कम होगा कम खर्च में अच्छी शिक्षा डिग्री हासिल होगी जिस तरह बीएचयू की स्थापना से काशी का महत्व बढ़ा उसी तरह बाबा नगरी को भी इसकी आवश्यकता थी। इससे अध्यात्म का क्षेत्र और विकसित होगा। विश्व ब्राह्मण संघ की मांग पूरी हुई है। इससे राज्य के ब्राह्मणों को उनके सनातन धर्म एवं संस्कृति की रक्षा में मदद मिलने की उम्मीद जगी है। झारखंड विधानसभा में जो निर्णय लिया गया संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापना की और इस संबंध में जो विधेयक पास किया गया इस पुनीत कार्य के लिए मुख्यमंत्री माननीय रघुवर दास जी तथा झारखंड सरकार के सभी उच्चाधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई साथ ही इस कार्य हेतु लगे रहे संघर्षरत हमारे सांसद विधायक और जनप्रतिनिधि सभी को साधुवाद इन सबों के प्रयास से ही संभव हो पाया है। विश्व ब्राह्मण संघ सब का धन्यवाद करता है आज की इस बैठक में मुख्य रूप से रामदेव पांडे, दिव्य ज्ञान जी महाराज, नाग प्रेमी , राजा दुबे ,पवन पांडे ,अनिरुद्ध तिवारी, राजेश तिवारी ,बैजनाथ पांडे ,मदन मोहन झा नितेश तिवारी संजीव चौधरी श्याम झा वीरेंद्र त्रिपाठी संतोष पाठक आदि मौजूद थे।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
रांची। राष्ट्रीय विकलांग मंच के एक आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से औपचारिक मुलाक़ात क...
-
देवंद्र गौतम रांची। रांची के महंगे अस्पतालों में एक मेडिका क बार फिर गलत इलाज को लेकर चर्चे में है। एक मरीज की मौत के बाद उसक...
-
● मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बेरमो में पिचड़ी कोयला खदान, सीसीएल के 150 करोड़ एवं राज्य सरकार की 228 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कि...
-
★ आयुष फार्मासिस्ट संवर्ग के नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त के विनियमन करने के लिए झारखंड आयुष फार्मासिस्ट संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें