रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2013-14 में 118 थी, जो 2017-18 में घटकर 73 हो गई है। रेल दुर्घटनाओं की संख्या का वर्षवार ब्यौरा :
2009-10 से 2013-14 के दौरान तुलनात्मक औसत वार्षिक पूंजीगत परिव्यय, 2014-15 से 2017-18 के दौरान तुलनात्मक औसत वार्षिक पूंजीगत परिव्यय :
करोड़ रुपये में
करोड़ रुपये में
*
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यह ब्लॉग खोजें
शुक्रवार, 20 जुलाई 2018
रेल दुर्घटनाओं की संख्या में आई कमी
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
-
गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
-
मनोहरपुर। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय कायम करना समय की मांग है। लेकिन कम ही अधिकारी यह समायोजन कर पाते हैं। लेकिन सजग और कर्तव्य...
-
* जनता के चहेते जनप्रतिनिधि थे पप्पू बाबू : अरुण कुमार सिंह बख्तियारपुर / पटना : पूर्व विधायक व प्रखर राजनेता स्व.भुवनेश्वर प्रसाद ...
-
रांची। उपायुक्त,रांची श्री राय महिमापत रे की अध्यक्षता में समाहरणालय,ब्लाॅक-ए के कमरा संख्या-207 में समेकित जनजाति विकास ...
-
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें