रांची। झारखंड विकास मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि विदेशी घुसपैठियों के नाम पर भाजपा केवल गंदी राजनीति कर रही है। विदेशी घुसपैठ मामले में भाजपा की नीयत संदेहात्मक है। जनमुद्दों, राफेल घोटाला व अपने चार वर्षो की नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा इस मसले को महज हवा देकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकनें व चमकाने का काम कर रही है। दरअसल इस मसले पर भाजपा को कुछ करना ही नहीं है। वर्ष 2005-13 तक तत्कालीन यूपीए सरकार ने लगभग 82 हजार विदेशी घुसपैठियों को देश से निकाला था जबकि देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने व झूठा ढ़ोल पीटने वाली भाजपा की सरकार के कार्यकाल में 2014-18 तक पिछले चार वर्षो में महज 1826 घुसपैठियों को ही देश से निकाला जा सका है। इस मसले पर भाजपा के दोहरे चरित्र को एक और ज्वलंत उदाहरण गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट लगाकर बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करने वाले मामले से समझा जा सकता है। एक तरफ भाजपा वाले बांग्लादेशियों के प्यार में इस कदर अंधे हैं कि अडाणी पावर प्लांट के लिए जबरन गरीब-किसानों की हजारों एकड़ जमीन लेने के लिए कानून तक को लचीला कर रहे हैं और दूसरी ओर देशवासियों व झारखंडवासियों को बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर गुमराह भी कर रहे हैं। एक साथ मुहब्बत व जंग का इससे नायाब उदाहरण भाजपा के सिवा किसी और के पास मिल ही नहीं सकता है। पिछले चार साल से भाजपा को यह मुद्दा नजर नहीं आया, 2019 चुनाव को देखते हुए भाजपा के लोग फिर से घड़ियाली आंसू बहाने शुरू कर दिये हैं। परंतु अब ऐसा नहीं चलेगा, जनता सब समझ चुकी है। भारत का भला कौन नागरिक चाहेगा कि उनके मुल्क में किसी विदेशी नागरिक का घुसपैठ हो, झाविमो भी विदेशी घुसपैठियों की शिनाख्त की घोर पक्षधर है परंतु इसके नाम पर केवल मौकापरस्त राजनीति करने की इजाजत किसी को नहीं है।
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मंगलवार, 7 अगस्त 2018
विदेशी घुसपैठ मामले में भाजपा की नीयत संदेहास्पदः झाविमो
रांची। झारखंड विकास मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि विदेशी घुसपैठियों के नाम पर भाजपा केवल गंदी राजनीति कर रही है। विदेशी घुसपैठ मामले में भाजपा की नीयत संदेहात्मक है। जनमुद्दों, राफेल घोटाला व अपने चार वर्षो की नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा इस मसले को महज हवा देकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकनें व चमकाने का काम कर रही है। दरअसल इस मसले पर भाजपा को कुछ करना ही नहीं है। वर्ष 2005-13 तक तत्कालीन यूपीए सरकार ने लगभग 82 हजार विदेशी घुसपैठियों को देश से निकाला था जबकि देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने व झूठा ढ़ोल पीटने वाली भाजपा की सरकार के कार्यकाल में 2014-18 तक पिछले चार वर्षो में महज 1826 घुसपैठियों को ही देश से निकाला जा सका है। इस मसले पर भाजपा के दोहरे चरित्र को एक और ज्वलंत उदाहरण गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट लगाकर बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करने वाले मामले से समझा जा सकता है। एक तरफ भाजपा वाले बांग्लादेशियों के प्यार में इस कदर अंधे हैं कि अडाणी पावर प्लांट के लिए जबरन गरीब-किसानों की हजारों एकड़ जमीन लेने के लिए कानून तक को लचीला कर रहे हैं और दूसरी ओर देशवासियों व झारखंडवासियों को बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर गुमराह भी कर रहे हैं। एक साथ मुहब्बत व जंग का इससे नायाब उदाहरण भाजपा के सिवा किसी और के पास मिल ही नहीं सकता है। पिछले चार साल से भाजपा को यह मुद्दा नजर नहीं आया, 2019 चुनाव को देखते हुए भाजपा के लोग फिर से घड़ियाली आंसू बहाने शुरू कर दिये हैं। परंतु अब ऐसा नहीं चलेगा, जनता सब समझ चुकी है। भारत का भला कौन नागरिक चाहेगा कि उनके मुल्क में किसी विदेशी नागरिक का घुसपैठ हो, झाविमो भी विदेशी घुसपैठियों की शिनाख्त की घोर पक्षधर है परंतु इसके नाम पर केवल मौकापरस्त राजनीति करने की इजाजत किसी को नहीं है।
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