रांची।: जगन्नाथपुर मेला परिसर में लोगों का उत्साह उमंग और रोमांच चरम पर रहा भगवान श्री जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा के रथों के दर्शन के साथ-साथ लोगों ने मेला का भी आनंद उठाया । कला, संस्कृति,युवा एवं पर्यटन विभाग ने देश के विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृति की प्रस्तुति हेतु विशेष प्रबंध किया है जिसमें झारखंड राज्य के कलाकारों द्वारा गीतों एवं लोक नृत्य की प्रस्तुति के साथ साथ बिहार, पश्चिम बंगाल असम और मणिपुर के कलाकारों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की व्यवस्था की गई है । इस क्रम श्री जगन्नाथ महोत्सव के पहले दिन लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने भोजपुरी और हिंदी गीतों की शानदार प्रस्तुति दी । गणेश वंदना- मंगल के दाता रउआ, बिगड़ी बनाई जी से अपने कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद कई झूमर गीतों की प्रस्तुति की । रांची शहर के नौकरिया जिया जर गईल हमार, हमारा आम अमरैया बड़ा नीक लागेला, सैया तोहरी मड़ईया बड़ा नीक लागेला, पिपरा के पतवा फुनगिया बोले रे ननदो, जिया डोले रे हमार छोटी ननदी, आग लागे सईंया जी तोहरे नौकरिया कि कैसे जावे ना, हम तो जगन्नाथपुर के मेलवा अब कैसे जईवे ना सहित अनेक पारंपरिक भोजपुरी गीत और झूमर पेश करके लोगों को झुमा दिया । कार्यक्रम में उनके साथ हारमोनियम पर राकेश कुमार, तबला पर राजन कुमार, नाल पर उपेंद्र पाठक, पैड पर गोल्डी और बैंजो पर मुन्ना ने संगत दिया । जगन्नाथपुर महोत्सव के पहले दिन बिहार की सांस्कृतिक संस्था- संगीतम के कलाकारों द्वारा अनेक प्रसिद्ध गीतों पर भोजपुरी नृत्य प्रस्तुत किया गया जबकि पश्चिम बंगाल की मधुश्री हथियाल द्वारा भी मनमोहक झूमर गीत पेश किए गए । रांची की संस्था पाजेब के दीपक सिन्हा और उनके कलाकारों ने भी शानदार गीत नृत्य पेश किया । सुषमा नाग और उनके साथियों ने करसा नृत्य पेश कर वाहवाही लूटी ।
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