हजारीबाग। सदर अस्पताल हजारीबाग के ट्राऔमा सेंटर की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यह बात आज सुबह सोशल मीडिया ग्रुप हमीन के फाईनेस्ट सिटी की कोर टीम के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सदर अस्पताल ट्रामा सेंटर का जायजा लिया तो वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक मालूम हुई। बोन फ्रैक्चर के कई ऐसे मरीज मिले जो इलाज के लिए कल से चक्कर काट रहे थे। संबंधित स्टाफ से इस स्थिति के बारे में कारण जानने पर यह बताया गया कि यहां स्टाफ की बहुत कमी है। निरीक्षण के दौरान मरिजों को संतावना देते स्टाफ भी वहां से नदारद हो गए। इस ओर सभी का ध्यान आकृष्ट करते हुए इस बात का गहन मंथन करना जरुरी है कि क्या ऐसी स्थिति में ट्रौमा सेंटर का क्या औचित्य है। जब जिला अस्पताल की स्थिति ऐसी है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की क्या स्थिति होगी।मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का आखिर कब अंत होगा?
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मंगलवार, 31 जुलाई 2018
यहां मरीजों की जान से होता है खिलवाड़
हजारीबाग। सदर अस्पताल हजारीबाग के ट्राऔमा सेंटर की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यह बात आज सुबह सोशल मीडिया ग्रुप हमीन के फाईनेस्ट सिटी की कोर टीम के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सदर अस्पताल ट्रामा सेंटर का जायजा लिया तो वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक मालूम हुई। बोन फ्रैक्चर के कई ऐसे मरीज मिले जो इलाज के लिए कल से चक्कर काट रहे थे। संबंधित स्टाफ से इस स्थिति के बारे में कारण जानने पर यह बताया गया कि यहां स्टाफ की बहुत कमी है। निरीक्षण के दौरान मरिजों को संतावना देते स्टाफ भी वहां से नदारद हो गए। इस ओर सभी का ध्यान आकृष्ट करते हुए इस बात का गहन मंथन करना जरुरी है कि क्या ऐसी स्थिति में ट्रौमा सेंटर का क्या औचित्य है। जब जिला अस्पताल की स्थिति ऐसी है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की क्या स्थिति होगी।मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का आखिर कब अंत होगा?
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