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स्वर्ण जयंती वर्ष का झारखंड : समृद्ध धरती, बदहाल झारखंडी
झारखंड स्थापना दिवस पर विशेष स्वप्न और सच्चाई के बीच विस्थापन, पलायन, लूट और भ्रष्टाचार की लाइलाज बीमारी काशीनाथ केवट 15 नवम्बर 2000 -वी...
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वे बचपन के दिन थे ....मोहल्ले में दो बच्चों की मौत होने के बाद काना-फूसी शुरू हो गयी और एक बूढी विधवा को 'डायन' करार दिया गया....
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गरीबों के मसीहा संत शिरोमणि श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के द्वारा संचालित रांची की सुप्रसिद्ध समाज...
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कई दिनों की बारिश के बाद बादल एकदम चुप से थे..न गरजना न बरसना ... ठंडी हवाएं जरुर रह-रह कर सहला जाती थी...धूली, निखरी प्रकृति की सुन्...
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कई साल पहले की बात है ...शायद बी. एस सी. कर रही थी ..मेरी आँखों में कुछ परेशानी हुई तो डोक्टर के पास गयी..वहां नेत्रदान का पोस्टर लगा द...
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शहरी इलाके की प्राइम लोकेशन पर बसी स्लम बस्ती. उसपर भू-माफिया की गिद्धदृष्टि. उसे खाली कराने के लिए इलाके के सबसे बड़े माफिया डान के साथ कर...

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