रांची। पोषण सखी सह पोषण परामर्शी के निकले विज्ञापन में दिव्यांग जनों को अलग से अंक एवं प्राथमिकता देने की बात का उल्लेख नहीं था जिस से लेकर झारखंड विकलांग मंच के सचिव नरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वर्ष 2016 के तत्कालीन महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मुखमीत सिंह भाटिया एवं राज्य निशक्तता आयुक्त सतीश चंद्रा से मिलकर अधिसूचना में संशोधन करने की मांग रखी थी परिणाम स्वरुप कैबिनेट ने एक अधिसूचना जारी कर दिव्यांग जनों के लिए मेधा सूची में 10 अंक एवं प्राथमिकता देने की निर्देश जारी किया जिसके उपरांत बहुत सारे दिव्यांग महिलाओं का नियुक्ति भी हुआ लेकिन इटखोरी एवं गिद्धौर में दिव्यांग महिलाओं के साथ भेदभाव किया गया जिस मुद्दे को लेकर झारखंड विकलांग मंच लगातार वकालत कर रहा था परिणाम स्वरुप उक्त केंद्रों पर हुए नियुक्ति को राज निशक्तता आयुक्त ने संदिग्ध करार देते हुए रद्द कर 24 सितंबर 2018 तक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है इसके लिए झारखंड विकलांग मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने राज्य निशक्तता आयुक्त के प्रति आभार प्रकट किया है
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