रांची। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि राजधानी में चिकेनगुनिया और डेंगू महामारी का रूप लेता जा रहा है और सरकार का स्वास्थ्य विभाग और रांची नगर निगम उदासीन है। शहर के विभिन्न मुहल्ले में गंदगी का अंबार है। नगर निगम के आयुक्त विदेश की सैर करने चले गए हैं। श्री सहाय ने कहा कि नगर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई है। नगर निगम के नगर आयुक्त ने अपनी मनमानी करते हुए नियमविरुद्ध निगम के स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी के अधिकारों में कटौती कर अपने चहेते अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बांट दिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बजाय जनता को नुकसान हो रहा है । उन्होंने कहा कि निगम बोर्ड की बैठक की अनुमति के बिना नगर आयुक्त ने मनमर्जी से स्वास्थ्य पदाधिकारी के अधिकारों में कटौती कर दिया है। इस मामले मे नगर विकास विभाग के मंत्री और नगर निगम की मेयर का हस्तक्षेप नहीं करना भी सवालों के घेरे मे है। उन्होंने कहा कि शहर में महामारी फैल रही है। कई मुहल्ले प्रभावित हैं और नगर आयुक्त विदेश का सैर सपाटे पर हैं। वाह री सरकार! नगर निगम के सक्षम पदाधिकारी को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर उनके अधिकारों में कटौती करना नगर आयुक्त के मानसिक दिवालियापन का परिचायक है। इस मामले मे श्री सहाय ने कहा कि नगर विकास विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने शहर के सभी मुहल्लों मे शिविर लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की दिशा मे सरकार ठोस कदम उठाए।
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शुक्रवार, 10 अगस्त 2018
शहर में महामारी और नगर आयुक्त विदेश भ्रमण परः सुबोधकांत
रांची। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि राजधानी में चिकेनगुनिया और डेंगू महामारी का रूप लेता जा रहा है और सरकार का स्वास्थ्य विभाग और रांची नगर निगम उदासीन है। शहर के विभिन्न मुहल्ले में गंदगी का अंबार है। नगर निगम के आयुक्त विदेश की सैर करने चले गए हैं। श्री सहाय ने कहा कि नगर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई है। नगर निगम के नगर आयुक्त ने अपनी मनमानी करते हुए नियमविरुद्ध निगम के स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी के अधिकारों में कटौती कर अपने चहेते अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच बांट दिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बजाय जनता को नुकसान हो रहा है । उन्होंने कहा कि निगम बोर्ड की बैठक की अनुमति के बिना नगर आयुक्त ने मनमर्जी से स्वास्थ्य पदाधिकारी के अधिकारों में कटौती कर दिया है। इस मामले मे नगर विकास विभाग के मंत्री और नगर निगम की मेयर का हस्तक्षेप नहीं करना भी सवालों के घेरे मे है। उन्होंने कहा कि शहर में महामारी फैल रही है। कई मुहल्ले प्रभावित हैं और नगर आयुक्त विदेश का सैर सपाटे पर हैं। वाह री सरकार! नगर निगम के सक्षम पदाधिकारी को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर उनके अधिकारों में कटौती करना नगर आयुक्त के मानसिक दिवालियापन का परिचायक है। इस मामले मे श्री सहाय ने कहा कि नगर विकास विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने शहर के सभी मुहल्लों मे शिविर लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की दिशा मे सरकार ठोस कदम उठाए।
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